# आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कमियों का उड़ाया मजाक, इंटरनेट कॉमेडियन्स को मिले हॉलीवुड टैलेंट कॉन्ट्रैक्ट्स

> नौकरी के इंटरव्यू लेने वाले बॉट्स और चैटजीपीटी की अजीबोगरीब हरकतों पर व्यंग्य वीडियो बनाने वाले डिजिटल क्रिएटर्स को शीर्ष टैलेंट एजेंसियों ने साइन कर लिया है। तकनीक की विसंगतियों को कॉमिक टाइमिंग से उजागर कर वे लाखों फॉलोअर्स जुटा रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** कल्चर · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/culture/mocking-ai-flaws-secures-hollywood-talent-deals-for-online-satirists-55082 · **Language:** Hindi
**Tags:** आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कॉमेडी, हॉलीवुड, सोशल मीडिया, चैटजीपीटी, टैलेंट एजेंसी

नीली डेनिम शर्ट पहने और पीछे लगभग खाली किताबों की रैक के साथ स्क्रीन पर बैठा एक साफ-सुथरा डिजिटल अवतार बातचीत शुरू करता है। खुद को 'मार्लो एंड फिंच' फर्म का प्रतिनिधि बताने वाला यह अवतार सामने बैठे उम्मीदवार से अपने बारे में बताने को कहता है। चश्मा और बेसबॉल टोपी लगाए ग्राहम राबे इस आभासी साक्षात्कारकर्ता के सामने पूरी तरह तैयार बैठते हैं और खुद का परिचय 'चिक बोंगो' के रूप में देते हैं। वे दावा करते हैं कि उन्होंने बिक्री क्षेत्र में 10 साल बिताए हैं, वे 'बैजर मार्जिन' संभालने में माहिर हैं, उन्होंने 'स्प्रोकेट मॉस' के साथ लंबा वक्त गुजारा है और अपने 'गूजबकल' पर उन्हें बेहद गर्व है। किसी भी इंसान को यह बात पूरी तरह बेतुकी लगती, लेकिन डिजिटल स्क्रीन पर मौजूद बॉट बिना किसी हिचक के गंभीर स्वर में कहता है कि बैजर मार्जिन संभालना वाकई एक बड़ा हुनर है और उनका गूजबकल अनुभव काफी प्रभावशाली है।

जब बातचीत आगे बढ़ती है और यह मशीन उम्मीदवार से उसकी अपेक्षित तनख्वाह पूछती है, तो राबे बेपरवाही से केवल 'छह सौ' कहते हैं। बॉट इसे तुरंत छह लाख डॉलर मान लेता है और इसे एक साहसी मांग बताते हुए उम्मीदवार के आत्मविश्वास की तारीफ करने लगता है। राबे वास्तव में किसी नई नौकरी की तलाश में नहीं थे। असल जिंदगी में वित्तीय तकनीक यानी फिनटेक सेक्टर में एक सेल्स टीम के प्रबंधक के रूप में काम करने वाले राबे उन चुनिंदा हास्य कलाकारों की जमात में शामिल हो चुके हैं, जिन्होंने हाल के दिनों में इंटरनेट पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सीमाओं का उपहास उड़ाकर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। इस तरह के हास्यास्पद संवादों के दम पर उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या महज दो महीनों के भीतर पचास हजार से बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई है। सबसे अहम बात यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस व्यंग्य ने उन्हें एक पेशेवर टैलेंट एजेंसी से प्रतिनिधित्व भी दिला दिया है।

## कॉर्पोरेट मुहावरों से लेकर अजीबोगरीब साक्षात्कार तक का सफर
राबे लगभग एक दशक से स्टैंड-अप कॉमेडी और स्क्रीन राइटिंग को शौक के तौर पर अपनाते रहे हैं। उन्होंने विख्यात अपराइट सिटिजन्स ब्रिगेड थिएटर से इम्प्रोव और स्केच कॉमेडी का बाकायदा प्रशिक्षण लिया था। इसके बावजूद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर दफ्तर के माहौल पर आधारित कॉमेडी वीडियो बनाने की शुरुआत इसी साल मई के महीने में की थी। शुरुआत में उनका कंटेंट तकनीक से जुड़ा नहीं था, बल्कि वे सामान्य दफ्तरों में होने वाली अजीबोगरीब बातचीत पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। शुरुआती वीडियो पर मिले सकारात्मक रुझान और दर्शकों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया ने उनका हौसला बढ़ाया।

