# दिल्ली में नकली अधिकारियों का 'स्पेशल 26' छापा बेनकाब: रोहिणी की महिला ने फर्जी सीबीआई रेड को 90 मिनट में किया नाकाम

> दिल्ली के रोहिणी में फिल्म की तर्ज पर 8 से 10 नकली अधिकारियों ने कारोबारी के घर सीबीआई रेड का नाटक किया। सतर्क महिला ने पहचान पत्र और सर्च वारंट मांगा, जिसके बाद पड़ोसियों के दबाव में जालसाज भाग खड़े हुए।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-08-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/delhi-men-nakali-adhikariyon-ka-special-26-chhapa-benakaba-rohini-ki-mahila-ne-pharji-cbi-reda-ko-90-minata-men-kiya-nakama-18545 · **Language:** Hindi
**Tags:** रोहिणी सीबीआई रेड, फर्जी छापा दिल्ली, स्पेशल 26 स्टाइल रेड, दिल्ली पुलिस 112, रोहिणी क्राइम न्यूज़

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बॉलीवुड फिल्म 'स्पेशल 26' की कहानी जैसा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) का अधिकारी बताने वाले 8 से 10 लोगों के एक गिरोह ने कारोबारी के मकान पर फर्जी छापेमारी का प्रयास किया। गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे इन ठगों ने अपने कड़क रवैये और फर्जी पहचान पत्रों के दम पर परिवार में दहशत फैलाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, कारोबारी की पत्नी की सूझबूझ, हिम्मत और कड़े रुख के सामने शातिरों का पूरा खेल बिगड़ गया। लगभग 90 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का अंत तब हुआ जब पड़ोसियों की भीड़ जुट गई और फर्जी टीम मौके से भाग खड़ी हुई।

## गाड़ियों का काफिला और सीबीआई का फर्जी ढोंग
घटना की शुरुआत तब हुई जब रोहिणी स्थित कारोबारी की रिहाइशी इमारत के बाहर अचानक कई गाड़ियों का लंबा काफिला आकर रुका। इन वाहनों में से लगभग 8 से 10 लोग बाहर निकले, जिनका पहनावा और हाव-भाव पूरी तरह से किसी उच्च स्तरीय जांच एजेंसी के अधिकारियों जैसा लग रहा था। इन सभी लोगों के कपड़ों पर केंद्रीय जांच एजेंसी का आधिकारिक लोगो लगा हुआ था और उनके गलों में पहचान पत्र लटके हुए थे। उनके चलने का अंदाज और सख्त बॉडी लैंग्वेज देखकर पहली नज़र में कोई भी धोखा खा सकता था कि यह सीबीआई की कोई आधिकारिक और त्वरित कार्रवाई है। बिना किसी पूर्व सूचना के इस तरह की टीम का पहुंचना इलाके में हलचल पैदा करने के लिए काफी था।

## दरवाजे पर डटी रही महिला: ऑथराइजेशन की रखी मांग
संदिग्ध टीम ने कारोबारी के घर की घंटी बजाई। जैसे ही कारोबारी की पत्नी ने दरवाजा खोला, बाहर खड़े लोगों ने खुद को सीबीआई का वरिष्ठ अधिकारी बताया और तुरंत मुख्य द्वार खोलने का आदेश दिया। उनके तेवर इतने आक्रामक और सख्त थे कि आम तौर पर कोई भी परिवार घबराकर दरवाजा खोल देता। लेकिन कारोबारी की पत्नी ने असाधारण संयम का परिचय दिया। उन्होंने मुख्य द्वार खोलने से साफ इनकार कर दिया और उनसे अपने असली आधिकारिक दस्तावेज और पहचान पत्र दिखाने की मांग की। महिला ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें संतुष्ट करने वाले वैध ऑथराइजेशन कागजात नहीं दिखाए जाते, वह घर का मेन गेट किसी भी कीमत पर नहीं खोलेंगी।

