दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में खुलेंगे छात्राओं के लिए हॉस्टल, नए डूसू अध्यक्ष ने की घोषणा डूसू अध्यक्ष पद का चुनाव 24,576 वोटों से जीतने के बाद यश डबास ने सत्य निकेतन हादसे की पृष्ठभूमि में सभी पीजी और हॉस्टलों के अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट और हर कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद छात्र राजनीति का केंद्र अब वादों को धरातल पर उतारने की रणनीति पर टिक गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने वाले यश डबास ने पदभार संभालने के साथ ही अपनी कार्ययोजना सार्वजनिक कर दी है। चुनाव में कुल 24,576 मत हासिल कर जीत दर्ज करने वाले नए अध्यक्ष ने साफ किया है कि उनका पहला और सबसे अहम दायित्व विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और रहने की व्यवस्था को मजबूत बनाना है। सत्य निकेतन हादसे के बाद पीजी और हॉस्टलों की सुरक्षा जांच दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पांच मंजिला इमारत के अचानक गिर जाने से सात लोगों की जान चली गई थी, जिनमें पांच छात्र शामिल थे। इस दर्दनाक हादसे ने विश्वविद्यालय के आसपास चल रहे निजी पीजी और हॉस्टलों के निर्माण मानकों की गंभीर स्थिति को उजागर किया था। यश डबास ने स्पष्ट किया है कि उनके कार्यकाल का सबसे पहला कदम कैंपस और उसके नजदीकी क्षेत्रों में मौजूद सभी किराए के मकानों, हॉस्टलों और पीजी का अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट कराना होगा। छात्र प्रतिनिधियों का मानना है कि पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों से आने वाले युवाओं की जान को असुरक्षित इमारतों के जोखिम में नहीं छोड़ा जा सकता, इसलिए सुरक्षा प्रमाणन की व्यवस्था लागू की जाएगी। हर कॉलेज में छात्राओं के लिए आवासीय सुविधा का विस्तार विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए रहने की उचित जगह मिलना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। नए छात्र संघ नेतृत्व ने इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की बात कही है। आंकड़ों का हवाला देते हुए यश डबास ने रेखांकित किया कि वर्ष 2015 के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय में कुल हॉस्टल बेड की संख्या केवल 5,700 थी, जो लगातार प्रयासों के चलते अब बढ़कर 12,000 से अधिक हो चुकी है। इस क्षमता को और आगे ले जाते हुए उन्होंने वादा किया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रत्येक संबद्ध कॉलेज में छात्राओं के लिए अलग गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा, ताकि महिला विद्यार्थियों को दूरदराज या असुरक्षित इलाकों में महंगे किराए के कमरे न तलाशने पड़ें। कार्यकर्ताओं को जीत का श्रेय और विपक्षी छात्र संगठन पर राजनीतिक तंज अपनी चुनावी कामयाबी पर बात करते हुए यश डबास ने इस जीत को संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं और आम छात्रों के साझे संघर्ष का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष के पूरे 365 दिन छात्रों, महिलाओं और युवाओं के हक में जमीन पर उतरकर काम करने वाले साथी ही इस सफलता के असली हकदार हैं। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की छात्र राजनीति में सक्रियता पर कटाक्ष किया। उन्होंने टिप्पणी की कि विपक्षी दल के बड़े नेता छात्र राजनीति में जितना अधिक हस्तक्षेप करेंगे, उनकी छात्र इकाई एनएसयूआई की स्थिति छात्र समुदाय के बीच उतनी ही कमजोर होती चली जाएगी। इसका आप पर असर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए सुरक्षित और सुलभ आवासीय सुविधाओं की घोषणा दैनिक कैंपस जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला सकती है। • विश्वविद्यालय स्तर पर: डीयू के सभी कॉलेजों में नए गर्ल्स हॉस्टल बनने