दक्षिण दिल्ली के सार्वजनिक पार्क में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के बाद सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा, तीनों संलिप्त युवक पकड़े गए कालकाजी क्षेत्र स्थित आस्था कुंज में नाबालिग के साथ हुए जघन्य अपराध के बाद अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। मुठभेड़ के उपरांत मुख्य आरोपी सहित तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया है, जबकि करोल बाग में भी एक मासूम से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। राजधानी के दक्षिण हिस्से में स्थित आस्था कुंज परिसर में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई सामूहिक बर्बरता ने संपूर्ण सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया है। इस वीभत्स अपराध के उजागर होते ही कानून व्यवस्था से जुड़ी शाखाएं तुरंत हरकत में आ गईं। आम नागरिकों की आवाजाही वाले इस विस्तृत हरित क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है, जहां स्थानीय पुलिस टुकड़ियों के संग भारत तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP के जवान निरंतर गश्त कर रहे हैं। पूरे इलाके की निगरानी व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति दोबारा न पनप सके। संवेदनशील हिस्सों की पहचान और प्रशासनिक मंथन पार्क की सुरक्षा रणनीति को पुख्ता करने के उद्देश्य से उन सभी अंधेरे व सुनसान कोनों को चिह्नित किया गया है, जिनका अनुचित लाभ उठाकर असामाजिक तत्व छिपने की फिराक में रहते हैं। पुलिसकर्मियों की विशेष टुकड़ियां इन संवेदनशील डार्क स्पॉट्स पर लगातार नजर रख रही हैं। इस गंभीर वारदात ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके मद्देनजर पुलिस मुख्यालय में उच्च पदस्थ अधिकारियों की एक आपात समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसके अतिरिक्त, कानून व्यवस्था की समीक्षा के सिलसिले में उपराज्यपाल और पुलिस विभाग के आला अफसरों के मध्य भी एक जरूरी संवाद हुआ है। सैर के दौरान घेराबंदी और दुर्व्यवहार का विवरण घटनाक्रम के अनुसार, पीड़िता अपने एक परिचित साथी के संग पास के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में पूजा-अर्चना संपन्न करने के उपरांत शाम लगभग 7:30 बजे आस्था कुंज की ओर टहलने निकली थी। वहां पहुंचते ही 25 से 30 वर्ष आयु वर्ग के तीन अज्ञात युवकों ने अचानक दोनों को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को पुलिस बल का हिस्सा बताकर आरोपियों ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू किया। इसके तुरंत बाद उन्होंने किशोरी के साथी को जबरन कब्जे में लेकर असहाय बना दिया और फिर तीनों युवकों ने एक-एक कर पीड़िता को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। मुठभेड़ के उपरांत गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई मामले की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीमों ने हमलावरों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान चलाया। मंगलवार के दिन त्वरित कार्रवाई को अंजाम देते हुए मुख्य अभियुक्त आसिफ को एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया गया। अपराध में बराबर के भागीदार रहे शेष दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे पूरे षड्यंत्र की परतें खोली जा सकें। करोल बाग क्षेत्र में मासूम बच्ची के साथ क्रूरता राजधानी अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाई थी कि करोल बाग के देशबंधु गुप्ता रोड थाना सीमा क्षेत्र से एक अन्य दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां छह वर्ष की एक छोटी बच्ची के साथ घिनौना कृत्य किया गया। वारदात की भनक लगते ही आसपास के निवासियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया और उन्होंने मौके पर ही 34 वर्षीय संदिग्ध को पकड़कर पुलिस दल के हवाले कर दिया। पकड़ा गया व्यक्ति दिल्ली के ही किशनगंज क्षेत्र का निवासी अंकित है, जिसका पीड़ित परिवार से पूर्व परिचय बताया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के कड़े प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। इसका आप पर असर सार्वजनिक पार्कों और रिहायशी क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधों को तत्काल प्रभाव से अत्यधिक कड़ा किया जा रहा है। • राष्ट्रीय स्तर पर: सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हर शहर में तेज होगी। स्थानीय निकायों द्वारा बड़े उद्यानों में प्रकाश व्यवस्था और निगरानी तंत्र सुधारने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं। • दिल्ली में: शाम के समय आस्था कुंज और आसपास के उद्यानों में आम लोगों की आवाजाही पर कड़ी जांच और पहरा रहेगा। आगंतुकों को सुनसान या अंधेरे रास्तों पर अकेले जाने से बचने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह है। • नागरिक सतर्कता: किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा खुद को पुलिसकर्मी बताकर धमकाने वाले व्यक्तियों की तत्काल हेल्पलाइन पर सूचना दें। किसी भी अजनबी पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिक पहचान सुनिश्चित करना आवश्यक है। • कानूनी कार्रवाई: दोनों प्रकरणों में पॉक्सो और बीएनएस की कठोर धाराओं के तहत फास्ट-ट्रैक जांच सुनिश्चित की जाएगी। दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पुलिस सुबूत जुटाने की प्रक्रिया में जुटी है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना सार्वजनिक उद्यानों में अपर्याप्त रोशनी, सुनसान कोनों की मौजूदगी और अपराधियों द्वारा फर्जी पहचान का लाभ उठाने के कारण घटी। • अंधेरे और सुनसान स्थान: आस्था कुंज जैसे विशाल पार्क के कई अंदरूनी हिस्सों में प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इसी का फायदा उठाकर असमाजिक तत्व झाड़ियों या अंधेरे कोनों में घात लगाकर बैठते हैं। • पहचान की जालसाजी: तीनों युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को भयभीत किया जिससे वे शुरू में विरोध नहीं कर सके। इस झांसे के सहारे उन्होंने पीड़ित के साथी को बंधक बना लिया। • करोल बाग घटना की वजह: छह वर्षीय मासूम के मामले में आरोपी परिवार का पूर्व परिचित था। उसने पारिवारिक संपर्क और विश्वास का अनुचित लाभ उठाकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया। • सुरक्षा खामियों की जांच: घटना के उपरांत प्रशासन ने माना कि शाम के समय नियमित गश्त का अभाव था। इसी कारणवश अब आईटीबीपी और पुलिस बलों की संयुक्त तैनाती की गई है। सवाल-जवाब 1. आस्था कुंज पार्क में किस घटना के बाद सुरक्षा बल तैनात किए गए? एक नाबालिग लड़की के साथ तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के बाद वहां पुलिस और आईटीबीपी जवानों की तैनाती की गई। 2. वारदात के समय पीड़िता वहां क्यों गई थी? पीड़िता अपने एक मित्र के साथ पास के कालकाजी मंदिर में पूजा करने के बाद शाम करीब 7:30 बजे पार्क में टहलने गई थी। 3. हमलावरों ने पीड़िता और उसके साथी को कैसे काबू में किया? तीनों आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर धमकाया और पीड़िता के साथी को बंधक बना लिया। 4. क्या आस्था कुंज मामले के सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं? हां, मुख्य अभियुक्त आसिफ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया जबकि उसके दो अन्य साथियों को हिरासत में ले लिया गया है। 5. करोल बाग में किस तरह का अपराध दर्ज किया गया है? करोल बाग के देशबंधु गुप्ता रोड इलाके में छह वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में 34 वर्षीय अंकित को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा। https://trendkia.com/delhi/dakshina-delhi-ke-sarvajanika-parka-men-kishori-se-samuhika-dushkarma-ke-bada-suraksha-balon-ka-kara-pahara-tinon-snlipta-yuvaka-p-37050 TrendKia — Har trend, sabse pehle.