भाषा के साथ खिलवाड़ करने में माहिर राबे ने बैठकों में इस्तेमाल होने वाले घिसे-पिटे मुहावरों के विकल्प तलाशने शुरू किए। एक वीडियो क्लिप में उन्होंने यह सुझाव दिया कि किसी को यह कहने के बजाय कि फैसला अब आपके पाले में है, यह कहा जाना चाहिए कि बाज आपके दस्ताने पर बैठा है या आपके माइक्रोवेव की घंटी बज रही है। इसके बाद उन्होंने बॉट्स से ऐसे कॉर्पोरेट शब्दों पर सवाल-जवाब करने का प्रयोग किया। एक चैटबॉट ने उनसे ऐसा मुहावरा बनाने को कहा जिसका अर्थ यह निकले कि उनकी टीम बिना किसी तैयारी के मीटिंग में पहुंच गई। राबे ने तुरंत जवाब दिया कि वे सूप पार्टी में कांटे लेकर पहुंच गए थे।

## टैवस बॉट्स और इम्प्रोव कॉमेडी का अनोखा तालमेल
कॉर्पोरेट चुटकुलों के बाद राबे ने आखिरकार कृत्रिम साक्षात्कारकर्ताओं को अपने व्यंग्य का केंद्र बनाया। हालांकि उनका खुद कभी किसी नौकरी के लिए ऐसे बॉट से पाला नहीं पड़ा था, लेकिन वे भर्ती प्रक्रियाओं में बढ़ते इस चलन से पूरी तरह वाकिफ थे। उन्होंने एआई रिसर्च लैब टैवस द्वारा तैयार किए गए साक्षात्कार एजेंट्स की क्षमताओं को पहचाना। इस टूल का प्रचार वाक्य था कि हजारों लोगों की स्क्रीनिंग करें और कुछ भी न चूकें। राबे ने देखा कि इन बॉट्स को अपने वीडियो स्केच के मुताबिक गति और संवाद देने के लिए कस्टमाइज़ किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने एक खास श्रृंखला शुरू की, जिसका शीर्षक रखा गया कि अपना इंटरव्यू कैसे फेल करें।

इन वीडियो में वे अवतारों को भटकाने के लिए विचित्र तरीके अपनाते हैं। कभी वे दावा करते हैं कि वे बॉट को कॉलेज के दिनों से जानते हैं, तो कभी साक्षात्कार शुरू होने से पहले बर्फ पिघलाने वाली अनौपचारिक बातचीत पर अड़ जाते हैं। उनका मानना है कि उनकी अधिकांश कॉमेडी गंभीर और शांत रहने वाले किरदारों के सामने खेलने पर आधारित होती है, और मशीनी अवतार इस तरह की इम्प्रोव कॉमेडी के लिए सबसे आदर्श और शांत किरदार साबित होते हैं। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और वास्तविक जीवन में ऐसे बॉट साक्षात्कारों के दौरान अपने खीझ भरे अनुभवों को साझा करना शुरू कर दिया।

## डल्सीडो मैनेजमेंट से मिला बड़ा मौका
जब राबे ने तकनीक पर आधारित व्यंग्य बनाना शुरू किया, तभी उत्तरी अमेरिका में मशहूर हस्तियों, मॉडल्स, एथलीट्स और क्रिएटर्स का प्रतिनिधित्व करने वाली टैलेंट एजेंसी डल्सीडो मैनेजमेंट ने उन्हें साइन कर लिया। इस अनुबंध ने उन्हें मैट हस्क और सैम वसीफ जैसे क्रिएटर्स की श्रेणी में ला खड़ा किया। ये दोनों कलाकार भी एल्गोरिदम का मजाक उड़ाकर पहले ही टैलेंट सौदे हासिल कर चुके थे। मनोरंजन उद्योग में यह घटनाक्रम इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि हॉलीवुड स्टूडियोज अपने प्रोडक्शन में इस आधुनिक तकनीक को तेजी से शामिल करने की होड़ में लगे हैं, जबकि एजेंसियां उन लोगों को अनुबंधित कर रही हैं जो इसी तकनीक की कमियों को उजागर कर रहे हैं।

