# दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय कार चोर गिरोह का पर्दाफाश, अमृतसर से दो गिरफ्तार और पांच गाड़ियां बरामद

> दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए अमृतसर से दो आरोपियों को दबोचा है। पुलिस ने उनके पास से चार क्रेटा और एक डिजायर समेत पांच चोरी की कारें बरामद की हैं।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/interstate-car-theft-gang-busted-in-delhi-ncr-two-arrested-from-amritsar-and-five-vehicles-recovered-50216 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली पुलिस, वाहन चोरी, अमृतसर, क्रेटा, एएटीएस, अपराध समाचार

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने पंजाब के अमृतसर से इस गिरोह के दो अहम गुर्गों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की पांच गाड़ियां भी बरामद कर ली हैं, जिससे दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों को सुलझाने में बड़ी मदद मिली है।

 

## अमृतसर से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
 कार्रवाई को अंजाम देने वाली दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड यानी एएटीएस की टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान शमशेर और रिंकू उर्फ रिंकी के तौर पर हुई है। इनमें से शमशेर की उम्र 33 साल है जबकि रिंकू उर्फ रिंकी 39 वर्ष का है। दोनों आरोपी मूल रूप से पंजाब के अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस की इस दबिश के दौरान उनके कब्जे से कुल पांच गाड़ियां बरामद हुईं, जिनमें चार आधुनिक हुंडई क्रेटा और एक मारुति सुजुकी डिजायर शामिल हैं।

 

## राजेंद्र नगर थाने में दर्ज हुई थी पहली शिकायत
 इस पूरे मामले की शुरुआत ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके से हुई थी, जहां 14 अक्टूबर को एक घर के बाहर खड़ी सफेद रंग की हुंडई क्रेटा चोरी होने का मामला सामने आया था। वाहन मालिक की शिकायत पर राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 के तहत ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को भांपते हुए सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के निर्देश पर एएटीएस के प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप डबास के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस पूरी जांच की निगरानी एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा द्वारा की जा रही थी।

पुलिस टीम ने पारंपरिक खुफिया तंत्र और आधुनिक तकनीकी निगरानी का जाल बिछाकर पंजाब के इस आपराधिक गिरोह की गतिविधियों का सुराग लगाया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह रात के वक्त दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में घूमकर अच्छी और सुरक्षित हालत में खड़ी लग्जरी गाड़ियों को अपना निशाना बनाता था। गाड़ी चुराने के बाद आरोपी उस पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगा देते थे, ताकि रास्ते में किसी को शक न हो और वे आसानी से गाड़ियों को पंजाब तक पहुंचा सकें। पंजाब पहुंचने के बाद इन वाहनों को सुरक्षित ठिकानों पर खपा दिया जाता था।

 

## छापेमारी के बाद पांच मामलों का हुआ खुलासा
 खुफिया जानकारियों को पुख्ता करने के बाद पुलिस ने 16 अक्टूबर को अमृतसर के जंडियाला गुरु में एक सटीक छापा मारा और सबसे पहले शमशेर को धर दबोचा। उसके पास से एक काली हुंडई क्रेटा बरामद हुई, जिसकी जांच करने पर पता चला कि यह गाड़ी रोहिणी के बेगमपुर थाने में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमे से जुड़ी हुई थी। हिरासत में कड़ाई से पूछताछ के दौरान शमशेर ने अपने साथी रिंकू उर्फ रिंकी का नाम उजागर किया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने उसी दिन दूसरे आरोपी रिंकू को भी अमृतसर से ही गिरफ्तार कर लिया।

