अमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट पर अहम वोटिंग से पहले संभलकर कारोबार कर रहे बिटकॉइन, एथेरियम और एक्सआरपी क्रिप्टो बाजार के नए विनियामक ढांचे को तय करने वाले क्लैरिटी एक्ट पर सीनेट में होने वाले मतदान से पहले बिटकॉइन, एथेरियम और एक्सआरपी सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित क्लैरिटी एक्ट पर मतदान की तैयारी के बीच वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। प्रमुख डिजिटल टोकन किसी बड़े नीतिगत फैसले से पहले सतर्कता बरतते हुए अपने स्थापित तकनीकी दायरों में सीमित बने हुए हैं। निवेशक और संस्थागत कारोबारी इस कानून के अंतिम मसौदे और उस पर मतदान के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे पूरे उद्योग के लिए नियमों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। सीनेट में क्लैरिटी एक्ट और कानूनी मसौदे पर खींचतान अमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट पर मंगलवार को होने वाले मतदान से पहले वॉशिंगटन में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। रिपब्लिकन सांसदों की ओर से पेश किए गए 630 पन्नों के संशोधित मसौदे में कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव जोड़े गए हैं। इस नए मसौदे में डेमोक्रेटिक सांसदों के कुछ प्रमुख प्रावधानों को भी शामिल किया गया है, जिसका मकसद विधेयक को पारित कराने के लिए जरूरी 60 वोटों का जादुई आंकड़ा हासिल करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों द्वारा तैयार नए आचार संहिता और नैतिक दिशानिर्देशों पर अपनी सहमति दे दी है। व्हाइट हाउस में उद्योग के शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान राष्ट्रपति ने इस कानून के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा, bill would keep us ahead of China। इसके साथ ही अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के प्रमुख पॉल एटकिंस ने भी इस कानून का सार्वजनिक समर्थन किया है। विश्लेषक फर्म आर्टेमिस के अनुसार, रिपब्लिकन पार्टी ने पहले की अड़चनों को दूर करने के लिए संशोधित साझा पाठ जारी किया है, जिसके बाद राष्ट्रपति खुद इसे पारित कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। क्रिप्टो उद्योग के लिए विनियामक स्पष्टता और नए वित्तीय नियम क्लैरिटी एक्ट मुख्य रूप से एक मार्केट स्ट्रक्चर विधेयक है, जो अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था में डिजिटल संपत्तियों की निगरानी व्यवस्था को नए सिरे से परिभाषित करता है। इसमें लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को सुलझाने का खाका खींचा गया है कि किन क्रिप्टो परिसंपत्तियों को कमोडिटी माना जाए और किन्हें प्रतिभूति या सिक्योरिटीज की श्रेणी में रखा जाए। इस विधेयक के जरिए कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीसी) और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) की जिम्मेदारियों और अधिकार क्षेत्रों का स्पष्ट विभाजन तय किया गया है। इसके अलावा, यह कानून क्रिप्टो बिचौलियों और सेवा प्रदाताओं को सीधे बैंक गोपनीयता कानून (बैंक सीक्रेसी एक्ट) के दायरे में लेकर आता है। आर्टेमिस के अनुसार, इसके लागू होने से अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) और धन शोधन निवारण (एंटी मनी लॉन्ड्रिंग) के कड़े नियम क्रिप्टो उद्योग पर भी उसी तरह लागू होंगे, जिस तरह पारंपरिक वित्तीय संस्थानों पर होते हैं। हालांकि, राजनीतिक हलकों में जारी इन कोशिशों के बावजूद डेरिवेटिव्स और प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म पर कारोबारियों की राय अब भी बंटी हुई है। पॉलीमार्केट के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि वर्ष 2026 में क्लैरिटी एक्ट के कानून बनने की संभावना सिर्फ 19 प्रतिशत आंकी जा रही है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि यह विधेयक सीनेट की बाधा पार कर लेता है, तो यह बाजार के लिए एक सकारात्मक झटका साबित हो सकता है, जिससे डिजिटल संपत्तियों में नई तेजी देखने को मिल सकती है। बिटकॉइन का तकनीकी दायरा और मौजूदा बाजार स्थिति संसदीय घटनाक्रमों