# दिल्ली के अस्पताल में 20 साल की युवती की सर्जरी, पेट से निकला 1.16 किलोग्राम बालों का गोला

> दिल्ली में डॉक्टरों ने 20 वर्षीय युवती के पेट का ऑपरेशन कर 1.16 किलो वजनी बालों का गुच्छा निकाला है। वह 11 सालों से ट्राइकोफेजिया की शिकार थी।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/delhi-ke-aspatala-men-20-sala-ki-yuvati-ki-sarjari-peta-se-nikala-1-16-kilograma-balon-ka-gola-26674 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली, ट्राइकोफेजिया, स्वास्थ्य समाचार, पेट का ऑपरेशन, चिकित्सा विज्ञान, हेल्थ अपडेट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डॉक्टरों ने एक 20 साल की युवती के पेट का सफल ऑपरेशन करके 1.16 किलो वजनी बालों का गुच्छा बाहर निकाला है। मरीज लंबे समय से पेट में गंभीर दर्द और जटिल समस्याओं का सामना कर रही थी। जांच के बाद जब शल्य चिकित्सा की गई, तो पेट के भीतर जमा बालों का विशाल गोला देखकर चिकित्सक भी हैरान रह गए।

## 11 वर्षों से बाल खाने की आदत
पीड़ित युवती पिछले 11 सालों से लगातार अपने ही बाल खा रही थी। पेट में पहुंचने के बाद बाल पचते नहीं हैं, जिसके कारण धीरे-धीरे वे आमाशय में एकत्र होते चले गए। इतने लंबे समय तक बाल पेट में जमा होने की वजह से 1.16 किलो का भारी गुच्छा बन गया, जिसने मरीज की पाचन प्रक्रिया को पूरी तरह बाधित कर दिया था।

## क्या है ट्राइकोफेजिया बीमारी
चिकित्सा विज्ञान की भाषा में अपने बालों को चबाने और निगलने की इस दुर्लभ बीमारी को ट्राइकोफेजिया कहा जाता है। चिकित्सकों के अनुसार, यह एक मानसिक विकार से जुड़ा व्यवहार है, जिसमें व्यक्ति तनाव या आदतवश अपने बाल उखाड़कर निगलने लगता है। समय पर इलाज न मिलने पर पेट में बालों की गांठ बनने से आंतों में रुकावट और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।

## इसका आप पर असर
यह मामला लोगों को दुर्लभ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य स्थितियों के प्रति जागरूक करने और समय पर चिकित्सीय परामर्श के महत्व को रेखांकित करता है।

- **भारत में:** बच्चों और युवाओं में असामान्य खान-पान या बाल चबाने की आदतों पर परिजनों को तुरंत ध्यान देना होगा। शुरुआत में ही डॉक्टर या मनोचिकित्सक से परामर्श लेने से गंभीर शल्य चिकित्सा की नौबत से बचा जा सकता है।
- **दिल्ली में:** स्थानीय अस्पतालों में बाल विकारों से संबंधित परामर्श और पेट की जटिल समस्याओं के उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखने पर मरीज को बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।
- **अभिभावकों के लिए:** बाल खाने या चबाने की प्रवृत्ति को केवल एक बुरी आदत न मानकर चिकित्सकीय स्थिति समझा जाना आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क कर ट्राइकोफेजिया जैसी स्थिति का सही समय पर इलाज संभव है।
- **स्वास्थ्य जागरूकता:** बाल पेट के भीतर पचते नहीं हैं और लंबे समय में आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लक्षणों की पहचान समय पर होने से आंतों में किसी भी प्रकार की रुकावट का खतरा समाप्त हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली में युवती के पेट से क्या निकाला गया?
डॉक्टरों ने 20 साल की युवती के पेट का ऑपरेशन करके 1.16 किलो वजनी बालों का गुच्छा निकाला।

### 2. युवती कितने समय से बाल खा रही थी?
पीड़ित युवती पिछले 11 वर्षों से लगातार अपने बाल खा रही थी।

### 3. बाल खाने की इस बीमारी को मेडिकल भाषा में क्या कहते हैं?
चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस समस्या या बीमारी को 'ट्राइकोफेजिया' कहा जाता है।

### 4. पेट में बालों का गुच्छा क्यों जमा हो जाता है?
मानव पाचन तंत्र बालों को नहीं पचा सकता, जिसके कारण खाए गए बाल पेट में जमा होकर धीरे-धीरे गुच्छे का रूप ले लेते हैं।

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