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  "type": "article",
  "title": "नई दिल्ली में जंतर मंतर समेत पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके में निषेधाज्ञा जारी, धरने और नारों पर पूरी पाबंदी",
  "summary": "दिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट अनुभाग में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी है। 21 अक्टूबर तक बिना लिखित स्वीकृति के पांच या अधिक लोगों के जुटने, जुलूस निकालने और हथियार या बैनर लाने पर पाबंदी रहेगी।",
  "content": "राजधानी की सड़कों पर विभिन्न मांगों को लेकर बढ़ रही हलचल के बीच सुरक्षा प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। चुनाव आयोग के संदर्भ में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से प्रदर्शन का आह्वान और महिला सुरक्षा के सवाल पर छात्राओं द्वारा दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलग-अलग परिसरों में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस बल सतर्क हो गया है। विभिन्न संगठनों की तरफ से इंटरनेट पर जंतर मंतर पर जुटने की अपील की जा रही थी, जिसे देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए हैं। पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने के दायरे में आने वाले किसी भी स्थल पर बिना पूर्व अनुमति के कोई भी विरोध सभा आयोजित करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।\n\nनई दिल्ली क्षेत्र में शांति और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की कवायद\nप्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली जिले के अत्यंत व्यस्त मार्गों और पैदल चलने वालों के भारी आवागमन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अनियंत्रित रैलियों या मजमों की वजह से न सिर्फ जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है, बल्कि आम नागरिकों की जान-माल की हिफाजत और कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। इसी वजह से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 163 का सहारा लेकर व्यापक प्रतिबंध प्रभावी कर दिए गए हैं। इसका प्राथमिक उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की सुगम आवाजाही बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अशांति को पनपने से रोकना है।\n\nप्रतिबंध के तहत किन गतिविधियों पर लगी है रोक\nजारी किए गए निर्देशों के अनुसार, चिह्नित दायरे में बिना आधिकारिक मंजूरी के किसी भी गतिविधि को गैरकानूनी माना जाएगा। प्रतिबंधों का मुख्य ब्योरा इस प्रकार है\n\n• पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने पर पूरी रोक रहेगी।\n• सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी किस्म का भाषण देने, नारेबाजी करने, जुलूस निकालने, धरने पर बैठने या प्रदर्शन करने की मनाही है।\n• लाठी, डंडे, तलवार, भाले, ईंट, पत्थर, नुकीले अस्त्र-शस्त्र, बैनर और तख्तियां साथ लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।\n• संबंधित नक्शे और शेड्यूल में निर्धारित सार्वजनिक स्थलों पर बिना लिखित स्वीकृति के किसी भी प्रकार का जमावड़ा प्रतिबंधित रहेगा।\n\nमजिस्ट्रियल शक्तियों का प्रयोग और कानूनी प्रावधान\nकेंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस एक्ट, 1978 (1978 का 34) की धारा 70 की उपधारा (1) के खंड (बी) के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस महकमे को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के अधिकार और जिम्मेदारियां सौंप रखी हैं। यह पूरी व्यवस्था दिल्ली पुलिस कमिश्नर के सामान्य नियंत्रण के तहत कार्य करती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार की 09.09.2010 की अधिसूचना संख्या U-11036/1/2010-UTL के तहत यह अधिकार दिया गया है। वर्तमान में यह दायित्व नई दिल्ली जिले के सब-डिवीजन पार्लियामेंट स्ट्रीट के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर अजय शर्मा के पास सुरक्षित है।\n\nअनुमति की शर्तें, समय सीमा और उल्लंघन पर सजा\nनिषेधाज्ञा के दायरे में पार्लियामेंट स्ट्रीट सब-डिवीजन का समूचा क्षेत्र शामिल किया गया है। हालांकि, आदेश के साथ संलग्न नक्शे में दर्शाए गए जंतर मंतर रोड के विशेष छूट वाले हिस्से को कुछ मामलों में राहत दी गई है। यदि किसी आयोजन के लिए पूर्व में लिखित इजाजत हासिल की गई हो, तब भी उस कार्यक्रम को किसी भी सूरत में शाम 05 बजे के बाद आगे जारी रखने की अनुमति नहीं होगी।