# नई दिल्ली में होने वाली SCO बैठक के लिए भारत ने पाकिस्तानी मंत्री औरंगजेब खान खिची को भेजा आधिकारिक बुलावा

> भारत ने 20-21 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाले SCO सभ्यतागत संवाद मंच के लिए पाकिस्तान के संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को आमंत्रित किया है। मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच यह पहला ऐसा कूटनीतिक निमंत्रण है।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-10-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/new-delhi-men-hone-vali-sco-baithaka-ke-lie-india-ne-pakistani-mntri-aurangzeb-khan-khichi-ko-bheja-adhikarika-bulava-52296 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारत पाकिस्तान संबंध, एससीओ, औरंगजेब खान खिची, ऑपरेशन सिंदूर, नई दिल्ली, कूटनीति

भारत ने नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सभ्यतागत संवाद मंच में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को औपचारिक निमंत्रण भेजा है। 20 और 21 नवंबर को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन के लिए भेजा गया यह न्योता कूटनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच बने तनावपूर्ण माहौल के बीच किसी शीर्ष पाकिस्तानी मंत्री को दिया गया यह पहला भारत बुलावा है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कदम बहुपक्षीय संगठन के मेजबान देश के रूप में SCO के नियमों और प्रोटोकॉल के पालन का हिस्सा है।

## ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा कूटनीतिक खिंचाव
पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को भेजे गए निमंत्रण का समय राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है। मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों के लॉन्च पैड और ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों पड़ोसियों के द्विपक्षीय संबंधों में भारी खटास आ गई थी और उच्चस्तरीय संपर्क पूरी तरह थम गए थे।

इसके बावजूद, भारत की ओर से भेजा गया यह बुलावा द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य होने का संकेत नहीं है। विदेश नीति विश्लेषकों के अनुसार, भारत का यह कदम SCO के बहुपक्षीय ढांचे के तहत उठाया गया एक संस्थागत दायित्व है। एक मेजबान देश के रूप में भारत का यह दायित्व बनता है कि वह संगठन के सभी सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधियों को साझा बैठकों में शामिल होने का अवसर प्रदान करे।

## 20 और 21 नवंबर को दिल्ली में सजेगा सांस्कृतिक मंच
SCO का सभ्यतागत संवाद मंच 20 और 21 नवंबर को देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए दिल्ली के किसी प्रमुख ऐतिहासिक स्मारक को आयोजन स्थल के रूप में चुने जाने की तैयारी है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यूरेशियाई क्षेत्र के सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद, लोगों के आपसी संपर्क और साझा ऐतिहासिक धरोहरों को मजबूती देना है।

इस दो दिवसीय मंच पर प्राचीन सभ्यताओं की साझा कला, साहित्य, सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा होगी। भारत इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के माध्यम से सदस्य देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक नया आयाम देना चाहता है।

## तस्वीर तियानजिन सम्मेलन से ताजिकिस्तान के ऐलान तक
SCO के भीतर सभ्यतागत संवाद मंच आयोजित करने का प्रस्ताव सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा था। उन्होंने सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन शहर में आयोजित SCO राष्ट्राध्यक्षों की परिषद के वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के सामने इस विचार को प्रस्तुत किया था। उनके इस प्रस्ताव को SCO देशों का समर्थन मिला।

इसके बाद, 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित SCO शासनाध्यक्षों की 25वीं बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सम्मेलन की मेजबानी की आधिकारिक घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि भारत इस बहुपक्षीय आयोजन को नई दिल्ली में भव्य रूप से आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

## SCO के तहत गोवा और इस्लामाबाद के पिछले दौरे
पिछले कुछ वर्षों में भारत और पाकिस्तान के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक बातचीत केवल SCO जैसे बहुपक्षीय सम्मेलनों तक ही सीमित रही है। इससे पहले मई 2023 में पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी SCO विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए भारत के गोवा पहुंचे थे। वह लंबे समय बाद भारत आने वाले शीर्ष पाकिस्तानी नेता थे।

इसी तरह, अक्टूबर 2024 में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर SCO शासनाध्यक्षों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद गए थे। लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद यह किसी भारतीय विदेश मंत्री का पहला पाकिस्तान दौरा था, जहाँ जयशंकर ने SCO बैठकों के इतर पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ शिष्टाचार मुलाकात भी की थी।

