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  "title": "नजफगढ़ के गैंगस्टर नंदू के खिलाफ बिना मौजूदगी के मुकदमा चलाने का रास्ता साफ, दिल्ली कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश",
  "summary": "राउज एवेन्यू कोर्ट ने बीएनएस की धारा 356 के तहत लंदन में छिपे भगोड़े गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू पर उसकी गैर मौजूदगी में मुकदमा चलाने की इजाजत दी है, जो भारत में अपनी तरह का पहला मामला है।",
  "content": "भारत की अदालती व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगे ने आदेश दिया है कि भगोड़ा गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू भले ही अदालत में मौजूद न हो, फिर भी उसके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी। यह अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें किसी फरार आरोपी पर उसकी गैर मौजूदगी में ही ट्रायल चलाने की इजाजत दी गई है।\n\nकपिल सांगवान महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी मकोका के एक केस में आरोपी है। वह जमानत पर छूटा था, लेकिन उसके बाद से गायब हो गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि वह लंबे समय से लंदन में रह रहा है। उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और उस पर इनाम की घोषणा भी की गई है। अब तक ऐसे मामलों में आरोपी की मौजूदगी के बिना सुनवाई आगे नहीं बढ़ पाती थी, लेकिन इस आदेश ने वह स्थिति बदल दी है।\n\nनया प्रावधान कैसे बदलेगा मुकदमों का तरीका\n9 जुलाई को दिए अपने आदेश में जज विशाल गोगे ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएस की धारा 356 का हवाला दिया। यह धारा घोषित अपराधी की अनुपस्थिति में जांच, सुनवाई या फैसला देने से जुड़ी है। पुरानी आईपीसी में ऐसा कोई प्रावधान मौजूद नहीं था, इसलिए फरार आरोपियों के खिलाफ मामले अक्सर अटके रह जाते थे। नए नियम के तहत अब किसी आरोपी को उसकी गैर मौजूदगी में भी दोषी ठहराया जा सकता है। कानून यह मान लेता है कि आरोपी ने जानबूझकर अदालत में पेश न होकर निष्पक्ष सुनवाई पाने के अपने अधिकार को खुद ही छोड़ दिया है।\n\nकौन है कपिल सांगवान उर्फ नंदू\nकपिल सांगवान उर्फ नंदू दिल्ली के नजफगढ़ इलाके का रहने वाला है और पुलिस की वांटेड लिस्ट में लंबे समय से शामिल है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी वसूलना, लूट और संगठित अपराध जैसे कई गंभीर आरोप हैं। साल 2020 में वह पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन इसके बाद कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के सहारे देश छोड़कर भाग गया। पुलिस की मानें तो वह ब्रिटेन में बैठकर ही अपने गैंग का संचालन करता रहा है।\n\nकपिल सांगवान के पांच बड़े गुनाह\nदिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड बताते हैं कि सांगवान के खिलाफ हत्या से जुड़े कई केस दर्ज हैं और वह दिल्ली एनसीआर में गैंगवार से जुड़े विवादों में लगातार वांटेड रहा है।\n\nइसके अलावा उस पर दिल्ली के कारोबारियों, बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप भी हैं। पुलिस का कहना है कि वह विदेश से फोन और इंटरनेट कॉल के जरिए धमकी देकर पैसे वसूलता रहा।\n\nफरवरी 2024 में हरियाणा के इनेलो नेता नफे सिंह राठी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कपिल सांगवान के नाम से इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। इस एंगल पर भी जांच जारी है।\n\nअप्रैल 2025 में पश्चिम विहार में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या हुई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कपिल सांगवान के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट सामने आई। पुलिस इस मामले की भी पड़ताल कर रही है।\n\nदिल्ली पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ मकोका सहित संगठित अपराध से जुड़े कई केस दर्ज हैं। आरोप है कि उसका गैंग हथियारों की सप्लाई, गैंगवार और रंगदारी वसूली जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nयह मामला सीधे तौर पर आम आदमी की जेब या रोजमर्रा की जिंदगी को नहीं छूता, लेकिन देश की न्याय व्यवस्था के लिए यह एक अहम मिसाल बन सकता है।\n\n• भारत में: अब फरार अपराधी सिर्फ विदेश भागकर मुकदमे से बच नहीं सकेंगे, क्योंकि अदालतें उनकी गैर मौजूदगी में भी सुनवाई पूरी कर फैसला सुना सकेंगी।\n• दिल्ली में: नजफगढ़ इलाके में लंबे समय से चल रहे गैंगवार और रंगदारी के मामलों में पुलिस को अब ठोस कानूनी कार्रवाई का रास्ता मिल गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कपिल सांगवान उर्फ नंदू कौन है?\nवह दिल्ली के नजफगढ़ इलाके का रहने वाला वांटेड गैंगस्टर है, जिस पर हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध के कई आरोप हैं।\n\n2. उसे भगोड़ा क्यों घोषित किया गया?\nवह 2020 में पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट से देश छोड़कर भाग गया और तभी से लंदन में रह रहा है।\n\n3. दिल्ली कोर्ट ने क्या नया आदेश दिया है?\nराउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगे ने बीएनएस की धारा 356 के तहत उसकी गैर मौजूदगी में मुकदमा चलाने की इजाजत दी है।\n\n4. यह प्रावधान पुराने कानून से कैसे अलग है?\nपुरानी आईपीसी में फरार आरोपी की गैर मौजूदगी में सुनवाई पूरी कर उसे दोषी ठहराने का कोई प्रावधान नहीं था, इसलिए ऐसे मामले अटके रहते थे।\n\n5. यह आदेश कब जारी हुआ?\nयह आदेश 9 जुलाई को जारी किया गया था।\n\n6. नफे सिंह राठी हत्याकांड से कपिल सांगवान का क्या संबंध है?\nफरवरी 2024 में हुई इस हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कपिल सांगवान के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था, जिसकी जांच अभी चल रही है।",
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  "category": "दिल्ली",
  "publishedAt": "2026-07-30",
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    "नफे सिंह राठी हत्याकांड",
    "दिल्ली पुलिस"
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