1911 में जॉर्ज पंचम के लिए तैयार हुआ शिवपुरी का पोलो ग्राउंड, जहां कभी कदम नहीं रख सके ब्रिटिश सम्राट मध्य प्रदेश के शिवपुरी में स्थित ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड का निर्माण 1911 में इंग्लैंड के राजा जॉर्ज पंचम के स्वागत के लिए सिंधिया राजवंश ने करवाया था, लेकिन उनका दौरा रद्द होने से वे कभी यहां नहीं आ सके। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में कलेक्ट्रेट परिसर के ठीक सामने स्थित विशाल पोलो ग्राउंड अपने भीतर एक दिलचस्प ऐतिहासिक गाथा समेटे हुए है। सन 1911 में ग्वालियर रियासत के सिंधिया राजवंश द्वारा निर्मित इस मैदान को ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम के भव्य स्वागत और मनोरंजन के लिए खास तौर पर तैयार कराया गया था। हालांकि, किस्मत का खेल ऐसा रहा कि जिस शाही मेहमान की अगवानी के लिए यह विशाल मैदान तैयार हुआ, वे कभी यहां कदम भी नहीं रख पाए। ब्रिटिश सम्राट की अगवानी के लिए सिंधिया राजवंश की भव्य तैयारी बीसवीं सदी की शुरुआत में जब ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम के भारत दौरे के दौरान शिवपुरी आने का कार्यक्रम तय हुआ, तो उस समय ग्वालियर रियासत के सिंधिया महाराजा ने उनके ठहराव और शाही स्वागत के लिए विस्तृत व्यवस्थाएं की थीं। उसी विशेष तैयारी के तहत कलेक्ट्रेट के ठीक सामने इस विशाल पोलो ग्राउंड का निर्माण कराया गया था। इस मैदान को बनाने का मुख्य उद्देश्य यह था कि सम्राट जॉर्ज पंचम अपने प्रवास के दौरान घुड़सवारी और घुड़दौड़ जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकें। लेकिन बाद में किसी कारणवश ब्रिटिश राजा का शिवपुरी दौरा अचानक रद्द हो गया और यह ऐतिहासिक मैदान उनके कदम पड़ने से वंचित रह गया। पोलो का शाही इतिहास और शिवपुरी मैदान की महत्ता पोलो घोड़ों पर सवार होकर खेला जाने वाला एक पारंपरिक टीम खेल है, जो ब्रिटिश शासनकाल के दौरान भारत में काफी लोकप्रिय हुआ था। इस खेल में खिलाड़ी लंबी लकड़ी या प्लास्टिक की छड़ी (मैलेट) का उपयोग करके गेंद को विरोधी टीम के गोल पोस्ट में डालने का प्रयास करते हैं। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक प्रमोद भार्गव के अनुसार, ग्वालियर राजवंश ने शाही अतिथि की खेल रुचियों और घुड़सवारी के शौकीनों को ध्यान में रखते हुए ही इस विस्तृत मैदान की नींव रखी थी। आज भी कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने स्थित यह पोलो ग्राउंड उसी दौर की भव्यता और शाही शान-ओ-शौकत की याद दिलाता है। यद्यपि राजा जॉर्ज पंचम कभी इस मैदान पर पोलो खेलने या देखने नहीं आ सके, फिर भी यह स्थल शिवपुरी की ऐतिहासिक विरासतों में एक प्रमुख स्थान रखता है और बीते युग की कहानियों को बयां करता है। इसका आप पर असर • भारत में: यह इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए भारत के औपनिवेशिक दौर और शाही रियासतों की कार्यशैली को समझने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। • शिवपुरी में: स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए कलेक्ट्रेट के सामने स्थित यह मैदान शहर की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत की याद दिलाता है। सवाल-जवाब 1. शिवपुरी का यह ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड कब बनवाया गया था? इस पोलो ग्राउंड का निर्माण सन 1911 में कराया गया था। 2. यह पोलो ग्राउंड किसके स्वागत के लिए बनाया गया था? इसे ब्रिटेन के सम्राट राजा जॉर्ज पंचम की अगवानी और उनके मनोरंजन के लिए बनाया गया था। 3. शिवपुरी के पोलो ग्राउंड का निर्माण किस राजवंश ने करवाया था? इस मैदान का निर्माण ग्वालियर रियासत के सिंधिया राजवंश के महाराजा ने करवाया था। 4. क्या राजा जॉर्ज पंचम शिवपुरी पहुंचे थे? नहीं, उनका शिवपुरी दौरा अंतिम समय में अचानक रद्द हो गया था, इसलिए वे कभी इस मैदान पर नहीं आ सके। 5. यह पोलो ग्राउंड शिवपुरी में कहां स्थित है? यह मैदान शिवपुरी में कलेक्ट्रेट कार्यालय के ठीक सामने स्थित है। https://trendkia.com/culture/1911-men-king-george-v-ke-lie-taiyara-hua-shivpuri-ka-polo-graunda-jahan-kabhi-kadama-nahin-rakha-sake-britisha-samrata-10798 TrendKia — Har trend, sabse pehle.