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  "type": "article",
  "title": "टोकन बायबैक और प्रोटोकॉल राजस्व से तय होगी क्रिप्टो बाजार में संपत्तियों की नई कीमत",
  "summary": "बिटवाइज़ के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर मैट हॉगन के अनुसार, क्रिप्टो परिसंपत्तियां अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही हैं जहां टोकन धारकों के लाभ और राजस्व वितरण से उनका वास्तविक मूल्यांकन तय होगा।",
  "content": "डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां क्रिप्टो टोकन का मूल्यांकन अब केवल अटकलों या नेटवर्क उपयोग के बजाय वास्तविक राजस्व और टोकन धारकों को मिलने वाले रिटर्न के आधार पर किया जा रहा है। बिटवाइज़ के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर मैट हॉगन के अनुसार, उद्योग अब एक ऐसे नए युग में कदम रख रहा है जहां प्रोटोकॉल द्वारा कमाए गए राजस्व का एक बड़ा हिस्सा सीधे टोकन के मूल्य को बढ़ाने में इस्तेमाल हो रहा है। इस बदलाव के चलते बाजार में कई प्रमुख क्रिप्टो परिसंपत्तियां वर्तमान समय में अपने वास्तविक मूल्य से काफी कम कीमत पर कारोबार कर रही हैं।\n\nनियामक दबाव और गवर्नेस टोकन का ऐतिहासिक ढांचा\nक्रिप्टो उद्योग के शुरुआती वर्षों में कई परियोजनाओं ने लाखों उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया और अरबों डॉलर की कारोबारी गतिविधि दर्ज की। हालांकि, इस भारी गतिविधि के बावजूद टोकन धारकों को सीधे तौर पर बेहद कम या न के बराबर राजस्व दिया जाता था। इस स्थिति के पीछे मुख्य कारण अमरीकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) की सख्त और अनिश्चित नीतियां थीं। वर्ष 2017 से 2025 के दौरान पूर्व अध्यक्षों जय क्लेटन और गेरी गेंसलर के कार्यकाल में नियामक रुख ऐसा था जिसने डिजिटल प्रोजेक्ट्स को अपने राजस्व का हिस्सा सीधे निवेशकों में बांटने से हतोत्साहित किया।\n\nइस नियामक माहौल के कारण यूनिसवैप और आवे जैसे बड़े डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्लेटफॉर्म्स को गवर्नेस टोकन का मॉडल अपनाना पड़ा। ये टोकन निवेशकों को वोट देने का अधिकार तो देते थे, लेकिन प्रोटोकॉल द्वारा कमाए गए शुल्क या राजस्व पर उनका कोई प्रत्यक्ष वित्तीय दावा नहीं होता था। इस वजह से नेटवर्क का कारोबार बढ़ने के बावजूद टोकन धारकों को सीधा लाभ नहीं मिल पाता था। लेकिन नियामक माहौल में बदलाव आते ही राजस्व वितरण का विकल्प एक बार फिर टेबल पर आ गया है, जिससे पूरे बाजार की रूपरेखा बदल रही है।\n\nहाइपरलिक्विड का मॉडल और 1.3 अरब डॉलर की टोकन बर्निंग\nराजस्व संचालित इस नए मॉडल का सबसे प्रमुख उदाहरण हाइपरलिक्विड के रूप में उभरा है। मैट हॉगन का कहना है कि हाइपरलिक्विड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अपने नेटवर्क से प्राप्त कुल शुल्क राजस्व का लगभग 99% हिस्सा खुले बाजार से HYPE टोकन खरीदने में इस्तेमाल करता है। इसके बाद इन खरीदे गए टोकन को स्थायी रूप से बर्न यानी नष्ट कर दिया जाता है, जिससे बाजार में टोकन की कुल आपूर्ति हमेशा के लिए घट जाती है।