व्हेल निकासी से बिकवाली का दबाव घटा, क्या 1.30 डॉलर की बाधा पार कर पाएगा एक्सआरपी? क्रिप्टो एक्सचेंजों से 69.6 करोड़ टोकन बाहर निकाले जाने के बाद एक्सआरपी में गिरावट थमती दिख रही है, हालांकि प्रमुख मूविंग एवरेज अब भी तेजी की राह में रुकावट बने हुए हैं। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जारी व्यापक उथल-पुथल के बीच एक्सआरपी में बिकवाली की रफ्तार सुस्त पड़ती दिख रही है। प्रमुख ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स से बड़े निवेशकों यानी व्हेल्स द्वारा भारी मात्रा में टोकन अपने निजी वॉलेट्स में ट्रांसफर किए जाने से तात्कालिक आपूर्ति में कमी आई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब टोकन एक्सचेंजों से बाहर जाते हैं, तो हाजिर बाजार में तुरंत डंप होने का खतरा कुछ समय के लिए टल जाता है। हालांकि, तकनीकी मोर्चे पर टोकन अभी भी कई कड़े अवरोधों के नीचे फंसा हुआ है, जिससे किसी भी नई तेजी के लिए खरीदारों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक्सचेंजों से 69.6 करोड़ टोकन की भारी निकासी क्रिप्टोक्वांट के ऑन-चेन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि विभिन्न केंद्रीकृत एक्सचेंजों से कुल मिलाकर 696 मिलियन यानी 69.6 करोड़ एक्सआरपी की संचयी शुद्ध निकासी दर्ज की गई है। जब बड़े खाते अपनी होल्डिंग्स को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से हटाकर कोल्ड स्टोरेज में ले जाते हैं, तो एक्सचेंजों पर उपलब्ध लिक्विड रिजर्व घट जाता है। इससे बाजार में तात्कालिक बिकवाली का दबाव स्वाभाविक रूप से हल्का होता है। इसके साथ ही बिनांस पर व्हेल्स बनाम रिटेल स्प्रेड मंगलवार को उछलकर 98.4 प्रतिशत तक पहुंच गया। यह आंकड़ा 15 अक्टूबर 2024 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। अगर सभी केंद्रीकृत एक्सचेंजों के औसत को देखें, तो यह स्प्रेड 65.1 प्रतिशत पर बना हुआ है। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि खुदरा कारोबारियों की तुलना में बड़े पैमाने पर सक्रिय प्रतिभागी इस गिरावट के दौरान अपनी पोजीशन को अलग ढंग से संभाल रहे हैं। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि सिर्फ ऑन-चेन निकासी ही किसी टिकाऊ रैली की गारंटी नहीं दे सकती। इसके लिए संस्थागत मांग और तकनीकी चार्ट्स पर स्पष्ट ब्रेकआउट दिखना अनिवार्य है। चार्ट पर अवरोधों का जाल और लाइव तकनीकी संकेत दैनिक मूल्य चार्ट पर एक्सआरपी की स्थिति को देखें तो यह फिलहाल 1.30 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास संघर्ष कर रहा है। ताजा कारोबारी सत्र में लाइव आंकड़ों के अनुसार एक्सआरपी 1.28 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 1.28 डॉलर की तुलना में 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.9884 डॉलर से 1.68 डॉलर के बीच रहा है, जबकि वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत से 1.31 गुना अधिक दर्ज किया गया है। तकनीकी संकेतकों में एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज का घना जाल ऊपर की ओर एक मजबूत छत की तरह काम कर रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 1.30 डॉलर पर, 50-दिवसीय ईएमए 1.33 डॉलर (और सोर्स चार्ट पर 1.34 डॉलर) पर, 100-दिवसीय ईएमए 1.32 डॉलर पर तथा 200-दिवसीय ईएमए 1.36 डॉलर (सोर्स चार्ट पर 1.37 डॉलर) पर स्थित है। 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 1.39 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 1.27 डॉलर पर है। