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  "type": "article",
  "title": "यूएस ट्रेजरी के कदम और $1.61 अरब के ETF इनफ्लो से बिटकॉइन $77,000 के पार, 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा",
  "summary": "यूएस ट्रेजरी द्वारा कर्ज बायबैक बढ़ाने के फैसले के बाद बिटकॉइन 20% से अधिक उछलकर $77,000 के ऊपर पहुंच गया। इस दौरान $3.5 अरब के शॉर्ट पोजीशन लिक्विडेट हुए और रिकॉर्ड ETF इनफ्लो दर्ज किया गया।",
  "content": "बिटकॉइन ने हाल के महीनों का अपना सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए इस हफ्ते 20% से अधिक की जबरदस्त तेजी दर्ज की है और शुक्रवार को यह $77,000 के स्तर को पार कर गया। इस धमाकेदार उछाल के साथ यह प्रमुख डिजिटल परिसंपत्ति मध्य मई के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इस तेजी ने उस सुस्ती के दौर को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जो मध्य जुलाई से बाजार को एक दायरे में सीमित रखे हुए था। इस अचानक आई तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) द्वारा वित्तीय बाजार में नकदी बढ़ाने के लिए उठाया गया बड़ा कदम रहा, जिसने क्रिप्टोकरेंसी डेरिवेटिव्स बाजार में बड़े पैमाने पर 'शॉर्ट स्क्वीज' की स्थिति पैदा कर दी। इसके साथ ही, स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के जरिए संस्थागत निवेशकों की भारी मांग और कमजोर होते अमेरिकी डॉलर ने बाजार को सहारा दिया। पूरे क्रिप्टो बाजार का कुल मार्केट कैप महज कुछ दिनों में $210 अरब बढ़कर $2.45 ट्रिलियन तक पहुंच गया है।\n\nयूएस ट्रेजरी के कर्ज बायबैक फैसले से बाजार में बढ़ी नकदी\nबाजार में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह बुधवार को सामने आई, जब अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) ने अपने राष्ट्रीय ऋण प्रबंधन संचालन का दायरा बढ़ाने की घोषणा की। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह लंबी अवधि के ट्रेजरी प्रतिभूतियों (गवर्मेंट बॉन्ड्स) के बाजार में तरलता (लिक्विडिटी) बढ़ाने के लिए अपने बायबैक ऑपरेशन्स का आकार दोगुना करेगी। आधिकारिक विवरण के अनुसार, लंबी अवधि के कूपन सिक्योरिटीज के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक को प्रति ऑपरेशन $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया है। सरकार के इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य लंबी अवधि वाले बॉन्ड बाजार में तरलता की कमी को दूर करना, बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करना और वित्तीय स्थितियां आसान बनाना है।\n\nबिटकॉइन जैसे जोखिम भरे संपत्तियों (रिस्क एसेट्स) के लिए बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने का यह संकेत एक जबरदस्त उत्प्रेरक साबित हुआ। इस खबर के बाहर आते ही बाजार की धारणा तेजी से बदली और बुधवार को ही बिटकॉइन 7% से अधिक उछल गया, जिसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। जैसे ही कीमतें तेजी से ऊपर गईं, बाजार में गिरावट या सीमित दायरे की उम्मीद लगाए बैठे ट्रेडर्स अचंभित रह गए। इसके बाद शुरू हुए शॉर्ट स्क्वीज ने क्रिप्टोकरेंसी इतिहास की सातवीं सबसे बड़ी लिक्विडेशन घटना को जन्म दिया। उपलब्ध डेरिवेटिव्स आंकड़ों के अनुसार, महज 24 घंटे के भीतर डिजिटल एसेट एक्सचेंजों पर $3.5 अरब मूल्य के लीवरेज्ड पोजीशंस खत्म (लिक्विडेट) हो गए। स्वचालित मार्जिन कॉल के कारण मंदी की शर्त लगाने वाले ट्रेडर्स को मजबूरी में ऊंचे दामों पर बिटकॉइन वापस खरीदना पड़ा, जिससे कीमतों में और तेज उछाल आया।\n\nरिकॉर्ड ETF इनफ्लो से संस्थागत मांग में आया नया उछाल\nसरकारी लिक्विडिटी बढ़ाने के कदमों के अलावा, संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार आ रहे पूंजी प्रवाह ने भी इस तेजी को मजबूत आधार दिया। जैसे ही कीमतें बढ़ीं, अमेरिकी शेयर बाजारों में सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन ETF में मांग का नया रिकॉर्ड देखने को मिला। सोसोवैल्यू के ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, स्पॉट बिटकॉइन ETF इस साल का अब तक का सबसे बड़ा साप्ताहिक इनफ्लो दर्ज करने की राह पर हैं। केवल गुरुवार तक ही इनमें $1.61 अरब का शुद्ध इनफ्लो (शुद्ध निवेश) दर्ज किया जा चुका है।