द्वारका में सड़ी-गली लाश केस सुलझा, घर बेचने पर हुए झगड़े में हथौड़े से हत्या, दो गिरफ्तार दिल्ली के द्वारका सेक्टर-18ए में 12 जुलाई को मिली सड़ी-गली लाश की पहचान पुलिस ने 500 सीसीटीवी कैमरों की मदद से नजफगढ़ निवासी अखिलेश मंडल के तौर पर की। मकान बेचने के विवाद में उसके साथ रह रहे अनिल ठाकुर और राजू कुमार ने हथौड़े से पीटकर उसकी हत्या कर दी थी, दोनों गिरफ्तार। दिल्ली के द्वारका सेक्टर-18ए में कारगिल चौक के पास 12 जुलाई को मिली एक अज्ञात लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। सड़क और नाले के बीच घास में पड़ा यह शव काफी हद तक सड़ चुका था और उसके सिर पर चोट के गहरे निशान मौजूद थे। शरीर पर कुछ टैटू जरूर बने हुए थे, लेकिन पहचान बताने वाले कोई दस्तावेज मौके से नहीं मिले थे। शव की हालत इतनी खराब थी कि आम तरीकों से पहचान कर पाना मुमकिन नहीं था, वहीं सिर पर मिले गहरे घाव के निशानों ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका को पुख्ता कर दिया था। इसी आधार पर द्वारका नॉर्थ थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। 500 सीसीटीवी कैमरों की मदद से खुली पहचान दस्तावेज न मिलने की वजह से पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना थी। इसके लिए घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक पुलिस आयुक्त सुभाष मलिक के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ और द्वारका नॉर्थ पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने अलग-अलग एंगल से मिली फुटेज को आपस में जोड़कर कदम दर कदम मृतक और आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक किया। लंबी मशक्कत के बाद पता चला कि मृतक नजफगढ़ निवासी 38 वर्षीय अखिलेश मंडल था। फुटेज के बारीक विश्लेषण और तकनीकी निगरानी के दम पर पुलिस दो आरोपियों तक पहुंच गई। पहला आरोपी नजफगढ़ का ही रहने वाला 66 वर्षीय अनिल ठाकुर निकला, जबकि दूसरा आरोपी बिहार के मुजफ्फरपुर का 28 वर्षीय राजू कुमार है। घर बेचने की बात पर बढ़ता गया विवाद पूछताछ में अनिल ठाकुर ने पुलिस को बताया कि अखिलेश मंडल उसी के घर पर रह रहा था। अखिलेश को शराब पीने की आदत थी, जिसकी वजह से दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। पुलिस के मुताबिक शराब की लत के चलते अखिलेश अक्सर घर में हंगामा खड़ा कर देता था, जिससे अनिल ठाकुर पहले से ही परेशान रहने लगा था। विवाद उस वक्त और गहरा गया जब अनिल ठाकुर ने अपना मकान बेचने का मन बना लिया। अखिलेश ने इस फैसले का जमकर विरोध किया, जिसे लेकर दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया। इसी विरोध से परेशान होकर अनिल ठाकुर ने अखिलेश को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। हथौड़े से हमला, फिर परिवार को गुमराह करता रहा हत्यारा 10 जुलाई को अनिल ठाकुर ने अखिलेश को धोखे से द्वारका सेक्टर-13 बुलाया। वहां से दोनों आरोपी उसे किसी सुनसान जगह पर ले गए और हथौड़े से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे अखिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी नजफगढ़ के धर्मपुरा इलाके में जाकर छिप गए। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अनिल ठाकुर मृतक अखिलेश के परिवार को पहले से जानता था, इसी वजह से हत्या के बाद भी वह परिवार के संपर्क में बना रहा और उन्हें लगातार गुमराह करता रहा। परिवार को अंधेरे में रखकर वह यह जताता रहा कि अखिलेश का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा, जबकि हकीकत में वही उसकी हत्या के पीछे था। फिलहाल पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथौड़ा, घटना के वक्त आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े और उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। जब्त हथौड़े, कपड़ों और मोबाइल फोन की जांच के आधार पर मामले की बाकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और आगे की जांच जारी है। इसका आप पर असर • भारत में: यह मामला दिखाता है कि संपत्ति या मकान बेचने जैसे पारिवारिक फैसलों पर होने वाला विवाद कई बार बेहद हिंसक रूप ले सकता है, ऐसे में किसी भी विवाद को समय रहते कानूनी तरीके से सुलझाना जरूरी है। • दिल्ली में: द्वारका और नजफगढ़ इलाके में रहने वालों के लिए यह घटना घर में साथ रह रहे परिचितों के साथ बढ़ते तनाव पर सतर्क रहने और समय पर पुलिस को सूचना देने की जरूरत को उजागर करती है। सवाल-जवाब 1. द्वारका में मिली लाश की पहचान कैसे हुई? घटनास्थल और आसपास के करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर पुलिस ने मृतक की पहचान अखिलेश मंडल के रूप में की। 2. मृतक कौन था? मृतक की पहचान 38 वर्षीय अखिलेश मंडल के रूप में हुई, जो नजफगढ़ का रहने वाला था। 3. हत्या के आरोप में किसे गिरफ्तार किया गया? पुलिस ने 66 वर्षीय अनिल ठाकुर, जो नजफगढ़ का रहने वाला है, और 28 वर्षीय राजू कुमार, जो बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है, को गिरफ्तार किया है। 4. हत्या की वजह क्या थी? अनिल ठाकुर के मकान बेचने के फैसले का अखिलेश ने जमकर विरोध किया था, यही विवाद हत्या की वजह बना। 5. हत्या कैसे और कब हुई? 10 जुलाई को अनिल ठाकुर ने अखिलेश को धोखे से द्वारका सेक्टर-13 बुलाकर सुनसान जगह ले जाकर हथौड़े से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 6. शव कहां और किस हालत में मिला था? शव द्वारका सेक्टर-18ए में कारगिल चौक के पास सड़क और नाले के बीच घास में मिला था, जो काफी हद तक सड़ चुका था। 7. वारदात के बाद आरोपी कहां छिपे थे? वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी नजफगढ़ के धर्मपुरा इलाके में जाकर छिप गए थे। 8. पुलिस ने क्या सबूत बरामद किए हैं? पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथौड़ा, आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े और उनके मोबाइल फोन जब्त किए हैं। https://trendkia.com/delhi/dwarka-men-sari-gali-lasha-kesa-sulajha-ghara-bechane-para-hue-jhagare-men-hathaure-se-hatya-do-giraphtara-7833 TrendKia — Har trend, sabse pehle.