डल्सीडो में गेमिंग और एंटरटेनमेंट के एसोसिएट डायरेक्टर एलेक्स मेलेंडेज़ के मुताबिक, उनकी कंपनी की नजर राबे पर तब पड़ी थी जब उनके फॉलोअर्स दस हजार से भी कम थे। कंपनी उनकी कॉमिक टाइमिंग और मौलिक विचारों से बेहद प्रभावित हुई। मेलेंडेज़ का कहना है कि आज इस तकनीक के इर्द-गिर्द मौजूद विरोधाभास में स्वाभाविक रूप से बहुत हास्य छिपा हुआ है। हर तरफ यह चर्चा चल रही है कि यह सिस्टम उद्योगों को बदल देगा और लोगों की नौकरियां छीन लेगा, लेकिन असलियत में यही सिस्टम बेहद बुनियादी और बच्चों जैसी बातों के सामने लड़खड़ा जाता है। यह खाई कलाकारों के लिए कॉमेडी की भरपूर गुंजाइश बनाती है। दर्शक उस चीज पर हंस पा रहे हैं जो अन्यथा उन्हें डरावनी या भारी लग सकती थी।

## सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को मिला बग सुधारने का जरिया
व्यंग्य का निशाना बनने के बावजूद सॉफ्टवेयर विकसित करने वाली कंपनियों के इंजीनियर और उत्पाद प्रबंधक इन वीडियोज का स्वागत कर रहे हैं। राबे बताते हैं कि ऐसे वीडियो अवतार बनाने वाली कंपनियों के प्रोडक्ट मैनेजर्स के उन्हें कई संदेश मिले हैं। इन संदेशों में डेवलपर्स ने कहा है कि लोगों को उनके टूल्स के साथ मजे लेते देखना उन्हें पसंद आता है। कुछ प्रबंधकों ने तो यह तक लिखा कि कमियों की तरफ इशारा करने के लिए उनका शुक्रिया, क्योंकि अब उन्हें पता चल चुका है कि सॉफ्टवेयर की उस तकनीकी खामी को कैसे सुधारा जाए।

इसी तरह की स्थिति क्रिएटर मैट हस्क के साथ भी देखने को मिली है। वे सोशल मीडिया पर अपने हैंडल हस्क डॉट आईआरएल के नाम से पहचाने जाते हैं। हस्क और ओपनएआई के चैटजीपीटी के बीच होने वाले संवादों ने इस लैंग्वेज मॉडल की कई कमजोरियों को उजागर किया, जिसके चलते कंपनी को इन सीमाओं को स्वीकार करना पड़ा। अपने वीडियो में हस्क चैटबॉट से किसी काल्पनिक समस्या में मदद मांगते हैं, जैसे कि दलदल में डूबने से बचना या फिर सौ तक गिनती गिनने जैसा आसान काम। बिना चूके चैटबॉट पूरी खुशी के साथ काम बिगाड़ देता है और जब हस्क उसे गलती मानने को कहते हैं, तो वह उन्हें ही गलत साबित करने की कोशिश करने लगता है।

## सैम ऑल्टमैन की प्रतिक्रिया और नए टैलेंट सौदे
हस्क के इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब को मिलाकर करीब बीस लाख फॉलोअर्स हो चुके हैं। इस लोकप्रियता के चलते उन्हें टैलेंट एजेंसी यूनिकॉर्न ने साइन किया, जहां लिल फिश कॉमेडी प्रोडक्शन कंपनी के संस्थापक अली फिशबीन उनका काम संभालते हैं। राबे की तरह हस्क भी अनजाने में ही सही, लेकिन तकनीकी उत्पादों की मजबूती की जांच करने वाले परीक्षक बन गए हैं।

अप्रैल के महीने में मोस्टली ह्यूमन नामक टेक पॉडकास्ट में ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन को हस्क का एक वीडियो दिखाया गया था। उस क्लिप में हस्क ने चैटजीपीटी को स्टॉपवॉच की तरह इस्तेमाल किया था, जहां बॉट ने कुछ सेकंड के समय को लगभग दस मिनट लंबा बता दिया था। ऑल्टमैन इस तकनीकी गड़बड़ी पर हंसे और उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक ज्ञात समस्या है। इसके साथ ही उन्होंने अनुमान जताया कि वॉयस मॉडल द्वारा एकदम सटीक टाइमर सेट करने में अभी एक साल का वक्त और लग सकता है।

