जंतर-मंतर पर नीट प्रदर्शन हुआ हिंसक, उपद्रवियों के हमले में कई पुलिसकर्मी घायल दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है, जिसमें उपद्रवियों ने रात के अंधेरे में पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया। हमले में कनॉट प्लेस के दो एसीपी समेत कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ राजधानी दिल्ली में चल रहा प्रदर्शन अब हिंसक और खतरनाक रूप ले चुका है। 23 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना अपने 34वें दिन में प्रवेश कर गया। लेकिन शांतिपूर्ण विरोध के लिए पहचानी जाने वाली इस जगह पर लगातार तीसरी रात भारी बवाल हुआ। कल देर शाम, वहां मौजूद भीड़ ने अचानक उग्र रूप ले लिया और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबलों को अपना निशाना बनाया। उपद्रवियों ने दिल्ली पुलिस के जवानों और पैरामिलिट्री फोर्स पर सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया। इस अचानक हुई हिंसा में कई पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हुए हैं। जानलेवा हमले का शिकार हुए लोगों में कनॉट प्लेस डिवीजन के दो एसीपी विवेक भगत और जय प्रकाश के साथ-साथ कई अन्य अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें इस उपद्रव का खामियाजा भुगतना पड़ा। नुकीले हथियारों से हमला और लूटपाट रात के अंधेरे में हुए इस जानलेवा हमले में घायल इंस्पेक्टर नंद किशोर ने खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमलावर निहत्थे प्रदर्शनकारी नहीं थे, बल्कि उनके पास बेहद खतरनाक और जानलेवा चीजें थीं। घायल पुलिस अधिकारी के मुताबिक, भीड़ ने हमला करने के लिए चाकू जैसे नुकीले हथियारों, पंचेज और भारी धातु के कड़ों का इस्तेमाल किया। इंस्पेक्टर ने इस हिंसा में एक सोची-समझी साजिश का अंदेशा जताते हुए कहा कि हमलावर भारी नशे में धुत थे और वार करने के लिए जानबूझकर रात के अंधेरे का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही अंधेरा हुआ, उन्होंने हर उस व्यक्ति पर हमला कर दिया जो पुलिस की वर्दी में नजर आया। हालात सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उपद्रवियों ने लूटपाट भी की। इंस्पेक्टर ने बताया कि भीड़ ने उनकी सोने की चेन और पर्स भी छीन लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "ये छात्र नहीं हैं, सिर्फ बदमाश हैं," और यह भी दावा किया कि इन लोगों को सिर्फ वारदात को अंजाम देने का निर्देश मिल रहा है। पुलिस के डंडे छीने, रैपिड एक्शन फोर्स पर किया वार भीड़ का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया था कि उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से उनके हथियार ही छीन लिए। इंस्पेक्टर किशोर ने बताया कि दिल्ली के बाहर से आए कुछ बाहरी तत्व जानबूझकर भीड़ में शामिल हुए हैं, जिनका मकसद ही पुलिस और फोर्स पर हमला करना है। उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर धावा बोलकर उनके फाइबर के डंडे लूट लिए। इसके बाद, हैरान करने वाली बात यह रही कि उन्होंने उन्हीं छीने हुए डंडों से पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को पीटना शुरू कर दिया। इस हमले में इंस्पेक्टर के शरीर का कोई भी हिस्सा नहीं बचा जहां चोट न लगी हो। उनके सिर, आंख, हाथ, कमर और पैरों पर गहरी चोटों के निशान हैं। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की है कि उनके सिर पर किसी तेज धार वाले हथियार (शार्प कट) से वार किया गया है। किशोर ने खुद को खुशकिस्मत बताया कि वह चाकू के इस सीधे हमले में बाल-बाल बच गए, हालांकि उन्हें पत्थरों और छीने गए डंडों से बहुत ज्यादा पीटा गया। सरकार पर दबाव बनाने की साजिश? शारीरिक हिंसा के अलावा, इस प्रदर्शन का रुख अब एक बड़ी राजनीतिक साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। घायल अधिकारी ने बताया कि नशे में धुत ये हमलावर लगातार पीएम मोदी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी कर रहे थे। इस तरह के आक्रामक रवैये को देखकर उन्होंने शक जताया कि हिंसा के इस भयानक दौर के पीछे एक गहरी साजिश काम कर रही है। उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि उपद्रवी जानबूझकर पुलिसकर्मियों की हत्या करके सरकार पर भारी दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बात इस ओर भी इशारा करती है कि नीट परीक्षा के मुद्दे पर शुरू हुआ छात्रों का यह आंदोलन अब पूरी तरह से असामाजिक तत्वों के कब्जे में जा चुका है, जिनका एजेंडा कुछ और ही है। कनॉट प्लेस थाने में जानलेवा हमले की एफआईआर इस भयानक घटनाक्रम और एसीपी विवेक भगत सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर हुए जानलेवा हमले के बाद, प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। रात के समय हुई इस भारी हिंसा की जांच के लिए कनॉट प्लेस पुलिस थाने में एक औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इस मामले में हत्या का प्रयास, दंगा फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी बेहद गंभीर धाराएं लगाई हैं। पुलिस महकमे के खुफिया सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अब जंतर-मंतर की भीड़ में शातिर अपराधी शामिल हो रहे हैं। ये क्रिमिनल्स अपने साथ चाकू जैसे घातक हथियार छिपाकर ला रहे हैं, और यही वजह है कि फ्रंटलाइन पर तैनात पुलिसकर्मियों के शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे घाव मिले हैं। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटना दिखाती है कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों में कैसे अपराधी घुसकर माहौल बिगाड़ सकते हैं, जो भविष्य के सभी प्रदर्शनों के लिए सुरक्षा चिंता का विषय है। • दिल्ली में: जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के आसपास भारी सुरक्षा तैनाती और बैरिकेडिंग के कारण स्थानीय निवासियों और यात्रियों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. जंतर-मंतर पर पुलिस पर हमला किसने किया? घायल इंस्पेक्टर नंद किशोर के मुताबिक, भीड़ में शामिल बाहरी उपद्रवियों और अपराधियों ने पुलिस पर हमला किया। 2. हमलावरों ने किन हथियारों का इस्तेमाल किया? उपद्रवियों ने हमले के लिए चाकू, पंचेज, हाथ के कड़े और छीने गए पुलिस के डंडों का इस्तेमाल किया। 3. इस हमले में कौन-कौन घायल हुआ है? हमले में कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत, जय प्रकाश और इंस्पेक्टर नंद किशोर सहित कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 4. पुलिस ने इस घटना पर क्या कार्रवाई की है? दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस थाने में हत्या के प्रयास, दंगा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। https://trendkia.com/delhi/jantar-mantar-para-neet-pradarshana-hua-hinsaka-upadraviyon-ke-hamale-men-kai-pulisakarmi-ghayala-10155 TrendKia — Har trend, sabse pehle.