के बीच बिटकॉइन 76,000 डॉलर के समर्थन स्तर और 78,000 डॉलर के प्रतिरोध क्षेत्र के बीच उतार-चढ़ाव दर्ज कर रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, स्पॉट स्तर पर बिटकॉइन 80,991 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 76,404 डॉलर से 6.00 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। बीते 52 हफ्तों के दौरान इसकी ट्रेडिंग रेंज 57,748 डॉलर से 97,861 डॉलर रही है, जबकि वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20 दिनों के औसत के मुकाबले 1.40 गुना दर्ज किया गया है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 64 पर स्थित है, जो सकारात्मक खरीदारी दबाव की ओर इशारा करता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) 1121.40 पर है, जो सिग्नल लाइन 1522.14 के मुकाबले नीचे है और इसका हिस्टोग्राम ऋणात्मक 400.74 पर होने से मंदी का झुकाव दर्शाता है। 20-दिवसीय घातीय गतिमान औसत (ईएमए) 77,244 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 73,963 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 74,167 डॉलर पर स्थित है। वहीं 50-दिवसीय साधारण गतिमान औसत (एसएमए) 72,474 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 70,398 डॉलर पर बना हुआ है। चार्ट पर 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाने से डेथ क्रॉस बना है, हालांकि लंबी अवधि का ढांचा अभी भी बढ़त में है। बोलिंजर बैंड्स (20,2) के तहत निचली सीमा 74,992 डॉलर और ऊपरी सीमा 81,311 डॉलर है, जिसका मध्य बिंदु 78,151 डॉलर पर है। 14-अवधि का औसत दिशात्मक सूचकांक (एडीएक्स) 41 पर एक मजबूत ट्रेंड की पुष्टि कर रहा है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 90 और सिग्नल लाइन 43 पर है, जबकि 14-अवधि का औसत वास्तविक दायरा (एटीआर) 2327.96 डॉलर दर्ज किया गया है। 20-दिन का समर्थन स्तर लगभग 74,945 डॉलर और प्रतिरोध 82,262 डॉलर के आसपास है। प्रवेश और स्टॉप-लॉस के प्रमुख स्तरों में धुरी बिंदु 81,155 डॉलर, पहला प्रतिरोध 81,472 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध 81,954 डॉलर है, जबकि पहला समर्थन 80,673 डॉलर और दूसरा समर्थन 80,355 डॉलर पर स्थित है। चार्ट संरचना में गिरावट की स्थिति में 50-दिवसीय ईएमए 73,536 डॉलर पर फौरी सहारा दे सकता है, जिसके बाद 200-दिवसीय ईएमए 73,087 डॉलर पर दूसरा सहारा बनेगा। यदि बिकवाली का दबाव गहराता है, तो 100-दिवसीय ईएमए 71,325 डॉलर पर नजर आएगी, और पुराना ब्रेकआउट स्तर 65,520 डॉलर अंतिम रक्षापंक्ति का काम करेगा। बहु-अवधि तकनीकी मूल्यांकन के मुताबिक, 1 से 6 सप्ताह के अल्पकालिक दायरे में बिटकॉइन ने गिरते ट्रेंड की ऊपरी सीमा को तोड़ा है, जो गिरावट की गति धीमी पड़ने का संकेत है। भाव ने 80,800 अंक के प्रतिरोध को मामूली रूप से पार किया है, जिससे अल्पकालिक दृष्टिकोण थोड़ा सकारात्मक बना हुआ है। मध्यम अवधि (1 से 6 महीने) में भाव 82,000 अंक के स्तर का परीक्षण कर रहा है, जिसे पार करने पर मजबूत तेजी के संकेत मिलेंगे, हालांकि वर्तमान में इसका समग्र रुख तटस्थ आंका गया है। लंबी अवधि (1 से 6 तिमाहियों) के नजरिए से टोकन ने 74,000 अंक के ऊपर ब्रेकआउट दिया है और इसका आरएसआई वक्र चढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जो आगे बढ़त जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त करता है। एथेरियम और एक्सआरपी के तकनीकी स्तर दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम हालिया दबाव के चलते 2,500 डॉलर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से नीचे फिसल गई है। हालांकि, लंबी अवधि के चार्ट पर यह टोकन अब भी अपने 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए के ऊपर बना हुआ है, जो इसके सकारात्मक रुझान को बनाए रखता है। तकनीकी मोर्चे पर 14-दिवसीय आरएसआई 57 के स्तर पर है, जिससे पता चलता है कि खरीदार अभी भी मैदान में हैं लेकिन फरवरी की शुरुआत जैसी आक्रामकता कम हुई है। गिरावट की स्थिति में एथेरियम को पहला मजबूत सहारा 50-दिवसीय ईएमए पर 2,273 डॉलर के करीब मिलेगा। इसके टूटने पर 200-दिवसीय ईएमए 2,203 डॉलर और 100-दिवसीय