बिना याचिका अदालत आने पर भड़के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, मीडिया की रिपोर्टिंग और वकीलों के तौर-तरीकों पर उठाए सवाल दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिना औपचारिक याचिका के सुनवाई की मांग करने वाले वकीलों और भ्रामक खबरें दिखाने वाले मीडिया घरानों को फटकार लगाई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने देश की सर्वोच्च अदालत की गरिमा और कानूनी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया है। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ने बिना किसी लिखित दस्तावेज या औपचारिक याचिका के सीधे अदालत में बहस शुरू करने वाले वकीलों और इस पर अधूरी जानकारी के साथ खबरें प्रसारित करने वाले मीडिया चैनलों की तीखी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका उचित प्रक्रिया के तहत ही काम करती है और नियमों की अनदेखी कर अदालती कार्यवाही की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए। अधूरी खबरों और बिना याचिका के दावों का पूरा सच हाल ही में सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में ऐसी खबरें चल रही थीं कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर एक याचिका पर मुख्य न्यायाधीश ने नाराजगी व्यक्त की थी और कहा था कि अदालत का समय बर्बाद न किया जाए। इन खबरों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए CJI सूर्यकांत ने बताया कि वास्तव में उनके सामने एक पन्ने की भी याचिका मौजूद नहीं थी। उन्होंने बताया कि मिश्रा नाम के एक वकील अचानक कोर्ट रूम में खड़े हो गए और बिना किसी पूर्व याचिका के इस गंभीर मुद्दे को उठाने लगे। जब कोर्ट ने उन्हें नियमों के अनुसार याचिका दायर करने को कहा, तो मीडिया के एक बड़े हिस्से ने इसे गलत तरीके से पेश करते हुए खबर चला दी कि सुप्रीम कोर्ट इस संवेदनशील मामले पर सुनवाई करने से पीछे हट रहा है। वकीलों और मीडिया को सख्त हिदायत चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायिक मर्यादा का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले पर जनता के सामने पूरी और सही जानकारी आनी चाहिए। बिना याचिका दाखिल किए सीधे अदालत से तत्काल सुनवाई की उम्मीद रखना कानूनी रूप से बिल्कुल सही तरीका नहीं है। उन्होंने मीडिया को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए कहा कि खबरें दिखाने से पहले पूरी सच्चाई और कानूनी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए, ताकि आम जनता के बीच किसी तरह का भ्रम या गलत संदेश न फैले। सीजेआई ने कहा कि बिना दस्तावेज के सीधे बहस करने की यह प्रवृत्ति अदालत के कीमती समय को नष्ट करती है और गलत मीडिया रिपोर्टिंग न्यायपालिका की छवि को धूमिल करती है। इसी के साथ, दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध करने वाले छात्रों को लेकर केंद्र सरकार का रुख भी नरम दिख रहा है, और सरकार उन पर कानूनी मुकदमा दर्ज न करने की दिशा में विचार कर रही है। NEET UG पेपर लीक पर भी कड़ा रुख छात्रों से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG पेपर लीक के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए बेहद सख्त रुख अपनाया। इस मामले पर टिप्पणी करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में होने वाली गलतियों के इस सिलसिले को अब हर हाल में समाप्त करना ही होगा। कोर्ट ने आश्वासन दिया कि वह पूरी जांच प्रक्रिया की खुद निगरानी करेगा और इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से एक मजबूत ढांचा तैयार करने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर त्रुटियां दोबारा न हों। सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणालियों पर उठे सवाल सुनवाई के दौरान कोर्ट ने देश की परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सरकार और NTA से कई अहम बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने पूछा कि भविष्य में कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट कराने की क्या योजनाएं हैं और प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर क्या मजबूत इंतजाम किए जाएंगे, इस पर भी जवाब मांगा गया है। सरकार को इन सभी सुरक्षा उपायों पर एक विस्तृत खाका पेश करना होगा। इस पूरे मामले पर अब अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है। इसका आप पर असर • पूरे भारत में: एनईईटी यूजी (NEET UG) परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों के लिए 3 अगस्त की अगली सुनवाई काफी महत्वपूर्ण होगी। • दिल्ली में: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को राहत मिल सकती है क्योंकि केंद्र सरकार उन पर कानूनी कार्रवाई न करने पर विचार कर रही है। सवाल-जवाब 1. CJI सूर्यकांत ने किस बात पर नाराजगी जताई? उन्होंने बिना किसी लिखित याचिका के सीधे अदालत में आकर मामला उठाने वाले वकीलों और इस पर आधी-अधूरी जानकारी के साथ खबर चलाने वाले मीडिया की आलोचना की। 2. कोर्ट में वकील मिश्रा ने क्या किया था? वकील मिश्रा अचानक कोर्ट रूम में खड़े हो गए और बिना किसी पूर्व लिखित याचिका के छात्रों के प्रदर्शन का मामला उठाने लगे। 3. सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG पेपर लीक मामले में क्या कहा? अदालत ने कहा कि गलतियों के इस सिलसिले को खत्म करना होगा। सुप्रीम कोर्ट जांच की निगरानी करेगा और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। 4. NEET UG मामले की अगली सुनवाई कब होगी? इस मामले में सुरक्षा और परीक्षा सुधारों को लेकर अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। 5. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर सरकार का क्या रुख है? केंद्र सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मुकदमा न चलाने और नरम रुख अपनाने पर विचार कर रही है। https://trendkia.com/delhi/bina-yachika-adalata-ane-para-bharake-cji-suryakant-midiya-ki-riportinga-aura-vakilon-ke-taura-tarikon-para-uthae-savala-10334 TrendKia — Har trend, sabse pehle.