# कॉमेडियन्स के चुटकुले चुराकर एडल्ट सब्सक्रिप्शन बेच रही हैं एआई से बनी ग्लैमरस लड़कियां

> सोशल मीडिया पर स्टैंड-अप कॉमेडियन्स की लिखी सामग्री की हूबहू नकल कर एआई अवतार वायरल हो रहे हैं और एडल्ट प्लेटफॉर्म पर ट्रैफ़िक भेज रहे हैं, जबकि मेटा जैसी कंपनियों की नीतियां मूल कलाकारों को बेसहारा छोड़ रही हैं।

**Type:** article · **Category:** कल्चर · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/culture/ai-generated-glamour-avatars-are-ripping-off-stand-up-comedians-to-feed-adult-content-funnels-48456 · **Language:** Hindi
**Tags:** आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टैंड-अप कॉमेडी, मेटा, सोशल मीडिया, कॉपीराइट कानून, ओनलीफैन्स, एडल्ट कंटेंट, इंस्टाग्राम

लाइव मंच पर महीनों पसीना बहाकर अपने चुटकुलों को तराशने वाले स्टैंड-अप कलाकारों के सामने अब तकनीक की दुनिया से एक नया और अजीब संकट खड़ा हो गया है। इंटरनेट पर अत्यधिक ग्लैमरस, कंप्यूटर से तैयार की गई काल्पनिक महिलाएं असली कॉमेडियन्स के वायरल वीडियो के संवाद शब्द-दर-शब्द चुराकर मंच पर खुद बोलती नजर आ रही हैं। यह केवल कला की सामान्य चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इस नकल का मकसद सोशल मीडिया एल्गोरिदम का फायदा उठाकर दर्शकों को अपनी प्रोफाइल पर खींचना और फिर उन्हें सशुल्क एडल्ट कंटेंट प्लेटफॉर्म की ओर मोड़ना है। जब असली कलाकारों ने इन खातों की शिकायत दर्ज कराई, तो सोशल मीडिया मंचों की तरफ से मिले रूखे जवाबों ने रचनात्मक समुदाय को गहरे असमंजस और चिंता में डाल दिया है।

स्टैंड-अप कला की दुनिया में साथी कलाकारों द्वारा एक-दूसरे के चुटकुले चुराने का पुराना इतिहास रहा है, लेकिन कंप्यूटर से बनाए गए अवतारों का यह नया हमला बिल्कुल अलग किस्म का है। यह समस्या उस समय चर्चा में आई जब स्टैंड-अप आर्टिस्ट जूलिया जसुनास को इंस्टाग्राम पर उनके एक परिचित कलाकार का निजी संदेश मिला। उस संदेश में एक वीडियो लिंक भेजा गया था जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें अपनी स्टैंड-अप प्रस्तुति के एक चुटकुले की चोरी के बारे में पहले से कुछ जानकारी है। जसुनास को शुरुआत में लगा कि शायद किसी आम कलाकार ने उनकी लाइनें ले ली होंगी, क्योंकि कॉमेडी बिरादरी में कॉपीराइट के सख्त कायदे-कानून न होने के कारण कलाकार आपस में ही एक-दूसरे के काम पर नजर रखते हैं।

## वर्ड-टू-वर्ड चोरी और एडल्ट पेवॉल की ओर मोड़ता ट्रैफ़िक
जब जसुनास ने उस वीडियो को खोला, तो वे सन्न रह गईं। वीडियो में आइलेन स्काई नाम की एक आकर्षक सुनहरे बालों वाली महिला दिखाई दे रही थी, जिसके उस मंच पर 2,50,000 फॉलोअर्स दर्ज थे। वह महिला क्रॉप टॉप और शॉर्ट्स पहने एक दो बेडरूम वाले अपार्टमेंट के कमरे को एक सुंदर लड़के को किराए पर देने वाला वही चुटकुला सुना रही थी, जो जसुनास का अपना मूल काम था। प्रस्तुति में बोले गए हर ठहराव, 'उम' और 'आह' तक की नकल की गई थी। प्रोफाइल की पड़ताल करने पर पता चला कि यह कोई असली कलाकार नहीं है। वीडियो में जिस वेबसाइट का प्रचार किया जा रहा था, वह सीधे फैनव्यू नाम के सब्सक्रिप्शन प्लेटफॉर्म पर वयस्क सामग्री की ओर ले जाती थी। फैनव्यू खुद को क्रिएटर्स के लिए नंबर वन एआई मोनेटाइजेशन प्लेटफॉर्म के रूप में प्रचारित करता है।