## अगले साल इस्लामाबाद में SCO समिट और क्षेत्रीय कूटनीति
इस घटनाक्रम का एक बड़ा पहलू यह भी है कि अगले साल SCO के वार्षिक राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी पाकिस्तान को करनी है। ऐसे में दोनों देशों के लिए बहुपक्षीय मंचों पर औपचारिक और संस्थागत संवाद बनाए रखना रणनीतिक रूप से जरूरी हो जाता है।

SCO यूरेशियाई और मध्य एशियाई क्षेत्र में सुरक्षा, व्यापार, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देने वाला एक प्रभावशाली मंच है। द्विपक्षीय तनावों के बावजूद सदस्य देश इस मंच के जरिए परस्पर संपर्क बनाए रखते हैं। भारत के लिए भी यह मंच अपनी क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और यूरेशियाई कूटनीति में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने का मुख्य जरिया है।

## इसका आप पर असर
SCO सभ्यतागत संवाद मंच के लिए पाकिस्तान को भेजा गया निमंत्रण बहुपक्षीय कूटनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन के लिहाज से अहम संकेत देता है।

- **भारत में:** यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि भारत गंभीर सुरक्षा चुनौतियों और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी अंतरराष्ट्रीय मंचों के प्रति अपने दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी से निभा रहा है।
- **कूटनीतिक प्रभाव:** द्विपक्षीय तनाव के बावजूद बहुपक्षीय सम्मेलनों में संवाद के दरवाजे खुले रहने से भविष्य में क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।
- **सांस्कृतिक संबंधों पर प्रभाव:** यूरेशियाई देशों के बीच कला, साहित्य और सभ्यतागत विरासत के आदान-प्रदान से भारत को अपनी सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
- **क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर:** बहुपक्षीय मंचों पर पाकिस्तान की उपस्थिति से क्षेत्रीय मुद्दों पर औपचारिक संवाद की गुंजाइश बनी रहती है।

## ऐसा क्यों हुआ
भारत द्वारा पाकिस्तानी मंत्री को निमंत्रण भेजा जाना शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मेजबान देश के रूप में उसके संस्थागत दायित्वों और सांस्कृतिक कूटनीति की रणनीति पर आधारित है।

- **बहुपक्षीय प्रोटोकॉल का पालन:** SCO के मेजबान राष्ट्र के रूप में भारत के लिए यह अनिवार्य है कि वह संगठन के सभी सदस्य देशों को सम्मेलनों में आमंत्रित करे।
- **मोदी का सांस्कृतिक विजन:** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में तियानजिन SCO सम्मेलन के दौरान यूरेशियाई देशों के बीच सभ्यतागत संवाद का प्रस्ताव रखा था।
- **ऑपरेशन सिंदूर के बाद का घटनाक्रम:** मई 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क ठप पड़े थे।
- **आगामी समिट की तैयारी:** पाकिस्तान द्वारा अगले साल SCO राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जानी है, जिससे संस्थागत संवाद बनाए रखना आवश्यक है।

## सवाल-जवाब

### 1. भारत ने पाकिस्तान के किस मंत्री को नई दिल्ली आने का न्योता दिया है?
भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को SCO सभ्यतागत संवाद मंच के लिए आमंत्रित किया है।

### 2. यह कार्यक्रम नई दिल्ली में कब आयोजित होगा?
यह सम्मेलन 20 और 21 नवंबर को नई दिल्ली के एक ऐतिहासिक स्मारक में आयोजित किया जाएगा।

### 3. इस निमंत्रण को ऑपरेशन सिंदूर के बाद महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है?
मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के कारण दोनों देशों में तनाव बढ़ा था, जिसके बाद यह किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री को पहला भारतीय निमंत्रण है।

### 4. सभ्यतागत संवाद मंच का विचार सबसे पहले किसने रखा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान इस मंच का विचार प्रस्तुत किया था।

### 5. भारत की मेजबानी की औपचारिक घोषणा कब और किसने की थी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान के दुशांबे में आयोजित SCO बैठक के दौरान भारत की मेजबानी का औपचारिक ऐलान किया था।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._