# दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर में घने स्मॉग का अंदेशा, सुस्त हवाएं बढ़ाएंगी वायु प्रदूषण

> दीपावली के तुरंत बाद राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की रफ्तार सुस्त पड़ने से जहरीले धुएं और कोहरे का मिश्रण गहराने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 9 नवंबर से हवा की गति और कमजोर होने पर वायु गुणवत्ता सूचकांक में बड़ा उछाल आ सकता है।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/dipavali-ke-bada-delhi-ncr-men-ghane-smoga-ka-andesha-susta-havaen-barhaengi-vayu-pradushana-56702 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली प्रदूषण, वायु प्रदूषण, स्मॉग, दीपावली, एक्यूआई, पश्चिमी विक्षोभ, मौसम विभाग

दीपावली पर्व के फौरन बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की आबोहवा एक बार फिर गंभीर खतरे की जद में आ सकती है। मौसम से जुड़े पूर्वानुमानों के मुताबिक त्योहार बीतते ही प्रदूषण के स्तर में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। वातावरण में मौजूद हानिकारक कणों के बिखरने की रफ्तार हवा की धीमी गति के कारण बिल्कुल थम सकती है, जिससे प्रदूषक तत्व राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर ही एक सघन चादर के रूप में कैद होकर रह जाएंगे। हालांकि राहत की बात केवल इतनी है कि त्योहार के दिन हवा की दिशा में होने वाले अस्थायी बदलाव से कुछ समय के लिए इस धुंधली चादर के छंटने में थोड़ी सहायता मिल सकती है।

## हवा के रुख में बदलाव और 8 नवंबर का असर
मौसम विश्लेषण से जुड़े विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार 7 नवंबर तक राजधानी दिल्ली में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान की दिशा से आने वाली मध्यम गति की उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने की उम्मीद है। इसके बाद वातावरण की स्थिति में एक नया मोड़ आएगा। उन्होंने जानकारी दी कि 8 नवंबर की रात से हल्की गति वाली पूर्वी हवाएं बहना शुरू हो सकती हैं। हवा के इस नए रुख के चलते दीपावली के ठीक आसपास वातावरण में जमा हानिकारक कणों को कुछ हद तक बिखरने और छंटने में मदद मिलेगी, जिससे फौरी राहत के संकेत मिल सकते हैं।

## 9 नवंबर से प्रदूषण में उछाल का नया अंदेशा
महेश पलावत ने आगे आगाह किया कि यह अस्थायी सुधार बहुत लंबा नहीं टिकेगा और 9 नवंबर को वायु गुणवत्ता की स्थिति दोबारा काफी बिगड़ सकती है। इसकी मुख्य वजह यह है कि पूर्वी हवाओं की ताकत और गति दोनों बेहद कमजोर पड़ने की आशंका है। हवा का प्रवाह मंद पड़ते ही पटाखों और अन्य स्रोतों से निकले प्रदूषक तत्व वातावरण की निचली सतह में ही तेजी से जमा होने लगेंगे। इस रुकावट के सीधे नतीजे के तौर पर दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI में अचानक बड़ा उछाल दर्ज किया जा सकता है, जो सांस के मरीजों के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा।

## हवा की चाल और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता
मौसम वैज्ञानिक नवदीप दहिया ने बताया कि 6 और 7 नवंबर को हवा की गति में मामूली सुधार देखा जा सकता है। मौजूदा समय में 5 किलोमीटर प्रति घंटे से भी धीमी चल रही हवाओं की रफ्तार बढ़कर लगभग 10-20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हवा की यह तेज गति दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में छाए भारी धूम कोहरे को साफ करने में मददगार साबित होगी। इस गतिशीलता से दोपहर और शाम के वक्त वायु गुणवत्ता में 20-30 प्रतिशत तक तथा रात के समय 10-20 प्रतिशत तक सुधार होने की पूरी संभावना है।

हालांकि नवदीप दहिया ने आगाह किया कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इस मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से 8 से 13 नवंबर के बीच हवा की गति फिर से बेहद धीमी पड़ सकती है। इस अवधि में जब हवा का संचार ठहर जाएगा, तब समूचे क्षेत्र में वायु प्रदूषण मौजूदा मौसम के सबसे चरम स्तर तक पहुंच सकता है।

## क्या होता है धूम कोहरा और कैसे घटती है दृश्यता
धूम कोहरा जिसे बोलचाल में स्मॉग कहा जाता है, दरअसल धुएं और प्राकृतिक कोहरे के आपसी मिश्रण से तैयार होता है। यह वायु प्रदूषण की एक बेहद जटिल और खतरनाक स्थिति है, जिसमें वातावरण में उड़ने वाली धूल, वाहनों का धुंआ और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले विषैले रसायन प्राकृतिक कोहरे की बूंदों के साथ रासायनिक रूप से घुलमिल जाते हैं। इस मिश्रण के कारण पूरे आसमान पर एक मटमैली और घनी धुंधली परत छा जाती है। इसके असर से न केवल हवा जहरीली हो जाती है, बल्कि जमीन पर दृश्यता यानी विजिबिलिटी भी बहुत घट जाती है, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन सीधे तौर पर प्रभावित होता है।

