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  "type": "article",
  "title": "चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर मंतर पर भारी बवाल, सौरभ भारद्वाज समेत 100 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए",
  "summary": "दिल्ली के जंतर मंतर पर विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आप नेता सौरभ भारद्वाज और छात्र कार्यकर्ताओं समेत 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया, जबकि इलाके में इंटरनेट और 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए।",
  "content": "देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर मंतर पर शुक्रवार को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। छात्र संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के भारी जमावड़े को रोकने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज सहित 100 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। इस विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में संचार व्यवस्था को अस्थायी रूप से नियंत्रित करते हुए इंटरनेट बंद करा दिया और दिल्ली मेट्रो के कई प्रमुख स्टेशनों पर आवागमन रोक दिया।\n\nछात्र संगठनों का आह्वान और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग\nयह विशाल विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से वामपंथी छात्र संगठनों आइसा, एसएफआई और डीवाईएफआई द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का मुख्य आक्रोश चुनाव आयोग के कामकाज और हाल ही में संचालित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर था। आंदोलनकारी संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे। उनका आरोप था कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के दौरान कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं, जिनसे आम मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हुए हैं। आयोजकों ने इस शांतिपूर्ण मार्च और धरने के लिए लगभग 1,500 लोगों के जंतर मंतर पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया था।\n\n \nप्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर 'ज्ञानेश गो बैक' के गगनभेदी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जब आंदोलनकारियों का एक बड़ा जत्था अशोक रोड से होते हुए जंतर मंतर की दिशा में कूच करने लगा, तब पहले से तैनात पुलिस के भारी अमले ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस अधिकारियों द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू की।\n\nसौरभ भारद्वाज की मौजूदगी और आम आदमी पार्टी की भागीदारी\nचुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे इस विरोध प्रदर्शन को उस समय और अधिक राजनीतिक बल मिला जब आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज जंतर मंतर पहुंचे। अपनी गिरफ्तारी से ठीक पहले संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वे अपनी निजी कार का इस्तेमाल किए बिना सामान्य तरीके से पैदल ही धरना स्थल तक पहुंचे हैं ताकि यह साबित किया जा सके कि आम नागरिक भी बिना किसी बाधा के अपनी आवाज उठाने यहां आ सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया था कि दोपहर होते-होते बड़ी तादाद में देश का युवा वर्ग, खासकर जेन-जी पीढ़ी और महिलाएं, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ इस जनआंदोलन का हिस्सा बनने जंतर मंतर पहुंचेंगी।\n\nहालांकि, सौरभ भारद्वाज के जंतर मंतर पहुंचते ही वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें तुरंत रोक लिया और उन्हें अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ एहतियातन हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठा दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी दृश्य में सौरभ भारद्वाज को पुलिस हिरासत में ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक 100 से ज्यादा लोगों को विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और हिरासत में लिए जाने वाले लोगों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, जो प्रदर्शन जारी रहने के साथ आगे और बढ़ सकती है।\n\nप्रशासनिक पाबंदियां, बीएनएसएस की धारा 163 और इंटरनेट निलंबन\nनई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, मार्च या धरने की आधिकारिक अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं। डीसीपी ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनधिकृत विरोध का हिस्सा न बनें और पूरी तरह से कानून का पालन करते हुए पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।\n\nडीसीपी सचिन शर्मा ने रेखांकित किया कि नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस धारा के प्रभावी होने से पूरे क्षेत्र में बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति के लोगों के एकत्रित होने, सभा करने या किसी भी प्रकार का प्रदर्शन करने पर पूर्ण कानूनी प्रतिबंध रहता है। सुरक्षा को और पुख्ता करने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जंतर मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित रखने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया। सभी संबंधित टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।\n\nदिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद\nजंतर मंतर के आसपास जमा हो रही भीड़ और संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी डीएमआरसी ने शुक्रवार को त्वरित कदम उठाते हुए नई दिल्ली और मध्य दिल्ली क्षेत्र के 11 प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। सुरक्षा कारणों से यह व्यवस्था शुरू में शाम 4 बजे तक लागू की गई थी, जिसके बाद स्थिति की समीक्षा के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाना तय किया गया।\n\nडीएमआरसी द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार जिन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास के द्वार बंद किए गए, उनमें शामिल हैं\n\n• जनपथ और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन\n• केंद्रीय सचिवालय और राजीव चौक स्टेशन\n• सेवा तीर्थ और मंडी हाउस स्टेशन\n• लोक कल्याण मार्ग और आईएनए मेट्रो स्टेशन\n• चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन\n\nयात्रियों की सहूलियत का ध्यान रखते हुए डीएमआरसी ने यह भी स्पष्ट किया कि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय जैसे प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर लाइन बदलने की सुविधा पहले की तरह सामान्य रूप से चालू रहेगी, केवल इन स्टेशनों से बाहर निकलने या सड़क से अंदर आने की अनुमति नहीं होगी। यात्रियों को किसी भी भ्रम से बचाने के लिए ट्रेनों और सभी प्लेटफार्मों पर लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणाएं की जाती रहीं।