ईएमए 2,153 डॉलर के स्तर पर स्थित हैं। दूसरी ओर, एक्सआरपी सोमवार को 1.50 डॉलर के करीब पहुंचने के बाद सुस्ती के दौर में आ गया है। इसके बावजूद रेमिटेंस केंद्रित यह टोकन अपने 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर टिका हुआ है। एक्सआरपी का आरएसआई 55 पर दर्ज किया गया है, जो तटस्थ स्तर से थोड़ा ऊपर रहते हुए हल्की खरीदारी का संकेत देता है, हालांकि इसका एमएसीडी शून्य से नीचे बना हुआ है। नीचे की तरफ एक्सआरपी के लिए 200-दिवसीय ईएमए 1.36 डॉलर पर सबसे महत्वपूर्ण समर्थन है, जिसके बाद 50-दिवसीय ईएमए 1.29 डॉलर और 100-दिवसीय ईएमए 1.26 डॉलर पर मौजूद हैं। सोलाना, रिपल और स्टेलर में संस्थागत हलचल ऑल्टकॉइन्स में संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी तेज देखी जा रही हैं। सोलाना (एसओएल) सप्ताह की शुरुआत में 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज करने के बाद मंगलवार को 100 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। लेयर-1 ब्लॉकचेन नेटवर्क में निवेशकों का विश्वास मजबूत बना हुआ है, जहां सोमवार को 11 मिलियन डॉलर की नई पूंजी का निवेश देखा गया। यह प्रवाह सीनेट में क्लैरिटी एक्ट पर होने वाले मतदान से पहले बड़े निवेशकों द्वारा जोखिम उठाने की क्षमता में वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, रिपल और स्टेलर ने पिछले दिन क्रमशः 6 प्रतिशत और 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज करने के बाद अपने रुझान को सकारात्मक बनाए रखा है। डेरिवेटिव्स बाजार में इन दोनों टोकनों के लिए परिस्थितियां अनुकूल नजर आ रही हैं। कॉइनग्लास के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को एक्सआरपी का लॉन्ग-टू-शॉर्ट अनुपात 1.15 और एक्सएलएम का लॉन्ग-टू-शॉर्ट अनुपात 1.35 दर्ज किया गया, जो डेरिवेटिव ट्रेडर्स के बीच आगे भी तेजी की उम्मीद को पुख्ता करता है। क्रिप्टोकरेंसी की बुनियादी अवधारणाएं: बिटकॉइन, ऑल्टकॉइन्स और स्थिर मुद्राएं डिजिटल परिसंपत्ति बाजार के काम करने के तरीके को समझने के लिए इसकी मूल संरचना पर नजर डालना जरूरी है। बिटकॉइन बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है, जिसे डिजिटल धन के रूप में उपयोग करने के लिए तैयार किया गया था। इस भुगतान प्रणाली को किसी एकल व्यक्ति, संस्था या सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता, जिससे वित्तीय लेन-देन में किसी तीसरे पक्ष या बिचौलिए की जरूरत खत्म हो जाती है। बिटकॉइन के अलावा मौजूद अन्य सभी डिजिटल मुद्राओं को ऑल्टकॉइन्स कहा जाता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ एथेरियम को स्वतंत्र दर्जा देते हैं क्योंकि इन दोनों प्रमुख ब्लॉकचेन से आगे चलकर नई प्रणालियों का विभाजन (फोर्क) हुआ है। इस वर्गीकरण के अनुसार लाइटकॉइन को पहला ऑल्टकॉइन माना जाता है, जो मूल बिटकॉइन प्रोटोकॉल से अलग होकर एक संशोधित संस्करण के रूप में सामने आया था। स्टेबलकॉइन्स ऐसी क्रिप्टोकरेंसी हैं जिनका मूल्य स्थिर बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इनके पीछे आमतौर पर किसी ठोस वित्तीय संपत्ति या मुद्रा, जैसे कि अमेरिकी डॉलर (यूएसडी), का आरक्षित भंडार रखा जाता है। स्टेबलकॉइन की आपूर्ति को मांग या एल्गोरिदम के जरिए नियंत्रित किया जाता है। इनका प्राथमिक उद्देश्य क्रिप्टो बाजार में निवेशकों को नकदी से डिजिटल टोकन में आने और बाहर निकलने की सुविधा देना तथा अत्यधिक उतार-चढ़ाव के दौरान पूंजी को सुरक्षित रखना है। वहीं बिटकॉइन डोमिनेंस वह अनुपात है जो कुल क्रिप्टो बाजार मूल्यांकन में अकेले बिटकॉइन की हिस्सेदारी को दर्शाता है। जब बाजार में नई तेजी या बुल रन की शुरुआत होती है, तो यह अनुपात अक्सर बढ़ जाता है क्योंकि निवेशक सबसे सुरक्षित और बड़े टोकन में पूंजी लगाना पसंद करते हैं। इसके विपरीत, जब बिटकॉइन डोमिनेंस में गिरावट आती है, तो यह इस बात का संकेत होता है कि निवेशक ज्यादा मुनाफे के लिए अपनी पूंजी को ऑल्टकॉइन्स की ओर स्थानांतरित कर रहे हैं, जिससे अन्य वैकल्पिक टोकनों में जोरदार उछाल देखने को मिलता है। इसका आप पर असर अमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट पर होने