# 1966 से जौहरी बाजार में जमी टेबल: 76 साल के नारायण शर्मा रोलेक्स से लेकर एचएमटी तक को देते हैं नई सांस

> जयपुर के ऐतिहासिक जौहरी बाजार में दुकान नंबर 55 के पास एक छोटी सी टेबल पर बैठने वाले 76 वर्षीय नारायण शर्मा छह दशकों से बंद घड़ियों को फिर से चालू कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** कल्चर · **Published:** 2026-08-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/culture/1966-se-johri-bazaar-men-jami-tebala-76-sala-ke-narayan-sharma-rolex-se-lekara-hmt-taka-ko-dete-hain-nai-sansa-20173 · **Language:** Hindi
**Tags:** नारायण शर्मा, जयपुर समाचार, जौहरी बाजार, घड़ी मैकेनिक, विंटेज घड़ियां, रोलेक्स, राजस्थान विरासत

जयपुर के प्रसिद्ध जौहरी बाजार की चहल-पहल के बीच, दुकान नंबर 55 के समीप एक छोटी सी लकड़ी की टेबल पर बैठकर 76 वर्ष के नारायण शर्मा पिछले छह दशकों से समय की बंद पड़ी सुइयों को दोबारा जिंदगी दे रहे हैं। गुलाबी नगरी की ऐतिहासिक चारदीवारी के इस मशहूर बाजार में जहां दुनिया भर से लोग खरीददारी और विरासत देखने आते हैं, वहीं नारायण शर्मा अपने हाथों के अनोखे हुनर से हर किसी का ध्यान खींचते हैं। महज 10 साल की उम्र में घड़ियों के कलपुर्जों से अपना नाता जोड़ने वाले शर्मा ने वर्ष 1966 में इसी स्थान पर बैठकर घड़ीसाजी का काम शुरू किया था। आज भी लोग अपनी दशकों पुरानी और यादों से जुड़ी बंद घड़ियों को ठीक कराने के लिए दूर-दूर से उनके पास पहुंचते हैं।

## पीढ़ियों से मिली घड़ीसाजी की अनमोल विरासत
नारायण शर्मा का घड़ियों के इस बारीक काम से जुड़ाव केवल एक पेशा नहीं, बल्कि उनकी पारिवारिक विरासत है। उनके दादा जमनादास जयपुर में सोने और आभूषणों के निर्माण कार्य से जुड़े हुए थे। इसके बाद उनके पिता कालूराम शर्मा ने घड़ीसाजी के क्षेत्र में कदम रखा और अपने दौर के मशहूर और कुशल मैकेनिक बने। अपने पिता के साथ काम करते हुए नारायण शर्मा ने बचपन में ही घड़ियों की जटिल मशीनरी, बारीक गियर और सुइयों को साधने का हुनर सीख लिया था। 10 वर्ष की छोटी सी आयु से पिता के मार्गदर्शन में काम सीखने के बाद, उन्होंने वर्ष 1966 में जौहरी बाजार में अपनी स्वतंत्र टेबल लगाई। आज छह दशक बीत जाने के बाद भी वे उसी लगन और निष्ठा के साथ अपने पिता से मिले हुनर की चमक बनाए हुए हैं।

## विंटेज एचएमटी से लेकर लाखों की रोलेक्स घड़ियों का इलाज
नारायण शर्मा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उनकी साधारण सी टेबल पर 80 और 90 के दशक की पुरानी विंटेज एचएमटी घड़ियों से लेकर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित लग्जरी ब्रांड्स दुरुस्त होते हैं। रोलेक्स और राडो जैसी महंगी और बेहद जटिल घड़ियों को सुधारने में जहां आम मैकेनिक कतराते हैं, वहीं शर्मा उन्हें बेहद आसानी से रिपेयर कर देते हैं। अपने लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने 10 से 12 लाख रुपये तक की कीमत वाली लग्जरी घड़ियों की मरम्मत भी इसी छोटी सी टेबल पर बैठकर सफलतापूर्वक की है। जब ग्राहक सालों से बंद पड़ी घड़ियों को किसी बड़े शोरूम में ले जाते हैं, तो वहां भारी खर्च और लंबा समय बताया जाता है। लेकिन शर्मा की टेबल पर पहुंचते ही वही बंद घड़ियां कुछ ही मिनटों में एक बार फिर टिक-टिक करती हुई चलने लगती हैं।