\n\nमतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की विशेष समीक्षा पहल\nजंतर मंतर पर मचे इस हंगामे के केंद्र में चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान है। हाल ही में इस अभियान के तहत देश भर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल और चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं। इसी विवाद की पृष्ठभूमि में छात्र और राजनीतिक दल सड़कों पर उतरे हैं।\n\nदूसरी ओर, चुनाव आयोग ने स्थिति को स्पष्ट करने और विसंगतियों को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। आयोग ने उन 20 राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों यानी सीईओ के साथ एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक की, जहां एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 26 सितंबर को लिए गए आयोग के महत्वपूर्ण निर्णय के आधार पर सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ अपने-अपने संबंधित मतदान क्षेत्रों में व्यक्तिगत रूप से दोबारा जाएं और मतदाता सूची की जमीनी स्तर पर जांच करें।\n\nइस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न छूटे और उनके नाम दोबारा जोड़े जाएं। अधिकारियों को विशेष तौर पर यह जांचने का निर्देश दिया गया है कि कहीं किसी मतदाता का नाम किसी लिपिकीय त्रुटि, गलती या तकनीकी विसंगति के कारण तो नहीं कट गया। पूरी प्रक्रिया के तहत राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित करेंगे, जो आगे बीएलओ को यह जिम्मेदारी सौंपकर सत्यापन कराएंगे।\n\nयह विशेष सत्यापन अभियान मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के मतदाताओं पर केंद्रित रहेगा, जिन्हें पहले की प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित के तौर पर दर्ज किया गया है। बीएलओ घर-घर जाकर यह जांचेंगे कि इन श्रेणियों में चिन्हित किसी भी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से तो नहीं हटाया गया। हालांकि, ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित संदिग्ध मतदाताओं के मामलों को इस अभियान के मुख्य फोकस से अलग रखा गया है। आयोग का प्रयास है कि पारदर्शी तरीके से पूरी सूची को दुरुस्त कर जनता के सभी संशयों को दूर किया जाए।\n\nइसका आप पर असर\nजंतर मंतर पर प्रदर्शन और प्रशासनिक पाबंदियों के कारण नई दिल्ली आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है।\n\n• नई दिल्ली में: जंतर मंतर और आसपास के 1.5 किलोमीटर दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद रहने से स्थानीय व्यापारियों, दफ्तर कर्मियों और ऑनलाइन लेन-देन करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों को किसी भी जरूरी ऑनलाइन कार्य के लिए ब्रॉडबैंड वाई-फाई पर निर्भर रहना होगा।\n• मेट्रो यात्रियों के लिए: मध्य और नई दिल्ली के 11 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक लगने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि इंटरचेंज की सुविधा जारी रहने से यात्री इन स्टेशनों से लाइन बदल सकते हैं, पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक नजदीकी स्टेशनों का उपयोग करना होगा।\n• भारत में मतदाताओं के लिए: चुनाव आयोग द्वारा 20 राज्यों में बीएलओ के जरिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का विशेष अभियान शुरू किया गया है। जिन नागरिकों के नाम हालिया संशोधन में हट गए थे, वे अपने संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ से संपर्क कर अपनी प्रविष्टि की जांच करा सकते हैं।\n• सड़क यात्रियों के लिए: जंतर मंतर, अशोक रोड और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा बलों द्वारा बैरिकेडिंग किए जाने से मध्य दिल्ली की सड़कों पर भारी जाम की स्थिति है। यात्रियों को इन मार्गों से बचने और अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह विरोध प्रदर्शन छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की हालिया मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियों के आरोपों के चलते शुरू हुआ।\n\n• एसआईआर प्रक्रिया में विसंगतियों के आरोप: वामपंथी छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों का दावा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान देश भर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से काट दिए गए। इस बड़े पैमाने पर नाम हटाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज हो गई।\n• बिना अनुमति प्रदर्शन और धारा 163: नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू थी, जिसके कारण किसी भी तरह के धरने या मार्च की कानूनी मंजूरी नहीं थी। आयोजकों द्वारा अनुमति न मिलने के बावजूद लगभग 1,500 लोगों को जुटाने की कोशिश के चलते पुलिस को बल प्रयोग और गिरफ्तारियां करनी पड़ीं।\n• प्रशासनिक एहतियात और सुरक्षा कदम: पूर्व में हुए बड़े जमावड़ों के अनुभवों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने डिजिटल लामबंदी और अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट बंद करने तथा भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने जैसे सख्त कदम उठाए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किस मांग को लेकर किया गया?\nयह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों से कथित तौर पर हटाए गए 13 करोड़ नामों के विरोध में किया गया।\n\n2. जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान किसे हिरासत में लिया गया?\nपुलिस ने आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और आइसा, एसएफआई व डीवाईएफआई के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।\n\n3. दिल्ली के किन इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद की गई है?\nजंतर मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित करने का आदेश दिया गया है।\n\n4. दिल्ली मेट्रो के किन स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद की गई है?\nराजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, सेवा तीर्थ, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, आरके आश्रम मार्ग और नई दिल्ली स्टेशन पर प्रवेश व निकास बंद किया गया है।\n\n5. क्या प्रभावित मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा चालू है?\nहां, राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर यात्रियों के लिए लाइन बदलने यानी इंटरचेंज की सुविधा सामान्य रूप से उपलब्ध है।\n\n6. चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों को लेकर क्या नया आदेश जारी किया है?\nचुनाव आयोग ने 20 राज्यों में बीएलओ को दोबारा घर-घर जाकर मृतक, स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में गलती से कटे मतदाताओं के नामों की जांच और सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।",
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  "publishedAt": "2026-10-02",
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