अयोध्या दीपोत्सव में टूटेगा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 30 एमएल दीपों और लेजर-ड्रोन शो की तैयारियां शुरू अयोध्या में इस बार दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए लाखों 30 एमएल क्षमता वाले दीपों का निर्माण शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय कुम्हारों को बड़ा रोजगार मिल रहा है। अयोध्या में आगामी दीपोत्सव को अभूतपूर्व स्तर पर आयोजित करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी ताकत से जुट गई है। पवित्र नगरी को लाखों दीपकों की रोशनी से जगमगाने और नया कीर्तिमान स्थापित करने के उद्देश्य से प्रमुख आयोजन स्थलों पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उत्सव के केंद्र में इस बार स्थानीय भागीदारी, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कुम्हारों और स्वयं सहायता समूहों को मिला बड़ा संबल प्रशासन ने इस महाआयोजन के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने की मजबूत योजना तैयार की है। दीपोत्सव के लिए लाखों मिट्टी के दीपकों को गढ़ने का दायित्व अयोध्या के स्थानीय कुम्हार परिवारों और महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपा गया है। नीतिगत रूप से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिकतम दीयों की आपूर्ति स्थानीय स्तर पर ही हो, जिससे कारीगरों की सीधी आमदनी बढ़े और उन्हें व्यापक पैमाने पर आजीविका प्राप्त हो सके। खास 30 एमएल क्षमता वाले दीयों का निर्माण जारी इस बार आयोजन के लिए विशेष रूप से करीब 30 एमएल की धारणीय क्षमता वाले मिट्टी के दीपक तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय कार्यशालाओं में दीयों को आकार देने का काम तेज गति से चल रहा है। प्रशासन का मुख्य जोर इन सभी दीपकों को सीधे स्थानीय कुम्हारों और सहायता समूहों से खरीदने पर है, ताकि बिचौलियों के बिना शिल्पकारों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिले। सरयू आरती में नया कीर्तिमान रचने की योजना दीप प्रज्वलन के अतिरिक्त पवित्र सरयू तट पर होने वाली सामूहिक महाआरती भी इस उत्सव का मुख्य केंद्र बिंदु होगी। पिछले आयोजन के दौरान 2128 श्रद्धालुओं और आचार्यों ने एक साथ सरयू आरती कर उपस्थिति दर्ज कराई थी। प्रशासन इस बार उस संख्या को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के लिए बड़े स्तर पर समन्वय कर रहा है। लेजर और ड्रोन शो के साथ निकलेंगी भव्य झांकियां धार्मिक गरिमा के साथ आधुनिक दृश्यकला का संयोजन करते हुए आकाश में भव्य ड्रोन शो और लेजर शो का मंचन किया जाएगा। इन तकनीकी प्रस्तुतियों को पिछले संस्करणों की तुलना में कहीं अधिक चित्ताकर्षक बनाने की रूपरेखा है। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से सांस्कृतिक झांकियों का जुलूस भी निकाला जाएगा, जो पिछले साल प्रदर्शित की गई 22 झांकियों के अनुभव को और समृद्ध करेगा। प्रमुख स्थलों के सौंदर्यीकरण और समयबद्धता पर निगरानी अयोध्या के सीडीओ कृष्ण कुमार ने स्पष्ट किया है कि तैयारियों को सुचारू रखने के लिए मंडलायुक्त और जिलाधिकारी की संयुक्त अध्यक्षता में विस्तृत रणनीतिक बैठक संपन्न हो चुकी है। उच्च स्तर पर समीक्षा करते हुए एसीएस पर्यटन ने भी नगर का स्थलीय निरीक्षण किया है। उन्होंने राम की पैड़ी सहित तमाम प्रमुख केंद्रों पर तय समयसीमा के भीतर बुनियादी ढांचे और साज-सज्जा के कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें रामकथा पार्क के विशेष सौंदर्यीकरण पर प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। इसका आप पर असर इस भव्य आयोजन से अयोध्या के स्थानीय शिल्पकारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और