जसुनास ने जब प्रोफाइल के कमेंट सेक्शन को देखा, तो उनका शक यकीन में बदल गया कि यह चेहरा पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की देन है। किसी भी महिला स्टैंड-अप कलाकार के सोशल मीडिया कमेंट्स में अक्सर लोग कटु टिप्पणियां करते हैं, शरीर पर फब्तियां कसते हैं या चुटकुले को खराब बताते हैं। इसके विपरीत, आइलेन स्काई के वीडियो के नीचे हर टिप्पणी तारीफों से भरी हुई थी, जिससे साफ जाहिर था कि दर्शकों को सिर्फ अवतार के आकर्षण से मतलब था, उसकी रचनात्मक प्रामाणिकता से नहीं। अपने बौद्धिक श्रम को इस तरह से यौन सामग्री के मुनाफे के लिए इस्तेमाल होते देखकर जसुनास ने मेटा के पास प्रतिरूपण की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, मेटा की तरफ से जवाब दिया गया कि यह वीडियो सामुदायिक दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं करता, क्योंकि वह खाता सीधे तौर पर जसुनास होने का दिखावा नहीं कर रहा था, बल्कि केवल उनके चुटकुले का उपयोग कर रहा था। बाद में स्काई के ज्यादातर पोस्ट पर एआई कंटेंट का लेबल लगा दिया गया, लेकिन खाते को बंद नहीं किया गया।

## वायरल फॉर्मूले की डिजिटल नकल और कई कलाकारों का शिकार
यह मामला किसी एक कलाकार तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर ऐसे कम से कम आठ स्टैंड-अप कलाकारों की पहचान सामने आई है, जिनके सफल और पहले से वायरल वीडियो को कम कपड़ों वाली एआई मॉडल्स द्वारा हूबहू दोहराया गया है। ये सभी काल्पनिक किरदार सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को फॉलो भी करते हैं। चोरी किए गए इन वीडियो में मूल वीडियो की तुलना में कहीं बेहतर रोशनी, शानदार ध्वनि और अत्यधिक कसी हुई पोशाकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इंटरनेट पर वीडियो के तेजी से वायरल होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं, ये खाते कॉनन ओ'ब्रायन और जिमी किमेल जैसे प्रमुख टीवी प्रस्तोताओं के साथ फर्जी चैट शो इंटरव्यू भी साझा करते हैं, और कभी-कभार मागा समर्थकों को लुभाने के लिए नस्लीय या ट्रांसफोबिक चुटकुलों का सहारा भी लेते हैं।

सोशल मीडिया नियमों के मुताबिक किसी की पहचान चुराना मना है, लेकिन किसी के चुटकुले या गैर-कॉपीराइट सामग्री की नकल करने पर ऐसा कोई सख्त प्रतिबंध लागू नहीं होता। प्लेटफॉर्म केवल इतना अनिवार्य करते हैं कि एआई सामग्री पर उचित लेबल होना चाहिए, लेकिन कई खातों पर यह लेबल भी लगातार गायब रहता है। जब कलाकारों ने इस चोरी के खिलाफ आवाज उठाई, तो स्काई के हैंडल से एक कलाकार के पोस्ट पर पलटवार करते हुए लिखा गया कि रोने-धोने वाले पोस्ट डालने के बजाय अगर अपने कंटेंट पर ध्यान दिया होता, तो इतनी कामयाबी मिल सकती थी। चोरी का शिकार होने वाले कलाकारों के लिए सबसे दुखद बात यह है कि कई बार कंप्यूटर से तैयार किए गए ये वीडियो मूल कलाकारों के वीडियो से भी ज्यादा व्यूज और एंगेजमेंट हासिल कर लेते हैं।

