कॉकरोच जनता पार्टी की चेतावनी के बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर RAF तैनात और लोहे के बैरिकेड्स वेल्ड जंतर मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स को लोहे से वेल्ड कर दिया है और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की है। कॉकरोच जनता पार्टी ने दर्ज एफआईआर वापस न लेने पर दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था को अचानक बेहद सख्त कर दिया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आंदोलन दोबारा शुरू करने की ताजा चेतावनी दिए जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। संभावित प्रदर्शन और भारी भीड़ की आशंका को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। विरोध प्रदर्शन स्थल के दोनों तरफ लगे लोहे के बैरिकेड्स को आपस में मजबूती से वेल्ड कर दिया गया है, ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी उन्हें तोड़कर या हटाकर आगे न बढ़ सके। इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स यानी RAF की एक पूरी कंपनी और स्थानीय पुलिस कर्मियों को चौबीसों घंटे पहरेदारी पर तैनात कर दिया गया है। आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी और मुख्य मांगें सुरक्षा बलों की यह भारी तैनाती कॉकरोच जनता पार्टी के उस बयान के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने अपने सभी पूर्व मांगों को लेकर आंदोलन फिर से चालू करने की चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी आपराधिक मुकदमों और FIR को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। 25 जुलाई को केंद्र सरकार के साथ हुए समझौते का जिक्र करते हुए संगठन ने आरोप लगाया है कि सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि उनके साथियों पर दर्ज एफआईआर निरस्त की जाएं और हिरासत में लिए गए सभी छात्रों और कार्यकर्ताओं को अविलंब रिहा किया जाए। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का सीधा आरोप लगाया। आशुतोष रांका का दावा है कि 25 जुलाई को हुए लिखित और मौखिक समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आशुतोष रांका ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों और BJP शासित राज्यों की पुलिस द्वारा दर्ज किए जा रहे नए मामलों पर तुरंत रोक लगाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने 25 जुलाई के हस्ताक्षरित समझौते के दस्तावेजों को सार्वजनिक रूप से जारी करने की मांग उठाई। 36 दिनों तक चला था पिछला आंदोलन और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा गौरतलब है कि जंतर मंतर पर इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने लगातार 36 दिनों तक लंबा आंदोलन चलाया था। यह आंदोलन तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। लंबे चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद जब धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, तब जाकर प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी। हालांकि, अब समझौते का पालन न होने की बात कहकर संगठन एक बार फिर से आंदोलन की राह पर अग्रसर दिख रहा है। लीगल एड सेल की घोषणा और साक्षी प्लेटफॉर्म का शुभारंभ आंदोलनकारियों को कानूनी सुरक्षा देने के लिए संगठन ने देशव्यापी कानूनी सहायता सेल गठित करने का फैसला लिया है। इसके तहत सबूत जुटाने और मामलों की निगरानी करने के लिए SAAKSHI नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया है। दूसरी ओर, मुकदमों का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्यसभा सांसद कपिल सिबल ने ऐसे सभी प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने का ऐलान किया है। इस फंड से देश भर में मुकदमों में फंसे छात्रों और कार्यकर्ताओं को कोर्ट में पैरवी के लिए वित्तीय और कानूनी मदद दी जाएगी। इसका आप पर असर भारत में: प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और कार्यकर्ताओं को मुकदमों में मदद के लिए संगठित कानूनी सहायता और 1 करोड़ रुपये के फंड का सहारा मिलेगा। दिल्ली में: जंतर मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास की सड़कों पर लोहे के बैरिकेड्स और पुलिस बलों की चौबीसों घंटे तैनाती के कारण यात्रियों को ट्रैफिक रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. दिल्ली के जंतर मंतर पर सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई है? कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रदर्शन दोबारा शुरू करने की चेतावनी दिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए बैरिकेड्स को लोहे से वेल्ड कर दिया है और RAF तैनात की है। 2. कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांगें क्या हैं? उनकी प्रमुख मांग है कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR तुरंत वापस ली जाएं, गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाए और नए मामले दर्ज न किए जाएं। 3. जंतर मंतर पर पिछला आंदोलन क्यों समाप्त हुआ था? तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को 36 दिनों से चला आ रहा आंदोलन समाप्त हुआ था। 4. कपिल सिबल ने प्रदर्शनकारियों के लिए क्या ऐलान किया है? राज्यसभा सांसद कपिल सिबल ने मुकदमों का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद मुहैया कराने के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने की घोषणा की है। 5. साक्षी (SAAKSHI) प्लेटफॉर्म किस उद्देश्य से शुरू किया गया है? यह कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा देशव्यापी कानूनी सहायता और आपराधिक मामलों में सबूत इकट्ठा करने के लिए लॉन्च किया गया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। https://trendkia.com/delhi/cockroach-janta-party-ki-chetavani-ke-bada-delhi-ke-jantar-mantar-para-raf-tainata-aura-lohe-ke-bairikedsa-velda-12056 TrendKia — Har trend, sabse pehle.