नई दिल्ली में रेलवे का कड़ा कदम, भ्रष्टाचार और लापरवाही पर 5 वरिष्ठ अधिकारियों की जबरन छुट्टी भ्रष्टाचार और काम में ढिलाई के आरोप में रेल मंत्रालय ने ग्रुप A के 5 अधिकारियों को समय सीमा से पहले रिटायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। समीक्षा समिति की सिफारिशों के बाद यह कदम जनहित में उठाया जा रहा है। नई दिल्ली में रेल मंत्रालय ने कामकाज में ढिलाई और भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से लेते हुए ग्रुप A के 5 अधिकारियों को समय से पहले रिटायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्रालय ने इस संबंध में संबंधित विभाग को अपनी आधिकारिक सिफारिश भेज दी है। रेलवे बोर्ड की समीक्षा समितियों ने स्पष्ट किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन अधिकारियों की सेवा समाप्त करना आवश्यक हो गया है। भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के तहत कार्रवाई यह सख्त कदम भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के तय नियमों के तहत उठाया गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा गठित समीक्षा समितियों ने अधिकारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद यह सिफारिश तैयार की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने और रेलवे की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से अधिकारियों को जबरन रिटायर किया जाना चाहिए। विभिन्न जोनों और कैडर के अधिकारी शामिल समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की जद में आए अधिकारियों में अलग-अलग विभागों और जोनों के कर्मी शामिल हैं • IRHS के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के 2 वरिष्ठ अधिकारी। • उत्तरी रेलवे में कार्यरत IRSE कैडर के 1 JAG अधिकारी। • IRSEE विभाग के 1 अधिकारी। • पश्चिमी रेलवे में तैनात IRTS कैडर के 1 JAG अधिकारी। विजिलेंस और APAR रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय सिफारिश सौंपने से पहले समीक्षा समिति ने सभी अधिकारियों के संपूर्ण सेवा रिकॉर्ड का गहन अध्ययन किया। इस प्रक्रिया में अधिकारियों की APAR रिपोर्ट, ईमानदारी के रिकॉर्ड, विजिलेंस रिपोर्ट और लंबित अनुशासनात्मक मामलों की जांच की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए समिति ने पाया कि इन अधिकारियों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लगातार ढिलाई बरती है, जिसके कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में उन्हें समय से पहले रिटायर करने की सिफारिश की गई है। इसका आप पर असर • भारत भर में: रेलवे सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने से यात्रियों और आम जनता को बेहतर व समयबद्ध सुविधाएं मिलेंगी। • प्रशासनिक स्तर पर: सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच कर्तव्य के प्रति निष्ठा और कड़े अनुशासन का संदेश जाएगा। सवाल-जवाब 1. रेल मंत्रालय ने कितने अधिकारियों को जबरन रिटायर करने की सिफारिश की है? रेल मंत्रालय ने भ्रष्टाचार और काम में ढिलाई के आरोप में ग्रुप A के 5 अधिकारियों को समय से पहले रिटायर करने की सिफारिश की है। 2. यह कार्रवाई किस नियम के तहत की जा रही है? यह कार्रवाई भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के तहत तय नियमों के आधार पर और जनहित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। 3. किन-किन कैडर और जोनों के अधिकारी इस कार्रवाई की जद में आए हैं? इसमें IRHS के 2 सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड अधिकारी, उत्तरी रेलवे के IRSE के 1 JAG अधिकारी, IRSEE के 1 अधिकारी और पश्चिमी रेलवे के IRTS के 1 JAG अधिकारी शामिल हैं। 4. अधिकारियों की समीक्षा किस आधार पर की गई? समीक्षा समिति ने अधिकारियों के APAR, ईमानदारी के रिकॉर्ड, विजिलेंस रिपोर्ट, अनुशासनात्मक मामलों और पूरी सेवा रिकॉर्ड की गहन जांच की। 5. क्या समीक्षा समिति का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था? हां, समीक्षा समिति ने सभी 5 मामलों की जांच के बाद सर्वसम्मति से समय से पहले सेवानिवृत्ति की सिफारिश की है। https://trendkia.com/delhi/new-delhi-men-indian-railways-ka-kara-kadama-bhrashtachara-aura-laparavahi-para-5-varishtha-adhikariyon-ki-jabarana-chhutti-12892 TrendKia — Har trend, sabse pehle.