# झारखंड के खेतों से दिल्ली की सड़कों तक फैला नशीला कारोबार, पुलिस ने 60 करोड़ की हेरोइन और फैक्ट्री के साथ 7 तस्करों को दबोचा

> दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने उत्तर भारत में फैले एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए सात अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 60 करोड़ रुपये की हेरोइन, लखनऊ की एक प्रोसेसिंग यूनिट और 12 लाख रुपये से अधिक कैश बरामद हुआ है।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/ke-kheton-se-delhi-ki-sarakon-taka-phaila-nashila-karobara-pulisa-ne-60-karora-ki-heroina-aura-phaiktri-ke-satha-7-taskaron-ko-dab-50472 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली पुलिस, ड्रग्स तस्कर, हेरोइन बरामद, लखनऊ नशा फैक्ट्री, रोहिणी पुलिस, चतरा अफीम खेती

दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने रोहिणी जिले से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और झारखंड तक फैले एक बेहद जटिल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के तहत कुल सात लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। गिरोह के पास से कुल 8.128 किलोग्राम शुद्ध हेरोइन जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस धरपकड़ के दौरान पुलिस ने न केवल तैयार नशीला पदार्थ बरामद किया, बल्कि लखनऊ में चल रही हेरोइन बनाने की एक सीक्रेट लैब और झारखंड के सुदूर इलाके में हो रही अवैध अफीम की खेती का भी पर्दाफाश किया है।

पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकदी और वाहन भी कब्जे में लिए हैं। आरोपियों के पास से 12,81,700 रुपये नकद, तीन महंगी एसयूवी कारें, एक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल और रसायन एवं उपकरण बरामद किए गए हैं। इन रसायनों का इस्तेमाल कच्चे अफीम को प्रोसेस्ड हेरोइन में बदलने के लिए किया जाता था। रोहिणी जिला पुलिस की टीमें अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन और शेष मददगारों की पड़ताल में जुटी हुई हैं।

## बेगमपुर में पहली गिरफ्तारी और सोनीपत का कनेक्शन
नशीले पदार्थों की बिक्री पर नकेल कसने के अभियान के दौरान स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि बेगमपुर इलाके में मादक पदार्थों की एक बड़ी डिलीवरी होने वाली है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 16 सितंबर को सेक्टर-32 इलाके में घेराबंदी की। वहां सुजुकी ग्रैंड विटारा कार में पहुंचे लक्ष्मण हुड्डा नाम के शख्स को दबोच लिया गया। तालाशी लेने पर उसकी गाड़ी से 300 ग्राम हेरोइन और 3 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

लक्ष्मण हुड्डा से गहन पूछताछ के बाद पुलिस को हरियाणा में उसके नेटवर्क का सुराग मिला। अगली ही तारीख यानी 17 सितंबर को पुलिस टीम ने हरियाणा के सोनीपत में छापेमारी करके अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार कर लिया। अनिल अपनी महिंद्रा एक्सयूवी-700 गाड़ी में हेरोइन की खेप ले जा रहा था। तलाशी में उसके पास से 501 ग्राम हेरोइन मिली। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अनिल एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से ही 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाने में दर्ज एक एनडीपीएस मामले में अंतरिम जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था।

## लखनऊ के जानकीपुरम में मिनी फैक्ट्री का पर्दाफाश
शुरुआती दोनों आरोपियों से मिली जानकारी और पुलिस की तकनीकी सर्विलांस टीम की मदद से गिरोह के मुख्य मैन्युफैक्चरिंग ठिकाने का पता चला। 4 अक्टूबर को पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी में स्थित एक मकान में अचानक छापा मारा। इस ठिकाने से पुलिस ने बबलू नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया और मौके से 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन बरामद की।

छापेमारी के दौरान उस मकान के अंदर हेरोइन तैयार करने का पूरा ढांचा मिला। पुलिस ने वहां से 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड, गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, बड़े बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक वजन तराजू और प्रोसेसिंग में काम आने वाले अन्य उपकरण जब्त किए। इस बरामदगी से यह साफ हो गया कि गिरोह कच्चे माल को यहीं लाकर रिफाइन करता था और फिर दिल्ली-एनसीआर के बाजार में सप्लाई करता था।

