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  "type": "article",
  "title": "राजधानी के नागरिक विकास को रफ्तार, दिल्ली सरकार ने स्थानीय निकायों के लिए जारी किए 1,850.66 करोड़ रुपये",
  "summary": "दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बेसिक टैक्स असाइनमेंट की दूसरी किस्त के तहत 1,850.66 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिसमें से 1,820.40 करोड़ रुपये अकेले एमसीडी को मिलेंगे।",
  "content": "राष्ट्रीय राजधानी में जमीनी स्तर की नागरिक सेवाओं और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान तीनों स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराते हुए बेसिक टैक्स असाइनमेंट यानी BTA के तहत दूसरी किस्त की मंजूरी दे दी है। इसके तहत कुल 1,850.66 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है। इस भुगतान की आधिकारिक सहमति 21 सितंबर 2026 को प्रदान की गई थी, जिसकी विधिवत घोषणा शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने की।\n\nनागरिक सुविधाओं के सुचारू संचालन का आधार\nप्रशासनिक स्तर पर तय की गई इस वित्तीय व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर दैनिक नागरिक सुविधाओं को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि राजधानी के स्थानीय निकायों को विकास और रखरखाव कार्यों के संचालन में किसी भी प्रकार की वित्तीय बाधा का सामना न करना पड़े। समय पर आवश्यक बजट मिलने से नगर निगमों की निर्भरता और कार्यक्षमता दोनों में स्थिरता बनी रहती है, जिससे आम जनता से जुड़ी जरूरी सेवाओं को निरंतर गति मिलती है।\n\nतीनों निकायों के बीच बजट का विवरण\nस्वीकृत की गई 1,850.66 करोड़ रुपये की कुल राशि में सबसे बड़ा हिस्सा नगर निगम दिल्ली (MCD) को आवंटित किया गया है। निगम के खाते में 1,820.40 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जाएगी, जो कुल आवंटन का लगभग पूरा हिस्सा है। इसके अलावा नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के लिए 17.95 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जबकि दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को 12.31 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस बंटवारे के साथ तीनों निकायों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में तय नागरिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिलेगी।\n\nपूरे वित्त वर्ष का चरणबद्ध वित्तीय खाका\nवित्त वर्ष 2026-27 के दौरान बेसिक टैक्स असाइनमेंट के तहत राजधानी के स्थानीय निकायों के लिए कुल 3,701.32 करोड़ रुपये का वार्षिक प्रावधान निर्धारित किया गया है। इस पूरी योजना को चरणों में लागू किया जा रहा है\n\n• पहली किस्त का आवंटन: निर्धारित वार्षिक बजट में से 925.33 करोड़ रुपये की पहली किस्त पहले ही नगर निकायों को स्थानांतरित की जा चुकी है।\n• दूसरी किस्त की ताजा मंजूरी: चालू चरण में 1,850.66 करोड़ रुपये जारी करने की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।\n• अंतिम चरण की योजना: शेष बची 925.33 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त जनवरी से मार्च 2027 के बीच जारी करने की रूपरेखा तय की गई है।\n\nइस व्यवस्थित वितरण प्रणाली का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पूरे साल स्थानीय निकायों के पास विकास कार्यों के लिए नकदी का पर्याप्त प्रवाह बना रहे।\n\nकिन कार्यों में खर्च होगी यह राशि\nस्थानीय निकायों को आवंटित यह भारी-भरकम राशि राजधानी की रोजमर्रा की व्यवस्था सुधारने में लगाई जाएगी। प्राथमिक तौर पर इसका उपयोग मोहल्लों और कॉलोनियों से दैनिक कचरा उठाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंतरिक गलियों और स्थानीय सड़कों की मरम्मत, डामरीकरण, रखरखाव तथा रात के समय प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव पर यह फंड खर्च होगा।\n\nस्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सार्वजनिक पार्कों का सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्रों की देखरेख भी इसी बजट से की जाएगी। साथ ही, नगर निकायों द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों के दैनिक प्रबंधन, शैक्षणिक माहौल और स्थानीय स्तर की स्वास्थ्य डिस्पेंसरी में दवाओं तथा प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखने में भी इस आर्थिक मदद की अहम भूमिका होगी।\n\nसख्त वित्तीय अनुशासन और निगरानी के नियम\nफंड का आवंटन केवल जनहित से जुड़े विकास कार्यों में ही हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। तीनों निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से पालन करें और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार ही राशि का व्यय करें। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निकायों को तय समय सीमा के भीतर आधिकारिक उपयोगिता प्रमाणपत्र (Utilization Certificate) जमा कराना अनिवार्य किया गया है। पूरी धनराशि सीधे RTGS अथवा NEFT प्रणाली के जरिए संबंधित निकायों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जा रही है, ताकि किसी प्रकार का विलंब न हो।\n\nइसका आप पर असर\nयह वित्तीय आवंटन राजधानी के नागरिकों को मिलने वाली प्राथमिक सेवाओं और स्थानीय विकास कार्यों को सीधे तौर पर गति देगा।\n\n• पूरे देश में: महानगरों के वित्तीय प्रबंधन में समयबद्ध कर हस्तांतरण को एक सशक्त मॉडल के रूप में देखा जाता है। इससे अन्य राज्यों के नगर निकायों को भी नियमित बजटीय सहायता के लिए दिशा मिलती है।\n• दिल्ली में: कॉलोनियों में नियमित कूड़ा उठान, टूटी आंतरिक सड़कों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव में सुधार होगा। इसके अलावा निगम प्राथमिक विद्यालयों और स्थानीय डिस्पेंसरियों में बुनियादी सेवाएं बिना रुके सुचारू रूप से चल सकेंगी।\n• नागरिक बजट निगरानी: स्थानीय निवासियों के लिए अपने वार्ड स्तर पर लंबित विकास कार्यों को पूरा कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी। लोग अपनी स्थानीय समस्याओं और सड़क मरम्मत के लिए संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों में काम की प्रगति की जानकारी ले सकते हैं।\n• वित्तीय पारदर्शिता: निकायों द्वारा अनिवार्य उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने के नियम से सरकारी धन की बर्बादी पर रोक लगेगी। इससे करदाताओं के पैसे का उचित इस्तेमाल सीधे जनहित से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सुनिश्चित होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदिल्ली के तीनों स्थानीय निकायों को अपने दैनिक प्रशासनिक और जनहित से जुड़े बुनियादी कार्यों के संचालन के लिए नियमित राजस्व की आवश्यकता होती है। राज्य सरकार बेसिक टैक्स असाइनमेंट के जरिए नगर निकायों को उनके हिस्से का कानूनी वित्तीय आवंटन चरणबद्ध तरीके से प्रदान करती है।\n\n• कानूनी बजटीय प्रावधान: वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान दिल्ली के निकायों के लिए कुल 3,701.32 करोड़ रुपये का BTA फंड तय किया गया था। इस वार्षिक योजना के तहत दूसरी नियमित किस्त जारी करने के लिए 21 सितंबर 2026 को आधिकारिक सहमति दी गई।\n• स्थानीय कार्यों की निरंतरता: कूड़ा प्रबंधन, प्राथमिक स्वास्थ्य, विद्यालय संचालन और सड़कों के रखरखाव जैसे जरूरी कार्यों में नकदी की कमी न आए, इसलिए समय पर फंड जारी करना अनिवार्य होता है। सरकार का उद्देश्य शहरी सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना है।\n• चरणबद्ध वितरण प्रणाली: प्रशासनिक योजना के तहत पूरे फंड को एक साथ न देकर वित्तीय वर्ष की विभिन्न तिमाहियों में विभाजित किया गया है। पहली किस्त पहले दी जा चुकी थी, जबकि अंतिम किस्त जनवरी से मार्च 2027 के बीच दी जाएगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दिल्ली सरकार ने स्थानीय निकायों के लिए कितनी राशि की दूसरी किस्त मंजूर की है?\nदिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के तहत बेसिक टैक्स असाइनमेंट की दूसरी किस्त के रूप में कुल 1,850.66 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।\n\n2. इस किस्त में नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) को कितना पैसा मिलेगा?\nकुल जारी राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा यानी 1,820.40 करोड़ रुपये सीधे नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे।\n\n3. एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को कितना आवंटन किया गया है?\nनई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) को 17.95 करोड़ रुपये और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को 12.31 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।\n\n4. पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बीटीए के तहत कुल कितना बजट तय है?\nपूरे वित्त वर्ष के लिए कुल 3,701.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से पहली किस्त 925.33 करोड़ रुपये पहले ही जारी की जा चुकी है।\n\n5. इस वित्तीय सहायता की तीसरी किस्त कब जारी की जाएगी?\nशेष बची 925.33 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त जनवरी से मार्च 2027 के बीच स्थानीय निकायों को जारी की जाएगी।\n\n6. इस फंड का उपयोग किन-किन प्राथमिक नागरिक कार्यों में किया जाएगा?\nइस राशि का इस्तेमाल कूड़ा उठाने, अपशिष्ट निस्तारण, स्थानीय सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के रखरखाव, प्राथमिक स्कूलों और डिस्पेंसरियों के संचालन में होगा।",
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  "category": "दिल्ली",
  "publishedAt": "2026-09-23",
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