# दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में 20 प्रत्याशी आजमा रहे किस्मत, प्रमुख पदों पर कड़ा मुकाबला

> दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 में चार मुख्य पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं, जिनमें खिलाड़ी, कानून के छात्र और विभिन्न संगठनों के प्रमुख चेहरे शामिल हैं।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/delhi-university-chhatra-sngha-chunava-men-20-pratyashi-ajama-rahe-kismata-pramukha-padon-para-kara-mukabala-33395 · **Language:** Hindi
**Tags:** डूसू चुनाव, दिल्ली विश्वविद्यालय, छात्र राजनीति, एबीवीपी, एनएसयूआई, आइसा

दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ और साउथ कैंपस में छात्र संघ चुनाव 2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कॉलेजों की कैंटीन, नुक्कड़ और पार्कों में चुनावी बहस का दौर जारी है। इस बार केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए कुल 20 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मैदान में उतरे प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि काफी विविध है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र और कई वैचारिक संगठनों के सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हैं।

## अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला
अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए इस बार 7 उम्मीदवार मैदान में ताल ठोक रहे हैं। मुख्य मुकाबला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और वामपंथी छात्र गठबंधन (आइसा-एसएफआई) के बीच माना जा रहा है।

- **यश डबास (एबीवीपी):** बौद्ध अध्ययन विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज) के छात्र यश मूल रूप से कंझावाला के रहने वाले हैं और टेनिस खिलाड़ी के तौर पर खेल की पृष्ठभूमि से आते हैं।
- **विजय शंकर मीणा (एनएसयूआई):** यह भी बौद्ध अध्ययन विभाग से जुड़े हैं और मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं।
- **अनन्या रतूड़ी (आइसा-एसएफआई गठबंधन):** पीजीडीएवी कॉलेज की छात्रा अनन्या वामपंथी मोर्चे की तरफ से अध्यक्ष पद की मुख्य उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं।

## उपाध्यक्ष और सचिव पद के दावेदार
उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 5 प्रत्याशियों के बीच चुनावी जंग है। इस पद पर एबीवीपी के इशू मौर्य और एनएसयूआई के वीर चतरथ के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है। इशू मौर्य कैंपस लॉ सेंटर के छात्र हैं और इससे पहले सत्यवती कॉलेज (मॉर्निंग) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जबकि वीर चतरथ बौद्ध अध्ययन विभाग के छात्र हैं।

सचिव पद की बात करें तो एबीवीपी ने श्री अरबिंदो कॉलेज की बास्केटबॉल खिलाड़ी रिया छाबड़ी को चुनाव मैदान में उतारा है, जो अपनी ऊर्जावान पहचान के लिए जानी जाती हैं। उनके सामने एनएसयूआई की तरफ से नम्रता चौधरी और वामपंथी गठबंधन की ओर से स्टेंजिन डेस्क्योंग चुनौती पेश कर रही हैं।

## संयुक्त सचिव पद और बौद्ध अध्ययन विभाग की भूमिका
संयुक्त सचिव पद के लिए एबीवीपी के उम्मीदवार लक्ष्यराज सिंह हैं, जो कैंपस लॉ सेंटर से पढ़ाई कर रहे हैं। लक्ष्यराज राष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी रहे हैं और एशियन गेम्स तथा वर्ल्ड चैंपियनशिप से जुड़े रहे हैं। इस पद पर उनके सामने एनएसयूआई के प्रत्याशी गोपाल चौधरी के अलावा अन्य निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में डटे हैं।

इस पूरे चुनाव में डिपार्टमेंट ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जहां से कई अहम पदों के उम्मीदवार नामांकित हैं और अपने चुनावी अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। कैंपस की राजनीति में खेल और विधि संकाय से जुड़े युवाओं की बढ़ती भागीदारी इस बार के छात्र संघ दंगल को खास बना रही है।