## मोटी सैलरी के ऑफर ठुकराकर चुना जौहरी बाजार का जुड़ाव
अद्भुत हुनर और दशकों का अनुभव होने के बावजूद नारायण शर्मा ने कभी व्यापारिक व्यावसायिकता के सामने घुटने नहीं टेके। बड़े-बड़े शोरूम और कंपनियां उन्हें 1 लाख रुपये महीने की सैलरी पर मैकेनिक बनाने के लिए तैयार थीं, लेकिन उन्होंने इन सभी लुभावने प्रस्तावों को साफ ठुकरा दिया। उनके लिए धन से अधिक महत्व जयपुर के चारदीवारी बाजार, यहां के लोगों और अपनी पुरानी यादों का है। जहां बड़े शोरूम मामूली काम के लिए भारी-भरकम बिल बनाते हैं, वहीं शर्मा केवल 500 से 700 रुपये में बड़ी से बड़ी और महंगी घड़ियों की मुकम्मल सर्विस कर देते हैं। सुबह की पहली किरण से लेकर शाम के ढलने तक वे अपनी टेबल पर डटे रहते हैं और निस्वार्थ भाव से लोगों के समय को दोबारा गति देने में लगे रहते हैं।

## इसका आप पर असर
**पाठकों पर प्रभाव:**

- **जयपुर में:** चारदीवारी क्षेत्र के जौहरी बाजार में दुकान नंबर 55 के पास पाठक अपनी कीमती, विंटेज या बंद पड़ी लग्जरी घड़ियों को बेहद किफायती दरों (500 से 700 रुपये) में रिपेयर करवा सकते हैं।
- **भारत भर में:** यह कहानी पुरानी वस्तुओं को फेंकने के बजाय उन्हें सहेजने और पारंपरिक हस्तशिल्पियों व कारीगरों का समर्थन करने का संदेश देती है।

## सवाल-जवाब

### 1. नारायण शर्मा जयपुर में घड़ियां कहां ठीक करते हैं?
नारायण शर्मा जयपुर के प्रसिद्ध जौहरी बाजार में दुकान नंबर 55 के पास एक छोटी सी लकड़ी की टेबल पर बैठकर घड़ियां ठीक करते हैं।

### 2. नारायण शर्मा ने घड़ी मरम्मत का काम कब और किस उम्र में शुरू किया था?
उन्होंने महज 10 वर्ष की उम्र में अपने पिता से काम सीखा था और वर्ष 1966 में जौहरी बाजार में टेबल लगाकर काम शुरू किया था।

### 3. वे किस तरह की और कितनी महंगी घड़ियां रिपेयर कर चुके हैं?
वे 80-90 के दशक की विंटेज एचएमटी से लेकर रोलेक्स और राडो जैसी 10 से 12 लाख रुपये तक की लग्जरी घड़ियां रिपेयर कर चुके हैं।

### 4. नारायण शर्मा घड़ी की सर्विसिंग के लिए कितना शुल्क लेते हैं?
वे किसी भी बेहतरीन या लग्जरी घड़ी की संपूर्ण सर्विसिंग के लिए केवल 500 से 700 रुपये चार्ज करते हैं।

### 5. क्या नारायण शर्मा को बड़ी कंपनियों से काम के ऑफर मिले थे?
हां, उन्हें बड़े शोरूमों से 1 लाख रुपये महीने तक की सैलरी के ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने जौहरी बाजार के जुड़ाव के कारण उन्हें ठुकरा दिया।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और सीख:**

- **हुनर और अभ्यास का महत्व:** 10 वर्ष की उम्र से काम सीखकर 6 दशक तक लगातार एक ही कला में महारत हासिल करना दिखाता है कि लगन ही असली कुशलता है।
- **पैसों से ऊपर आत्मसंतोष:** 1 लाख रुपये महीने की नौकरी छोड़कर अपनी जड़ों और यादों से जुड़े रहने का निर्णय सिखाता है कि आत्मसंतुष्टि सबसे बड़ा धन है।
- **विरासत का सम्मान:** दादा और पिता से मिली कला को सहेजकर रखना और ईमानदारी से लोगों की सेवा करना ही सच्चे कारीगर की पहचान है।

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