दिल्ली और आसपास के इलाकों में 21 सितंबर को राहत भरा मौसम, बारिश या भीषण धूप की संभावना नहीं राजधानी दिल्ली और एनसीआर के शहरों में 21 सितंबर को आसमान साफ रहने और तापमान सामान्य से कम बने रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इलाके में मॉनसून कमजोर पड़ चुका है जबकि दक्षिण और पूर्वी भारत में मौसमी दबाव के चलते तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। देश की राजधानी दिल्ली और उससे जुड़े राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 21 सितंबर को दिन भर मौसम सुहावना और शांत बने रहने की उम्मीद है। सुबह से ही धूप खिली हुई है, लेकिन चिलचिलाती गर्मी या तेज धूप का कोई असर देखने को नहीं मिलेगा। इसके साथ ही इलाके में किसी भी प्रकार की आंधी, तूफान या तेज मॉनसूनी बरसात के आसार नहीं हैं, जिससे सप्ताहांत के बाद सामान्य जनजीवन और दैनिक आवागमन सुचारू रूप से चलता रहेगा। तापमान और हवाओं का रुख तापमान के मोर्चे पर राहत बरकरार रहने वाली है। पूरे क्षेत्र में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किए जाने की संभावना है, जबकि रात और सुबह का न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के दायरे में सिमटा रहेगा। इन आंकड़ों को देखते हुए कहा जा सकता है कि पारा सामान्य औसत से थोड़ा नीचे ही बना रहेगा। हवाओं की गति और दिशा में दिन भर बदलाव देखने को मिलेगा। सुबह के समय दक्षिण-पूर्वी दिशा से 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी गति से हवाएं चलेंगी। दोपहर होते-होते हवा अपनी दिशा बदलेगी और उत्तर-पश्चिम की ओर से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बहने लगेगी। शाम के वक्त एक बार फिर हवा की दिशा मुड़कर दक्षिण-पूर्वी हो जाएगी और इसकी रफ्तार धीमी पड़ जाएगी, जिससे शाम का वातावरण काफी सुखद महसूस होगा। एनसीआर के सभी शहरों में एक समान परिस्थिति मौसम के इस शांत मिजाज का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सटे प्रमुख उपनगरों में भी यही स्थिति रहेगी। उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और नई दिल्ली सहित नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद तथा फरीदाबाद के लिए एक जैसा ही पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। इन सभी इलाकों में आसमान सामान्य रूप से खुला और साफ रहेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी दिल्ली के किसी हिस्से में बरसात दर्ज नहीं की गई थी और आज भी शुष्क मौसम का यह सिलसिला पूरी तरह कायम रहेगा। किसी भी स्थानीय जिले में बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे सप्ताहांत के बाद कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों को जलभराव या जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। उत्तर भारत बनाम दक्षिण और पूर्वी भारत की स्थिति पूरे उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसमी गतिविधियां इस समय काफी हद तक थमी हुई हैं। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विशाल हिस्से में खुला आसमान बना रहेगा। यद्यपि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ छिटपुट स्थानों पर हल्की फुहारें या गरज-चमक की मामूली घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन वहां भी किसी व्यापक या भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। इसके विपरीत, देश के दक्षिणी और पूर्वी भागों में मौसमी हलचल तेज हो रही है। सोमवार की सुबह बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य क्षेत्र में बना कम दबाव का दायरा और गहरा होकर डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इस तंत्र के असर से दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में वर्षा का दायरा बढ़ेगा। विशेष रूप से तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का खतरा जताया गया है। मॉनसून की वापसी और आगे का रुख राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में मॉनसून अब अपनी विदाई की ओर अग्रसर है और इसका सक्रिय प्रभाव लगभग निष्प्रभावी हो चुका है। मॉनसून की वापसी की रेखा पश्चिमी राजस्थान से काफी आगे निकल चुकी है। यद्यपि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम दक्षिण और