## चैटबॉट की नकल और मनोरंजन जगत का भविष्य
इस पूरे दौर में हर कलाकार केवल खामियों की जांच नहीं कर रहा है। इंस्टाग्राम पर आठ लाख साठ हजार से ज्यादा फॉलोअर्स रखने वाले सैम वसीफ खुद एक चैटबॉट का इंसानी अवतार बनकर अभिनय करते हैं। वे इन मॉडलों द्वारा बोले जाने वाले बेतुके और बिना सिर-पैर के वाक्यों की सटीक नकल उतारते हैं, और अक्सर वीडियो के दौरान गैलनों पानी गटकते नजर आते हैं। वसीफ के इन छोटे वीडियोज में एक रहस्यमयी उल्टी गिनती चल रही है, जिसमें वे सौ नियोजित पोस्ट्स में से एक तिहाई का सफर तय कर चुके हैं। हालिया वीडियो में वे भविष्य के सुनहरे सपनों पर भाषण देते दिखते हैं, जबकि कैमरा धीरे-धीरे पीछे हटकर दिखाता है कि वे एक सुनसान मॉल के बीच बंद दुकानों के सामने अकेले खड़े हैं।

वसीफ को नाइट मीडिया के टैलेंट मैनेजर्स मिकायला हेकॉक और एडम लोरिया ने अनुबंधित किया है। मनोरंजन जगत के जानकारों का मानना है कि एजेंसियां ऐसे कलाकारों की तलाश में हैं जो तकनीक के इस दौर पर अनूठा नजरिया पेश कर सकें। मेलेंडेज़ के अनुसार, अंतिम लक्ष्य यह होता है कि दर्शक केवल उस ट्रेंड या तकनीक में नहीं, बल्कि उस कलाकार की प्रतिभा में रुचि लें जिसने उसे पहचान दिलाई। लोकप्रियता दरवाजे खोल सकती है, लेकिन एक लंबा करियर केवल उस कलाकार की अपनी प्रतिभा के दम पर ही खड़ा होता है।

## इसका आप पर असर
यह ट्रेंड दिखाता है कि दफ्तरों में बॉट्स की बढ़ती दखलअंदाजी और उनकी तकनीकी गलतियों को अब युवा करियर और मनोरंजन के एक नए जरिए में बदल रहे हैं।

- **नौकरी के आवेदकों के लिए:** स्वचालित इंटरव्यू बॉट्स की कमजोरियों को समझने से उम्मीदवारों का साक्षात्कार से जुड़ा डर कम हो सकता है। जब लोग देखते हैं कि ये मशीनें बुनियादी बातों में उलझ जाती हैं, तो वे वास्तविक इंटरव्यू के दौरान अधिक सहज महसूस करते हैं।
- **कंटेंट क्रिएटर्स के लिए:** नई तकनीकों की खामियों पर व्यंग्य करना डिजिटल मंचों पर पहचान बनाने का एक बेहद लोकप्रिय और लाभदायक रास्ता बन चुका है। जो क्रिएटर्स समसामयिक तकनीकी मुद्दों पर मौलिक नजरिया पेश करते हैं, उन्हें टैलेंट एजेंसियां और हॉलीवुड जैसे बड़े मंच तेजी से मौके दे रहे हैं।
- **दफ्तरों और प्रोफेशनल्स के लिए:** कॉर्पोरेट भाषा और एआई की कमियों पर होने वाले ऐसे कटाक्ष कार्यस्थल के तनाव को कम करने में मदद करते हैं। कर्मचारी इन पैरोडी वीडियोज के जरिए आधुनिक कामकाज के तौर-तरीकों की विसंगतियों को समझकर राहत महसूस करते हैं।
- **तकनीक उपभोक्ताओं के लिए:** यह स्पष्ट होता है कि चैटबॉट्स और वॉयस एजेंट्स पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। साधारण टाइमर और बुनियादी गणनाओं में भी गलतियों को देखकर उपयोगकर्ताओं को मशीनी उत्तरों की दोबारा जांच करने की आदत डालनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर किए जाने वाले भारी-भरकम दावों और रोजमर्रा के उसके साधारण प्रदर्शन के बीच का भारी अंतर ही इस कॉमेडी शैली के जन्म की मुख्य वजह है। लोग एक तरफ तकनीक से नौकरियां छिनने के डर की बातें सुन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ये सिस्टम बेहद हास्यास्पद गलतियां करते नजर आते हैं।