कॉमेडियन मैंडी मार्टिनो, जिनका चुटकुला भी स्काई के खाते द्वारा चोरी किया गया, का कहना है कि तकनीक बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और इसे एक बड़ी आपदा बनने से पहले क्रिएटर्स की सुरक्षा के कड़े नियम बनाए जाने चाहिए। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक जोक की चोरी नहीं है, बल्कि एक ऐसा बदलाव है जिसे समय रहते रोकने की जरूरत है, और कंपनियों का यह कहना कि इसमें कोई समस्या नहीं है, सबसे चिंताजनक पहलू है। कलाकारों ने जून महीने से ही इस प्रकार के खातों की शिकायत शुरू कर दी थी, जब स्टीफ क्लार्क नामक कॉमेडियन ने अपने इंस्टाग्राम पर इस अजीबोगरीब एआई सामग्री को उजागर किया था। शुरुआती दिनों में लाल बालों वाली एक एआई मॉडल स्टूल पर बैठकर अजीब चेहरे के भावों के साथ बेतुके चुटकुले सुनाती दिखती थी, लेकिन कुछ ही महीनों में यह तकनीक इतनी बेहतर हो गई कि असली इंसान और डिजिटल क्लोन में फर्क करना लगभग असंभव हो गया।

## टिफनी स्लोन का मामला और मेटा का रुख
इस नई तकनीकी लहर का एक बड़ा उदाहरण टिफनी स्लोन नाम का खाता है, जो अपने बायो में खुद को अभिनेत्री बताता है और जिसके 3,75,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम के साथ-साथ टिकटॉक और फेसबुक पर फैले इस अवतार के प्रोफाइल पर भी ओनलीफैन्स का लिंक चस्पा रहता है। लेखक रयान ब्रॉडरिक ने इसे अत्यधिक उत्तेजक एआई शॉर्ट वीडियो का कंटेंट फार्म करार दिया है। तीन अक्टूबर को कॉमेडियन जॉर्ज ब्रेट ओल्सन ने इस चोरी का पर्दाफाश करते हुए एक वीडियो साझा किया। ओल्सन ने दिखाया कि रिपब्लिकन पार्टी द्वारा एआई के खतरों को नजरअंदाज करने और अवैध आव्रजन पर ध्यान केंद्रित करने से जुड़ा उनका जोक स्लोन के खाते पर लगभग एक जैसी पृष्ठभूमि, मैचिंग सैल्मन रंग की शर्ट और खाकी शॉर्ट्स के साथ पेश किया गया था। दोनों वीडियो में केवल अंतिम पंचलाइन में इस्तेमाल किए गए एक अपशब्द का अंतर था।

ओल्सन ने जब अपने वीडियो के जरिए इस खुली चोरी को दुनिया के सामने रखा, तो साथी कलाकारों और दर्शकों ने उनके समर्थन में मेटा को ढेरों शिकायतें भेजीं। शुरू में मेटा ने इस आधार पर कार्रवाई से इनकार किया कि कोई नियम नहीं टूटा है। दबाव बढ़ने पर स्लोन के हैंडल से ओल्सन के पेज पर माफी मांगते हुए टिप्पणी की गई कि दोबारा ऐसा नहीं होगा, और फिर उस वीडियो समेत कई अन्य रील्स को हटा दिया गया। जब ओल्सन ने इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी को इस बारे में टैग किया, तो मोसेरी ने जवाब दिया कि मेटा के लिए हर तरह की एआई सामग्री पर प्रतिबंध लगाना व्यावहारिक नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका मंच मूल रचनाकारों को अधिक ट्रैफिक देने की कोशिश कर रहा है और अगर कोई एआई अकाउंट दूसरों की सामग्री को थोक भाव में चुरा रहा है, तो इस पर कुछ कदम उठाने के रास्ते तलाशे जाने चाहिए। मेटा के प्रवक्ता फ्रांसिस ब्रेनन ने इस मामले पर अलग से कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी नीतियां स्पष्ट हैं और एडम का बयान अपने आप में पर्याप्त है।

