BRICS सम्मेलन से पहले चांदनी चौक तैयार: व्यापारियों ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र, शी जिनपिंग के लिए बनी विशेष जलेबा-रबड़ी दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए पुरानी दिल्ली के व्यापारी तैयार हैं। सीटीआई ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र भेजकर प्रतिनिधियों को चांदनी चौक घुमाने का अनुरोध किया है। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर पुरानी दिल्ली के बाजारों में जबरदस्त उत्साह और हलचल देखने को मिल रही है। दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को उच्च स्तरीय बैठकें निर्धारित की गई हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन में BRICS के लगभग 30 सदस्य एवं पार्टनर देशों के शीर्ष राष्ट्राध्यक्ष, वरिष्ठ नेता और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख हिस्सा लेने आ रहे हैं। विदेशी अतिथियों का आगमन 11 सितंबर से पहले ही शुरू होने की संभावना है, जबकि कई प्रतिनिधि 13 सितंबर के बाद भी शहर में मौजूद रहेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए चांदनी चौक के कारोबारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए पलकें बिछाए बैठे हैं और उन्हें उम्मीद है कि कूटनीतिक व्यस्तताओं के बीच यदि मेहमानों को समय मिला, तो वे पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक संस्कृति और स्वाद का आनंद जरूर लेंगे। चांदनी चौक में कूटनीति और व्यापार का अनोखा संगम राजधानी के व्यापारियों का मानना है कि यदि वैश्विक नेता और विदेशी प्रतिनिधि बैठकों के अलावा चांदनी चौक जैसे समृद्ध इतिहास वाले बाजारों का रुख करते हैं, तो इससे भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रचार-प्रसार होगा। इसके साथ ही स्थानीय खुदरा और थोक व्यापार को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान और आर्थिक लाभ मिलेगा। चांदनी चौक का बाजार केवल व्यापारिक केंद्र नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की सदियों पुरानी परंपराओं और मेहमाननवाजी का प्रतीक भी रहा है। विदेश मंत्री को पत्र लिखकर सीटीआई ने की यह खास अपील दिल्ली के कारोबारियों और उद्यमियों की शीर्ष संस्था चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस दिशा में एक औपचारिक पहल की है। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने भारत के केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से सीटीआई ने सरकार से आग्रह किया है कि BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी प्रतिनिधियों के आधिकारिक कार्यक्रम में चांदनी चौक सहित दिल्ली के अन्य प्रमुख और ऐतिहासिक बाजारों के भ्रमण को भी शामिल किया जाए। बृजेश गोयल ने आश्वस्त किया कि यदि प्रतिनिधियों के लिए बाजार दौरे का कार्यक्रम तय किया जाता है, तो सीटीआई उनकी मेहमाननवाजी और सुविधा के लिए तमाम आवश्यक इंतजाम करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। विदेशी भाषाओं में पारंगत गाइड और इंफ्लुएंसर्स की तैनाती भाषा की किसी भी संभावित अड़चन को दूर करने के लिए सीटीआई ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। संगठन के महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा के अनुसार, चार दिनों की अवधि के लिए अंग्रेजी तथा अन्य विदेशी भाषाओं में दक्ष पेशेवर गाइडों की व्यवस्था की जा रही है। ये गाइड प्रतिनिधियों को बाजारों के इतिहास और विशेषताओं से अवगत कराएंगे। इसके अतिरिक्त, सीटीआई से जुड़े सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स भी विभिन्न विदेशी भाषाओं में बातचीत और संवाद का सघन अभ्यास कर रहे हैं, ताकि बाजार में आने वाले अंतरराष्ट्रीय मेहमानों से बिना किसी परेशानी के सीधा संपर्क साधा जा