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  "type": "article",
  "title": "बाल श्रम की सूचना पर छापेमारी में खुला ओखला का नकली एक्सपायरी डेट कारोबार, 20 लाख का माल जब्त",
  "summary": "बाल श्रम की गुप्त सूचना पर ओखला फेज-2 में हुई छापेमारी में दिल्ली पुलिस ने एक्सपायर हो चुके ब्रांडेड खाद्य पदार्थों पर नई नकली तारीखें छापकर बेचने वाला रैकेट पकड़ा, कंपनी मालिक समेत 7 लोग गिरफ्तार।",
  "content": "दिल्ली पुलिस को एक फैक्ट्री में बाल श्रम की सूचना पर छापा मारने भेजा गया था, लेकिन वहां पुलिस के हाथ कुछ और ही बड़ा मामला लग गया। जांच में सामने आया कि यहां नामी ब्रांड्स के एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थों की तारीखें बदलकर उन्हें नए जैसा दिखाकर बाजार में उतारा जा रहा था। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 20 लाख रुपए से भी ज्यादा कीमत का एक्सपायर्ड खाद्य सामान जब्त किया है।\n\nबाल श्रम की सूचना पर छापेमारी में हाथ लगा सुराग\nदिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया की एक विशेष टीम एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में ओखला फेज-2 स्थित 'मैसर्स वेस्टनेड कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड' के परिसर में भेजी गई थी। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां नाबालिगों से काम करवाया जा रहा है। इस इनपुट पर उप-विभागीय मजिस्ट्रेट यानी एसडीएम बदरपुर, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई और गैर-सरकारी संगठन मिशन मुक्ति को साथ लेकर संयुक्त छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान परिसर में कोई भी नाबालिग काम करता हुआ नहीं मिला, लेकिन इसी छापेमारी में पुलिस को एक ऐसा सुराग हाथ लगा जिसने मिलावट और धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर दिया।\n\nकेमिकल और थिनर से मिटाई जाती थीं असली तारीखें\nपुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी अंतर्राष्ट्रीय और बड़े ब्रांड्स के उन खाद्य उत्पादों को भारी छूट पर खरीदते थे जो या तो एक्सपायर हो चुके होते थे या जिनकी अवधि खत्म होने में बहुत कम समय बचा होता था। इसके बाद आरोपी केमिकल और थिनर के इस्तेमाल से पैकेट पर छपी असली मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट को मिटा देते थे। तारीखें मिटाने के बाद प्रिंटिंग मशीनों की मदद से पैकेट पर नई फर्जी तारीखें, नकली बैच नंबर और नकली बारकोड छाप दिए जाते थे। सामान को बिल्कुल असली दिखाने के लिए उस पर पोषण संबंधी जानकारी के लेबल और अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी के स्टिकर भी चिपकाए जाते थे। इस तरह तैयार माल को आरोपी भारत के बाजारों के साथ-साथ विदेशी बाजारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी बेच रहे थे।\n\nफैंटा, थम्स अप, हॉर्लिक्स समेत कई ब्रांड्स का माल बरामद\nछापेमारी के दौरान पुलिस ने फैंटा, थम्स अप, बॉर्नविटा, हॉर्लिक्स, घी, मैगी नूडल्स, पेपर बोट जूस और दो-लीटर वाली सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलों समेत कई नामी ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स बरामद किए। इसके अलावा पुलिस ने प्रिंटिंग, सीलिंग और तारीख बदलने में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी को भी जब्त कर लिया है।\n\nकंपनी मालिक समेत 7 लोग गिरफ्तार, FIR दर्ज\nइस मामले में पुलिस ने कंपनी के मालिक दर्शन सिंह सचदेवा समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मैनेजर नितेश भारद्वाज, अकाउंटेंट नरेंद्र कुमार, ऑपरेटर कपिल, वेयरहाउस कीपर लकी ओझा और सुपरवाइजर प्रेम यादव व पवन यादव के रूप में हुई है। ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।\n\nजांच जारी, सप्लायर और खरीदारों की तलाश\nदिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि जनता के स्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नकली माल के सप्लायर और खरीदार कौन-कौन थे, ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nयह मामला सीधे तौर पर उन उपभोक्ताओं को प्रभावित करता है जो भरोसेमंद ब्रांड्स के नाम पर सामान खरीदते हैं।\n\n• भारत में: इस तरह के रैकेट सामने आने से यह साफ होता है कि बड़े ब्रांड्स के पैकेट पर छपी तारीखें भी हमेशा भरोसेमंद नहीं होतीं, इसलिए खरीदारी करते समय पैकेजिंग की बारीकी से जांच जरूरी है।\n• दिल्ली में: ओखला और आसपास के बाजारों से खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं को फिलहाल सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि पुलिस अभी इस माल के सप्लायर और खरीदारों का पता लगा रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह पूरा मामला सामने कैसे आया?\nदिल्ली पुलिस की टीम बाल श्रम की गुप्त सूचना पर ओखला फेज-2 स्थित एक फैक्ट्री में छापा मारने गई थी, वहीं जांच के दौरान एक्सपायरी डेट बदलने वाले रैकेट का सुराग मिला।\n\n2. क्या फैक्ट्री में बाल श्रम की पुष्टि हुई?\nनहीं, तलाशी के दौरान परिसर में कोई भी नाबालिग काम करता हुआ नहीं मिला।\n\n3. आरोपी तारीखें कैसे बदलते थे?\nआरोपी केमिकल और थिनर से पैकेट पर छपी असली मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट मिटाकर प्रिंटिंग मशीनों से नई फर्जी तारीखें, नकली बैच नंबर और बारकोड छाप देते थे।\n\n4. पुलिस ने कितनी कीमत का माल जब्त किया?\nपुलिस ने 20 लाख रुपए से ज्यादा कीमत का एक्सपायर्ड खाद्य सामान जब्त किया है।\n\n5. छापेमारी में कौन-कौन से ब्रांड्स के प्रोडक्ट मिले?\nफैंटा, थम्स अप, बॉर्नविटा, हॉर्लिक्स, घी, मैगी नूडल्स, पेपर बोट जूस और दो-लीटर सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलें बरामद हुईं।\n\n6. मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?\nकंपनी मालिक दर्शन सिंह सचदेवा समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।\n\n7. एफआईआर किन धाराओं में और कहां दर्ज हुई?\nओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।\n\n8. अब आगे जांच में क्या होगा?\nपुलिस इस नकली माल के सप्लायर और खरीदारों का पता लगाने में जुटी है ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।",
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  "category": "दिल्ली",
  "publishedAt": "2026-07-03",
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    "दिल्ली पुलिस",
    "एक्सपायरी डेट रैकेट",
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