दस साल की फरारी के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दबोचे दो सगे भाई, उम्रकैद के थे दोषी दिल्ली में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो सगे भाई जमानत के बाद एक दशक तक कानून की आंखों में धूल झोंकते रहे, लेकिन अब क्राइम ब्रांच ने इन्हें मुरादाबाद और गोड्डा से गिरफ्तार कर लिया है। कानून से भाग रहे दो कुख्यात अपराधियों के सफर पर आखिरकार पूर्णविराम लग गया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले दस सालों से अपनी सजा से बचकर भाग रहे थे। इन दोनों आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी थी, लेकिन ये जमानत का सहारा लेकर फरार हो गए थे। अब पुलिस ने इन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए भाइयों में 56 वर्षीय फिरासत अली और 51 वर्षीय शाहनवाज अली शामिल हैं। गिरफ्तारी और फरारी का लंबा इतिहास पुलिस जांच में सामने आया कि ये दोनों भाई लंबे समय से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच ठिकाने बदलकर छिप रहे थे। अंत में, एक सघन तलाशी अभियान और तकनीकी निगरानी के दम पर क्राइम ब्रांच ने फिरासत अली को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और शाहनवाज अली को झारखंड के गोड्डा से धर दबोचा। दोनों भाइयों को पकड़ने के बाद सीधे तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। पुराने अपराध और सुपारी किलर का कनेक्शन इन भाइयों का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा रहा है। साल 2000 में इन्होंने अपने दो साथियों, अरशद अली और जहांगीर खान के साथ मिलकर इश्तियाक नाम के एक व्यक्ति की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में अदालत ने इन्हें उम्रकैद की सजा दी थी। सजा भुगतने के दौरान ये जमानत पर बाहर आए और फिर फरार हो गए। अपनी फरारी के दिनों में फिरासत अली की संलिप्तता एक और गंभीर मामले में सामने आई। वह 2006 में मुंबई में हुए एक चर्चित सुपारी किलिंग मामले में भी मुख्य संदिग्ध था। इस केस में मुंबई पुलिस ने उसे 2018 में गिरफ्तार किया था, लेकिन 2021 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। दिल्ली वाले हत्या मामले में वह 2023 से दोबारा फरार था, जबकि उसका भाई शाहनवाज अली 2016 से ही पुलिस की पहुंच से दूर था। सफल ऑपरेशन की कमान इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचनाओं और डिजिटल सर्विलांस का सहारा लिया। मुरादाबाद और गोड्डा में एक साथ की गई छापेमारी ने इन अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ दिया। यह पूरा अभियान इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी की सीधी देखरेख में चला, जिसमें एसीपी संजय नागपाल का मार्गदर्शन और डीसीपी संजीव कुमार यादव का पर्यवेक्षण शामिल था। दोनों भाइयों को अब तिहाड़ जेल के हवाले कर दिया गया है, जहाँ से वे अपनी शेष सजा काटेंगे। इसका आप पर असर भारत में: किसी भी जमानत आदेश का उल्लंघन करना कानून की नजर में गंभीर अपराध है और इससे फरार होने वालों के लिए सजा और भी कठिन हो जाती है। दिल्ली में: दिल्ली पुलिस की सक्रियता से यह स्पष्ट होता है कि पुराने लंबित मामलों और फरार दोषियों पर नजर रखने के लिए लगातार तकनीकी निगरानी की जा रही है। सवाल-जवाब 1. दिल्ली क्राइम ब्रांच ने किन दो भाइयों को गिरफ्तार किया है? क्राइम ब्रांच ने 56 वर्षीय फिरासत अली और 51 वर्षीय शाहनवाज अली को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 10 सालों से फरार थे। 2. ये दोनों भाई किस मामले में उम्रकैद काट रहे थे? इन्हें साल 2000 में इश्तियाक नाम के व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। 3. पुलिस ने इन्हें कहां से पकड़ा? फिरासत अली को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से और शाहनवाज अली को झारखंड के गोड्डा से गिरफ्तार किया गया है। 4. क्या इन पर अन्य कोई मामला भी दर्ज था? हां, फिरासत अली 2006 के मुंबई के एक चर्चित सुपारी मर्डर केस में भी वॉन्टेड था। https://trendkia.com/delhi/dasa-sala-ki-pharari-ke-bada-delhi-crime-branch-ne-daboche-do-sage-bhai-umrakaida-ke-the-doshi-5744 TrendKia — Har trend, sabse pehle.