भारत की मेजबानी में BRICS मुख्य न्यायाधीश फोरम का आयोजन, CJI सूर्यकांत 10 राष्ट्रों के शीर्ष जजों संग करेंगे द्विपक्षीय बैठकें नई दिल्ली में 4 से 6 सितंबर 2026 तक BRICS मुख्य न्यायाधीशों के फोरम का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत रूस, चीन और मिस्र सहित 10 सदस्य व साझेदार देशों के न्यायिक प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। भारत की राजधानी नई दिल्ली में 4 से 6 सितंबर 2026 के दौरान BRICS मुख्य न्यायाधीशों के फोरम का एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में BRICS के सदस्य देशों के साथ-साथ सहयोगी राष्ट्रों के मुख्य न्यायाधीश, शीर्ष न्यायालयों के अध्यक्ष और वरिष्ठ न्यायिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन की एक प्रमुख विशेषता यह रहेगी कि भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत 10 विभिन्न देशों से आए न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ अलग से द्विपक्षीय वार्ताएं आयोजित करेंगे। 10 देशों के न्यायिक प्रमुखों संग CJI सूर्यकांत की द्विपक्षीय वार्ता सम्मेलन की बैठकों के दौरान CJI जस्टिस सूर्यकांत विश्व के 10 प्रमुख देशों के शीर्ष न्यायिक अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय संवाद करेंगे। इन बैठकों में निम्नलिखित अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं • रूस: रूस के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस इगोर क्रास्नोव • चीन: चीन के सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट के चीफ जस्टिस झांग जून • मिस्र: मिस्र के सुप्रीम कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट के चीफ जस्टिस बोलोस गहमी इस्कंदर बोलोस • इंडोनेशिया: इंडोनेशिया के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस प्रो. डॉ. सुनार्तो • यूएई: यूएई फेडरल सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष मोहम्मद हमद अल बादी अल धाहेरी • बेलारूस: बेलारूस के सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन आंद्रेई श्वेद • कजाखस्तान: कजाखस्तान के सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन अस्लानबेक मर्जिकेलियेव • दक्षिण अफ्रीका: दक्षिण अफ्रीका के सुप्रीम कोर्ट ऑफ अपील की अध्यक्ष महूबे बेट्टी मोलेमेला • ईरान: ईरान के चीफ जस्टिस आयतुल्लाह गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई • उज्बेकिस्तान: उज्बेकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट की डिप्टी चेयरपर्सन मालिकाखोन कलंदरवा न्यायिक सहयोग और आधुनिक चुनौतियों पर मंथन तीन दिवसीय फोरम में न्यायिक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, वैश्विक विवाद निवारण, तकनीकी नवाचारों और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। फोरम के दूसरे दिन सदस्य व साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे। इस फोरम में चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं • मध्यस्थता और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवाद: वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक विवादों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। • सीमा-पार मध्यस्थता पुरस्कारों का प्रवर्तन: अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता निर्णयों (आर्बिट्रेशन अवार्ड्स) को लागू करने में आने वाली व्यावहारिक रुकावटों और विभिन्न देशों की कानूनी प्रक्रियाओं में बेहतर सामंजस्य स्थापित करने की संभावनाओं पर मंथन होगा। • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यायपालिका: न्यायिक प्रशासन को सुगम बनाने में डिजिटल तकनीकों, AI की क्षमता और भविष्य की न्याय प्रणाली में इसके सुरक्षित इस्तेमाल पर विस्तृत चर्चा होगी। • न्यायिक नेतृत्व और सतत विकास: पर्यावरण संरक्षण, हरित शासन और सतत ऊर्जा प्रणालियों को बढ़ावा देने में अदालत एवं न्यायिक नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी और मुख्य उद्देश्य इस वृहद आयोजन में BRICS के मूल एवं नए सदस्य देशों के शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, जिनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और यूएई शामिल हैं। इसके साथ ही कई साझेदार देशों जैसे बेलारूस, बोलीविया, कजाखस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान के न्यायिक अधिकारी भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस फोरम का मुख्य उद्देश्य सदस्य और साझेदार देशों के बीच न्यायिक संवाद को सुदृढ़ बनाना, एक-दूसरे के सर्वोत्तम न्यायिक अनुभवों का आदान-प्रदान करना और कानूनी तथा संस्थागत तंत्र को और अधिक मजबूत व सहयोगी बनाना है। इसका आप पर असर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मुकदमों और सीमा-पार कानूनी विवादों को तेजी से सुलझाने में बड़ा बदलाव ला सकता है। • भारत में: देश में विदेशी निवेश करने वाली कंपनियों के बीच वाणिज्यिक विवादों के निपटारे के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होगी। इससे भारतीय कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अदालती प्रक्रिया में लगने वाले समय और खर्च की बचत होगी। • भारत में: सीमा-पार मध्यस्थता फैसलों को लागू करने के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। इसके माध्यम से भारतीय कंपनियों के बकाया भुगतान और विदेशी समझौतों को लागू कराने में विधिक सुरक्षा मिलेगी। • नई दिल्ली में: देश की राजधानी में 10 से अधिक देशों के शीर्ष न्यायिक प्रमुख जुटेंगे, जिससे वैश्विक विधिक मंच पर शहर का प्रभाव बढ़ेगा। इससे दिल्ली स्थित मध्यस्थता केंद्रों और कानूनी संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। • भारत में: न्यायपालिका में AI और डिजिटल नवाचारों के इस्तेमाल पर BRICS देशों का साझा फ्रेमवर्क बनेगा। इसके लागू होने से भारतीय अदालतों में लंबित मामलों का डिजिटल प्रबंधन सुधरेगा और सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी। सवाल-जवाब 1. BRICS मुख्य न्यायाधीशों का फोरम कब और कहां आयोजित किया जाएगा? यह फोरम 4 से 6 सितंबर 2026 तक भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। 2. फोरम में सीजेआई सूर्यकांत किन देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे? सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, यूएई, बेलारूस, कजाखस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। 3. इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में किन मुख्य विषयों पर चर्चा होगी? फोरम में अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों के लिए मध्यस्थता, सीमा-पार मध्यस्थता फैसलों का प्रवर्तन, न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सतत विकास में न्यायिक नेतृत्व पर चर्चा होगी। 4. फोरम में कौन-कौन से BRICS सदस्य देश हिस्सा ले रहे हैं? इसमें भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और यूएई के न्यायिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। 5. फोरम में किन साझेदार देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे? इस फोरम में बेलारूस, बोलीविया, कजाखस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान जैसे साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। https://trendkia.com/delhi/india-ki-mejabani-men-brics-mukhya-nyayadhisha-phorama-ka-ayojana-cji-surya-kant-10-rashtron-ke-shirsha-jajon-snga-karenge-dvipaks-27169 TrendKia — Har trend, sabse pehle.