\n\nइस सीधी बायबैक और बर्न प्रक्रिया के जरिए निवेशकों को यह स्पष्ट भरोसा मिलता है कि ब्लॉकचेन पर बढ़ती हर गतिविधि का फायदा सीधे उनके टोकन के मूल्य में दिखाई देगा। अपनी शुरुआत से लेकर अब तक हाइपरलिक्विड ने लगभग 1.3 अरब डॉलर मूल्य के HYPE टोकन खरीदे और बर्न किए हैं। इसी मजबूत टोकनॉमिक्स के दम पर HYPE प्रमुख क्रिप्टो परिसंपत्तियों में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टोकन में शामिल हो गया है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में हाइपरलिक्विड हरे निशान में कारोबार करते हुए अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 58.36 डॉलर की ओर बढ़ता दिखा। इसके अलावा हाइपरलिक्विड ट्रेजरी हाइपेरियन डीफाई का फेयर वैल्यू मूल्यांकन भी पिछली तिमाही में 3.1 करोड़ डॉलर बढ़ा है।\n\nयूनिसवैप और आवे का टोकन धारकों के पक्ष में बड़ा बदलाव\nहाइपरलिक्विड की सफलता को देखते हुए अन्य प्रमुख डिसेंट्रलाइज्ड प्रोटोकॉल भी तेजी से इस मॉडल को अपना रहे हैं। यूनिसवैप ने अपने दिसंबर 2025 के यूनिफिकेशन (UNIfication) प्रस्ताव के बाद प्रोटोकॉल फीस को सक्रिय किया। इसके तहत अब प्लेटफॉर्म से होने वाली आय का इस्तेमाल सीधे तौर पर बाजार से UNI टोकन खरीदने और उन्हें बर्न करने में किया जा रहा है।\n\nइसी तरह आवे ने अप्रैल 2025 में हर हफ्ते AAVE बायबैक की शुरुआत की थी, जिसे जून 2026 में आवेनॉमिक्स 3.0 (Aavenomics 3.0) कार्यक्रम के जरिए और विस्तार दिया गया। इस योजना के तहत आवे अब तक अपनी कुल टोकन आपूर्ति के 1.2% से अधिक हिस्से की पुनर्खरीद कर चुका है। वहीं पंप.फन जैसे अन्य लोकप्रिय प्लेटफॉर्म भी राजस्व साझा करने और बर्निंग तंत्र को लागू करके अपने टोकन के अर्थशास्त्र को मजबूत बना रहे हैं।\n\nलेयर 1 नेटवर्क और पारंपरिक संपत्तियों की तर्ज पर मूल्यांकन\nराजस्व आधारित मूल्यांकन का यह रुझान केवल DeFi ऐप्स तक सीमित नहीं है, बल्कि लेयर 1 ब्लॉकचेन नेटवर्क भी इसे तेजी से अपना रहे हैं। सोलाना के SGP-0003 प्रस्ताव का उद्देश्य नेटवर्क में मुद्रास्फीति को कम करना और ट्रांसफर फीस की बर्निंग को बढ़ाना है। दूसरी ओर एप्टोस ने भी अपने टोकन धारकों के आर्थिक लाभ को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गैस फीस में बढ़ोतरी की है।\n\nमैट हॉगन का मानना है कि क्रिप्टो बाजार का यह नया चरण डिजिटल परिसंपत्तियों की परिभाषा बदल देगा। हॉगन ने स्पष्ट रूप से कहा, \"बिटकॉइन के अलावा, क्रिप्टो परिसंपत्तियों का मूल्य तेजी से उसी पैमाने से निर्धारित होगा जो शेयरों और बॉन्ड का निर्धारण करता है: राजस्व।\" इसका सीधा मतलब है कि अब केवल प्रचार या वादों के आधार पर टोकन के दाम नहीं बढ़ेंगे, बल्कि उनका वित्तीय प्रदर्शन ही उनकी बाजार कीमत तय करेगा।