# गुरुग्राम की बादशाहपुर तहसील में 25 हजार संपत्तियों के पंजीकरण में लगा एक ही पैन कार्ड, 55 हजार करोड़ की अनियमितता की जांच शुरू

> आयकर विभाग के सर्वे में बादशाहपुर तहसील में पिछले दो वर्षों के दौरान 25 हजार संपत्तियों की रजिस्ट्री में एक ही पैन नंबर दर्ज किए जाने का खुलासा हुआ है। कुल 55 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चंडीगढ़ की सात सदस्यीय विशेष टीम अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/gurugram-ki-badshahpur-tahasila-men-25-hajara-snpattiyon-ke-pnjikarana-men-laga-eka-hi-pan-karda-55-hajara-karora-ki-aniyamitata-k-46733 · **Language:** Hindi
**Tags:** बादशाहपुर, गुरुग्राम, आयकर विभाग, पैन कार्ड घोटाला, प्रॉपर्टी रजिस्ट्री, हरियाणा

हरियाणा के गुरुग्राम स्थित बादशाहपुर तहसील में संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आयकर विभाग द्वारा चलाए गए एक विशेष सर्वे के दौरान यह पाया गया कि पिछले दो सालों के भीतर लगभग 25 हजार रजिस्ट्रियों को पूरा करने के लिए केवल एक ही पैन कार्ड नंबर ABCDEF1234 का सहारा लिया गया। विभाग के अनुसार, इस एक नंबर का बार-बार इस्तेमाल करके अत्यधिक उच्च मूल्य की संपत्तियों की खरीद-बिक्री दर्ज कराई गई है। इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए आयकर विभाग के निदेशक (I&CI) चंडीगढ़ ने सात अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित कर बादशाहपुर तहसील भेजी है, जहां दस्तावेजों की पड़ताल चल रही है।

## लेनदेन छिपाने और गलत रिकॉर्ड दर्ज करने से 55 हजार करोड़ की गड़बड़ी
जांच प्रक्रिया में अधिकारियों ने पाया कि तहसील स्तर पर बड़े पैमाने पर उच्च मूल्य के सौदों की जानकारी छिपाई गई। लगभग 12 हजार ऐसी संपत्तियां चिन्हित की गई हैं जिनके जरिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये के सौदे किए गए, लेकिन इस पूरे वित्तीय लेनदेन की कोई भी सूचना आयकर विभाग को नहीं भेजी गई। इसके अतिरिक्त, लगभग 35 हजार अन्य संपत्तियों के सौदों के विश्लेषण में यह सामने आया कि या तो उनका ब्योरा आयकर विभाग के साथ साझा ही नहीं किया गया, या फिर उनके पंजीकरण रिकॉर्ड के साथ गलत पैन कार्ड नंबर संलग्न किए गए। इन सभी मामलों को मिलाकर कुल 55 हजार करोड़ रुपये की व्यापक वित्तीय गड़बड़ी दर्ज की गई है।

## तहसीलदार और नायब तहसीलदार की कार्यप्रणाली की पड़ताल
इस बड़े पैमाने पर हुई अनदेखी में प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने के लिए जांच दल तहसीलदार और नायब तहसीलदार की भूमिका का भी बारीकी से परीक्षण कर रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य उन सभी उच्च मूल्य वाली संपत्तियों की वास्तविक और सटीक जानकारी जुटाना है, जिन्हें समय रहते रिपोर्ट नहीं किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग के अधिकारियों ने हरियाणा के मुख्य सचिव को पूरे घटनाक्रम और पाई गई कमियों से अवगत करा दिया है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर इन खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

## वित्तीय विवरण और पारदर्शिता को लेकर निर्देश
आयकर विभाग को हरियाणा सरकार की ओर से मई 2026 तक का 'स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन' (SFT) हासिल हुआ है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार इसमें आवश्यक पारदर्शिता का अभाव है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 140 तहसीलदारों ने अपनी SFT गुरुवार तक निर्धारित समयसीमा समाप्त होने से पहले ही विभाग को उपलब्ध करा दी थी, जबकि 120 तहसीलदार इसे अंतिम समय तक ही जमा करते हैं। विभाग ने जोर देकर कहा है कि इस व्यवस्थागत कमी को तत्काल सुधारा जाए और जितनी भी लंबित SFT हैं, उन्हें पूरी स्पष्टता के साथ दाखिल किया जाए। साथ ही, जिन रजिस्ट्रियों में त्रुटियां और गड़बड़ियां पाई गई हैं, उनकी भी गहन समीक्षा की जा रही है ताकि विभाग के पास हर सौदे की पूरी तरह सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके।