## बरेली और बदायूं से पकड़ाए मुख्य सप्लायर
फैक्ट्री में मौजूद बबलू से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क की अगली कड़ी पर वार किया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बरेली से इस फैक्ट्री के कथित मालिक और मुख्य सप्लायर रुकसार अली उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया। रुकसार की गिरफ्तारी के बाद 6 अक्टूबर को बरेली से ही अजाज अहमद को पकड़ा गया। अजाज पर आरोप है कि वह रुकसार को हेरोइन तैयार करने के लिए कच्ची अफीम मुहैया कराता था। अजाज के कब्जे से 501 ग्राम हेरोइन और एक रॉयल एनफील्ड बाइक बरामद हुई।

जांच का दायरा आगे बढ़ाते हुए 16 अक्टूबर को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से मोहम्मद अजहर को गिरफ्तार किया। अजहर के पास से 551 ग्राम हेरोइन, 9,81,700 रुपये नकद और एक हुंडई क्रेटा कार मिली। पुलिस की जांच के अनुसार, अजहर ही वह शख्स था जो अजाज अहमद को कच्चे अफीम और प्रोसेस्ड हेरोइन की नियमित सप्लाई देता था।

## झारखंड के चतरा जिले में अवैध अफीम की खेती तक पहुंची जांच
इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी 18 अक्टूबर को खुली, जब पुलिस की जांच टीम झारखंड के चतरा जिले पहुंची। यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित माना जाता है। वहां से पुलिस ने प्रकाश कुमार को धर दबोचा। जांच में सामने आया कि प्रकाश कुमार अपनी कृषि भूमि पर गैर-कानूनी तरीके से अफीम की खेती करता था। वही इस पूरे सिंडिकेट को कच्चे माल के तौर पर अफीम की सप्लाई भेजता था।

इस सिलसिलेवार कार्रवाई के जरिए पुलिस ने अफीम उगाने वाले किसान से लेकर, उसे केमिकल प्रोसेस करने वाली फैक्ट्री के मालिक, थोक वितरकों और गलियों में हेरोइन बेचने वाले पेडलर्स तक की पूरी कड़ियों को जोड़ दिया है। पुलिस का कहना है कि सिंडिकेट के नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

## इसका आप पर असर
इस बड़े ड्रग्स सिंडिकेट के भंडाफोड़ से दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ेगा और युवाओं तक पहुंचने वाली नशे की खेप में भारी कमी आएगी।

- **भारत में:** अंतरराज्यीय सीमाओं और सुदूर क्षेत्रों में हो रही अवैध अफीम खेती पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी और सख्त होगी। संगठित अपराध नेटवर्क पर लगाम लगने से राष्ट्रीय सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी।
- **दिल्ली और यूपी में:** राष्ट्रीय राजधानी और लखनऊ-बरेली जैसे शहरों में स्थानीय ड्रग पेडलर्स के नेटवर्क कमजोर होंगे, जिससे आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ेगी। स्थानीय निवासियों को अपने आसपास चल रही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए सतर्क रहना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना अवैध नशीले पदार्थों की विशाल मांग और संगठित अपराध के उस मॉडल को उजागर करती है, जिसमें दूरदराज के क्षेत्रों से कच्चा माल लेकर शहरों में रिफाइन और सप्लाई किया जाता है।

- **कच्चे माल की उपलब्धता:** झारखंड के सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सीमित पहुंच का फायदा उठाकर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी।
- **प्रोसेसिंग नेटवर्क की स्थापना:** तस्करों ने पहचान से बचने के लिए लखनऊ के आवासीय इलाके में सीक्रेट लैब बनाई, जहां रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिए अफीम को हेरोइन में बदला जाता था।
- **वितरण और मुनाफा:** दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरी बाजारों में ऊंची कीमतों पर हेरोइन बेचने के लिए कई स्तरों पर पेडलर्स और वाहनों का इस्तेमाल किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल कितनी हेरोइन बरामद की है?
पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट के पास से कुल 8.128 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये है।

### 2. इस मामले में कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
मामले में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड से कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

### 3. हेरोइन बनाने की सीक्रेट लैब कहां चलाई जा रही थी?
हेरोइन बनाने की यह मिनी फैक्ट्री उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी के एक मकान में चलाई जा रही थी।

### 4. इस नेटवर्क के लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था?
कच्चा माल यानी अफीम झारखंड के नक्सल प्रभावित चतरा जिले में अवैध रूप से खेतों में उगाई जाती थी और वहां से सप्लाई की जाती थी।

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