# गिरफ्तारी और एनएसए की परवाह नहीं, दिल्ली रोके जाने पर देश भर में होगा विरोध: अभिजीत दिपके

> कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीईसी के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए शांतिपूर्ण सत्याग्रह का आह्वान किया।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/giraphtari-aura-nsa-ki-paravaha-nahin-delhi-roke-jane-para-desha-bhara-men-hoga-virodha-abhijeet-dipke-43973 · **Language:** Hindi
**Tags:** अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी, जंतर मंतर, ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयोग, दिल्ली पुलिस, छत्रपति संभाजीनगर

राष्ट्रीय राजधानी में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सख्त रुख अख्तियार किया है। छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने अपनी संभावित गिरफ्तारी की आशंका जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन चाहे उन्हें हिरासत में ले ले या उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) जैसी कड़ी धाराएं लगा दे, लेकिन कार्यकर्ताओं का यह आंदोलन किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटने वाला है।

## सत्याग्रह की राह और महात्मा गांधी का संदेश
अभिजीत दिपके ने देशभर के युवाओं और प्रदर्शनकारियों से आह्वान किया कि यदि दिल्ली पुलिस उन्हें राजधानी में प्रवेश करने से रोकती है, तो वे महात्मा गांधी के सिद्धांतों को याद करें। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को जहां भी पुलिस द्वारा रोका जाए, उसी स्थान को जंतर-मंतर मानकर वहीं शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति व्यवस्था बनाए रखने और ‘रघुपति राघव राजा राम’ का जाप करते हुए अहिंसक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आग्रह किया।

## प्रशासन पर दबाव और आंदोलन की तीन मुख्य मांगें
प्रेस वार्ता के दौरान सीजेपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को होने वाले मार्च से सत्ता पक्ष असहज हो गया है। उन्होंने कहा कि जेल का डर दिखाकर लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार अपना पद नहीं छोड़ते हैं, तो यह आंदोलन दिल्ली तक सीमित न रहकर पूरे देश में जंतर-मंतर जैसा रूप ले लेगा।

## दिपके ने अपने इस आंदोलन की तीन प्राथमिक मांगें सामने रखीं
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा लिया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाए।
- एसआईआर की चल रही पूरी प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से फ्रीज किया जाए।
- चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में बुनियादी सुधार किए जाएं और वहां होने वाली सभी नियुक्तियों को पूरी तरह निष्पक्ष एवं तटस्थ बनाया जाए।

## कार्यकर्ताओं को नोटिस और सोशल मीडिया पर पाबंदी के आरोप
दिपके ने दावा किया कि उनके सहयोगियों को डराने के उद्देश्य से पुलिस नोटिस भेजे जा रहे हैं। उनके अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक दो लोगों को इस तरह के नोटिस थमाए जा चुके हैं, जबकि राजस्थान के एक कार्यकर्ता मुकेश को भी नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में कई अन्य समर्थकों को भी इसी तरह के नोटिस दिए जा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि भारत में इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया मंचों पर उनकी पार्टी से जुड़ी सामग्री को प्रतिबंधित किया जा रहा है।

## पुलिस कार्यप्रणाली और यात्रा खर्च पर तीखे सवाल
महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस की कार्यशैली की तुलना करते हुए दिपके ने कहा कि मुंबई में हुए पिछले प्रदर्शनों के दौरान महाराष्ट्र पुलिस का रवैया काफी सहयोगात्मक था और वह देश के सबसे बेहतरीन पुलिस बलों में से एक है। हालांकि, सीजेपी कार्यकर्ताओं से की जा रही पूछताछ पर उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सवाल किया कि महाराष्ट्र के चंद्रपुर से दिल्ली आने वाले लोगों से उनके सफर के खर्च का ब्योरा क्यों मांगा जा रहा है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि क्या अब नागरिकों को 1,000 से 1,500 रुपए के सामान्य ट्रेन टिकट का हिसाब भी पुलिस को देना होगा और क्या पुलिस महकमे के पास जांच के लिए अन्य कोई जरूरी काम नहीं बचा है।

## इसका आप पर असर
इस प्रस्तावित आंदोलन और पुलिस की कार्रवाई का सीधा असर दिल्ली जाने वाले यात्रियों, प्रदर्शनकारियों और चुनावी प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।

- **भारत में:** चुनाव आयोग की निष्पक्षता और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। विभिन्न राज्यों से दिल्ली आने वाले कार्यकर्ताओं पर कड़ी निगरानी रखी जा सकती है।
- **दिल्ली और महाराष्ट्र में:** 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा जांच के चलते यातायात प्रभावित होने की संभावना है। चंद्रपुर और अन्य जिलों से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को सुरक्षा एजेंसियों की सघन पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है।
- **सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं पर:** पार्टी से जुड़ी प्रचार सामग्री और पोस्ट पर डिजिटल पाबंदियों का दावा किया गया है। इसके चलते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजनीतिक कंटेंट की रीच और शेयरिंग प्रभावित हो सकती है।
- **प्रदर्शनकारी युवाओं के लिए:** शांतिपूर्ण सत्याग्रह और गांधीवादी तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया गया है। किसी भी प्रकार की रोक-टोक की स्थिति में मौके पर ही विरोध दर्ज कराने की रणनीति बनाई गई है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह टकराव चुनाव आयोग के शीर्ष नेतृत्व की जवाबदेही, सुधारों की मांग और प्रस्तावित दिल्ली मार्च से पहले शुरू हुई प्रशासनिक कार्रवाई के कारण पैदा हुआ है।

- **प्रमुख मांग और नेतृत्व विरोध:** सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है। उनका आरोप है कि आयोग में नियुक्तियां पूरी तरह तटस्थ नहीं हैं और एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए।
- **10 अक्टूबर का मार्च:** पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल सभा की योजना बनाई है। इसी प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सतर्कता बरती जा रही है।
- **प्रशासनिक नोटिस और पूछताछ:** महाराष्ट्र और राजस्थान के स्वयंसेवकों को पुलिस नोटिस भेजे जाने और यात्रा खर्च की पड़ताल ने आयोजकों को आक्रोशित किया है। आयोजक इसे प्रदर्शन रोकने का एक प्रशासनिक प्रयास मान रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अभिजीत दिपके किस संगठन से जुड़े हैं?
अभिजीत दिपके कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक हैं।

### 2. दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किस तारीख को प्रस्तावित है?
यह विरोध प्रदर्शन 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

### 3. आंदोलनकारियों की तीन मुख्य मांगें क्या हैं?
सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा व कानूनी कार्रवाई, एसआईआर प्रक्रिया को फ्रीज करना और चुनाव आयोग में निष्पक्ष नियुक्तियों के सुधार शामिल हैं।

### 4. पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से 'रघुपति राघव राजा राम' का जाप करते हुए उसी स्थान को जंतर-मंतर मानकर सत्याग्रह जारी रखने को कहा गया है।

### 5. किन राज्यों में कार्यकर्ताओं को नोटिस मिलने का दावा किया गया है?
प्रेस वार्ता में दावा किया गया कि महाराष्ट्र में दो लोगों और राजस्थान में मुकेश नामक एक कार्यकर्ता को नोटिस मिले हैं।

### 6. सोशल मीडिया को लेकर सीजेपी ने क्या आरोप लगाया है?
उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत में इंस्टाग्राम समेत विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर सीजेपी से संबंधित सामग्री पर रोक लगाई गई है।

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