दिल्ली एयरपोर्ट पर दोहा से आए दो यात्रियों से 47 लाख रुपये के प्राचीन सिक्के जब्त, सीमा शुल्क विभाग की बड़ी कार्रवाई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कतर एयरवेज की फ्लाइट से आए दो यात्रियों के बैग से 485 सोने और चांदी के सिक्के बरामद किए गए हैं, जिनमें से 134 प्राचीन और पुरातात्विक महत्व के हैं। कई बार लोगों के अनोखे शौक उनके लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन जाते हैं। हवाई यात्रा के दौरान नियमों की अनदेखी करना न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि गंभीर कानूनी अड़चनें भी खड़ी कर सकता है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विदेश से लौटे दो यात्रियों के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। इन यात्रियों का पुराने सिक्कों को रखने और उन्हें साथ ले जाने का शौक उनके लिए भारी पड़ गया और उन्हें करीब 47.16 लाख रुपये की भारी-भरकम चपत लग गई। इसके साथ ही वे अब कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। दोहा से आ रही फ्लाइट पर थी एआईयू की पैनी नजर यह पूरा मामला दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल थ्री पर सामने आया। दोनों यात्री दोहा से कतर एयरवेज की उड़ान संख्या QR-578 के जरिए दिल्ली पहुंचे थे। चूंकि सीमा शुल्क विभाग की सुरक्षा एजेंसियों की नजर में दोहा एक बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, इसलिए इस रूट से आने वाली उड़ानों और उनके यात्रियों पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) के अधिकारी विशेष सतर्कता बरतते हैं। कतर से आए इन दोनों यात्रियों के हाव-भाव संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने उन पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। जैसे ही ये दोनों यात्री बिना किसी घोषणा के बाहर निकलने के लिए ग्रीन चैनल पर पहुंचे, वहां तैनात एआईयू के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। अधिकारियों ने यात्रियों से उनके सामान को एक्स-रे स्कैनिंग मशीन में डालने के लिए कहा, ताकि उनके सामान की नियमित जांच की जा सके। सामान की स्कैनिंग के दौरान खुला राज एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन पर जो तस्वीरें उभरीं, उन्हें देखकर सुरक्षा अधिकारियों के कान खड़े हो गए। बैग के भीतर भारी मात्रा में धातु की बनी गोलाकार चीजें दिखाई दे रही थीं। अधिकारियों ने बिना किसी देरी के यात्रियों के बैग को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद दोनों यात्रियों को एक अलग जांच क्षेत्र में ले जाया गया और उनसे अपने सामान की भौतिक जांच (फिजिकल चेक) कराने को कहा गया ताकि बैग के अंदर छिपी चीजों का पता लगाया जा सके। जब अधिकारियों ने दोनों यात्रियों की मौजूदगी में उनके बैग को खोला, तो उसके अंदर का नजारा हैरान करने वाला था। बैग के भीतर कपड़ों और अन्य सामान के बीच बड़ी मात्रा में सिक्के छिपाकर रखे गए थे। गहन जांच करने पर अधिकारियों ने पाया कि बैग में कुल 484 चांदी के सिक्के और एक सोने का सिक्का मौजूद था। कस्टम्स के रिकॉर्ड के अनुसार, इस पूरे खजाने का कुल वजन लगभग 20.883 ग्राम आंका गया था। बिना दस्तावेजों के मिले ऐतिहासिक और पुरातात्विक सिक्के जब एआईयू के अधिकारियों ने इन कीमती सिक्कों के बारे में यात्रियों से पूछताछ की, तो वे कोई भी संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असमर्थ रहे। उनके पास इन सिक्कों की खरीद, मालिकाना हक या उन्हें भारत लाने से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज, रसीद या कस्टम्स डिक्लेरेशन फॉर्म नहीं था। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पुरातत्व विशेषज्ञों की मदद से जांच की गई। इस जांच में पता चला कि बरामद किए गए चांदी के सिक्कों में से 134 सिक्के प्राचीन काल के थे और उनका ऐतिहासिक तथा पुरातात्विक महत्व था। ऐसे ऐतिहासिक सिक्कों का बिना मंजूरी के आयात-निर्यात पूरी तरह प्रतिबंधित है। दस्तावेज न होने और अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने के कारण एआईयू ने सीमा शुल्क अधिनियम के तहत सभी 485 सिक्कों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया। बाजार और ऐतिहासिक मूल्य के आधार पर इन जब्त किए गए सिक्कों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 47.16 लाख रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में ऐतिहासिक धरोहर और कीमती धातुओं की जब्ती ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। पूछताछ जारी और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह वर्तमान में सीमा शुल्क विभाग और एआईयू के अधिकारी दोनों यात्रियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन सिक्कों को दोहा से दिल्ली लाने के पीछे असली मकसद क्या