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  "title": "दिल्ली के रेस कोर्स मस्जिद विवाद के साये में आज जुमे की पहली नमाज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम और बचाव की कोशिशें जारी",
  "summary": "दिल्ली के रेस कोर्स इलाके में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को लेकर उपजे विवाद के बीच आज यानी 23 अक्टूबर 2026 को जुमे की नमाज अदा की जाएगी। इस मामले को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी बैठकों का दौर जारी है।",
  "content": "राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के संवेदनशील रेस कोर्स क्षेत्र में स्थित मस्जिद को लेकर खड़े हुए हालिया विवाद के बाद आज यानी शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 को जुमे की नमाज पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। इस मस्जिद में जुमे की नमाज का समय दोपहर 1.30 बजे निर्धारित किया गया है। देश के प्रधानमंत्री आवास के बेहद करीब स्थित इस धार्मिक स्थल की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के भारी जवानों को तैनात किया गया है। मौजूदा हालात की नजाकत को भांपते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि इलाके में शांति और कानून व्यवस्था पूरी तरह से कायम रखी जा सके।\n\n \n\nइमाम के गंभीर आरोप और बिजली-पानी की कटौती\n\nइस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब रेस कोर्स मस्जिद के इमाम मौलवी हारून ने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाया कि भूमि एवं विकास कार्यालय के एक अधिकारी ने बीते 17 अक्टूबर को उन्हें मौखिक तौर पर यह निर्देश दिया था कि वे छह दिन के भीतर इस मस्जिद को खाली कर दें। इमाम का दावा है कि यह पूरी मस्जिद वक्फ संपत्ति के रूप में रजिस्टर्ड है और इसके मालिकाना हक को लेकर पहले कभी किसी तरह का विवाद नहीं रहा है। मौलवी हारून ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि गत 7 अक्टूबर को इस परिसर की बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी गई थी, जिसके बाद से वे मजबूरन जनरेटर के सहारे बिजली और पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि कभी तो नमाजियों को अंदर आने दिया जाता है और कभी उन्हें रोक लिया जाता है। इमाम ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस ऐतिहासिक मस्जिद के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।\n\n \n\nसियासी नेताओं और बोर्ड के अधिकारियों की सक्रियता\n\nजैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद पूरी तरह से सुरक्षित है और आगे भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस सिलसिले में आज उनकी मुलाकात दिल्ली वक्फ बोर्ड के CEO, L&amp;DO और NDMC के वरिष्ठ अधिकारियों से हुई है, जिसमें मस्जिद से जुड़े मसलों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस बीच, भूमि एवं विकास कार्यालय से जब संपर्क किया गया तो आधिकारिक सूत्रों ने यह स्पष्ट किया कि इस मस्जिद को विभाग की तरफ से कोई भी लिखित नोटिस जारी नहीं किया गया है। मौखिक आदेश दिए जाने की चर्चाओं पर सूत्रों ने साफ किया कि L&amp;DO के पास ऐसे किसी भी मौखिक निर्देश की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।\n\n \n\nविभिन्न संगठनों और नेताओं की केंद्र से दखल की मांग\n\nमस्जिद को लेकर उपजे इस विवाद के सामने आने के बाद देश के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों और धार्मिक संगठनों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और कश्मीरी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके अलावा, प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीते सोमवार को इस सिलसिले में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की और उनसे इस मामले में उचित दखल देने की अपील की। वहीं, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी भी अन्य इमामों के साथ मिलकर दिल्ली वक्फ बोर्ड के अधिकारियों से इस विषय पर मुलाकात कर चुके हैं और मस्जिद के संरक्षण की गुहार लगाई है।\n\nइसका आप पर असर\nदिल्ली के रेस कोर्स इलाके में स्थित मस्जिद को लेकर उपजे इस विवाद का असर स्थानीय नागरिकों और जुमे की नमाज अदा करने आने वाले लोगों पर सीधा पड़ रहा है।\n\n• भारत में: इस संवेदनशील मामले को लेकर देश भर के धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, जिससे प्रशासनिक नीतियों पर नजर रखी जा रही है। विभिन्न समुदायों के बीच शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय स्तर पर अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात का दौर चल रहा है।\n\n• दिल्ली में: प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित इस इलाके में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के कारण स्थानीय नागरिकों और आने-जाने वाले लोगों को आवाजाही में कड़ी सुरक्षा जांच का सामना करना पड़ रहा है। आज दोपहर की जुमे की नमाज के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह पूरा विवाद भूमि एवं विकास कार्यालय द्वारा कथित तौर पर मौखिक रूप से मस्जिद खाली करने के निर्देश दिए जाने और परिसर की बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित होने के बाद सामने आया है। इस घटनाक्रम के पीछे प्रशासनिक दस्तावेजों, वक्फ संपत्ति पंजीकरण और आधिकारिक भूमि उपयोग को लेकर उठे सवाल मुख्य कारण रहे हैं।\n\n• मौखिक आदेश का आरोप: इमाम मौलवी हारून के अनुसार एलएंडडीओ के एक अधिकारी ने 17 अक्टूबर को छह दिन के भीतर जगह खाली करने को कहा था, जिसके बाद से विवाद गहरा गया।\n\n• यूटिलिटी कनेक्शन का कटना: गत 7 अक्टूबर को मस्जिद की बिजली और पानी की लाइनें काटे जाने के बाद से प्रबंधन जनरेटर के सहारे काम चला रहा है, जिससे तनाव बढ़ गया।\n\n• प्रशासनिक स्पष्टीकरण: भूमि एवं विकास कार्यालय के सूत्रों ने आधिकारिक रूप से किसी भी तरह का लिखित नोटिस जारी करने से इनकार किया है और मौखिक आदेशों की जानकारी से स्पष्ट पल्ला झाड़ा है।\n\n• राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रिया: मामले के तूल पकड़ने पर ओवैसी, मीरवाइज और जमीयत उलेमा-ए-हिंद जैसे संगठनों ने केंद्र सरकार के मंत्रियों से मुलाकात कर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रेस कोर्स मस्जिद विवाद में जुमे की नमाज का समय क्या है?\nइस मस्जिद में जुमे की नमाज का वक्त दोपहर 1.30 बजे तय किया गया है।\n\n2. मस्जिद खाली करने का मौखिक निर्देश किसने और कब दिया था?\nइमाम मौलवी हारून के अनुसार, भूमि एवं विकास कार्यालय के एक अधिकारी ने 17 अक्टूबर को मौखिक रूप से छह दिन के भीतर मस्जिद खाली करने को कहा था।\n\n3. मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति कब काटी गई थी?\nइमाम के मुताबिक मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति गत 7 अक्टूबर को काट दी गई थी।\n\n4. भूमि एवं विकास कार्यालय ने नोटिस के बारे में क्या कहा है?\nL&DO के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि इस मस्जिद को कोई भी नोटिस सर्व नहीं किया गया है और उन्हें किसी मौखिक आदेश की जानकारी नहीं है।\n\n5. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से किस प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी?\nमुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की थी।",
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  "category": "दिल्ली",
  "publishedAt": "2026-10-23",
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    "रेस कोर्स मस्जिद",
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