नगर आने वाले श्रद्धालुओं को उन्नत सुविधाएं मिलेंगी। • स्थानीय कारीगरों के लिए: दीपोत्सव के लिए लाखों दीयों का आर्डर मिलने से अयोध्या के कुम्हार परिवारों और स्वयं सहायता समूहों को सीधा रोजगार मिला है। प्रशासन द्वारा 30 एमएल क्षमता के दीयों की सीधी खरीद से स्थानीय कारीगरों को बिचौलियों से मुक्ति और उचित पारिश्रमिक प्राप्त हो रहा है। • अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए: राम की पैड़ी और रामकथा पार्क के सुंदरीकरण से दर्शनार्थियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं और खुला माहौल मिलेगा। सामूहिक सरयू आरती और भव्य लेजर-ड्रोन शो से धार्मिक पर्यटन का अनुभव पहले से कहीं अधिक भव्य होगा। • सांस्कृतिक पर्यटन के लिए: विभिन्न विभागों की संयुक्त झांकियों और विश्व रिकॉर्ड स्तर के दीपोत्सव से नगर की वैश्विक पहचान मजबूत होगी। इससे क्षेत्र के होटल, परिवहन और खुदरा व्यापार को भी आगामी हफ्तों में सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा। • स्वयं सहायता समूहों के लिए: महिला स्वयं सहायता समूहों को उत्पादन से सीधे जोड़ने से ग्रामीण आजीविका को नई ताकत मिली है। तय समय पर काम पूरा करने से इन समूहों की कार्यकुशलता और बाजार तक पहुंच बेहतर होगी। ऐसा क्यों हुआ प्रशासन ने अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने और स्थानीय कारीगरों को सशक्त करने के उद्देश्य से इस दीपोत्सव को पहले से कहीं बड़ा रूप देने का निर्णय लिया है। • कीर्तिमान स्थापित करने का लक्ष्य: प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य पिछले साल के आंकड़ों को पार करते हुए लाखों दीपों और 2128 से अधिक लोगों की सरयू आरती का नया विश्व रिकॉर्ड बनाना है। इसके लिए बड़े स्तर पर लॉजिस्टिक्स और मंचन की तैयारी की जा रही है। • स्थानीय आजीविका को बढ़ावा: बाहरी सामान मंगाने के बजाय स्थानीय कुम्हारों और सहायता समूहों को प्राथमिकता दी गई है ताकि सरकारी बजट का सीधा फायदा जमीनी कारीगरों तक पहुंचे। विशेष रूप से 30 एमएल क्षमता के मानक तय कर गुणवत्ता और स्थानीय उत्पादन दोनों साधे गए हैं। • प्रशासनिक समन्वय और समय सीमा: एसीएस पर्यटन के निरीक्षण और मंडलायुक्त व जिलाधिकारी की उच्चस्तरीय बैठक के बाद निर्माण में तेजी लाई गई है। राम की पैड़ी और रामकथा पार्क में समय रहते काम पूरा करने के लिए स्पष्ट विभागीय निर्देश जारी किए गए हैं। सवाल-जवाब 1. अयोध्या दीपोत्सव में तैयार किए जा रहे दीपकों की क्या खासियत है? इस बार करीब 30 एमएल क्षमता वाले विशेष मिट्टी के दीपक तैयार कराए जा रहे हैं, जिन्हें स्थानीय कुम्हार और स्वयं सहायता समूह बना रहे हैं। 2. सरयू आरती को लेकर इस बार प्रशासन का क्या लक्ष्य है? प्रशासन पिछले साल के 2128 प्रतिभागियों के आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए इस बार सामूहिक सरयू आरती का एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। 3. दीपोत्सव में तकनीकी आकर्षण के रूप में क्या खास होगा? आकाश में भव्य ड्रोन शो और लेजर शो आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें पिछले वर्षों की तुलना में अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। 4. समीक्षा बैठक में किन प्रमुख स्थलों पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए? एसीएस पर्यटन ने राम की पैड़ी समेत प्रमुख स्थलों पर समय से काम पूरा कराने और रामकथा पार्क के विशेष सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए हैं। https://trendkia.com/culture/ayodhya-dipotsava-men-tutega-naya-varlda-rikorda-30-emaela-dipon-aura-lejara-drona-sho-ki-taiyariyan-shuru-54768 TrendKia — Har trend, sabse pehle.