# CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, न्यायिक हिरासत को दी चुनौती

> कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। वकीलों ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई है, जबकि विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी है।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/cjp-netaon-sourav-das-aura-ashutosh-ranka-ne-delhi-high-court-ka-khatakhataya-daravaja-nyayika-hirasata-ko-di-chunauti-49800 · **Language:** Hindi
**Tags:** CJP नेता, सौरव दास, आशुतोष रांका, दिल्ली हाई कोर्ट, न्यायिक हिरासत, कॉकरोच जनता पार्टी, दिल्ली पुलिस

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की कानूनी मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। निचली अदालत से राहत न मिलने के बाद अब इन दोनों नेताओं ने अपनी न्यायिक हिरासत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उनके वकीलों ने अदालत के समक्ष इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग रखी है ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके।

## विशेष अदालत ने बढ़ाई थी कस्टडी
इससे पहले सोमवार को दिल्ली की एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत ने सुनवाई करते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन यानी 21 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी थी। इसके चलते उन्हें जेल में ही रहना पड़ रहा है और उनकी रिहाई का मामला फिलहाल टल गया है। निचली अदालत के इस फैसले के बाद ही नेताओं की कानूनी टीम ने हाई कोर्ट जाने का फैसला किया।

## क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब जंतर-मंतर पर हुए ट्रेसपासिंग मामले की जांच करेगी। इस मामले में पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है और CJP से जुड़े विभिन्न प्रदर्शनों तथा गतिविधियों को लेकर पहले से ही कई तरह की कानूनी कार्रवाई चल रही है, जिसमें दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है।

## CJP के विरोध-प्रदर्शनों पर कानूनी शिकंजा
बीते कुछ हफ्तों से CJP के आयोजनों और प्रदर्शनों को लेकर लगातार प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियां सामने आती रही हैं। सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ भी दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई के लिए अदालत तैयार हुई थी। इसके अलावा इटारसी में CJP के प्रदर्शन के लिए जा रहे युवाओं को हिरासत में लेने का मामला भी काफी गरमाया था, जिस पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था। अब देखना यह होगा कि दिल्ली हाई कोर्ट सौरव दास और आशुतोष रांका की तत्काल सुनवाई की मांग पर क्या रुख अपनाता है।

## इसका आप पर असर
यह कानूनी घटनाक्रम CJP से जुड़े समर्थकों, कार्यकर्ताओं और कानूनी प्रक्रियाओं पर नजर रखने वालों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।

- **कानूनी प्रक्रिया:** **दिल्ली में:** नेताओं की न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ने और हाई कोर्ट में याचिका दायर होने से मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिक गई हैं। पहली सुनवाई के तुरंत बाद अदालत के फैसले से यह तय होगा कि उन्हें राहत मिलती है या हिरासत बरकरार रहती है।
- **जांच का दायरा:** **राष्ट्रीय स्तर पर:** इस मामले में क्राइम ब्रांच के शामिल होने से जांच का दायरा बढ़ गया है, जिसका असर भविष्य की कानूनी कार्रवाइयों पर पड़ सकता है। इससे जुड़े अन्य मामलों और प्रदर्शनों की निगरानी भी अब अधिक सख्ती से की जा रही है।
- **कार्यकर्ताओं की स्थिति:** **देशभर में:** CJP नेताओं और कार्यकर्ताओं से जुड़ी कानूनी लड़ाइयों का असर संगठन के अन्य सदस्यों की गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। अदालती फैसलों और पुलिस कार्रवाई के कारण आगामी कार्यक्रमों की रणनीति में बदलाव आ सकता है।
- **न्यायिक रुख:** **राजधानी में:** तत्काल सुनवाई की मांग पर हाई कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि इस स्तर के मामलों में कितनी जल्दी राहत मिल सकती है। वकीलों की दलीलें और अदालत का रुख आने वाले दिनों की कानूनी दिशा तय करेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ने और उनके हाई कोर्ट जाने के पीछे कई कानूनी कारण और हालिया घटनाएं जुड़ी हैं।

- **न्यायिक हिरासत का विस्तार:** **विशेष मजिस्ट्रेट का आदेश:** विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा सौरव और आशुतोष की कस्टडी को 21 अक्टूबर तक बढ़ाए जाने के कारण उन्हें जेल में रहना पड़ा। इसी आदेश के खिलाफ उनके वकीलों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
- **ट्रेसपासिंग और अन्य मामले:** **पुलिस कार्रवाई:** जंतर-मंतर पर कथित ट्रेसपासिंग और अन्य प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होने से कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
- **विरोध-प्रदर्शनों पर विवाद:** **कानूनी याचिकाएं:** सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों और इटारसी में युवाओं को हिरासत में लेने जैसी घटनाओं के चलते प्रशासनिक और न्यायिक हस्तक्षेप लगातार बढ़ रहा है। इन्हीं पृष्ठभूमि के चलते पुलिस और अदालत के बीच मामला तूल पकड़ चुका है।

## सवाल-जवाब

### 1. सौरव दास और आशुतोष रांका किस पार्टी से जुड़े हैं?
सौरव दास और आशुतोष रांका कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता हैं।

### 2. विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों नेताओं की हिरासत कब तक बढ़ाई थी?
विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी।

### 3. न्यायिक हिरासत के खिलाफ दोनों नेता कहां गए हैं?
सौरव दास और आशुतोष रांका ने न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है।

### 4. इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी करेगी?
जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जंतर-मंतर ट्रेसपासिंग केस की जांच करेगी।

### 5. वकीलों ने अदालत से क्या मांग की है?
उनके वकीलों ने दिल्ली हाई कोर्ट से इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है।

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