सके। दुकानदारों की अनोखी तैयारी: जर्मन से चीनी भाषा तक का अभ्यास चांदनी चौक की गलियों में खरीदारी और स्वाद का एक समृद्ध संसार बसा हुआ है। यहां के विश्व प्रसिद्ध व्यंजनों में गरमा-गरम जलेबी, करारी कचौड़ी, छोले-भटूरे, भल्ले-पापड़ी, पराठे और पारंपरिक मिठाइयां शामिल हैं। पहनावे और आभूषणों की बात करें तो लहंगा, साड़ी, सूट, फैंसी जूलरी, सूटिंग-शर्टिंग, गोटा-जरी और ड्राई फ्रूट्स के थोक बाजार विदेशी मेहमानों को भारतीय हस्तशिल्प से परिचित कराएंगे। इस माहौल को सहज बनाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी कारोबारी जुटे हुए हैं। लहंगा कारोबारी सुरेश कुमार सेठ खुद अंग्रेजी नहीं बोल पाते, इसलिए 11 से 13 सितंबर तक उन्होंने अपनी दुकान पर अपने बेटे और बेटी को बैठाने का फैसला किया है। उनके बेटे को फर्राटेदार अंग्रेजी आती है, जबकि बेटी अंग्रेजी के साथ-साथ जर्मन भाषा में भी माहिर हैं। दूसरी ओर, फूड कारोबारी हेमंत वर्मा ने अपने कर्मचारियों को अंग्रेजी बोलने का विशेष प्रशिक्षण दिलवाया है और वे खुद भी अंग्रेजी संवाद का अभ्यास कर रहे हैं। कपड़ा व्यापारी अभिषेक गुप्ता ने चीन से आने वाले प्रतिनिधियों से सहज बातचीत के लिए मंडारिन यानी चीनी भाषा सीखने का अभ्यास शुरू कर दिया है। शी जिनपिंग के लिए खास 'जलेबा-रबड़ी' और दिल्ली का स्वाद खान-पान के मोर्चे पर भी विशेष आकर्षण तैयार किए गए हैं। चांदनी चौक के प्रसिद्ध जलेबी कारोबारी रमाकांत शर्मा ने अतिथियों के लिए एक विशेष 'जलेबा-रबड़ी' व्यंजन तैयार किया है। रमाकांत शर्मा का कहना है कि उनकी हार्दिक इच्छा है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उनकी दुकान पर आएं और चांदनी चौक की पारंपरिक जलेबी और रबड़ी का जायका लें। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि BRICS की व्यस्त कूटनीतिक बैठकों से विदेशी प्रतिनिधियों को पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक गलियों में घूमने का समय मिलता है या नहीं, लेकिन चांदनी चौक के दुकानदारों ने भाषा से लेकर व्यंजन तक की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसका आप पर असर 18वें BRICS सम्मेलन का यह आयोजन दिल्ली के स्थानीय व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान सांस्कृतिक और व्यावसायिक स्थलों को बढ़ावा देने से वैश्विक स्तर पर देश की सॉफ्ट पावर और पर्यटन छवि मजबूत होती है। इससे भविष्य में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखने को मिल सकती है। • नई दिल्ली में: यदि विदेशी प्रतिनिधि चांदनी चौक का दौरा करते हैं, तो पुरानी दिल्ली के थोक और खुदरा व्यापारियों की बिक्री में उछाल आएगा। स्थानीय हस्तशिल्प, कपड़े और स्ट्रीट फूड कारोबार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सीधी दृश्यता मिलेगी। सवाल-जवाब 1. 18वां BRICS शिखर सम्मेलन कहां और कब आयोजित हो रहा है? यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है। 2. सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने विदेश मंत्री को क्या पत्र लिखा है? उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर BRICS प्रतिनिधियों के लिए चांदनी चौक सहित ऐतिहासिक बाजारों के भ्रमण का कार्यक्रम तय करने का अनुरोध किया है। 3. विदेशी मेहमानों की सुविधा के लिए चांदनी चौक के व्यापारियों ने क्या खास तैयारियां की हैं? व्यापारियों ने विदेशी गाइड तैनात किए हैं, स्टाफ को अंग्रेजी का प्रशिक्षण दिया है और कई व्यापारी खुद जर्मन व चीनी भाषा का अभ्यास कर रहे हैं। 4. जलेबी कारोबारी रमाकांत शर्मा ने किस विशेष अतिथि के लिए 'जलेबा-रबड़ी' बनाई है? उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आगमन की उम्मीद में विशेष 'जलेबा-रबड़ी' तैयार की है। 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