हर 40 मिनट में एक धमकी, चार महीने तक स्कूल और दफ्तरों को हिलाने वाली महिला बंगला साहिब के पास दबोची गई बीते चार महीनों में देश के अलग-अलग स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को 200 से ज्यादा धमकी भरे ईमेल भेजने वाली 41 वर्षीय महिला को दिल्ली पुलिस ने गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास से गिरफ्तार किया है। चार महीने तक एक महिला ने दिल्ली के स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को इस कदर परेशान किए रखा कि पुलिस-प्रशासन से लेकर मासूम बच्चों तक के माथे पर पसीना आ गया। कभी किसी स्कूल में बम होने की झूठी खबर, तो कभी किसी दफ्तर पर गंभीर आरोप, यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था। आखिरकार लंबी मशक्कत के बाद दिल्ली पुलिस ने इस महिला को न सिर्फ खोज निकाला, बल्कि उसे गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास से गिरफ्तार भी कर लिया। पुलिस के मुताबिक, इस महिला ने बीते चार महीनों में औसतन हर 40 मिनट में एक ऐसी हरकत की, जिसे कोई भी एजेंसी नजरअंदाज नहीं कर सकती थी। इस दौरान उसने देश के अलग-अलग स्कूलों और दफ्तरों को 200 से ज्यादा धमकी भरे ईमेल भेजे। इन ईमेलों में कभी बम होने की झूठी सूचना दी जाती, तो कभी ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए जाते। कभी किसी दफ्तर में भ्रष्टाचार का जिक्र होता, तो कभी अरावली क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाए जाते। कौन है आरोपी महिला? पुलिस ने आरोपी की पहचान 41 वर्षीय सीमा लोहुमी के रूप में की है। वह मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली है। जांच में सामने आया कि वह 9 फरवरी 2026 से लगातार अलग-अलग सरकारी विभागों, स्कूलों और संस्थानों को ईमेल भेज रही थी। हर बार ईमेल की भाषा और सामग्री ऐसी होती थी कि किसी भी एजेंसी के लिए उसे हल्के में लेना मुमकिन नहीं था। बार-बार खाली कराने पड़े स्कूल इन चार महीनों में महिला ने कई स्कूलों में बम होने की झूठी सूचना भेजी। हर ऐसी सूचना के बाद स्कूलों को खाली कराना पड़ता था। जांच में हर बार यह खबर झूठी निकलती, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से एजेंसियों को पूरी कार्रवाई करनी ही पड़ती थी। तकनीकी निगरानी से कसा शिकंजा मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ईमेल से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रैक करना शुरू किया। लेकिन आरोपी महिला भी कम शातिर नहीं थी। उसका मोबाइल लंबे समय तक बंद रहता था। इसके बावजूद पुलिस की तकनीकी टीम उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए रही। जांच के दौरान कई डिजिटल सुराग जुटाए गए और तकनीकी सर्विलांस का दायरा बढ़ाया गया। 18 जून को एक बार फिर धमकी भरा ईमेल सामने आने के बाद पुलिस ने अपना ऑपरेशन और तेज कर दिया। आखिरकार 21 जून को तकनीकी सर्विलांस के जरिए संदिग्ध की लोकेशन गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास मिल गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई करते हुए बंगला साहिब के बाहर से महिला को हिरासत में ले लिया। अब क्या कर रही है पुलिस? पूछताछ में पता चला कि वह लंबे समय से इस तरह के ईमेल भेज रही थी। वहीं, परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि महिला का इलाज भी चल रहा है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन ईमेलों के पीछे उसका असली मकसद क्या था और क्या इस पूरे मामले में कोई और भी शामिल है। जांच एजेंसियां उसके डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। इसका आप पर असर • भारत में: स्कूलों और दफ्तरों को मिलने वाली ज्यादातर बम धमकियां झूठी साबित होती हैं, फिर भी हर सूचना पर एजेंसियों को पूरी सुरक्षा कार्रवाई करनी पड़ती है, जिससे बच्चों और कर्मचारियों का समय और सुरक्षा दोनों प्रभावित होते हैं। • दिल्ली में: राजधानी के स्कूलों को बार-बार खाली कराने जैसी घटनाएं पढ़ाई और रोजमर्रा की दिनचर्या को बाधित करती हैं, हालांकि पुलिस की तकनीकी निगरानी ऐसे आरोपियों तक पहुंचने में कारगर साबित हो रही है। सवाल-जवाब 1. आरोपी महिला कौन है? आरोपी की पहचान 41 वर्षीय सीमा लोहुमी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली है। 2. उसने कितने धमकी भरे ईमेल भेजे? पुलिस के मुताबिक उसने बीते चार महीनों में देश के अलग-अलग स्कूलों और दफ्तरों को 200 से ज्यादा धमकी भरे ईमेल भेजे। 3. ईमेल में किस तरह की धमकियां होती थीं? कभी बम होने की झूठी सूचना, कभी ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप, तो कभी भ्रष्टाचार और अरावली क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाए जाते थे। 4. वह कब से ईमेल भेज रही थी? जांच में सामने आया कि वह 9 फरवरी 2026 से लगातार सरकारी विभागों, स्कूलों और संस्थानों को ईमेल भेज रही थी। 5. पुलिस ने उसे कैसे और कहां पकड़ा? तकनीकी सर्विलांस के जरिए 21 जून को उसकी लोकेशन गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास मिली, जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। 6. पुलिस को उसे ट्रैक करने में दिक्कत क्यों आई? आरोपी का मोबाइल लंबे समय तक बंद रहता था, जिससे उसे ट्रैक करना मुश्किल था, फिर भी तकनीकी टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रखती रही। 7. अब आगे क्या होगा? पुलिस यह पता लगा रही है कि ईमेलों के पीछे उसका असली मकसद क्या था और क्या कोई और भी शामिल है, साथ ही उसके डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की पड़ताल जारी है। https://trendkia.com/delhi/hara-40-minata-men-eka-dhamaki-chara-mahine-taka-skula-aura-daphtaron-ko-hilane-vali-mahila-bangla-sahib-ke-pasa-dabochi-gai-2732 TrendKia — Har trend, sabse pehle.