# एनसीआर में ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत, तीन नए लिंक एक्सप्रेसवे से आपस में जुड़ेंगे प्रमुख हाईवे

> दिल्ली और एनसीआर में भारी वाहनों का दबाव घटाने के लिए 3 नए लिंक एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिससे अंतरराज्यीय सफर में घंटों का समय बचेगा।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-09-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/delhi-ncr-me-traffic-jam-se-milegi-badi-rahat-teen-naye-link-expressway-se-apas-me-judenge-pramukh-highway-39296 · **Language:** Hindi
**Tags:** लिंक एक्सप्रेसवे, यूईआर-2, दिल्ली ट्रैफिक, एनएचएआई, दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे, ट्रोनिका सिटी, नोएडा एक्सप्रेसवे

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रोज लगने वाले भीषण जाम से निपटने और अंतरराज्यीय आवागमन को निर्बाध बनाने के मकसद से तीन आधुनिक लिंक एक्सप्रेसवे कॉरिडोर तैयार करने की व्यापक रूपरेखा तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 यानी यूईआर-2 को दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, गाजियाबाद स्थित ट्रोनिका सिटी और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से आपस में जोड़ा जाएगा। इन नए रास्तों के शुरू होने के बाद पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सफर करने वाले वाहनों को दिल्ली के अंदरूनी और घनी आबादी वाले इलाकों में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे राजधानी की सड़कों पर दबाव काफी कम हो जाएगा।

## विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर तेजी से काम शुरू
सड़क परिवहन से जुड़ी इन तीनों नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है। डीपीआर को सक्षम प्राधिकार से अंतिम स्वीकृति मिलने के तुरंत बाद निर्माण प्रक्रिया के लिए टेंडरिंग और भूमि से जुड़े तकनीकी काम आगे बढ़ाए जाएंगे। इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए केंद्र सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और दिल्ली सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित बुनियादी ढांचे में लगभग 20 किलोमीटर लंबा यूईआर-2 से दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे लिंक, करीब 17 किलोमीटर लंबा यूईआर-2 से ट्रोनिका सिटी लिंक और लगभग 35 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा को जोड़ने वाला कॉरिडोर शामिल है।

## यूईआर-2 से सीधे जुड़ेगा दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित योजना का पहला हिस्सा करीब 20 किलोमीटर लंबा होगा, जिसे दिल्ली की तीसरी रिंग रोड के रूप में जानी जाने वाली यूईआर-2 को निर्माणाधीन दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है। वर्तमान व्यवस्था में दिल्ली, गुरुग्राम या इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की तरफ से पंजाब, हिमाचल प्रदेश अथवा जम्मू-कश्मीर जाने वाले मुसाफिरों को बहादुरगढ़ के नीलोठी गांव या फिर कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे तक जाने के लिए काफी चक्कर काटना पड़ता है। नया लिंक बनने के बाद यह अतिरिक्त दूरी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी क्योंकि यह सीधा रास्ता यूईआर-2 को दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे और केएमपी के जंक्शन बिंदु से मिला देगा।

यह कॉरिडोर उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के कराला-कंझावला क्षेत्र के पास से शुरू होगा और कंझावला मार्ग के समानांतर आगे बढ़ेगा। रास्ते में यह लाडपुर, जोंती, कनोदा और कुलसी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरते हुए हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित लाडरवान गांव के निकट मुख्य दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे में मिल जाएगा। इससे पश्चिमी दिल्ली के द्वारका, नजफगढ़ और मुंडका जैसे क्षेत्रों के अलावा बहादुरगढ़ बाईपास तथा एनएच-9 पर चलने वाले मुसाफिरों को बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार विकल्प मिल सकेगा।

## ट्रोनिका सिटी के लिए 3,500 करोड़ रुपये का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
कनेक्टिविटी योजना की दूसरी कड़ी लगभग 17 किलोमीटर लंबी 6 लेन वाली पूर्णतः एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड सड़क होगी, जिसकी अनुमानित निर्माण लागत करीब 3,500 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस लिंक का प्रमुख उद्देश्य उत्तरी दिल्ली के अलीपुर क्षेत्र को यमुना नदी के पार उत्तर प्रदेश में लोनी के पास स्थित ट्रोनिका सिटी और दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH-709B) से जोड़ना है।

यह प्रस्तावित रूट अलीपुर में एनएच-44 के पास यूईआर-2 के अंतिम छोर से शुरू होकर बकोली, हिरनकी और खमपुर गांवों की तरफ बढ़ेगा। इसके बाद यमुना नदी पर बनने वाले एक सर्वथा नए पुल के जरिए यह कॉरिडोर ट्रांस-यमुना क्षेत्र में प्रवेश करेगा और लोनी सीमा के नजदीक ट्रोनिका सिटी के अग्नौला-मंडोला क्षेत्र में एनएच-709बी से मिल जाएगा। इस मार्ग के तैयार होने से राजस्थान, हरियाणा और बाहरी दिल्ली से शामली, सहारनपुर अथवा उत्तराखंड की ओर जाने वाले भारी व हल्के वाहनों को दिल्ली के कश्मीरी गेट या वजीराबाद जैसे भीड़भाड़ वाले चौराहों से गुजरे बिना सीधे निकलने की सुविधा मिलेगी।

