पारंपरिक शेयर बाजारों में रिकॉर्ड तेजी के बीच सुस्त पड़ा बिटकॉइन, कोल्डकार्ड मामले के बाद भी नहीं बदला रुख वैश्विक इक्विटी बाजारों में रिकॉर्ड ऊंचाई के बावजूद बिटकॉइन की कीमतों में कोई खास हलचल नहीं देखी जा रही है। कोल्डकार्ड वॉलेट सुरक्षा घटना के कारण 1.19 लाख निष्क्रिय बिटकॉइन स्थानांतरित हुए, लेकिन बाजार पर बिक्री का दबाव नहीं बना। वैश्विक वित्तीय बाजारों में पारंपरिक शेयर जहां एक के बाद एक नए सर्वकालिक उच्च स्तर को छू रहे हैं, वहीं दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन की कीमतों में सुस्ती बनी हुई है। व्यापक बाजार की इस तेजी से बिटकॉइन का कटे रहना निवेशकों और विश्लेषकों के ध्यान खींच रहा है। ऑन-चेन एनालिटिक्स फर्म ग्लासनोड के हालिया अध्ययन के अनुसार, हाल ही में हार्डवेयर वॉलेट सुरक्षा से जुड़ी एक घटना के बाद भारी मात्रा में बिटकॉइन का मूवमेंट हुआ, लेकिन इसके बावजूद बाजार की कीमतों पर कोई नकारात्मक असर देखने को नहीं मिला। कोल्डकार्ड सुरक्षा घटना और 1,19,000 बिटकॉइन का स्थानांतरण यह पूरा मामला सेल्फ-कस्टडी वाले कोल्डकार्ड हार्डवेयर वॉलेट से जुड़ी सुरक्षा चिंता से शुरू हुआ। कई वॉलेट में फंड में सेंधमारी और चोरी की खबरें आने के बाद ब्लॉकचेन नेटवर्क पर अचानक बड़ी हलचल दर्ज की गई। घटना के तुरंत बाद, कम से कम एक साल से निष्क्रिय पड़े बिटकॉइन का मूवमेंट अचानक बढ़ गया। तीन दिनों के भीतर लगभग 1,19,000 निष्क्रिय BTC नए पतों पर ट्रांसफर किए गए। दिलचस्प बात यह है कि जितने बिटकॉइन चोरी हुए थे, उसकी तुलना में सुरक्षा कारणों से स्थानांतरित किए गए सिक्कों की संख्या लगभग 200 गुना अधिक थी। वॉलेट धारकों ने किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए एहतियात के तौर पर अपने फंड को नए एड्रेस पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया था। इसके बावजूद बाजार की मुख्य कीमतों में कोई गिरावट नहीं आई। बिक्री के दबाव का अभाव और नए स्टोरेज में परिसंपत्तियों की शिफ्टिंग आमतौर पर जब इतनी बड़ी मात्रा में पुराने या निष्क्रिय कॉइन्स स्थानांतरित होते हैं, तो बाजार में पैनिक सेलिंग की आशंका बन जाती है। लेकिन इस घटनाक्रम में स्थिति बिल्कुल अलग रही। स्थानांतरित किए गए 1,19,000 BTC में से केवल दसवां हिस्सा ही क्रिप्टो एक्सचेंजों तक पहुंचा। बाकी कॉइन्स को सीधे नए प्राइवेट वॉलेट्स में स्थानांतरित कर दिया गया। डेटा से पता चलता है कि एक महीने से कम पुराने नए वॉलेट्स में रखी गई सप्लाई लगातार बढ़ती रही। इसका साफ मतलब था कि निवेशक अपनी परिसंपत्तियों को बेचने के बजाय केवल नए और सुरक्षित कोल्ड स्टोरेज में स्थानांतरित कर रहे थे। इसके अलावा, नए वॉलेट बनाने की दर भी कुछ ही दिनों में सामान्य स्तर पर लौट आई। ग्लासनोड ने अपनी समीक्षा में कहा, "इस चक्र में पुराने कॉइन्स का सबसे बड़ा अनिवार्य मूवमेंट बाजार पर कोई मापने योग्य बिक्री दबाव या कीमत में बदलाव नहीं ला सका।" मार्केट बॉटम के संकेत और ऐतिहासिक चक्रों से अंतर विश्लेषण के अनुसार, बिटकॉइन का वर्तमान ढांचा उन विशेषताओं को प्रदर्शित करने लगा है जो ऐतिहासिक रूप से बाजार के निचले स्तर यानी मार्केट बॉटम पर देखी जाती हैं। हालांकि, इस बार का पैटर्न पिछले चक्रों से काफी भिन्न है। अतीत में, प्रमुख मार्केट बॉटम हमेशा अचानक आई तेज बिकवाली, भारी गिरावट और अत्यधिक अस्थिरता (वोलाटिलिटी) के साथ बनते थे। इसके विपरीत, इस बार कीमतों में महीनों तक एक ही दायरे में कारोबार (साइडवेज ट्रेडिंग) देखने को मिला है। इस दौरान अनिश्चितता के माहौल में लाभप्रदता धीरे-धीरे कम हुई है, जबकि अस्थिरता का