\n\nसंस्थागत पूंजी का यह भारी प्रवाह दर्शाता है कि पिछले चक्रों की तुलना में बाजार का ढांचा अब काफी बदल चुका है। स्पॉट ETF संस्थागत फंडों, एसेट मैनेजरों और वेल्थ एडवाइजरों को सीधे क्रिप्टो कस्टडी या जटिल एक्सचेंजों के झंझट के बिना सीधे बिटकॉइन की हाजिर कीमतों में निवेश करने की सुविधा देते हैं। एक ही सप्ताह में $1.61 अरब का निवेश यह साबित करता है कि पेशेवर निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी के कदम को एक बड़ा मोड़ मान रहे हैं, जो बाजार में बिकवाली के दबाव को सोखने और कीमतों को समर्थन देने का काम कर रहा है।\n\nकमजोर होता अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों में राहत की उम्मीद\nसमष्टि अर्थशास्त्र (मैक्रोइकॉनॉमिक्स) के मोर्चे पर केवल राजकोषीय नीति ही नहीं, बल्कि मौद्रिक नीति की उम्मीदों ने भी बिटकॉइन का साथ दिया। हाल ही में जारी अमेरिकी मुद्रास्फीति (महंगाई) के आंकड़ों में कीमतों का दबाव कम होने के संकेत मिलने के बाद वित्तीय बाजारों में फेडरल रिजर्व (फेड) के भावी कदमों को लेकर अनुमान बदल गए। महंगाई दर में नरमी के संकेत मिलने से निवेशकों ने केंद्रीय बैंक द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को खारिज कर दिया।\n\nइस बदलाव के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पर दबाव बना और ग्रीनबैक पूरे सप्ताह तीन महीने के निचले स्तर के आसपास बना रहा। विदेशी मुद्रा और पूंजी बाजारों में कमजोर डॉलर का सीधा संबंध वैकल्पिक मूल्य संचय वाली संपत्तियों और सीमित आपूर्ति वाली डिजिटल परिसंपत्तियों की बढ़ती मांग से होता है। फेड द्वारा दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई, जिससे बिटकॉइन जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों को रखने की अवसर लागत (अपॉर्चुनिटी कॉस्ट) घट गई और नकदी का रुख क्रिप्टो बाजार की ओर मुड़ गया।\n\nमिडिल ईस्ट में तनाव और ऊर्जा संकट का खतरा\nहालांकि बाजार में तेजी का माहौल है, लेकिन मैक्रोइकॉनॉमिक विश्लेषक वैश्विक कमोडिटी और भू-राजनीतिक मोर्चे पर उभरती चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से स्ट्रैट ऑफ होर्मुज के रणनीतिक समुद्री मार्ग पर संकट के कारण इस सप्ताह ऊर्जा बाजार में कीमतों पर दबाव देखा गया। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही समूह ने जुलाई के अंत में सऊदी जहाजरानी पर समुद्री नाकाबंदी की घोषणा के बाद से आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया है। इन लगातार हमलों ने क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने का खतरा पैदा कर दिया है और कच्चे तेल की कीमतों को तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है।\n\nअमेरिकी शीर्ष अधिकारियों के बयानों से भू-राजनीतिक स्थिति और गंभीर हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका ईरान के खिलाफ \"सबसे कठोर आर्थिक कार्रवाई\" शुरू करने जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने तेहरान पर लगे प्रतिबंधों को तोड़ने या ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश पर कड़े दंड लगाने की चेतावनी दी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दोहराया कि आर्थिक दबाव ईरान के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने पुष्टि की कि अमेरिका तेहरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंध लागू करेगा।\n\nयह घटनाक्रम बिटकॉइन के लिए दोहरा संकट पैदा कर सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से मुद्रास्फीति दोबारा भड़क सकती है, जिससे फेडरल रिजर्व के लिए मौद्रिक नीति में ढील देना मुश्किल हो जाएगा। 28 और 29 जुलाई की एफओएमसी (FOMC) बैठक के मिनट्स से यह भी खुलासा हुआ है कि यदि महंगाई नीचे नहीं आती है तो फेड अधिकारी जल्द ही ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी कर सकते हैं। यदि ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ाती हैं, तो बॉन्ड यील्ड में तेजी आ सकती है, जो बिटकॉइन की बढ़त पर ब्रेक लगा सकती है।