## अक्षरधाम से नोएडा तक 35 किलोमीटर का तेज गलियारा
परियोजना का तीसरा और सबसे लंबा खंड करीब 35 किलोमीटर का कॉरिडोर है, जिस पर लगभग 4,400 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह मार्ग दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से निर्बाध रूप से जोड़ेगा। प्रस्तावित अलाइनमेंट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अक्षरधाम वाले हिस्से से शुरू होकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा के सहारे आगे बढ़ते हुए सीधे नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।

वर्तमान में उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली से नोएडा अथवा ग्रेटर नोएडा की यात्रा करने वाले चालकों को आउटर रिंग रोड, आईटीओ, कश्मीरी गेट, सराय काले खां और डीएनडी फ्लाईवे जैसे अत्यधिक व्यस्त रास्तों पर जाम का सामना करना पड़ता है। व्यस्ततम समय में इस दूरी को तय करने में दो से ढाई घंटे तक लग जाते हैं। नए बाईपास कॉरिडोर के तैयार हो जाने के बाद यह पूरा सफर मात्र 30 से 35 मिनट के भीतर सुगमता से पूरा किया जा सकेगा।

## इसका आप पर असर
इन तीन नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से एनसीआर और पड़ोसी राज्यों के बीच दैनिक आवागमन में लगने वाले समय और ईंधन की भारी बचत होगी।

- **एनसीआर यात्रियों के लिए:** दिल्ली के व्यस्ततम चौराहों जैसे आईटीओ, कश्मीरी गेट और डीएनडी को बाईपास कर सीधा रास्ता मिलेगा। उत्तर और पश्चिम दिल्ली से नोएडा-ग्रेटर नोएडा का सफर 2.5 घंटे से घटकर मात्र 30-35 मिनट रह जाएगा।
- **अंतरराज्यीय वाहनों के लिए:** पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के बीच चलने वाले वाहनों को दिल्ली के भीतर नहीं घुसना पड़ेगा। इससे लंबी दूरी की माल ढुलाई तेज होगी और स्थानीय सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव घटेगा।
- **पश्चिमी व उत्तरी दिल्ली के लिए:** कराला, कंझावला, मुंडका, द्वारका और अलीपुर जैसे इलाकों को प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय स्तर पर लगने वाले जाम से रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को निजात मिलेगी।
- **गाजियाबाद और लोनी के लिए:** ट्रोनिका सिटी से यूईआर-2 तक सीधा 6 लेन मार्ग बनने से ट्रांस-यमुना इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय कॉलोनियों में आवागमन आसान होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली के आंतरिक सड़क तंत्र पर भारी वाहनों और अंतरराज्यीय ट्रैफिक का अत्यधिक दबाव होने के कारण इन लिंक कॉरिडोरों की योजना बनाई गई है। वर्तमान में एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले कई मार्गों के लिए दिल्ली के अंदरूनी हिस्से से होकर गुजरना मजबूरी बना हुआ है।

- **आंतरिक सड़कों पर वाहनों का बोझ:** रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और डीएनडी जैसे प्रमुख मार्गों पर क्षमता से अधिक गाड़ियां चल रही हैं। लंबी दूरी के वाहनों को शहर के बाहर ही मोड़ने के लिए इन वैकल्पिक लिंक की आवश्यकता पड़ी।
- **एक्सप्रेसवे नेटवर्क में मिसिंग लिंक:** यूईआर-2, दिल्ली-कटरा और दिल्ली-देहरादून जैसे बड़े एक्सप्रेसवे अलग-अलग विकसित हो रहे थे, जिनके बीच सीधे संपर्क का अभाव था। इन तीनों परियोजनाओं के जरिए इन प्रमुख नेटवर्कों को आपस में इंटरलिंक किया जा रहा है।
- **सफर में लगने वाला अत्यधिक समय:** दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और नोएडा के बीच सीधा संपर्क न होने से मुसाफिरों को शहर के सबसे घने ट्रैफिक से गुजरना पड़ता था। इस रुकावट को दूर करने के लिए अक्षरधाम से नोएडा तक 35 किमी बाईपास की योजना तैयार की गई।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली-एनसीआर में कौन से तीन नए लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हैं?
प्रस्तावित परियोजनाओं में 20 किमी का यूईआर-2 से दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे लिंक, 17 किमी का यूईआर-2 से ट्रोनिका सिटी लिंक और 35 किमी का दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा कॉरिडोर शामिल हैं।

### 2. अक्षरधाम से नोएडा वाले नए कॉरिडोर से यात्रा समय में कितनी बचत होगी?
इस नए 35 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के जरिए जो सफर तय करने में 2 से 2.5 घंटे लगते थे, वह घटकर महज 30 से 35 मिनट रह जाएगा।

### 3. यूईआर-2 से ट्रोनिका सिटी लिंक प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत कितनी है?
17 किलोमीटर लंबे और 6 लेन वाले इस एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 3,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

### 4. यूईआर-2 से दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे लिंक से किन इलाकों को फायदा होगा?
इस 20 किमी लिंक से कराला, कंझावला, लाडपुर, जोंती, द्वारका, नजफगढ़, मुंडका और बहादुरगढ़ के मुसाफिरों को सीधा और तेज रास्ता मिलेगा।

### 5. इन तीनों एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का निर्माण कौन सी एजेंसियां मिलकर करेंगी?
इन कनेक्टिविटी परियोजनाओं को केंद्र सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और दिल्ली सरकार के समन्वय से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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