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे होना एक क्लासिक डेथ क्रॉस का निर्माण करता है, जो दीर्घकालिक मंदी के रुझान की पुष्टि करता है। इसके अलावा सुपरट्रेंड रेखा 1.40 डॉलर के करीब मौजूद है, जो किसी भी बड़े सुधार के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रही है। मोमेंटम ऑसिलेटर्स और बोलिंगर बैंड की सीमाएं मोमेंटम इंडिकेटर्स फिलहाल मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 43 के स्तर पर है, जो न तो अत्यधिक बिकवाली दर्शाता है और न ही मजबूत खरीदारी की गति। सोर्स विश्लेषण में यह 46 के करीब मंडरा रहा था। दूसरी ओर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी -0.03 पर सिग्नल लाइन -0.03 के साथ लगभग सपाट है, जिसमें हिस्टोग्राम 0.00 पर मामूली तेजी का हल्का संकेत दे रहा है। बोलिंगर बैंड्स के 20-दिवसीय चैनल की निचली सीमा 1.23 डॉलर और ऊपरी सीमा 1.36 डॉलर पर है, जबकि इसका मध्य बैंड 1.29 डॉलर से 1.30 डॉलर के बीच स्थित है। कीमत इस समय ठीक मध्य बैंड के नीचे बनी हुई है। यदि मंदड़िए हावी होते हैं और कीमत 1.23 डॉलर के निचले बैंड को तोड़ती है, तो बिकवाली की नई लहर पैदा हो सकती है जो टोकन को 1.20 डॉलर के मजबूत सपोर्ट की तरफ धकेल सकती है। दैनिक वोलैटिलिटी दर्शाने वाला एटीआर यानी एवरेज ट्रू रेंज 0.05 डॉलर पर है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। पिवट बिंदु 1.27 डॉलर पर है, जिसमें पहला रेजिस्टेंस 1.30 डॉलर और दूसरा 1.32 डॉलर पर है, जबकि पहला सपोर्ट 1.25 डॉलर और दूसरा 1.22 डॉलर पर स्थित है। रिपल लैब्स और एक्सआरपी लेजर की कार्यप्रणाली मूल रूप से रिपल एक वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी है जो सीमा पार भुगतान और धन प्रेषण के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी इसके लिए ब्लॉकचेन तकनीक की क्षमताओं का इस्तेमाल करती है। रिपल लैब्स द्वारा तैयार किया गया रिपलनेट नेटवर्क दुनियाभर के वित्तीय संस्थानों और बैंकों के लिए खुला है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रकम भेजने की प्रक्रिया को सुगम बनाता है। इस नेटवर्क में दक्षता बढ़ाने के लिए एक्सआरपी टोकन की मदद ली जाती है। एक्सआरपी वास्तव में डिसेंट्रलाइज्ड ब्लॉकचेन एक्सआरपी लेजर का नेटिव टोकन है। वित्तीय फर्मों को बिना किसी केंद्रीय मध्यस्थ के तत्काल और बेहद कम लागत में मूल्य हस्तांतरित करने की सुविधा यही टोकन प्रदान करता है। एक्सआरपी लेजर की संरचना अन्य पारंपरिक ब्लॉकचेन से भिन्न है, क्योंकि इसमें स्पैम लेनदेन और डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस यानी डीडॉस हमलों से बचाव के लिए एक अंतर्निहित इन्फ्लेमेटरी प्रोटोकॉल शामिल किया गया है। वैश्विक स्तर पर फैला स्वतंत्र डेवलपर्स और नोड्स का पीयर-टू-पीयर समुदाय इस पूरे लेजर का संचालन करता है। यह ब्लॉकचेन इंटरलेजर स्टैंडर्ड तकनीक पर आधारित है, जो विभिन्न नेटवर्कों के बीच आपस में संवाद और भुगतान को संभव बनाती है। इसके जरिए दो अलग-अलग बैंकों के बहीखातों को सीधे जोड़ा जा सकता है, जिससे बिचौलियों की निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाती है। इस पूरे बुनियादी ढांचे का विकास जेड मैक्केलेब, आर्थर ब्रिटो और डेविड श्वार्ट्ज ने मिलकर किया था। क्रिप्टो बाजार की व्यापक मंदी और अमेरिकी चुनाव का असर एक्सआरपी की चाल को अलग करके नहीं देखा जा सकता, क्योंकि पूरा डिजिटल एसेट बाजार इस समय सुस्ती के दौर से गुजर रहा है। बिटकॉइन 76,000 डॉलर के नीचे फिसलकर लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है और 76,501 डॉलर के नजदीक स्थित 200-दिवसीय ईएमए बेसलाइन का परीक्षण कर रहा है। इसके 76,466 डॉलर के अहम समर्थन स्तर से नीचे जाने पर और गहरी गिरावट आ सकती है। आमतौर पर अमेरिकी डॉलर की कमजोरी जोखिम वाली संपत्तियों के लिए सकारात्मक होती है, लेकिन अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की बढ़त के शुरुआती संकेतों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है। इसी तरह एथेरियम भी अपने प्रमुख रेजिस्टेंस स्तरों के नीचे संघर्ष कर रहा है। सोलाना पर भी दबाव लगातार बना हुआ है, जो बुधवार को 92 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा था और सप्ताह के दौरान 3.5 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। अमेरिका में लिस्टेड स्पॉट सोलाना ईटीएफ की कमजोर मांग, वायदा बाजार में बढ़ती शॉर्ट पोजीशन और बाजार की अत्यधिक ओवरहीटेड परिस्थितियों ने रिकवरी के प्रयासों को सीमित कर दिया है। जब तक प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज में स्थिरता नहीं आती, तब तक