छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कलाकार हेमलता पटेल द्वारा संतान जन्म के समय उम्मीद अस्पताल के भीतर गाया गया भरथरी लोकगीत छत्तीसगढ़ की मशहूर भरथरी गायिका हेमलता पटेल ने प्रसव के समय अपने डर को खत्म करने के लिए ऑपरेशन थिएटर में गीत गाए। डॉक्टर प्रदीप साहू की मौजूदगी में हुए इस सुरक्षित प्रसव के बाद मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। छत्तीसगढ़ की जानी-मानी लोक गायिका हेमलता पटेल ने अस्पताल के ऑपरेशन कक्ष में एक नई नज़ीर पेश की है। प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती होने के बाद, जब उन्हें सर्जरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, तो उन्होंने अपनी घबराहट पर काबू पाने के लिए भरथरी लोकगीत गाना शुरू कर दिया। चिकित्सा दल की उपस्थिति में गाए गए इस भजन का वीडियो अब व्यापक रूप से देखा जा रहा है। आमतौर पर ऑपरेशन के दौरान मरीज गंभीर तनाव या भय की स्थिति में रहते हैं, लेकिन हेमलता पटेल ने अपने हुनर को ही अपनी ताकत बना लिया। मानसिक तनाव दूर करने के लिए चुना संगीत का सहारा संतान के जन्म के लिए हेमलता पटेल उम्मीद अस्पताल में दाखिल हुई थीं। चिकित्सकों ने पहले सामान्य प्रसव कराने का प्रयास किया, परंतु स्थिति ऐसी बनी कि बच्चे का जन्म सामान्य रूप से संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे मौकों पर अक्सर गर्भवती महिलाएं हतोत्साहित और भयभीत हो जाती हैं कि उन्हें शल्य चिकित्सा का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों की सहमति और चिकित्सकों के परामर्श के बाद ऑपरेशन करने का फैसला लिया गया। ऑपरेशन प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्व चिकित्सकों द्वारा मरीज को एनेस्थीसिया दिया गया। चिकित्सा दल अपनी आवश्यक तैयारियों में व्यस्त था, तभी हेमलता पटेल ने ऑपरेशन कक्ष के भीतर ही राजा भरथरी की कथा पर आधारित पारंपरिक लोकगीत और भजन गाना आरंभ कर दिया। उनका यह बेफिक्र अंदाज वहां मौजूद चिकित्सा कर्मियों के लिए भी अत्यंत आश्चर्यजनक और प्रेरणादायक साबित हुआ। चिकित्सक ने दी मंच मानकर गाने की प्रेरणा मामले के संबंध में जानकारी देते हुए डॉक्टर प्रदीप साहू ने बताया कि जब सामान्य डिलीवरी के दौरान बच्चा फंसा हुआ था, तब परिजनों की इच्छा पर ऑपरेशन का रास्ता चुना गया। डॉक्टर साहू के अनुसार, शल्य क्रिया के नाम से कई बार मरीज काफी डर जाते हैं। जब हेमलता पटेल ने बताया कि वे पेशे से एक गायिका हैं, तो डॉक्टर ने उन्हें हिम्मत देते हुए कहा कि वे इस स्थान को अपना मंच समझकर खुद को प्रेरित करें ताकि भय समाप्त हो सके। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी सुरीली आवाज में गाना गाना शुरू कर दिया। निडरता और वात्सल्य का अनूठा उदाहरण अपनी इस अनोखी पहल के बारे में बात करते हुए गायिका हेमलता पटेल ने कहा, "डर दूर करने के लिए मैंने गाना गाया और मुझे लगा कि इस समय ईश्वर का भजन करना चाहिए।" उन्होंने आगे साझा किया कि शिशु का चेहरा देखने के बाद उनकी प्रसन्नता का कोई ठिकाना नहीं रहा। उनका मानना है कि किसी भी महिला को बच्चे को जन्म देते समय डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ उस क्षण का सामना करना चाहिए। सफलतापूर्वक संपन्न हुए इस ऑपरेशन के पश्चात जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह से सकुशल और स्वस्थ हैं। छत्तीसगढ़ की समृद्ध पंडवानी और भरथरी लोक कला के संरक्षण के लिए पहचानी जाने वाली हेमलता पटेल के इस साहस और निर्भीकता की लोग सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके इस वीडियो की काफी चर्चा हो रही है और लोग इसे मातृशक्ति की मिसाल बता रहे हैं। इसका आप पर असर इस घटना का सामान्य पाठकों और स्वास्थ्य सेवाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है: • भारत में: यह मामला मेडिकल प्रक्रियाओं के दौरान मरीजों के मानसिक तनाव और डर को दूर करने में रचनात्मक तकनीकों व डॉक्टरों के दोस्ताना व्यवहार के महत्व को रेखांकित करता है। • छत्तीसगढ़ में: राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक भरथरी व पंडवानी कला की गूंज अब आधुनिक अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक सकारात्मक ऊर्जा फैला रही है। सवाल-जवाब 1. हेमलता पटेल कौन हैं और वे किसलिए जानी जाती हैं? हेमलता पटेल छत्तीसगढ़ की एक प्रसिद्ध भरथरी और पंडवानी लोक गायिका हैं, जो अपनी अनूठी गायन शैली और लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए पहचानी जाती हैं। 2. ऑपरेशन थिएटर में हेमलता पटेल ने गाना क्यों शुरू किया? सर्जरी से पहले होने वाली घबराहट और डर को दूर करने के लिए तथा खुद को सकारात्मक रूप से प्रेरित करने के उद्देश्य से उन्होंने भरथरी गीत गाया। 3. डॉक्टर प्रदीप साहू ने ऑपरेशन थिएटर की स्थिति के बारे में क्या बताया? डॉक्टर प्रदीप साहू ने बताया कि नॉर्मल डिलीवरी न होने के कारण परिजनों के कहने पर ऑपरेशन का निर्णय लिया गया, और मरीज का तनाव कम करने के लिए उन्हें अपनी गायन कला को मंच मानकर गाने के लिए प्रेरित किया गया। 4. डिलीवरी के बाद मां और बच्चे का स्वास्थ्य कैसा है? सर्जिकल डिलीवरी संपन्न होने के बाद गायिका हेमलता पटेल और उनका नवजात शिशु दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। 5. हेमलता पटेल किस अस्पताल में भर्ती हुई थीं? वे प्रसव के लिए उम्मीद हॉस्पिटल में भर्ती हुई थीं। प्रेरणा और सबक हेमलता पटेल के इस अनूठे अनुभव से हर व्यक्ति और विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं प्रेरणा ले सकती हैं: • डर पर मानसिक नियंत्रण: कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घबराने के बजाय अपनी पसंदीदा कला या भक्ति का सहारा लेकर मानसिक दबाव को कम किया जा सकता है। • सकारात्मक दृष्टिकोण: अस्पताल के ऑपरेशन कक्ष जैसे तनावपूर्ण माहौल को भी आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के जरिए सहज बनाया जा सकता है। • चिकित्सकों पर भरोसा और संवाद: डॉक्टरों के सुझाव का पालन करते हुए स्वयं को प्रेरित करने से चिकित्सा प्रक्रिया अधिक सुगम हो जाती है। https://trendkia.com/culture/chhattisgarh-ki-prasiddha-loka-kalakara-hemlata-patel-dvara-sntana-janma-ke-samaya-ummeed-hospital-ke-bhitara-gaya-gaya-bharathari-18584 TrendKia — Har trend, sabse pehle.