था। क्या इन सिक्कों को दिल्ली में किसी खास व्यक्ति को सौंपा जाना था, या फिर इन्हें भारत के बाजार में अवैध रूप से बेचने की योजना थी? अधिकारी इस मामले में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के शामिल होने की आशंका की भी जांच कर रहे हैं। यह घटना उन सभी यात्रियों के लिए एक सबक है जो पुरानी और कीमती वस्तुओं को संजोने का शौक रखते हैं। हवाई यात्रा के दौरान किसी भी देश की सीमा में प्रवेश करते समय अपने साथ लाए गए सोने, चांदी या ऐतिहासिक महत्व के सिक्कों की पूरी और सही जानकारी देना अनिवार्य होता है। यदि आप भी ऐसे किसी शौक के कारण यात्रा कर रहे हैं, तो हमेशा रेड चैनल का उपयोग करें, सभी जरूरी टैक्स और सीमा शुल्क का भुगतान करें और वैध दस्तावेज अपने साथ रखें, ताकि आपको ऐसी किसी कानूनी फजीहत या आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े। इसका आप पर असर दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस बड़ी कस्टम्स जब्ती से साफ है कि हवाई यात्रियों के सामान की जांच के नियम काफी कड़े हो गए हैं, जिससे कीमती सामान ले जाने वाले यात्रियों को सतर्क रहना होगा। • सामान की घोषणा: अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपने साथ लाए गए कीमती धातुओं या प्राचीन वस्तुओं की घोषणा रेड चैनल पर करनी चाहिए। ऐसा न करने पर सामान की जब्ती और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। • कस्टम्स ड्यूटी सीमा: यात्रियों को सोने और चांदी के लिए निर्धारित की गई सीमा शुल्क मुक्त सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। बिना बताए इस सीमा से अधिक मूल्य का सामान लाने पर भारी जुर्माना लग सकता है। • एयरपोर्ट पर जांच में समय: दिल्ली जैसे बड़े हवाई अड्डों पर संवेदनशील क्षेत्रों से आने वाली उड़ानों की सुरक्षा जांच काफी सख्त कर दी गई है। इसके कारण यात्रियों को सामान की गहन जांच की वजह से निकास में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। • प्राचीन वस्तुओं के नियम: ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं को भारत लाने या ले जाने के नियम बेहद कड़े हैं। यात्रियों को ऐसी वस्तुएं ले जाने से पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ यात्रियों को रोकने और प्राचीन सिक्कों की जब्ती की यह कार्रवाई दिल्ली हवाई अड्डे पर खुफिया जानकारी और सीमा शुल्क विभाग की सख्त निगरानी के कारण संभव हो सकी। • संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी: सीमा शुल्क विभाग दोहा को कीमती धातुओं की तस्करी के लिहाज से एक संवेदनशील मार्ग मानता है। इस कारण एयर इंटेलिजेंस यूनिट इस रूट से आने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखती है। • ग्रीन चैनल का दुरुपयोग: यात्रियों ने बिना किसी शुल्क योग्य सामान के बाहर निकलने के लिए बने ग्रीन चैनल का उपयोग करने का प्रयास किया। इस कदम ने अधिकारियों का संदेह बढ़ाया और उन्हें जांच के लिए बाध्य किया। • आधुनिक एक्स-रे तकनीक: बैग के भीतर छिपे सिक्कों का पता लगाने में आधुनिक एक्स-रे स्कैनिंग तकनीक की मुख्य भूमिका रही। बैग में धातु के असाधारण घनत्व को मशीन ने पकड़ लिया, जिसके बाद मैन्युअल जांच की गई। • विरासत संरक्षण कानून: राष्ट्रीय विरासत के अवैध व्यापार को रोकने के लिए भारत में पुरातात्विक वस्तुओं के परिवहन पर कड़े प्रतिबंध हैं। यात्रियों के पास वैध दस्तावेज और अनुमति न होने के कारण इन सिक्कों को जब्त कर लिया गया। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां हुई और इसमें कौन सी उड़ान शामिल थी? यह घटना दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल थ्री पर हुई, जहां दोहा से कतर एयरवेज की फ्लाइट QR-578 से आए यात्रियों को रोका गया। 2. सीमा शुल्क अधिकारियों ने यात्रियों के बैग से क्या बरामद किया? अधिकारियों ने बैग से कुल 484 चांदी के सिक्के और एक सोने का सिक्का बरामद किया, जिसका कुल वजन लगभग 20.883 ग्राम था। 3. जब्त किए गए सिक्कों में क्या खास बात थी? जब्त किए गए कुल सिक्कों में से 134 चांदी के सिक्के प्राचीन और पुरातात्विक महत्व के पाए गए। 4. जब्त किए गए सिक्कों की अनुमानित कीमत कितनी आंकी गई है? जब्त किए गए सोने और चांदी के सिक्कों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 47.16 लाख रुपये आंकी गई है। 5. अधिकारियों द्वारा सिक्कों को क्यों जब्त किया गया? सिक्कों को इसलिए जब्त किया गया क्योंकि यात्री बिना किसी घोषणा के उन्हें ग्रीन चैनल के जरिए ले जा रहे थे और उनके पास इसके लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। https://trendkia.com/delhi/delhi-airport-para-doha-se-ae-do-yatriyon-se-47-lakha-rupaye-ke-prachina-sikke-jabta-custom-vibhaga-ki-bari-karravai-31900 TrendKia — Har trend, sabse pehle.