एक्सआरपी के लिए भी किसी बड़ी एकतरफा रैली को बनाए रखना कठिन बना रहेगा। इसका आप पर असर एक्सआरपी में बड़े निवेशकों द्वारा टोकन विड्रॉल किए जाने से तुरंत भारी गिरावट का खतरा टला है, लेकिन निवेशकों को चार्ट पर कड़े अवरोधों के प्रति सतर्क रहना होगा। • ट्रेडिंग रणनीतियों पर: शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए 1.30 डॉलर से 1.32 डॉलर का दायरा कड़ा रेजिस्टेंस बना रहेगा। यदि भाव 1.23 डॉलर के सपोर्ट से नीचे गिरता है तो स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करना जरूरी होगा। • स्पॉट निवेशकों के लिए: एक्सचेंजों से टोकन हटने से लिक्विड सप्लाई घटी है, जो दीर्घकालिक होल्डर्स के लिए सकारात्मक पहलू है। फिर भी जब तक टोकन 200-दिवसीय ईएमए 1.36 डॉलर के ऊपर नहीं टिकता, नई खरीदारी में सावधानी बरतें। • वैश्विक क्रिप्टो सेंटिमेंट पर: बिटकॉइन का 76,000 डॉलर के नीचे फिसलना पूरे ऑल्टकॉइन बाजार पर दबाव बनाए रखेगा। अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रमों और मैक्रो डेटा पर नजर रखकर ही बड़े निवेश निर्णय लें। • पोर्टफोलियो जोखिम प्रबंधन पर: दैनिक वोलैटिलिटी लगभग 0.05 डॉलर के आसपास रहने की उम्मीद है। ट्रेडर्स को पोजीशन साइजिंग सीमित रखनी चाहिए ताकि अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव से नुकसान न हो। ऐसा क्यों हुआ क्रिप्टो एक्सचेंजों से 69.6 करोड़ एक्सआरपी टोकन बाहर निकाले जाने और कीमतों के 1.30 डॉलर के पास अटकने के पीछे कई प्रमुख ऑन-चेन और तकनीकी कारण जिम्मेदार हैं। • व्हेल्स की कस्टडी रणनीति: बड़े निवेशकों ने संभवतः टोकन को लंबी अवधि के लिए सुरक्षित कोल्ड स्टोरेज में स्थानांतरित किया है। इससे एक्सचेंजों की तुरंत बिकवाली योग्य आपूर्ति घटी और तात्कालिक डंपिंग का दबाव कमजोर पड़ा। • मूविंग एवरेज का तकनीकी दबाव: कीमत 20-दिवसीय, 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए के नीचे बनी हुई है। इन स्तरों पर मौजूद भारी सेलिंग ऑर्डर्स खरीदारों की हर रिकवरी कोशिश को रोक रहे हैं। • व्यापक बाजार में जोखिम से बचाव: बिटकॉइन के 76,000 डॉलर से नीचे आने और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की राजनीतिक अनिश्चितता ने संस्थागत निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसी कारण सोलाना और एथेरियम समेत पूरे बाजार में लिक्विडिटी की कमी देखी जा रही है। सवाल-जवाब 1. एक्सआरपी की ताजा कीमत और रुझान क्या है? लाइव आंकड़ों के अनुसार एक्सआरपी 1.28 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है और प्रमुख ईएमए स्तरों के नीचे होने के कारण इसका निकटकालिक रुझान सुस्त बना हुआ है। 2. एक्सचेंजों से 69.6 करोड़ टोकन निकलने का क्या मतलब है? इसका मतलब है कि बड़े निवेशकों ने टोकन को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से हटाकर निजी वॉलेट्स में ट्रांसफर किया है, जिससे एक्सचेंजों पर तुरंत बिकने वाली आपूर्ति कम हो गई है। 3. टोकन के लिए सबसे बड़े रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? आरंभिक रेजिस्टेंस 1.30 डॉलर पर है, जिसके बाद 100-दिवसीय ईएमए 1.32 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 1.37 डॉलर पर स्थित है। 4. गिरावट की स्थिति में एक्सआरपी को कहां सहारा मिलेगा? बोलिंगर बैंड की निचली सीमा 1.23 डॉलर पर अहम सपोर्ट है, जिसके टूटने पर टोकन 1.20 डॉलर के मजबूत सपोर्ट स्तर तक जा सकता है। 5. रिपलनेट और एक्सआरपी में क्या अंतर है? रिपलनेट बैंकों के लिए सीमा पार भुगतान नेटवर्क है, जबकि एक्सआरपी उस पर और एक्सआरपी लेजर ब्लॉकचेन पर त्वरित मूल्य ट्रांसफर करने वाला नेटिव डिजिटल टोकन है। 6. बिटकॉइन और सोलाना का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा है? बिटकॉइन 76,000 डॉलर के नीचे 200-दिवसीय ईएमए का परीक्षण कर रहा है, जबकि सोलाना कमजोर ईटीएफ मांग के चलते 92 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/crypto/vhela-nikasi-se-bikavali-ka-dabava-ghata-kya-1-30-dolara-ki-badha-para-kara-paega-xrp-56504 TrendKia — Har trend, sabse pehle.