## इसका आप पर असर
संपत्ति पंजीकरण में पैन विवरण की जांच सख्त होने से खरीदारों और राजस्व कार्यालयों के नियमों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

- **भारत में:** उच्च मूल्य की संपत्तियों की खरीद-बिक्री में पैन सत्यापन प्रक्रिया देशभर के उप-पंजीयक कार्यालयों में अधिक पारदर्शी बनाई जा सकती है। इससे कर अधिकारियों को वित्तीय ब्योरे की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के कड़े नियम लागू करने होंगे।
- **हरियाणा में:** गुरुग्राम और राज्य की अन्य तहसीलों में हाल में हुई रजिस्ट्रियों की दोबारा पड़ताल होने की संभावना बढ़ गई है। जिन खरीदारों के दस्तावेजों में गलत या फर्जी पैन विवरण दर्ज हुआ है, उन्हें सुधार के लिए नोटिस या सत्यापन प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है।
- **प्रॉपर्टी खरीदारों के लिए:** रजिस्ट्री कराते समय सही व्यक्तिगत कर पहचान और फॉर्म 60/पैन का सत्यापन बेहद अनिवार्य हो जाएगा। किसी भी एजेंट या मध्यस्थ द्वारा दर्ज गलत विवरण की जिम्मेदारी अंततः संपत्ति मालिक पर आ सकती है।
- **राजस्व तंत्र पर असर:** तहसीलदारों और संबंधित कर्मचारियों पर स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन समय सीमा में दाखिल करने का दबाव बढ़ेगा। इससे भविष्य में संपत्तियों की रजिस्ट्री के दौरान डिजिटल सत्यापन और डेटा मिलान और अधिक कड़ा होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
तहसील स्तर पर उच्च मूल्य की संपत्तियों के पंजीकरण के दौरान पैन सत्यापन और अनिवार्य वित्तीय रिपोर्टिंग में हुई गंभीर लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।

- **सीधा कारण:** बादशाहपुर तहसील में 25 हजार रजिस्ट्रियों में बिना वैध जांच के बार-बार एक ही पैन नंबर दर्ज कर दिया गया। इस विसंगति को आयकर विभाग के आंतरिक सर्वे दल ने पकड़ लिया।
- **लापरवाही का दायरा:** करीब 12 हजार संपत्तियों के 15 हजार करोड़ रुपये के सौदे कर विभाग को सूचित नहीं किए गए, जबकि 35 हजार अन्य संपत्तियों में गलत या गैर-मौजूद पैन रिकॉर्ड दर्ज किए गए। कुल मिलाकर यह खामी 55 हजार करोड़ रुपये के लेनदेन तक पहुंच गई।
- **प्रशासनिक शिथिलता:** स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की फाइलिंग में पारदर्शिता का अभाव रहा और संबंधित राजस्व अधिकारियों ने उच्च मूल्य के सौदों का सत्यापन समय पर नहीं किया। इस संबंध में अब हरियाणा के मुख्य सचिव को सुधारात्मक कदमों के लिए सूचित किया गया है।
- **आगे की कार्रवाई:** चंडीगढ़ आयकर निदेशालय की सात सदस्यीय विशेष टीम मौके पर तैनात होकर तहसीलदार व नायब तहसीलदार की भूमिका और संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. बादशाहपुर तहसील में किस तरह की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है?
सर्वे में पाया गया कि पिछले दो सालों में 25 हजार संपत्तियों की रजिस्ट्री में केवल एक ही पैन कार्ड नंबर का इस्तेमाल किया गया था।

### 2. रजिस्ट्री में किस पैन कार्ड नंबर का बार-बार इस्तेमाल किया गया?
दस्तावेजों में ABCDEF1234 नंबर का उपयोग उच्च मूल्य की संपत्तियों के पंजीकरण के लिए किया गया।

### 3. कुल कितने मूल्य की वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है?
आयकर विभाग के अनुसार बिना सूचना वाले और गलत पैन से जुड़े सौदों में कुल 55 हजार करोड़ रुपये की गड़बड़ी मिली है।

### 4. मामले की जांच कौन सी टीम कर रही है?
आयकर विभाग के निदेशक (I&CI) चंडीगढ़ द्वारा गठित सात अधिकारियों की एक विशेष टीम मौके पर जांच कर रही है।

### 5. इस मामले में किन अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है?
बादशाहपुर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार की कार्यप्रणाली की पड़ताल की जा रही है।

### 6. हरियाणा सरकार से प्राप्त वित्तीय विवरण (SFT) को लेकर विभाग ने क्या कहा?
विभाग को मई 2026 तक की SFT मिली है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार इसमें पारदर्शिता की कमी है और 120 तहसीलदार इसे अंतिम समय पर जमा करते हैं।

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