\n\nविश्लेषकों का नजरिया: क्या यह टिकाऊ तेजी है या महज रिकवरी?\nबाजार के जानकार इस बात पर बंटे हुए हैं कि इस सप्ताह की तेजी एक दीर्घकालिक बुल मार्केट की शुरुआत है या केवल लिक्विडिटी के कारण आई अस्थायी रिकवरी। बिटयुनिक्स के विश्लेषक डीन चेन ने इस तेजी के टिकाऊपन पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा: \"मुझे उम्मीद है कि इस तेजी में निकट भविष्य में थोड़ी और गुंजाइश है, लेकिन केवल ट्रेजरी बायबैक की घोषणा के दम पर 20% की बढ़त का बने रहना मुश्किल है।\"\n\nडीन चेन ने स्पष्ट किया कि यद्यपि ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के ऋण बायबैक को कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन करने के फैसले से बॉन्ड यील्ड में कमी आई है और वित्तीय स्थितियां आसान हुई हैं, लेकिन निवेशकों को इसे नई बुल मार्केट की पुष्टि के बजाय केवल वैल्यूएशन रिकवरी का पहला चरण मानना चाहिए। तेजी को बनाए रखने के लिए डॉलर में कमजोरी, नियंत्रित बॉन्ड यील्ड और निरंतर ETF इनफ्लो आवश्यक हैं। यदि शुरुआती उत्साह ठंडा पड़ता है और ध्यान अमेरिका के राजकोषीय घाटे और ऊंची ब्याज दरों पर जाता है, तो तेजी का मोमेंटम तेजी से खो सकता है।\n\nतकनीकी विश्लेषण: वीकली और डेली चार्ट का गहन अध्ययन\nतकनीकी चार्ट के नजरिए से देखें तो बिटकॉइन के वीकली टाइमफ्रेम में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। बिटकॉइन $64,289 पर स्थित अपने 200-सप्ताह के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) को पार कर चुका है। वर्तमान में यह $78,490 के 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर पर तात्कालिक प्रतिरोध का परीक्षण कर रहा है (जो अगस्त 2024 के $49,000 के निचले स्तर से अक्टूबर 2025 के $126,199 के ऑल-टाइम हाई के आधार पर निकाला गया है)। यदि बिटकॉइन साप्ताहिक आधार पर $78,490 से ऊपर बंद होता है, तो अगला लक्ष्य 50-सप्ताह का SMA यानी $81,821 हो सकता है।\n\nसाप्ताहिक मोमेंटम ऑसिलेटर सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। वीकली रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 50 के न्यूट्रल स्तर को पार करके शुक्रवार को 56 पर पहुंच गया, जो नवंबर 2025 के बाद पहली बार हुआ है। इसके साथ ही, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) में जुलाई के मध्य में बना बुलिश क्रॉसओवर अभी भी कायम है, जो बढ़ती तेजी का संकेत देता है। हालांकि, 20% की तीव्र साप्ताहिक बढ़त को देखते हुए विश्लेषकों का कहना है कि $70,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक हल्की गिरावट या कंसोलिडेशन बाजार के स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा।\n\nडेली चार्ट पर बिटकॉइन अपने प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के क्लस्टर से काफी ऊपर कारोबार कर रहा है। 50-दिवसीय EMA ($65,403), 100-दिवसीय EMA ($66,784) और 200-दिवसीय EMA ($71,532) मिलकर $65,400 से $71,500 के बीच एक मजबूत सपोर्ट जोन बनाते हैं। इसके अलावा $66,500 और $62,300 पर भी महत्वपूर्ण सपोर्ट मौजूद हैं। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार दैनिक पिवट स्तर $76,427 पर है, जबकि तात्कालिक रेजिस्टेंस $79,840 (R1) और $82,658 (R2) पर है। नीचे की ओर मुख्य सपोर्ट $73,609 (S1) और $70,195 (S2) पर स्थित हैं।\n\nफिर भी, डेली ऑसिलेटर सतर्क रहने की सलाह देते हैं। डेली RSI वर्तमान में 85 पर है, जो अत्यधिक ओवरबॉट (ओवरबॉट जोन) स्थिति को दर्शाता है जहां अक्सर अल्पकालिक मुनाफावसूली देखी जाती है। यद्यपि डेली MACD सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन ओवरबॉट स्थिति संकेत देती है कि बाजार थोड़ा शांत हो सकता है। ऊपर की ओर पहला बड़ा प्रतिरोध $80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर है, जिसके बाद अगला प्रमुख स्तर $84,739 पर स्थित है।