रिंकू की निशानदेही पर पुलिस ने राजेंद्र नगर से चोरी हुई सफेद रंग की हुंडई क्रेटा भी बरामद कर ली। इसके बाद की गई सिलसिलेवार पूछताछ में तीन और चोरी की गाड़ियां पुलिस के हाथ लगीं। इन वाहनों की बरामदगी से जनकपुरी, राजौरी गार्डन और नेताजी सुभाष प्लेस थानों में दर्ज चोरी के पुराने मामलों को भी सुलझा लिया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपी चुराई गई गाड़ियां अमृतसर के ही रहने वाले हरप्रीत उर्फ हनी नाम के शख्स को सौंपते थे। फिलहाल पुलिस हरप्रीत और इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार बदमाशों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है और बाकी चोरी के वाहनों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

## इसका आप पर असर
वाहन चोरी के इस बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के खुलासे से दिल्ली-एनसीआर में गाड़ी मालिकों को बड़ी राहत मिली है और पुलिस की सक्रियता से चोरों में खौफ पैदा हुआ है।

- **भारत में:** यह कार्रवाई दर्शाती है कि वाहन चोर गिरोह किस तरह महानगरों से गाड़ियां चुराकर दूसरे राज्यों में फर्जी नंबर प्लेट के सहारे ठिकाने लगाते हैं। वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियों में जीपीएस ट्रैकर और आधुनिक एंटी-थॉट डिवाइस लगाने की सलाह दी जाती है।

- **दिल्ली-एनसीआर में:** राजेंद्र नगर, जनकपुरी, राजौरी गार्डन और रोहिणी जैसे इलाकों में गाड़ी पार्क करने वाले स्थानीय लोगों को अब चोरी के इन मामलों के खुलासे से कुछ राहत मिलेगी। पुलिस अब इस गैंग के बाकी नेटवर्क को तोड़ने के लिए पार्किंग स्थलों पर निगरानी बढ़ा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं और रात के वक्त सुनसान इलाकों से लग्जरी गाड़ियां गायब होने की शिकायतों के बाद पुलिस ने इस गिरोह की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया। तकनीकी निगरानी और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस इस अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने में कामयाब रही।

- **तकनीकी और खुफिया सर्विलांस:** पुलिस टीमों ने मैनुअल जानकारी जुटाने के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का इस्तेमाल किया, जिससे आरोपियों की लोकेशन पंजाब के अमृतसर तक ट्रेस हो पाई।

- **फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल:** आरोपी चोरी करने के तुरंत बाद गाड़ियों पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर लगा देते थे ताकि पुलिस चेकिंग और टोल नाकों पर पकड़े जाने से बचा जा सके।

- **अंतरराज्यीय सिंडिकेट कनेक्शन:** यह गिरोह दिल्ली से गाड़ियां चुराकर उन्हें अमृतसर के हरप्रीत उर्फ हनी जैसे स्थानीय रिसीवरों के जरिए आगे खपाता था, जिसके नेटवर्क की तलाश अब भी जारी है।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने पंजाब के अमृतसर से शमशेर और रिंकू उर्फ रिंकी नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

### 2. पुलिस ने आरोपियों के पास से कितनी और कौन सी गाड़ियां बरामद की हैं?
पुलिस ने कुल पांच चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें चार हुंडई क्रेटा और एक मारुति सुजुकी डिजायर शामिल हैं।

### 3. यह पूरी जांच किस मामले से शुरू हुई थी?
जांच की शुरुआत 14 अक्टूबर को ओल्ड राजेंद्र नगर से एक सफेद हुंडई क्रेटा चोरी होने की शिकायत दर्ज होने के बाद हुई थी।

### 4. आरोपी चोरी की गई गाड़ियों का क्या करते थे?
आरोपी चुराई गई गाड़ियों पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाकर उन्हें पंजाब ले जाते थे और अमृतसर के हरप्रीत उर्फ हनी को सौंपते थे।

### 5. इस कार्रवाई से दिल्ली के किन थानों के मामले सुलझे हैं?
इस कार्रवाई से राजेंद्र नगर, बेगमपुर रोहिणी, जनकपुरी, राजौरी गार्डन और नेताजी सुभाष प्लेस थानों में दर्ज चोरी के मामले सुलझे हैं।

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