# दीवाली की रात दिल्ली में प्रदूषण का गंभीर स्तर, 19 इलाकों में AQI पहुंचा खतरनाक पायदान पर

> दीपावली के मौके पर दिल्ली में आतिशबाजी के बाद हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। शाम सात बजे शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 371 दर्ज किया गया, जबकि जहांगीरपुरी में यह 460 तक पहुंच गया।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/divali-ki-rata-delhi-men-pradushana-ka-gnbhira-stara-19-ilakon-men-aqi-pahuncha-khataranaka-payadana-para-58016 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली प्रदूषण, दीवाली AQI, जहांगीरपुरी, खराब हवा, पटाखे प्रतिबंध

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दीवाली का त्योहार इस बार गहरे प्रदूषण के साये के बीच मनाया जा रहा है। रविवार की शाम जैसे-जैसे आसमान में पटाखों की गूंज और रोशनी तेज हुई, ठीक उसी तरह शहर की हवा भी तेजी से जहरीली होती चली गई। उत्सव के इस उल्लास के बीच राजधानी की आबोहवा बेहद चिंताजनक स्थिति में जा पहुंची है। शाम के सात बजते-बजते दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 371 के आंकड़े को छू गया, जिसे पर्यावरण मानकों के हिसाब से बहुत खराब श्रेणी में गिना जाता है।

 पटाखों से निकलने वाले घने धुएं और प्रदूषण के भारी गुबार ने शहर के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे चहुंओर धुंध की एक मोटी परत छा गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शहर के तमाम हिस्सों से लोगों ने हवा में लगातार आ रही धुएं की तीखी गंध और कम होती दृश्यता को लेकर अपनी चिंताएं और शिकायतें खुलकर साझा कीं। दीवाली की जगमगाहट और उमंग के बीच इस विकराल होते प्रदूषण ने आम जनता की मुश्किलें और बेचैनी दोनों को काफी बढ़ा दिया है।

 

## जहांगीरपुरी में AQI 460 तक पहुंचा, 19 केंद्रों पर हालात बेहद गंभीर
 राजधानी भर में हवा की सेहत पर नजर रखने वाले कुल 59 निगरानी केंद्रों से सामने आए आंकड़े बेहद डरावने हैं। शाम के सात बजने तक शहर के 19 अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता सीधे तौर पर गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। इसके अलावा, शहर के सात केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता खराब आंकी गई, जबकि शेष 33 केंद्रों पर यह बहुत खराब स्थिति में बनी रही। प्रदूषण के इस तांडव में जहांगीरपुरी का इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां AQI का स्तर सर्वोच्च यानी 460 तक जा पहुंचा।

 बीते रविवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 376 दर्ज किया गया था, जबकि इसके ठीक एक दिन पहले यानी शनिवार को यह आंकड़ा 369 पर था। इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि महज चौबीस घंटों के भीतर प्रदूषण के स्तर में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है, जिससे स्थिति सुधरने के बजाय लगातार बदतर होती जा रही है।

 

## सोमवार को हवा के और ज्यादा जहरीले होने की आशंका
 दिल्ली के पर्यावरण हालात का आकलन करने वाली वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने आने वाले दिनों को लेकर चेतावनी जारी की है। इसके अनुसार, 9 नवंबर से शुरू होकर अगले कुछ दिनों तक राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में ही बनी रहने की पूरी आशंका है। पर्यावरण जानकारों का मानना है कि इस भयंकर प्रदूषण के पीछे केवल दीवाली के पटाखे ही नहीं, बल्कि सड़कों पर दौड़ते वाहनों का धुआं और पड़ोसी राज्यों में खेतों में जलाई जा रही पराली का चरम दौर भी मुख्य रूप से जिम्मेदार है।

 इसके अलावा, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी इस जहर को हवा में छंटने से रोक रही हैं, क्योंकि हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषित कण वातावरण के निचले हिस्से में ही फंसे रहते हैं। ऐसे में दीवाली का यह जश्न बीत जाने के बाद भी दिल्ली के बाशिंदों को लंबे समय तक प्रदूषण की एक बेहद गंभीर और कठिन चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, जिससे राहत के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

## इसका आप पर असर
राष्ट्रीय राजधानी में दीवाली की रात बढ़े प्रदूषण और जहरीली हवा का सीधा असर यहां रहने वाले करोड़ों आम नागरिकों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।

- **स्वास्थ्य पर असर:** बढ़े हुए AQI स्तर के कारण बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- **स्थानीय प्रभाव:** दिल्ली और जहांगीरपुरी जैसे अत्यधिक प्रभावित इलाकों में लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
- **दैनिक गतिविधियां:** जहरीली धुंध और कम दृश्यता के कारण सुबह और शाम के समय बाहर निकलना या वॉक करना जोखिम भरा हो गया है।
- **सुरक्षात्मक उपाय:** स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार लोगों को सुबह के वक्त घर से बाहर निकलने से बचने और मास्क का उपयोग करने की जरूरत है।
- **प्रशासनिक कदम:** बिगड़ते हालातों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर प्रदूषण नियंत्रण के कड़े कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली में दीवाली के दौरान बढ़े प्रदूषण और खतरनाक रूप से पहुंचे AQI के पीछे कई मौसमी और मानवीय कारक जिम्मेदार हैं।

- **तात्कालिक कारण:** दीवाली की रात बड़े पैमाने पर हुई आतिशबाजी और पटाखों के कारण हवा में भारी मात्रा में हानिकारक धुएं और कणों का उत्सर्जन हुआ।
- **पराली और वाहन:** पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का चरम दौर जारी रहने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर वाहनों से निकलने वाले धुएं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
- **मौसमी परिस्थितियां:** इस दौरान प्रतिकूल मौसम और कम हवा की गति के कारण प्रदूषित कण वायुमंडल में फैल नहीं पाए और निचले स्तर पर ही टिके रहे।
- **क्रमिक वृद्धि:** पिछले दिनों के मुकाबले लगातार बढ़ते प्रदूषण के आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ कि सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता का स्तर लगातार गिरता जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. दीवाली की शाम दिल्ली का AQI कितना दर्ज किया गया था?
शाम 7 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 371 दर्ज किया गया था।

### 2. दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण किस इलाके में रिकॉर्ड हुआ?
जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा 460 AQI रिकॉर्ड किया गया।

### 3. शाम सात बजे तक कितने केंद्रों पर हवा की स्थिति गंभीर थी?
दिल्ली के 19 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई थी।

### 4. रविवार को दिल्ली का औसत AQI कितना रहा था?
रविवार को दिल्ली का औसत AQI 376 दर्ज किया गया था।

### 5. शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक कितना था?
शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 369 दर्ज किया गया था।

### 6. हवा के और अधिक जहरीले होने की आशंका कब से जताई गई है?
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने 9 नवंबर से अगले कुछ दिनों तक हवा गंभीर रहने की आशंका जताई है।

### 7. प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण क्या बताए गए हैं?
पटाखों के धुएं के अलावा वाहनों का धुआं और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना इसके मुख्य कारण हैं।

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