## इसका आप पर असर
दीपावली के बाद हवा की रफ्तार रुकने और स्मॉग गहराने से सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ेंगी तथा दैनिक आवागमन प्रभावित होगा।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** उत्तर भारत के विस्तृत मैदानी भागों में मौसमी बदलाव के चलते वायु गुणवत्ता के गंभीर श्रेणी में जाने का जोखिम बढ़ गया है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निवासियों को अगले सप्ताह तक वायु प्रदूषण के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
- **दिल्ली-एनसीआर में:** 8 से 13 नवंबर के बीच हवा की गति बेहद सुस्त होने से प्रदूषण अपने मौसमी चरम पर पहुंच सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को सुबह व शाम के समय खुले में भारी शारीरिक गतिविधियों से बचना चाहिए और बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करना चाहिए।
- **यातायात और दृश्यता:** घने धूम कोहरे के कारण सुबह और रात के समय सड़कों पर दृश्यता काफी घट सकती है। वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करना होगा और यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लेकर चलना होगा।
- **अस्थायी राहत का समय:** 6 और 7 नवंबर को 10-20 किमी प्रति घंटे की हवा चलने से दोपहर में आंशिक राहत मिलेगी। घर के जरूरी बाहरी काम इस छोटी राहत अवधि के दौरान निपटाना अधिक सुरक्षित रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
दीपावली के बाद प्रदूषण के विकराल होने की मुख्य वजह स्थानीय मौसमी दशाओं और हवा की गति का अचानक ठहर जाना है। मौसमी प्रणालियों के टकराव और सुस्त हवा के कारण जमीनी सतह पर छोड़े गए धुएं और गैसों को ऊपर उठने की जगह नहीं मिल पाती।

- **हवा की चाल का मंद पड़ना:** वर्तमान में 5 किमी प्रति घंटे से कम चल रही हवाएं 9 नवंबर के बाद फिर से बेहद कमजोर पड़ जाएंगी। हवा का संचार लगभग ठहर जाने से शहर के ऊपर जमा प्रदूषक तत्व बिखर नहीं पाते और एक ही जगह टिक जाते हैं।
- **पूर्वी हवाओं का कमजोर होना:** 8 नवंबर की रात से शुरू होने वाली हल्की पूर्वी हवाएं त्योहार के धुएं को थोड़ा बहुत हिलाएंगी, लेकिन 9 नवंबर तक उनकी शक्ति क्षीण हो जाएगी। इस अचानक कमजोरी से हवा की निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी।
- **पश्चिमी विक्षोभ का आगमन:** एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के दस्तक देने के कारण 8 से 13 नवंबर के दौरान मैदानी इलाकों में हवा की गति एकदम धीमी रहने का अनुमान है। यही मौसमी दबाव प्रदूषण को उसके उच्चतम स्तर पर पहुंचाने का मुख्य कारक बनेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. दीपावली के बाद दिल्ली में प्रदूषण क्यों बढ़ सकता है?
हवा की गति बेहद धीमी होने के कारण वातावरण में मौजूद प्रदूषक तत्व बिखरने के बजाय राजधानी के ऊपर ही कैद होकर रह जाएंगे।

### 2. दिल्ली में हवा की रफ्तार में कब सुधार आने की उम्मीद है?
6 और 7 नवंबर को हवा की गति मौजूदा 5 किमी प्रति घंटे से बढ़कर लगभग 10-20 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

### 3. 8 नवंबर की रात से क्या मौसमी बदलाव देखने को मिलेगा?
8 नवंबर की रात से हल्की पूर्वी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे दीपावली के आसपास प्रदूषण कणों के कुछ हद तक छंटने में मदद मिल सकती है।

### 4. 9 नवंबर को वायु गुणवत्ता के दोबारा खराब होने की क्या वजह है?
9 नवंबर को पूर्वी हवाएं बेहद कमजोर पड़ जाएंगी, जिससे धुएं के कण जमीन के पास जमा होकर AQI में तेज उछाल ला सकते हैं।

### 5. 8 से 13 नवंबर के बीच प्रदूषण चरम पर क्यों पहुंच सकता है?
इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण हवा की गति फिर से बेहद धीमी हो जाएगी, जिससे वायु प्रदूषण मौसमी रिकॉर्ड स्तर पर जा सकता है।

### 6. धूम कोहरा या स्मॉग वास्तव में क्या होता है?
यह धुएं और कोहरे का मिलाजुला रूप है, जिसमें धूल, वाहनों और कारखानों के हानिकारक कण कोहरे की बूंदों के साथ मिलकर आसमान में धुंधली चादर बना देते हैं।

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