महान अभिनेता उत्तम कुमार की 100वीं जयंती से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में दी भावभीनी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में बंगाली सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। 3 सितंबर को उनकी 100वीं जयंती से पहले पीएम ने उनके संघर्ष, अभिनय क्षमता और कभी न हार मानने वाले जज्बे की सराहना की। बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता उत्तम कुमार की सांस्कृतिक और कलात्मक छाप समय के साथ और गहरी हुई है। अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महानायक उत्तम कुमार के जीवन और भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया। आगामी 3 सितंबर को उत्तम कुमार की 100वीं जयंती मनाई जाएगी, और इस अवसर से पहले पीएम मोदी ने उनके अभिनय शिल्प, सामाजिक सरोकारों और शुरुआती दौर के कठिन संघर्षों को याद करते हुए उन्हें नमन किया। अभिनय की अद्भुत गहराई और सत्यजीत रे के साथ जुड़ाव रेडियो प्रसारण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तम कुमार की बहुमुखी प्रतिभा पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि 3 सितंबर को देश महानायक की जन्म-शताब्दी मनाएगा। उत्तम कुमार अपनी वर्सेटाइल अभिनय क्षमता से करोड़ों सिने प्रेमियों के दिलों में बस गए। पीएम मोदी ने दिग्गज फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे का उल्लेख करते हुए बताया कि सिनेमा जगत में यह माना जाता है कि सत्यजीत रे ने अपनी मशहूर फिल्म 'नायक-द हीरो' की पटकथा मुख्य रूप से उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर ही तैयार की थी। पीएम ने कहा कि सत्यजीत रे का मानना था कि उत्तम कुमार के भीतर स्क्रीन पर गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ गहरी भावनात्मक अभिव्यक्ति की अद्भुत क्षमता थी। वे अपने हर किरदार को जीवंत और स्वाभाविक बनाने के लिए बेहद लगन और कड़ी मेहनत के साथ काम करते थे। सामाजिक सेवा और लगातार संघर्ष के बीच सफलता का जज्बा सिनेमाई उपलब्धियों के अलावा प्रधानमंत्री ने उत्तम कुमार के मानवीय पहलुओं और सामाजिक योगदान की भी चर्चा की। पीएम मोदी के अनुसार उत्तम कुमार केवल अपने अभिनय कौशल के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सादगी, सहज व्यक्तित्व और समाजसेवा के कार्यों के लिए भी लोकप्रिय थे। उनका शुरुआती करियर आसान नहीं था और शुरुआत में उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई थीं। लगातार असफलताओं के बावजूद उत्तम कुमार ने अपना ध्यान काम से नहीं हटने दिया और अपने लक्ष्य पर टिके रहे। इसी निरंतर लगन के बल पर वे बंगाली सिनेमा के सबसे महान मुकाम पर पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तम कुमार का जीवन हर व्यक्ति को यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं माननी चाहिए। कोलकाता की निजी यादें और महानायक का ऐतिहासिक सफर अपनी बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से जुड़ी अपनी एक व्यक्तिगत याद भी साझा की। पीएम ने बताया कि जब वे कोलकाता में एक रोड शो के दौरान उत्तम कुमार के घर के सामने से गुजरे थे, तब वहां मौजूद एक स्थानीय नागरिक ने उन्हें महानायक की एक तस्वीर भेंट की थी। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तम कुमार हमेशा देशवासियों के दिलों पर राज करते रहेंगे। महानायक उत्तम कुमार का जन्म 3 सितंबर 1926 को कलकत्ता में हुआ था और उनका वास्तविक नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय था। उन्होंने 1948 में प्रदर्शित फिल्म 'दृष्टिदान' से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। करियर के शुरुआती दौर में कई विफलताएं झेलने के बाद उन्होंने अपनी लगन से अलग पहचान बनाई। बंगाली अभिनेत्री सुचित्रा सेन के साथ उनकी ऑन स्क्रीन जोड़ी को भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे सफल जोड़ियों में गिना जाता है। इसका आप पर असर प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से सांस्कृतिक नायकों को याद करने से भारतीय सिनेमा की धरोहर को नई पहचान मिलती है और युवा पीढ़ी को संघर्ष के दौर में धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर 'मन की बात' के जरिए क्षेत्रीय सिनेमा और लोक कलाकारों के योगदान को पहचान मिलने से देश भर में कला और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है। इससे युवाओं को भारतीय सिनेमा के इतिहास और महान अभिनेताओं के कार्यों को समझने का मौका मिलता है। • पश्चिम बंगाल में: महानायक उत्तम कुमार की 100वीं जन्म-शताब्दी से पहले प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि से कोलकाता और पूरे राज्य में बंगाली सिनेमा की समृद्ध विरासत को लेकर गर्व का अहसास मजबूत होता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अभिलेखागारों के प्रति नए सिरे से रुचि उत्पन्न होती है। सवाल-जवाब 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में किसे श्रद्धांजलि दी? पीएम मोदी ने बंगाली सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार को उनकी 100वीं जयंती से पहले 'मन की बात' में याद कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। 2. उत्तम कुमार की 100वीं जयंती कब मनाई जाएगी? उत्तम कुमार की 100वीं जयंती 3 सितंबर को मनाई जाएगी। 3. उत्तम कुमार का असली नाम और जन्म तिथि क्या है? उनका असली नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय था और उनका जन्म 3 सितंबर 1926 को कलकत्ता में हुआ था। 4. सत्यजीत रे ने उत्तम कुमार के लिए कौन सी फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी थी? माना जाता है कि महान निर्देशक सत्यजीत रे ने अपनी प्रसिद्ध फिल्म 'नायक-द हीरो' की पूरी स्क्रिप्ट उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। 5. उत्तम कुमार की पहली फिल्म कौन सी थी और यह कब आई थी? उत्तम कुमार ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1948 में आई फिल्म 'दृष्टिदान' से की थी। प्रेरणा और सबक उत्तम कुमार का जीवन संघर्ष और अटूट संकल्प का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो शुरुआती दौर की विफलताओं के बाद भी सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचे। • विफलता से हार न मानना: 1948 में फिल्म 'दृष्टिदान' से शुरुआत करने के बाद उनकी शुरुआती कई फिल्में असफल रहीं, लेकिन उन्होंने काम पर ध्यान केंद्रित रखा। • लगन और कड़ी मेहनत: सत्यजीत रे जैसे निर्देशकों के अनुसार, उत्तम कुमार अपने हर किरदार में गहराई लाने के लिए जबरदस्त मेहनत करते थे। • सामाजिक सरोकार: अपनी अपार प्रसिद्धि के बावजूद वे सादगी बनाए रखते थे और समाजसेवा के कार्यों से जुड़े रहते थे। https://trendkia.com/culture/mahana-abhineta-uttam-kumar-ki-100vin-jaynti-se-pahale-pm-narendra-modi-ne-mana-ki-bata-men-di-bhavabhini-shraddhanjali-24534 TrendKia — Har trend, sabse pehle.