दिल्ली के कनॉट प्लेस में आरक्षण विरोधी प्रदर्शन पर बड़ी कार्रवाई, 20 लोग हिरासत में लिए गए राजधानी के कनॉट प्लेस में बिना अनुमति के आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर जुटे करीब 300 लोगों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है और 20 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में रविवार को अचानक उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई जब सैकड़ों लोग बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के इकट्ठा हो गए। आरक्षण प्रणाली में संशोधन की मांग को लेकर हुए इस आयोजन में लगभग 300 नागरिक शामिल हुए थे। इन लोगों का मुख्य तर्क था कि सरकारी लाभ और अवसर जातिगत आधार के बजाय सीधे तौर पर व्यक्ति की माली हालत या आर्थिक पिछड़ेपन से जुड़े होने चाहिए। प्रदर्शनकारियों का मानना था कि तंगी का सामना हर समुदाय के जरूरतमंद लोग कर रहे हैं, इसलिए सहायता का पैमाना भी आर्थिक होना जरूरी है। क्रीमी लेयर और अधिनियमों में समीक्षा की मांग कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में तख्तियां लेकर पहुंचे आंदोलनकारियों ने साफ किया कि उनका मकसद पूरी तरह से आरक्षण को खत्म करना नहीं है, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में व्यावहारिक बदलाव लाना है। प्रदर्शन के दौरान रखी गई प्रमुख मांगों में कई बड़े नीतिगत बिंदु शामिल थे। • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़ी नीतियों के दायरे में क्रीमी लेयर के नियम को सख्ती से लागू किया जाए। • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के ढांचे तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की नए सिरे से समीक्षा की जाए। • रोजगार और उच्च शिक्षा के क्षेत्रों में सभी नागरिकों को समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए व्यापक नीतियां बनाई जाएं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सोशल मीडिया कनेक्शन इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बिना अनुमति जुटने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फौरी कदम उठाए। नियमों का उल्लंघन कर विरोध प्रदर्शन करने के मामले में सुरक्षा बलों ने 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह पूरा विरोध प्रदर्शन इंस्टाग्राम पर सक्रिय 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' नामक डिजिटल पेज के जरिए संचालित कैंपेन का हिस्सा बताया जा रहा है। इस ऑनलाइन मंच के करीब 56 लाख यानी 5.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इसी बैनर तले कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर भी विरोध जताया गया था, जहां से पुलिस ने कई लोगों को उठाया था। हालांकि, रामलीला मैदान में होने वाले जलसे के लिए आयोजकों ने प्रशासन से लिखित अनुमति ली थी, जहां एक तय सीमा के तहत लोगों को जुटने की छूट मिली थी। इसका आप पर असर भारत में: सरकारी नीतियों और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े इस तरह के विरोध प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी बहस और प्रशासनिक सतर्कता को बढ़ा सकते हैं। दिल्ली में: कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहने के कारण यातायात और आवाजाही पर अस्थायी असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. कनॉट प्लेस में लोग क्यों इकट्ठा हुए थे? कनॉट प्लेस में करीब 300 लोग बिना पुलिस अनुमति के आरक्षण प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर एकत्र हुए थे। 2. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या थी? उनकी मुख्य मांग थी कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय व्यक्ति की आर्थिक स्थिति होना चाहिए ताकि जरूरतमंदों को लाभ मिले। 3. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की? बिना अनुमति प्रदर्शन करने के कारण दिल्ली पुलिस ने 20 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। 4. यह आंदोलन किसके जरिए चलाया जा रहा था? यह आंदोलन इंस्टाग्राम पर सक्रिय एक पेज के माध्यम से चलाया जा रहा था जिसके लाखों फॉलोअर्स हैं। https://trendkia.com/delhi/delhi-ke-connaught-place-mein-aarakshan-virodhi-pradarshan-par-badi-karyavahi-20824 TrendKia — Har trend, sabse pehle.