## कॉपीराइट कानूनों की लाचारी और भविष्य का खतरा
कानूनी रूप से स्टैंड-अप कॉमेडियन्स के पास अपनी सामग्री की सुरक्षा के बेहद सीमित रास्ते हैं। स्टैंड-अप कॉमेडी के तात्कालिक स्वरूप और उद्योग में लंबे समय से मिलते-जुलते पंचलाइनों के चलन के चलते चुटकुलों को ऐतिहासिक रूप से कॉपीराइट कानून का बहुत कम संरक्षण मिला है। मिशिगन विश्वविद्यालय में कानून के प्रोफेसर हारून परजानोव्स्की ने 2017 में एनपीआर को दिए एक बयान में स्पष्ट किया था कि जब कम आर्थिक मूल्य वाली रचनात्मक कृतियों के उल्लंघन का मामला आता है, तो अदालत में शायद ही मुकदमे देखने को मिलते हैं। ओल्सन ने भी जब एक बौद्धिक संपदा वकील से सलाह ली, तो उन्हें बताया गया कि जब तक सामने वाला पक्ष ओनलीफैन्स पर लाखों डॉलर की कमाई न कर रहा हो, तब तक मुकदमा दायर करने का कानूनी खर्च उठाने का कोई आर्थिक मतलब नहीं बनता।

रचनाकारों की इस बेबसी के उलट, तकनीकी उद्योग के कुछ हलकों में इसे बहुत सराहा जा रहा है। उदाहरण के लिए, उद्यम पूंजी फर्म आंद्रेसेन होरोविट्ज़ की पार्टनर जस्टिन मूर ने एक्स पर सार्वजनिक रूप से स्लोन की प्रोफाइल की तारीफ करते हुए इसे एक प्रतिभाशाली मार्केटिंग हैक करार दिया। ओल्सन इस बात को लेकर बेहद निराश हैं कि तकनीकी पैरोकार कलाकारों के शोषण के खिलाफ कोई कदम उठाएंगे। वे कहते हैं कि वायरल क्लिप्स के नीचे कामुक टिप्पणियां करने वाले दर्शकों को इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं है कि स्क्रीन पर दिखने वाला इंसान असली है या उसने वह चुटकुला खुद लिखा है। उनके मुताबिक असली सवाल यह उठता है कि क्या कला की दुनिया में कलाकार का कोई वजूद बचा है, और डिजिटल अवतारों को फॉलो करने वाली लाखों की भीड़ का जवाब निराशाजनक रूप से ना में नजर आता है।

## इसका आप पर असर
डिजिटल सामग्री बनाने वाले कलाकारों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए यह विवाद बौद्धिक संपदा और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।

- **क्रिएटर्स की बौद्धिक सुरक्षा:** बिना कॉपीराइट वाली स्क्रिप्ट और डिजिटल प्रस्तुति की सुरक्षा के लिए अभी कोई ठोस नीति मौजूद नहीं है। कलाकारों के चुटकुलों और संवादों को एआई मॉडल्स द्वारा खुलेआम चुराया जा सकता है और प्लेटफॉर्म्स इसे नियम उल्लंघन नहीं मानते।
- **सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री:** आम उपयोगकर्ताओं के लिए असली इंसान और डिजिटल अवतार के बीच पहचान करना लगातार कठिन होता जा रहा है। आकर्षक डिजिटल चेहरे वास्तविक कलाकारों के सालों के काम को चुराकर दर्शकों से व्यूज और एंगेजमेंट बटोर रहे हैं।
- **एडल्ट सब्सक्रिप्शन के जाल:** रील्स और शॉर्ट्स के जरिए आकर्षित करके यूजर्स को बिना किसी कड़ी जांच के बाहरी सशुल्क एडल्ट प्लेटफॉर्म्स पर रीडायरेक्ट किया जा रहा है। ऐसे फनल नाबालिगों और आम सोशल मीडिया दर्शकों को बिना पूर्व चेतावनी के संवेदनशील सामग्री की ओर खींचते हैं।
- **कानूनी मदद का अभाव:** कम कीमत वाले रचनात्मक कार्यों की चोरी पर अदालत में मुकदमा लड़ना आम कलाकारों के लिए आर्थिक रूप से घाटे का सौदा है। जब तक कोई बहुत बड़ा वित्तीय नुकसान साबित न हो, तब तक वकीलों का सहारा लेना बेहद महंगा और निष्फल साबित होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
स्टैंड-अप कॉमेडी की सामग्री को एआई अवतारों द्वारा चुराए जाने की यह घटना कई तकनीकी, कानूनी और व्यावसायिक कारणों से संभव हुई है। हाल के महीनों में वीडियो जनरेशन तकनीक का स्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है, जिससे असली दिखने वाले डिजिटल मॉडल्स तैयार करना बेहद आसान और सस्ता हो गया है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के मौजूदा नियम केवल किसी जीवित व्यक्ति की सीधी पहचान चुराने पर रोक लगाते हैं, शब्दों और विचारों की नकल पर नहीं।