\n\nक्रिप्टो बाजार के मूल सिद्धांत: बिटकॉइन डोमिनेंस, ऑल्टकॉइन्स और स्टेबलकॉइन्स\nडिजिटल परिसंपत्ति पारिस्थितिकी तंत्र की गहरी समझ के लिए बिटकॉइन डोमिनेंस, ऑल्टकॉइन्स और स्टेबलकॉइन्स के बीच के संबंधों को समझना आवश्यक है।\n\nबिटकॉइन डोमिनेंस का तात्पर्य संपूर्ण क्रिप्टोकरेंसी बाजार के कुल मार्केट कैप की तुलना में बिटकॉइन के मार्केट कैप के प्रतिशत अनुपात से है। ऐतिहासिक रूप से, तेजी के शुरुआती चरणों में बिटकॉइन डोमिनेंस बढ़ता है क्योंकि संस्थागत और खुदरा निवेशक अपनी पूंजी को बिटकॉइन जैसी अत्यधिक तरल और अपेक्षाकृत स्थिर संपत्ति में लगाना पसंद करते हैं। इसके विपरीत, जब बिटकॉइन डोमिनेंस में गिरावट आती है, तो इसका अर्थ होता है कि निवेशक बिटकॉइन से अपना मुनाफा निकालकर अधिक रिटर्न की तलाश में ऑल्टकॉइन्स (अन्य क्रिप्टोकरेंसी) में लगा रहे हैं, जिससे ऑल्टकॉइन रैली की शुरुआत होती है।\n\nबिटकॉइन के अलावा अन्य सभी क्रिप्टोकरेंसी को ऑल्टकॉइन कहा जाता है। हालांकि कुछ विश्लेषक इथेरियम को ऑल्टकॉइन की श्रेणी से अलग रखते हैं क्योंकि कई अन्य नेटवर्क और ब्लॉकचेन इसी के आधार पर बने हैं। तकनीकी इतिहास के अनुसार, लाइटकॉइन पहला ऑल्टकॉइन माना जाता है, जो बिटकॉइन प्रोटोकॉल में संशोधन करके तेजी से लेनदेन प्रसंस्करण के लिए बनाया गया था।\n\nस्टेबलकॉइन्स बाजार में लिक्विडिटी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका मूल्य किसी पारंपरिक फिएट मुद्रा (जैसे अमेरिकी डॉलर) के साथ 1:1 के अनुपात में पेग्ड रहता है। इनकी स्थिरता को बनाए रखने के लिए नकद या कम अवधि की सरकारी प्रतिभूतियों का रिजर्व रखा जाता है। क्रिप्टो ट्रेडिंग में स्टेबलकॉइन्स निवेशकों को अस्थिर क्रिप्टोकरेंसी से तुरंत अपनी पूंजी को सुरक्षित संपत्ति में स्थानांतरित करने की सुविधा देते हैं, बिना इसके कि उन्हें पैसा बैंक खातों में निकालना पड़े।\n\nइसका आप पर असर\nक्रिप्टो निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए: बड़े पैमाने पर हुए शॉर्ट लिक्विडेशन और ओवरबॉट डेली RSI (85) तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देते हैं; जोखिम प्रबंधन के लिए $70,000 के सपोर्ट और $78,490 के रेजिस्टेंस पर नजर रखें।\n\nवैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए: अमेरिकी ट्रेजरी की बढ़ी हुई लिक्विडिटी से बाजार को समर्थन मिला है, हालांकि मध्य पूर्व तनाव से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई बढ़ाकर फेड के फैसलों को प्रभावित कर सकती हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस हफ्ते बिटकॉइन $77,000 के पार क्यों पहुंचा?\nअमेरिकी ट्रेजरी द्वारा कर्ज बायबैक को $4 अरब प्रति ऑपरेशन करने के फैसले, $1.61 अरब के रिकॉर्ड ETF इनफ्लो और $3.5 अरब के शॉर्ट लिक्विडेशन की वजह से यह तेजी आई।\n\n2. अमेरिकी ट्रेजरी ने अपने बायबैक कार्यक्रम में कितना बदलाव किया?\nअमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के प्रतिभूतियों के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन कर दिया है।\n\n3. बिटकॉइन की बढ़त को कौन सा प्रमुख जोखिम सीमित कर सकता है?\nमध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई भड़का सकती हैं, जिससे फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती के बजाय बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है।\n\n4. तकनीकी संकेतकों के अनुसार बिटकॉइन की मौजूदा स्थिति क्या है?\nबिटकॉइन प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर है और वीकली RSI 56 पर है, लेकिन डेली RSI 85 पर अत्यधिक ओवरबॉट है, जो $70,000 से $78,490 के आसपास अल्पकालिक स्थिरता का संकेत देता है।\n\n5. बिटकॉइन डोमिनेंस क्या है और यह निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?\nबिटकॉइन डोमिनेंस कुल क्रिप्टो बाजार कैप में बिटकॉइन के हिस्से को दर्शाता है। उच्च डोमिनेंस बिटकॉइन में निवेश का संकेत देता है, जबकि गिरता डोमिनेंस ऑल्टकॉइन्स में पूंजी ट्रांसफर को दर्शाता है।",
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  "category": "क्रिप्टो",
  "publishedAt": "2026-08-21",
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