\n\nवर्तमान क्रिप्टो बाजार और प्रमुख कॉइन्स की स्थिति\nवैश्विक क्रिप्टो बाजार का कुल मार्केट कैप गुरुवार तक 2.26 ट्रिलियन डॉलर दर्ज किया गया। बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है जहां बिटकॉइन लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद मामूली सुधार के साथ 63,800 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि, बिटकॉइन के लिए 64,000 डॉलर के स्तर को दोबारा हासिल करना एक कठिन चुनौती बना हुआ है। मध्य जुलाई से बिटकॉइन एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और संस्थागत निवेशकों की सतर्कता के चलते बाजार में स्पष्ट दिशा का अभाव है।\n\nअन्य प्रमुख कॉइन्स की बात करें तो इथेरियम 1,900 डॉलर के अपने मुख्य रेजिस्टेंस स्तर के पास मजबूती बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं रिपल (XRP) अपने 1.00 डॉलर के नजदीकी सपोर्ट स्तर से ऊपर बना हुआ है, लेकिन जुलाई के 1.18 डॉलर के उच्चतम स्तर से इसमें लगातार गिरावट देखी गई है। मांग में कमी और नई तेजी के लिए मजबूत उत्प्रेरकों के अभाव के कारण रिपल की बढ़त सीमित बनी हुई है।\n\nइसका आप पर असर\nक्रिप्टो निवेशकों के लिए: टोकन बायबैक और राजस्व साझा करने वाले क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स (जैसे हाइपरलिक्विड, आवे, यूनिसवैप) में निवेश लंबी अवधि में शेयर बाजार के लाभांश की तरह बेहतर सुरक्षा और रिटर्न दे सकता है। केवल अटकलों पर आधारित मेम कॉइन्स या बिना राजस्व वाले टोकन में जोखिम बढ़ सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बिटवाइज़ के मैट हॉगन के अनुसार क्रिप्टो मूल्यांकन में क्या नया बदलाव आ रहा है?\nमैट हॉगन के अनुसार, अब बिटकॉइन को छोड़कर अन्य क्रिप्टो परिसंपत्तियों की कीमतें केवल वादों या यूज़र्स की संख्या के बजाय पारंपरिक शेयरों और बॉन्ड की तरह उनके द्वारा कमाए गए राजस्व और टोकन बायबैक के आधार पर तय होंगी।\n\n2. हाइपरलिक्विड (Hyperliquid) अपने राजस्व का इस्तेमाल कैसे करता है?\nहाइपरलिक्विड अपने कुल फीस राजस्व का लगभग 99% हिस्सा बाजार से HYPE टोकन खरीदने में इस्तेमाल करता है और फिर उन्हें बर्न कर देता है। अब तक 1.3 अरब डॉलर मूल्य के HYPE टोकन बर्न किए जा चुके हैं।\n\n3. 2017 से 2025 के बीच क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स राजस्व क्यों नहीं बांट पा रहे थे?\nअमरीकी SEC के पूर्व अध्यक्षों जय क्लेटन और गेरी गेंसलर के तहत नियामकीय अनिश्चितता के कारण प्रोजेक्ट्स को सिक्योरिटी कानून के उल्लंघन का डर था, जिस वजह से वे केवल गवर्नेस टोकन ही जारी करते थे।\n\n4. यूनिसवैप और आवे ने टोकन धारकों के लिए क्या कदम उठाए हैं?\nयूनिसवैप ने फीस चालू करके आय का उपयोग UNI खरीदने और बर्न करने में शुरू किया है, जबकि आवे ने आवेनॉमिक्स 3.0 के तहत अपनी कुल आपूर्ति का 1.2% से अधिक हिस्सा बायबैक किया है।\n\n5. गुरुवार को बिटकॉइन और कुल क्रिप्टो बाजार की स्थिति क्या थी?\nवैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैप 2.26 ट्रिलियन डॉलर पर था। बिटकॉइन चार दिनों की गिरावट के बाद 63,800 डॉलर से ऊपर आ गया, लेकिन 64,000 डॉलर के स्तर से नीचे ही बना हुआ है।",
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  "category": "क्रिप्टो",
  "publishedAt": "2026-08-14",
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