स्तर असामान्य रूप से नीचे रहा है। ग्लासनोड का सेलर एग्जॉस्टशन कांस्टेंट सूचकांक गिरकर मौजूदा चक्र के सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जो ऐतिहासिक रूप से मार्केट बॉटम वाले दायरे में प्रवेश कर चुका है। हालांकि, यह सूचकांक अभी भी पिछले बेयर मार्केट के निचले स्तरों से लगभग एक तिहाई ऊपर बना हुआ है। संस्थागत मांग में कमी और रिकॉर्ड ईटीएफ आउटफ्लो बिटकॉइन में रिकवरी न आने का एक मुख्य कारण संस्थागत निवेशकों की सुस्त मांग है। अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और कॉरपोरेट ट्रेजरी खरीदार, जिन्होंने पिछले दो वर्षों में बाजार को मजबूत सहारा दिया था, हाल के महीनों में उस तरह का समर्थन प्रदान करने में विफल रहे हैं। जून के महीने में अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ से लगभग 65,800 BTC की रिकॉर्ड शुद्ध निकासी (नेट आउटफ्लो) दर्ज की गई, जो अब तक का एक महीने का सबसे बड़ा आउटफ्लो है। कॉरपोरेट खजाने द्वारा की गई खरीदारी इतनी बड़ी निकासी की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। ऑन-चेन विश्लेषकों का मानना है कि जब तक संस्थागत निवेशकों की ओर से दोबारा खरीदारी का नया दौर शुरू नहीं होता, तब तक बाजार को निचला स्तर बनाने में संघर्ष करना पड़ सकता है। बिटकॉइन की मौजूदा स्थिति और आगे की राह ऐतिहासिक रूप से जब भी बाजार अत्यधिक संकुचित स्थिति में पहुंचे हैं, तो वहां से जोरदार उछाल देखने को मिला है। हालांकि, बिटकॉइन के वर्तमान परिदृश्य में वह संस्थागत मांग गायब है जिसने पिछले चक्रों में रिकवरी को रफ्तार दी थी। लेखन के समय, बिटकॉइन $64,900 पर कारोबार कर रहा था, जिसमें पिछले 24 घंटों के दौरान 1% की मामूली बढ़त दर्ज की गई है। व्यापक इक्विटी बाजारों में तेजी के बावजूद बिटकॉइन का यह सीमित दायरा दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल नए उत्प्रेरक (कैटालिस्ट) का इंतजार कर रहे हैं। इसका आप पर असर क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन की कीमतों में स्थिरता और ईटीएफ आउटफ्लो यह दर्शाता है कि निकट भविष्य में संस्थागत मांग की कमी के कारण तेज बढ़त की संभावना सीमित हो सकती है। सुरक्षा की दृष्टि से: हार्डवेयर वॉलेट में सुरक्षा संबंधी घटनाओं के समय परिसंपत्तियों को तुरंत नए कोल्ड स्टोरेज पते पर स्थानांतरित करना जोखिम प्रबंधन का सबसे प्रभावी तरीका है। सवाल-जवाब 1. कोल्डकार्ड वॉलेट घटना के बाद कितने बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए? सुरक्षा एहतियात के तौर पर तीन दिनों के भीतर लगभग 1,19,000 निष्क्रिय बिटकॉइन नए पतों पर स्थानांतरित किए गए। 2. क्या स्थानांतरित किए गए बिटकॉइन को बाजार में बेचा गया? नहीं, स्थानांतरित बिटकॉइन में से केवल लगभग दसवां हिस्सा ही एक्सचेंजों तक पहुंचा। अधिकांश कॉइन्स नए कोल्ड स्टोरेज पतों पर सुरक्षित रखे गए। 3. जून महीने में ईटीएफ से कितना आउटफ्लो दर्ज किया गया? जून महीने में अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से लगभग 65,800 BTC की शुद्ध निकासी (आउटफ्लो) हुई, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो है। 4. वर्तमान में बिटकॉइन किस कीमत पर कारोबार कर रहा है? रिपोर्ट लिखे जाने के समय बिटकॉइन $64,900 की कीमत पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले 24 घंटों में 1% की बढ़त दर्शाता है। https://trendkia.com/crypto/parnparika-sheyara-bajaron-men-rikorda-teji-ke-bicha-susta-para-bitcoin-coldcard-mamale-ke-bada-bhi-nahin-badala-rukha-14128 TrendKia — Har trend, sabse pehle.