## इसका आप पर असर
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के जरिए कैंपस में नए छात्र नेतृत्व का चयन होगा, जो विश्वविद्यालय के मुद्दों और प्रशासन के समक्ष छात्रों के हितों का प्रतिनिधित्व करेगा।

- **कैंपस स्तर पर:** विश्वविद्यालय के सभी नियमित कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को केंद्रीय छात्र संघ के चार प्रमुख पदों के लिए मतदान करने का मौका मिलता है। इसके जरिए चुने गए प्रतिनिधि कॉलेज सुविधाओं, छात्रावास और फीस से जुड़े मामलों पर प्रशासन से संवाद करते हैं।
- **छात्र राजनीति पर:** विभिन्न शैक्षणिक विभागों और खेल जगत से आए प्रत्याशियों की सक्रियता से कैंपस राजनीति में मुद्दों का दायरा व्यापक होता है। इससे आम छात्रों को अपनी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए मजबूत नेतृत्व मिलता है।
- **आगामी परिणामों पर:** चुनाव संपन्न होने के बाद चार केंद्रीय पदाधिकारियों की घोषणा होगी। नव-निर्वाचित पदाधिकारी पूरे शैक्षणिक सत्र के लिए छात्र हितों से जुड़े कार्यक्रमों और नीतियों को आगे बढ़ाएंगे।
- **युवा मतदाताओं के लिए:** लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्यक्ष भागीदारी से छात्रों में नागरिक और राजनीतिक जागरूकता बढ़ती है। मतदान के दिन छात्र अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के पक्ष में फैसला सुनाएंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव हर साल विश्वविद्यालय के केंद्रीय पैनल के प्रतिनिधियों के चयन के लिए आयोजित किए जाते हैं। इस साल 20 उम्मीदवार चार मुख्य पदों के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

- **संवैधानिक प्रक्रिया:** डूसू के संविधान के तहत हर शैक्षणिक सत्र में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव कराए जाते हैं। यह विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधित्व की नियमित लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
- **संगठनों की सक्रियता:** एबीवीपी, एनएसयूआई और वामपंथी मोर्चे जैसे प्रमुख छात्र संगठन अपने प्रभाव को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकते हैं। इसी के तहत विभिन्न कॉलेजों और संकायों से प्रभावशाली चेहरों को टिकट दिए गए हैं।
- **पृष्ठभूमि की विविधता:** राजनीतिक दलों ने खेल और विधि संकाय जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को मैदान में उतारकर व्यापक छात्र वर्ग को साधने की रणनीति बनाई है। यही कारण है कि इस बार 20 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. डूसू चुनाव 2026 में कुल कितने उम्मीदवार मैदान में हैं?
इस चुनाव में चार प्रमुख पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

### 2. डूसू चुनाव में किन चार प्रमुख पदों के लिए मतदान होता है?
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों के लिए चुनाव होता है।

### 3. अध्यक्ष पद के लिए कितने प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं?
अध्यक्ष पद के लिए कुल 7 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

### 4. अध्यक्ष पद पर प्रमुख दावेदार कौन-कौन हैं?
एबीवीपी से यश डबास, एनएसयूआई से विजय शंकर मीणा और आइसा-एसएफआई गठबंधन से अनन्या रतूड़ी मुख्य दावेदार हैं।

### 5. उपाध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला किनके बीच है?
उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के इशू मौर्य और एनएसयूआई के वीर चतरथ के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

### 6. सचिव पद पर कौन से प्रमुख चेहरे मैदान में हैं?
सचिव पद के लिए एबीवीपी की रिया छाबड़ी, एनएसयूआई की नम्रता चौधरी और वामपंथी गठबंधन की स्टेंजिन डेस्क्योंग मैदान में हैं।

### 7. संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार लक्ष्यराज सिंह की क्या पृष्ठभूमि है?
लक्ष्यराज सिंह कैंपस लॉ सेंटर के छात्र हैं और राष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं।

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