- **प्रचार और वास्तविकता का अंतर:** तकनीकी कंपनियां इन टूल्स को पूरी दुनिया बदलने वाले क्रांतिकारी सिस्टम के रूप में पेश करती हैं। इसके विपरीत जब कोई बॉट साधारण बातचीत, टाइमर लगाने या बुनियादी मुहावरों को समझने में लड़खड़ाता है, तो दर्शकों को इसमें जबरदस्त हास्य नजर आता है।
- **दफ्तरों में बढ़ता मशीनी दखल:** कंपनियों द्वारा भर्ती और प्रारंभिक स्क्रीनिंग के लिए मानव साक्षात्कारकर्ताओं की जगह स्वचालित अवतारों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इस प्रक्रिया से गुजरने वाले आम लोगों की खीझ और असंतोष ने इन व्यंग्य वीडियोज को एक बड़ा और सहानुभूति रखने वाला दर्शक वर्ग दिया।
- **इम्प्रोव कॉमेडी के लिए आदर्श मंच:** पारंपरिक हास्य में एक गंभीर किरदार की आवश्यकता होती है जिसके सामने हास्य कलाकार अपनी बेतुकी बातें रखता है। ये मशीनी अवतार बिना किसी मानवीय भाव के शांत रहते हैं, जिससे कलाकारों को इम्प्रोव कॉमेडी के लिए एक बेहतरीन पार्टनर मिल जाता है।
- **एजेंसियों की नए टैलेंट की तलाश:** हॉलीवुड और डिजिटल टैलेंट एजेंसियां ऐसे रचनाकारों को अनुबंधित कर रही हैं जो आधुनिक सामाजिक बदलावों पर पकड़ रखते हों। वे देख रही हैं कि जो कलाकार तकनीकी बदलावों को मनोरंजन में ढाल सकते हैं, वे लंबे समय तक दर्शकों को बांधकर रख सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. ग्राहम राबे अपने वीडियो में किस तरह के हास्य का उपयोग करते हैं?
ग्राहम राबे कॉर्पोरेट मुहावरों का मजाक उड़ाते हैं और 'टैवस' के स्वचालित साक्षात्कार बॉट्स के सामने 'चिक बोंगो' बनकर बेतुके जवाब देते हैं।

### 2. मैट हस्क अपने वीडियो में किस टूल की कमियों को उजागर करते हैं?
मैट हस्क चैटजीपीटी से काल्पनिक संकटों और साधारण कार्यों में मदद मांगते हैं, जहां बॉट अक्सर गलत जवाब देता है और गलती मानने से इनकार करता है।

### 3. ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन ने मैट हस्क के वीडियो पर क्या प्रतिक्रिया दी थी?
सैम ऑल्टमैन ने स्वीकार किया कि चैटजीपीटी द्वारा सेकंडों को दस मिनट मापने की गलती एक ज्ञात समस्या थी और इसे ठीक होने में एक साल लग सकता है।

### 4. सैम वसीफ का सोशल मीडिया पर क्या खास अंदाज है?
सैम वसीफ इंस्टाग्राम पर खुद एक चैटबॉट की अजीबोगरीब हरकतों और बेतुकी बातों की नकल उतारते हैं और सौ वीडियोज की एक उल्टी गिनती श्रृंखला चला रहे हैं।

### 5. क्या टेक कंपनियां अपने उत्पादों का मजाक उड़ाए जाने से नाराज हैं?
नहीं, कई कंपनियों के प्रोडक्ट मैनेजर्स इन कलाकारों को संदेश भेजकर आभार जताते हैं क्योंकि इन वीडियो से उन्हें सॉफ्टवेयर के बग्स पकड़ने में मदद मिलती है।

### 6. ग्राहम राबे को किस टैलेंट एजेंसी ने अपने साथ अनुबंधित किया है?
ग्राहम राबे को उत्तरी अमेरिका की प्रमुख टैलेंट एजेंसी डल्सीडो मैनेजमेंट ने अनुबंधित किया है।

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