वाला मतदान भारत और दुनिया भर के डिजिटल परिसंपत्ति निवेशकों के लिए विनियामक नियमों की दिशा तय करेगा। • भारत में प्रभाव: भारतीय क्रिप्टो निवेशकों और एक्सचेंजों को वैश्विक स्तर पर स्पष्ट दिशानिर्देश मिलने से विनियामक अनिश्चितता घटने की उम्मीद होगी। यदि अमेरिकी कानून से वैश्विक मानक तय होते हैं, तो भारतीय नियामक भी घरेलू स्तर पर स्पष्ट ढांचा तैयार करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। • ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए: बाजार में अनिश्चितता के कारण बिटकॉइन और प्रमुख टोकन एक सीमित दायरे में बने हुए हैं। किसी भी विनियामक फैसले के बाद कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए सख्त स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करना जरूरी है। • संस्थागत निवेश पर असर: नियमों की स्पष्टता बढ़ने से बैंकों और बड़े वित्तीय संस्थानों के लिए क्रिप्टो परिसंपत्तियों में भागीदारी करना आसान हो जाएगा। सोलाना जैसे नेटवर्क में 11 मिलियन डॉलर का हालिया प्रवाह यह दिखाता है कि संस्थागत निवेशक पहले से अपनी स्थिति बना रहे हैं। • बैंक गोपनीयता और अनुपालन: विधेयक के तहत कड़े अनुपालन और केवाईसी नियमों से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी। इससे आम निवेशकों को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लाभ मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट को आगे बढ़ाने का मुख्य कारण क्रिप्टो उद्योग में लंबे समय से चली आ रही विनियामक अस्पष्टता को खत्म करना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में आगे रहना है। • नियामकीय क्षेत्राधिकार का विवाद: प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) और कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीसी) के बीच परिसंपत्तियों के वर्गीकरण को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। नया कानून यह साफ करता है कि कौन सी क्रिप्टोकरेंसी कमोडिटी है और कौन सी सिक्योरिटी। • राजनीतिक सहमति की कोशिश: रिपब्लिकन सांसदों ने कानून को पारित कराने के लिए 630 पन्नों का संशोधित मसौदा पेश किया और डेमोक्रेट्स के सुझावों को शामिल किया। कानून को सीनेट में पास कराने के लिए जरूरी 60 वोटों का समर्थन जुटाना इस बदलाव की मुख्य वजह है। • वैश्विक आर्थिक प्रतिस्पर्धा: व्हाइट हाउस में उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान चीन के साथ तकनीकी और वित्तीय बढ़त बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। यही वजह है कि राष्ट्रपति और विनियामक प्रमुखों ने इस विधेयक का सार्वजनिक समर्थन किया। सवाल-जवाब 1. क्लैरिटी एक्ट क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? यह एक अमेरिकी बाजार ढांचा विधेयक है जो तय करता है कि क्रिप्टो संपत्तियों को सिक्योरिटी माना जाए या कमोडिटी, तथा एसईसी और सीएफटीसी की भूमिकाएं स्पष्ट करता है। 2. सीनेट में इस विधेयक को पास कराने के लिए कितने वोटों की आवश्यकता है? इस संशोधित 630 पन्नों के विधेयक को सीनेट में पारित कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की आवश्यकता है। 3. वर्तमान में बिटकॉइन और एथेरियम किस स्तर पर कारोबार कर रहे हैं? लाइव आंकड़ों के अनुसार बिटकॉइन 80,991 डॉलर के स्तर पर है, जबकि एथेरियम 2,500 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। 4. पॉलीमार्केट पर क्लैरिटी एक्ट के पारित होने की कितनी संभावना जताई जा रही है? पॉलीमार्केट के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में क्लैरिटी एक्ट के कानून बनने की संभावना 19 प्रतिशत आंकी गई है। 5. सोलाना नेटवर्क में संस्थागत निवेश को लेकर क्या ताजा आंकड़े हैं? सोलाना में 100 डॉलर के स्तर के आसपास स्थिरता बनी हुई है और हाल ही में इसमें 11 मिलियन डॉलर का संस्थागत पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया है। https://trendkia.com/crypto/us-senate-men-clarity-act-para-ahama-votinga-se-pahale-snbhalakara-karobara-kara-rahe-bitcoin-ethereum-aura-xrp-33384 TrendKia — Har 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