- **उन्नत एआई वीडियो टूल्स:** पिछले कुछ महीनों में चेहरे के भाव, होंठों के तालमेल और शरीर की गतिविधियों को तैयार करने वाले टूल्स इतने सटीक हो गए हैं कि नकली चेहरों की पहचान मुश्किल हो गई है। यह तकनीक कुछ ही मिनटों में किसी भी ऑडियो या टेक्स्ट को जीवंत वीडियो में बदल देती है।
- **कमजोर कॉपीराइट और प्लेटफॉर्म नियम:** चुटकुलों को ऐतिहासिक रूप से कानूनी कॉपीराइट का बहुत कम संरक्षण मिला है क्योंकि मंच की प्रस्तुति का स्वरूप तात्कालिक होता है। मेटा जैसी कंपनियों के नियम केवल नाम या पहचान के प्रतिरूपण पर लागू होते हैं, इसलिए संवाद चुराने वाले एआई खातों पर तुरंत प्रतिबंध नहीं लगता।
- **एडल्ट सब्सक्रिप्शन का भारी मुनाफा:** ओनलीफैन्स और फैनव्यू जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक प्रोफाइल के जरिए हर महीने भारी भरकम कमाई की जा सकती है। गुमनाम डेवलपर्स वायरल कॉमेडी स्क्रिप्ट्स का इस्तेमाल सोशल मीडिया एल्गोरिदम को रिझाने और इस पेवॉल पर ट्रैफिक भेजने के लिए कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. जूलिया जसुनास के साथ क्या घटना घटी?
जूलिया जसुनास का स्टैंड-अप चुटकुला आइलेन स्काई नाम के एक एआई अवतार ने शब्द-दर-शब्द चुराकर इंस्टाग्राम पर पेश किया था।

### 2. आइलेन स्काई का खाता किस तरह की वेबसाइट से जुड़ा हुआ था?
इस खाते पर विज्ञापित वेबसाइट फैनव्यू नामक सब्सक्रिप्शन आधारित प्लेटफॉर्म पर एडल्ट सामग्री की ओर रीडायरेक्ट करती थी।

### 3. मेटा ने जसुनास की शिकायत पर क्या प्रतिक्रिया दी?
मेटा ने कहा कि यह वीडियो नियमों का उल्लंघन नहीं करता क्योंकि वह खाता जसुनास होने का दिखावा नहीं कर रहा था।

### 4. जॉर्ज ब्रेट ओल्सन ने किस खाते पर अपने चुटकुले की चोरी का आरोप लगाया?
ओल्सन ने टिफनी स्लोन नामक एआई मॉडल के खाते पर अपना राजनीतिक चुटकुला और पहनावा तक चुराने का आरोप लगाया था।

### 5. इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी का इस पूरे विवाद पर क्या कहना था?
मोसेरी ने कहा कि एआई सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना व्यावहारिक नहीं है, लेकिन मूल रचनाकारों के काम की थोक चोरी से निपटने के तरीके तलाशे जाने चाहिए।

### 6. कॉमेडियन्स के लिए चुटकुले की चोरी पर कानूनी मुकदमा करना मुश्किल क्यों है?
कम वित्तीय मूल्य वाले रचनात्मक कार्यों के लिए मुकदमा लड़ने का कानूनी खर्च संभावित हर्जाने से कहीं अधिक होता है।

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