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  "type": "article",
  "title": "जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक प्रदर्शन का 32वां दिन, बल प्रयोग मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई आज",
  "summary": "दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन जारी है, जहां आज हाई कोर्ट प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के मामले की याचिका पर सुनवाई करेगा।",
  "content": "NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन आज 32वें दिन भी जारी है। इसी बीच, दिल्ली हाई कोर्ट आज प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित बल प्रयोग के मामले की याचिका पर सुनवाई करने वाला है। इस कानूनी कदम ने इस लंबे समय से चल रहे आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया है, जिसने पहले से ही राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है और देश भर में सरकार और विपक्ष के बीच एक बड़ा राजनीतिक गतिरोध पैदा कर दिया है। हाई कोर्ट के समक्ष दायर याचिका में सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई की जांच कराने और छात्र प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करने की मांग की गई है।\n\n \n\nजंतर-मंतर पर बढ़ता कानूनी और प्रशासनिक गतिरोध\n\nजंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का केंद्र पूरी तरह सक्रिय है और प्रदर्शनकारी छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपने रुख को और कड़ा कर लिया है। दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने केवल बातचीत का ढोंग करके छात्रों के प्रतिनिधिमंडल का कीमती समय बर्बाद किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जेपी नड्डा के निजी आवास पर नजरबंद कर दिया गया। इस घटना के बाद, दीपके ने स्पष्ट घोषणा की है कि उनका संगठन अब किसी भी सरकारी कार्यालय या आवास पर बातचीत के लिए नहीं जाएगा। उन्होंने मांग रखी कि यदि सरकार इस मुद्दे का हल चाहती है, तो उसके मंत्रियों को खुद जंतर-मंतर आकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से सीधे बात करनी होगी, जो प्रशासनिक रवैये से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।\n\n \n\nसोनम वांगचुक से संपर्क साधने में जुटी सरकार\n\nइस राष्ट्रीय संकट को शांत करने के लिए सरकार ने एक और समानांतर प्रयास शुरू किया है। अधिकारियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से संपर्क साधा है। सोनम वांगचुक NEET सहित कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हाल ही में सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल जाकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस मुलाकात को मौजूदा गतिरोध को दूर करने, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांगों पर चर्चा करने और भूख हड़ताल को राष्ट्रव्यापी आंदोलन बनने से रोकने की दिशा में सरकार की एक बड़ी पहल माना जा रहा है।\n\n \n\nछात्रों के समर्थन में उतरे विपक्षी दलों के बड़े नेता\n\nजंतर-मंतर पर चल रहे इस छात्र आंदोलन को कई प्रमुख विपक्षी नेताओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है। देर रात उद्धव ठाकरे ने धरना स्थल का दौरा किया और प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलकर अपनी एकजुटता व्यक्त की। ठाकरे ने सरकार के रवैये पर तीखे सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार को देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और भलाई की कोई परवाह नहीं है। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि विपक्ष तब तक इस प्रदर्शन को जारी रखेगा, जब तक सरकार छात्रों की सभी मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती। यादव ने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और पेपर लीक माफियाओं की वजह से देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।\n\n \n\nसंसद में चर्चा को लेकर तीखी बहस और वादे से मुकरने के आरोप\n\nसंसद में पेपर लीक के मुद्दे पर होने वाली चर्चा को लेकर भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सरकार का दावा है कि वह इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार अपनी मांगें बदलकर गतिरोध को बनाए रखना चाहता है। बीते मंगलवार को लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि यदि सरकार चर्चा के लिए राजी हो जाती है, तो वे अपना धरना समाप्त कर देंगे। हालांकि, सिंह के अनुसार, जब सरकार चर्चा के लिए तैयार हो गई, तो राहुल गांधी अपने वादे से मुकर गए और उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नई मांग जोड़ दी। विपक्ष आज संसद में इस मुद्दे को लेकर हंगामा कर सकता है, जिससे सदन में तीखी बहस होने की संभावना है।\n\n \n\nमध्य प्रदेश में भी भड़की प्रदर्शन की चिंगारी\n\nदिल्ली के इस आंदोलन का असर अब मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल में कांग्रेस के विधायक मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही, राजभवन का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिसके बाद राज्य में राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जैसे-जैसे यह विरोध प्रदर्शन देश के प्रमुख शहरों में फैल रहा है, राजनीतिक विश्लेषक इसे केवल छात्रों का आंदोलन न मानकर शैक्षिक प्रशासन के खिलाफ एक सुनियोजित राष्ट्रीय अभियान के रूप में देख रहे हैं। केंद्र सरकार पर न केवल पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने का दबाव है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने की भी बड़ी चुनौती है।\n\nइसका आप पर असर\n• छात्रों और अभिभावकों के लिए: राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे आगामी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो सकती है।\n• यात्रियों के लिए: दिल्ली के जंतर-मंतर और मध्य प्रदेश के भोपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आज कौन सा दिन है?\nनीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन का आज 32वां दिन है।\n\n2. अभिजीत दीपके ने सरकार के साथ बातचीत को लेकर क्या कहा?\nअभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि उनके प्रतिनिधिमंडल को जेपी नड्डा के घर नजरबंद कर दिया गया था। अब वे सरकार से बात करने नहीं जाएंगे और सरकार को खुद जंतर-मंतर आना होगा।\n\n3. सोनम वांगचुक क्यों अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं?\nसोनम वांगचुक नीट सहित कई परीक्षाओं में पेपर लीक होने की घटनाओं के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।\n\n4. मध्य प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान किस प्रमुख नेता को हिरासत में लिया गया?\nमध्य प्रदेश में राजभवन का घेराव करने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।\n\n5. दिल्ली हाई कोर्ट आज किस मामले पर सुनवाई करने वाला है?\nदिल्ली हाई कोर्ट आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर कथित रूप से किए गए बल प्रयोग के मामले की याचिका पर सुनवाई करेगा।",
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  "category": "दिल्ली",
  "publishedAt": "2026-07-22",
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