## व्हाट्सएप पर फर्जी नोटिस और स्क्रीनशॉट की होशियारी
जब फर्जी अधिकारियों का सीधा दबाव काम नहीं आया, तो उन्होंने परिवार को कानूनी कार्रवाई में फंसाने और डराने के लिए एक नई डिजिटल चाल चली। गिरोह के सदस्यों ने कारोबारी के पिता के व्हाट्सएप नंबर पर एक नोटिस भेजा। इस नोटिस पर केंद्रीय जांच एजेंसी के डायरेक्टर का नाम और बकायदा डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज थे, ताकि नोटिस पूरी तरह असली लगे। ठगों को उम्मीद थी कि इस आधिकारिक दस्तावेज को देखकर परिवार डर जाएगा और दरवाजा खोल देगा। अपनी चालाकी को छुपाने के लिए जालसाजों ने नोटिस भेजने के तुरंत बाद उसे 'डिलीट फॉर एवरीवन' भी कर दिया ताकि कोई सबूत न रहे। लेकिन कारोबारी की पत्नी ने मुस्तैदी दिखाते हुए मैसेज डिलीट होने से ठीक पहले उस फर्जी नोटिस का स्क्रीनशॉट ले लिया।

## पड़ोसियों का घेराव और जालसाजों का पलायन
बंद दरवाजे के बाहर सड़क पर यह तनावपूर्ण स्थिति करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक बनी रही। समय बीतने के साथ ही आसपास के पड़ोसी और इलाके के लोग भी मौके पर एकत्र होने लगे। भीड़ बढ़ती देखकर फर्जी अधिकारियों के हाव-भाव बदलने लगे। जब पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर अधिकारियों से छापेमारी का वैध सर्च वारंट और कागजात की हार्ड कॉपी पेश करने को कहा, तो फर्जी टीम के होश उड़ गए। खुद को चारों तरफ से घिरता देख संदिग्धों ने बहाना बनाया कि असली वारंट और फाइलें उनकी गाड़ी में रखी हैं। इसके बाद असली कागजात लाने का ढोंग करते हुए सभी जालसाज अपनी गाड़ियों में बैठकर मौके से तेजी से फरार हो गए।

## आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल और पुलिस जांच
फर्जी टीम के भागते ही पीड़ित परिवार ने बिना समय गंवाए आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क किया और दिल्ली पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों के चेहरे, उनकी गाड़ियाँ और उनके सीबीआई लोगो वाले कपड़े स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो चुके हैं। पीड़ित परिवार ने दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ व्हाट्सएप पर आए फर्जी नोटिस का स्क्रीनशॉट भी सौंप दिया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फिलहाल फुटेज के आधार पर गाड़ियों के नंबर और आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** जांच एजेंसियों का नाम लेकर घर में घुसने की कोशिश करने वाले ठगों से बचने के लिए सर्च वारंट की हार्ड कॉपी, आधिकारिक पहचान पत्र और स्थानीय पुलिस स्टेशन से सत्यापन की मांग करना हर नागरिक का कानूनी अधिकार है।
- **दिल्ली में:** रोहिणी और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को किसी भी संदिग्ध अधिकारी या रेड की स्थिति में तुरंत दिल्ली पुलिस आपातकालीन नंबर 112 पर सूचित करने की सलाह दी गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. रोहिणी में फर्जी रेड का मामला क्या है?
दिल्ली के रोहिणी में 8 से 10 नकली अधिकारियों ने सीबीआई का लोगो पहनकर एक कारोबारी के घर छापेमारी का नाटक किया, जिसे परिवार की समझदारी ने नाकाम कर दिया।

### 2. कारोबारी की पत्नी ने जालसाजों को घर में घुसने से कैसे रोका?
महिला ने आधिकारिक पहचान पत्र और सर्च वारंट की हार्ड कॉपी दिखाए बिना मुख्य दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया।

### 3. ठगों ने परिवार को डराने के लिए क्या डिजिटल चाल चली?
उन्होंने कारोबारी के पिता के व्हाट्सएप पर सीबीआई डायरेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर वाला नोटिस भेजा और बाद में उसे 'डिलीट फॉर एवरीवन' कर दिया।

### 4. फर्जी सीबीआई टीम मौके से क्यों भाग गई?
90 मिनट के ड्रामे के बाद जब स्थानीय पड़ोसी इकट्ठा हो गए और कागजात मांगने लगे, तो जालसाज कार से असली वारंट लाने का बहाना बनाकर फरार हो गए।

### 5. मामले में पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
दिल्ली पुलिस ने आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज और फर्जी नोटिस के स्क्रीनशॉट के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._