# बेची हुई कार पर जीपीएस से रखी नजर, पुरानी चाबी से उड़ा ले गया मालिक

> दिल्ली में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां एक शख्स ने अपनी बेची हुई सेडान कार को जीपीएस और पुरानी चाबी की मदद से अपने दोस्त के साथ मिलकर फिर से चुरा लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से नकदी व गाड़ी बरामद की है।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/bechi-hui-kara-para-gps-se-rakhi-najara-purani-chabi-se-ura-le-gaya-malika-48727 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली कार चोरी, जीपीएस चोरी मामला, दिलशाद गार्डन, योगेश दहिया, वाहन चोरी, सोनीपत क्राइम

राजधानी दिल्ली में हैरान कर देने वाला वाहन चोरी का एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी ही बेची हुई सेडान कार को चालाकी से दोबारा चुरा लिया। इस वारदात को अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी ने पहले से गाड़ी में लगे जीपीएस ट्रैकर और अपने पास रखी स्पेयर चाबी का इस्तेमाल किया। इस साजिश में उसका एक दोस्त भी उसका साथी था, जिसे पुलिस ने अब धर दबोचा है। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों योगेश दहिया और साहिल रोहिल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है, और पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

## मात्र चार मिनट में गायब हुई गाड़ी

घटना की शुरुआत तब हुई जब शिकायतकर्ता ने अपनी कार को दिलशाद गार्डन इलाके में पार्क किया था। हैरानी की बात यह है कि गाड़ी पार्क किए जाने के महज चार मिनट के भीतर ही वहां से गायब हो गई। पीड़ित ने इस बात की भी शिकायत दर्ज कराई थी कि चोरी हुई उस सेडान कार के अंदर दो लाख रुपये नकद रखे हुए थे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए मामला दर्ज किया और चोरों की तलाश के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया।

## एक सौ से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों ने तकनीकी सर्विलांस और जमीनी छानबीन का सहारा लिया। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के एक सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की। इसके अलावा, गाड़ी के फास्टैग की डिटेल का भी तकनीकी विश्लेषण किया गया। इस पूरी छानबीन से संकेत मिला कि चोरी की गई वह गाड़ी इस समय हरियाणा के सोनीपत में मौजूद है, जिसके बाद पुलिस का शक रजिस्टर्ड मालिक योगेश दहिया पर गहरा गया।

## जीपीएस और पुरानी चाबी का हुआ खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी योगेश दहिया ने कार बेचने के बाद भी उसमें लगे जीपीएस डिवाइस के जरिए उसकी लाइव लोकेशन पर लगातार नजर बनाए रखी थी। इसके बाद उसने अपने दोस्त साहिल रोहिल्ला के साथ मिलकर योजना बनाई और अपने पास बची हुई तीसरी चाबी का उपयोग करके गाड़ी को दोबारा चुरा लिया। कानून की गिरफ्त से बचने और पुलिस को भ्रमित करने के लिए योगेश ने चोरी की इस कार को अपने साथी साहिल रोहिल्ला के पास छिपाकर रखा हुआ था।

## नकदी बरामदगी और अन्य खुलासे

कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की और उनके कब्जे से चोरी हुई सेडान कार के साथ कुल नवासी हजार पांच सौ रुपये नकद बरामद किए। पुलिस पूछताछ के दौरान योगेश दहिया के घर से उन्यालीस हजार पांच सौ रुपये मिले, जबकि साहिल रोहिल्ला के पास से पचास हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में साहिल रोहिल्ला ने यह भी स्वीकार किया कि उसने चुराई गई कुल रकम में से पच्चीस हजार रुपये पहले ही खर्च कर दिए थे। इस तरह के मामलों से पहले भी राजधानी में कई सनसनीखेज खुलासे हो चुके हैं, जैसे कि पूर्वी दिल्ली में चोरी के सैंतालीस मोबाइल बरामद करने का मामला सामने आया था, जिसमें एक महिला को गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकार की घटनाएं वाहन खरीदारों के लिए एक बड़ा सबक हैं कि पुरानी गाड़ी खरीदते समय सुरक्षा के तमाम इंतजामों और दस्तावेजों को पूरी तरह बदल लेना चाहिए।

## इसका आप पर असर
यह घटना सेकंड हैंड वाहन खरीदारों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि वाहन खरीदते समय सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह बदल लेना चाहिए।

- **भारत में:** पुरानी गाड़ी खरीदते समय ग्राहकों को उसमें लगे पुराने जीपीएस ट्रैकर्स की जांच अवश्य करनी चाहिए। गाड़ी के दस्तावेज और सुरक्षा लॉक तुरंत बदलवाने से इस तरह के धोखे से बचा जा सकता है।

- **दिल्ली में:** दिलशाद गार्डन और आसपास के इलाकों में गाड़ी पार्क करने वाले वाहन मालिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। स्थानीय पुलिस ऐसे मामलों में सीसीटीवी और फास्टैग सर्विलांस का उपयोग करके तेजी से कार्रवाई कर रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह मामला आरोपियों की सोची-समझी आपराधिक साजिश का परिणाम था, जो पूर्व मालिक के पास मौजूद तकनीकी उपकरणों और पुरानी चाबी के दुरुपयोग के कारण संभव हुआ।

- **जीपीएस का दुरुपयोग:** मुख्य आरोपी योगेश दहिया ने कार बेचने के बाद भी उसमें पहले से एक्टिव जीपीएस डिवाइस के जरिए उसकी रियल टाइम लोकेशन ट्रैक की।

- **स्पेयर चाबी का इस्तेमाल:** सौदा पूरा होने के बाद भी आरोपी ने अपने पास बची हुई तीसरी चाबी को अपने पास सुरक्षित रखा था, जिससे गाड़ी को खोलना आसान हो गया।

- **साझेदारी और छिपाव:** आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए चोरी की गई गाड़ी को अपने दोस्त साहिल रोहिल्ला के घर पर छिपाकर रखा था।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहां घटी?
यह घटना दिल्ली के दिलशाद गार्डन इलाके में घटी।

### 2. कार किसने और क्यों चुराई?
कार के पूर्व मालिक योगेश दहिया ने अपने दोस्त साहिल रोहिल्ला के साथ मिलकर पुरानी चाबी और जीपीएस की मदद से इसे चुराया।

### 3. पुलिस ने इस मामले में किसे गिरफ्तार किया है?
दिल्ली पुलिस ने योगेश दहिया और साहिल रोहिल्ला नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

### 4. आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई सेडान कार और 89,500 रुपये नकद बरामद किए हैं।

### 5. पुलिस ने आरोपियों का पता कैसे लगाया?
पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और फास्टैग डिटेल का विश्लेषण करके आरोपियों का सुराग लगाया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._