\n\nयह प्रशासनिक आदेश 23.08.2026 से प्रभावी हुआ है और पूरे 60 दिनों की अवधि के लिए यानी 21.10.2026 तक (दोनों तिथियों सहित) लागू रहेगा, बशर्ते इसे समय से पूर्व निरस्त न किया जाए। चूंकि हर नागरिक को व्यक्तिगत रूप से ऐसा नोटिस थमाना संभव नहीं है, इसलिए इसे एकतरफा तौर पर पारित कर जनसाधारण तक पहुंचाने के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है और संबंधित जिला अतिरिक्त कार्यालयों के सूचना पट्टों पर इसकी प्रतियां चस्पा की गई हैं। अधिकारियों ने साफ ताकीद की है कि इस व्यवस्था की अवहेलना करने वाले किसी भी शख्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nनई दिल्ली के प्रमुख प्रशासनिक इलाके में आवागमन करने वाले आम नागरिकों, छात्रों और प्रदर्शनकारी समूहों के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं।\n\n• भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर राजधानी में किसी भी बड़े आंदोलन या सामूहिक मार्च की योजना बना रहे संगठनों को अग्रिम प्रशासनिक मंजूरी लेनी होगी। बिना लिखित इजाजत के नई दिल्ली क्षेत्र में जुटने पर कानूनी मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।\n• दिल्ली में: नई दिल्ली और पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके से गुजरने वाले दैनिक यात्रियों को अनधिकृत जाम से राहत मिलेगी। आम जनता को 21 अक्टूबर तक इस क्षेत्र में किसी भी तरह के बैनर लेकर चलने या पांच से ज्यादा लोगों के समूह में खड़े होने से बचना चाहिए।\n• प्रदर्शनकारियों के लिए: जंतर मंतर के निर्धारित छूट वाले क्षेत्र में केवल पूर्व लिखित अनुमति वाले कार्यक्रमों को ही जगह मिलेगी। अनुमति मिलने के बावजूद किसी भी आयोजन को शाम 05 बजे के बाद जारी रखने की अनुमति नहीं होगी।\n• कानूनी परिणाम: आदेश की अवहेलना करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसा करने वाले व्यक्तियों पर धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nराजधानी के अति संवेदनशील क्षेत्र में कानून व्यवस्था और यातायात के सुचारु संचालन को सुरक्षित करने के लिए यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है।\n\n• विरोध प्रदर्शनों का बढ़ता आह्वान: चुनाव आयोग के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी की योजना और महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में चल रहे प्रदर्शनों से तनाव की आशंका पैदा हुई थी। सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर लोगों को जंतर मंतर पहुंचने के संदेश साझा किए जा रहे थे।\n• सुरक्षा और यातायात जोखिम: पार्लियामेंट स्ट्रीट सब-डिवीजन भारी संख्या में वाहनों और पैदल यात्रियों वाला इलाका है। अनियंत्रित धरने और रैलियों से जनजीवन बाधित होने और सार्वजनिक शांति भंग होने का बड़ा अंदेशा था।\n• वैधानिक शक्तियों का निष्पादन: पुलिस को गृह मंत्रालय द्वारा बीएनएसएस की धारा 163 के तहत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के अधिकार प्रदान किए गए हैं। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए 60 दिनों की अवधि के लिए यह एहतियाती आदेश जारी किया गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जंतर मंतर इलाके में कौन सी कानूनी धारा लागू की गई है?\nइस पूरे क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है।\n\n2. यह प्रतिबंधात्मक आदेश कब से कब तक प्रभावी रहेगा?\nयह आदेश 23 अगस्त 2026 से प्रभावी हुआ है और 21 अक्टूबर 2026 तक पूरे 60 दिनों के लिए लागू रहेगा।\n\n3. क्या अनुमति लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जा सकता है?\nहां, जंतर मंतर रोड के निर्धारित छूट वाले हिस्से में पूर्व लिखित अनुमति से कार्यक्रम हो सकता है, लेकिन वह किसी भी हाल में शाम 05 बजे के बाद जारी नहीं रहेगा।\n\n4. निषेधाज्ञा के तहत किन चीजों पर मुख्य रूप से पाबंदी है?\nपांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने, नारेबाजी करने, लाठी, तलवार, पत्थर जैसे हथियार या बैनर-तख्तियां लाने पर पाबंदी है।\n\n5. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर किस कानून के तहत कार्रवाई होगी?\nआदेश की अवहेलना करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।",
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  "category": "दिल्ली",
  "publishedAt": "2026-10-02",
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