पूर्वी राज्यों में भारी जलवर्षा करा रहे हैं, लेकिन उत्तर भारत का मैदानी भाग इस तंत्र की पहुंच से बहुत दूर है। आने वाले दिनों में भी दिल्ली और आसपास के जिलों में मॉनसून की मूसलाधार बारिश लौटने की संभावना बेहद कम है। वातावरण में मौजूद किसी स्थानीय डिस्टर्बेंस या मौसमी उतार-चढ़ाव की वजह से कभी-कभार हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर बारिश का दौर अब समाप्त माना जा रहा है। इसका आप पर असर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों को 21 सितंबर को सुखद मौसम के चलते रोजमर्रा के आवागमन में काफी आसानी होगी। • दिल्ली-एनसीआर में: पूरे क्षेत्र में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री और न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। बारिश या आंधी न होने से सड़कों पर जलभराव या जाम की कोई समस्या नहीं आएगी। • मौसम और स्वास्थ्य: न तो तेज धूप का सितम रहेगा और न ही भारी उमस, जिससे दिन के समय बाहर काम करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। सामान्य से कम तापमान होने से दोपहर का समय भी अपेक्षाकृत आरामदायक महसूस होगा। • यात्रा और दैनिक योजनाएं: नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बीच यात्रा करने वालों के लिए दिन पूरी तरह सामान्य रहेगा। किसी प्रकार की बारिश की चेतावनी न होने के कारण छाता या रेनकोट साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं है। • दक्षिण और पूर्वी भारत जाने वाले यात्री: बंगाल की खाड़ी के मौसमी तंत्र की वजह से तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इन राज्यों की ओर हवाई या रेल यात्रा करने वाले यात्रियों को संभावित देरी के प्रति सतर्क रहना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ दिल्ली-एनसीआर में मौसम के पूरी तरह शांत रहने और दक्षिण भारत में भारी बारिश की स्थिति वायुमंडलीय दबाव और मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया से जुड़ी है। • मॉनसून की विदाई: मॉनसून की वापसी की रेखा पश्चिमी राजस्थान से आगे बढ़ चुकी है, जिसके चलते उत्तर-पश्चिम भारत में मौसमी नमी खत्म हो गई है। नमी के अभाव के कारण दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल बनने और बारिश होने की संभावना समाप्त हो चुकी है। • बंगाल की खाड़ी में दबाव तंत्र: सोमवार सुबह बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य भाग में बना कम दबाव का क्षेत्र और गहरा होकर डिप्रेशन में बदलने की ओर अग्रसर है। यह प्रणाली दक्षिण और पूर्वी भारत में भारी नमी खींच रही है, जिससे वहां तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है। • उत्तर भारत की दूरी: उत्तर-पश्चिमी मैदानी राज्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी डिप्रेशन के दायरे से काफी दूर स्थित हैं। इस भौगोलिक दूरी के चलते दिल्ली-एनसीआर में शुष्क हवाएं प्रभावी हैं और आसमान पूरी तरह साफ बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. दिल्ली-एनसीआर में 21 सितंबर को तापमान कैसा रहेगा? अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जो सामान्य से कम है। 2. क्या आज दिल्ली, नोएडा या गुरुग्राम में बारिश की कोई संभावना है? नहीं, मौसम विभाग ने दिल्ली के सभी जिलों समेत नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के लिए कोई बारिश की चेतावनी नहीं दी है और मौसम सूखा रहेगा। 3. दिन के दौरान हवाओं की रफ्तार और दिशा क्या रहेगी? सुबह दक्षिण-पूर्वी दिशा से 5 से 10 किमी/घंटा और दोपहर में उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 से 20 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 4. क्या दिल्ली में मॉनसून की बारिश दोबारा लौटने के आसार हैं? मॉनसून की वापसी पश्चिमी राजस्थान से आगे निकल चुकी है और इसका प्रभाव कमजोर हो चुका है, इसलिए भारी मॉनसूनी बारिश की संभावना बेहद कम है। 5. आज देश के किन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है? बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। https://trendkia.com/delhi/delhi-aura-asapasa-ke-ilakon-men-21-sitnbara-ko-rahata-bhara-mausama-barisha-ya-bhishana-dhupa-ki-snbhavana-nahin-35471 TrendKia — Har trend, sabse pehle.