से बाहर से आने वाली छात्राओं को कैंपस के भीतर किफायती और सुरक्षित आवास मिल सकेगा। इससे निजी मकान मालिकों द्वारा वसूले जाने वाले अत्यधिक किराए और अनियंत्रित नियमों से छात्रों को राहत मिलेगी। • आसपास के इलाकों में: सत्य निकेतन, मुखर्जी नगर और विजय नगर जैसे छात्र बहुल इलाकों के सभी पीजी और हॉस्टलों का अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। कमजोर व अवैध निर्माण वाली इमारतों की पहचान होने से किराएदार विद्यार्थियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। • आवासीय क्षमता में वृद्धि: 2015 के 5,700 बेड से बढ़कर 12,000 से अधिक हुए हॉस्टल बेड के बाद नए निर्माण से सीटों की मारामारी कम होगी। नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को हॉस्टल आवंटन प्रक्रिया में अधिक अवसर मिल सकेंगे। • जवाबदेही और नियम: छात्र संघ द्वारा सेफ्टी ऑडिट की निगरानी शुरू होने से निजी पीजी संचालक बुनियादी सुरक्षा मानक पूरा करने के लिए बाध्य होंगे। मानकों की अनदेखी करने वाले आवासों पर प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता खुलेगा। ऐसा क्यों हुआ डूसू अध्यक्ष पद के चुनाव परिणामों के बाद यह नई कार्ययोजना हालिया दर्दनाक हादसों और हॉस्टल संकट की पृष्ठभूमि में सामने आई है। • सत्य निकेतन की दुर्घटना: हाल ही में सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत के ढहने से सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच छात्र थे। इस घटना ने साबित किया कि विश्वविद्यालय के आसपास छात्र बिना सुरक्षा जांच वाले असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर हैं। • हॉस्टल सीटों की भारी कमी: दिल्ली विश्वविद्यालय में देश भर से छात्र आते हैं, लेकिन हॉस्टल सीटों की संख्या कुल छात्र संख्या के मुकाबले काफी कम रही है। वर्ष 2015 में केवल 5,700 सीटें थीं, जिन्हें छात्र संगठन के दबाव के बाद बढ़ाकर 12,000 से अधिक किया गया था। • छात्र संघ चुनाव के वादे: छात्र राजनीति में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं मुख्य मुद्दा बनी हुई हैं। 24,576 मतों से चुनाव जीतने के बाद यश डबास ने अपने चुनावी वादों को प्रशासनिक स्तर पर लागू कराने की दिशा में यह घोषणा की है। सवाल-जवाब 1. डूसू अध्यक्ष पद पर किसने जीत हासिल की और उन्हें कितने वोट मिले? अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के यश डबास ने 24,576 वोटों के साथ डूसू अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। 2. सत्य निकेतन हादसे में कितने लोगों की जान गई थी? सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच छात्र शामिल थे। 3. निजी पीजी और हॉस्टलों के लिए नए छात्र संघ अध्यक्ष ने क्या घोषणा की है? विश्वविद्यालय के आसपास स्थित सभी हॉस्टलों और निजी पीजी का अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। 4. दिल्ली विश्वविद्यालय में 2015 में कितने हॉस्टल बेड थे और अब कितने हैं? वर्ष 2015 में कुल 5,700 हॉस्टल बेड थे, जो एबीवीपी के प्रयासों के बाद बढ़कर 12,000 से अधिक हो चुके हैं। 5. कॉलेजों में छात्राओं के आवास को लेकर क्या वादा किया गया है? दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रत्येक कॉलेज में छात्राओं के लिए अलग गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण का वादा किया गया है। 6. यश डबास ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में क्या टिप्पणी की? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्र राजनीति में जितने सक्रिय होंगे, एनएसयूआई का ग्राफ उतनी ही तेजी से नीचे गिरेगा। https://trendkia.com/delhi/delhi-university-ke-sabhi-kolejon-men-khulenge-chhatraon-ke-lie-hostala-nae-dusu-adhyaksha-ne-ki-ghoshana-35211 TrendKia — Har trend, sabse pehle.