पूर्व अग्निवीरों को दिल्ली में बिना लिखित और शारीरिक परीक्षा के मिल सकती है सरकारी नौकरी, 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव दिल्ली सरकार पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, होमगार्ड और फायर सर्विस में सीधी भर्ती देने पर विचार कर रही है, जिसके तहत 20 प्रतिशत आरक्षण और 8 साल तक की उम्र छूट का प्रावधान शामिल है। सशस्त्र बलों में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नागरिक जीवन में लौटने वाले अग्निवीरों के रोजगार को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया जा रहा है। सैन्य सेवा पूरी करने के बाद युवाओं के सामने स्थायी रोजगार और आजीविका की जो अनिश्चितता रहती है, उसे दूर करने के लिए विशेष भर्ती प्रावधान तैयार किए जा रहे हैं। नई योजना के तहत दिल्ली सरकार के गृह विभाग के अधीन आने वाले महत्वपूर्ण विभागों में पूर्व अग्निवीरों के लिए नियमित सरकारी नौकरी के द्वार खोलने की तैयारी चल रही है। इसमें पुलिस, फायर सर्विस और होमगार्ड जैसे विभाग शामिल हैं, जहाँ इन प्रशिक्षित युवाओं के सैन्य अनुभव का सीधा उपयोग किया जा सकेगा। लिखित और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट का प्रस्ताव इस प्रस्तावित व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भर्ती नियमों को बेहद आसान बनाना है। योजना के अनुसार, सशस्त्र बलों में अपनी चार साल की सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों को इन नौकरियों के लिए पारंपरिक लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा देने से पूरी तरह छूट दी जा सकती है। सामान्य तौर पर पुलिस या फायर सर्विस की भर्तियों में युवाओं को कठिन लिखित परीक्षा और कड़े शारीरिक मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन अग्निवीर पहले से ही भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के कठोर प्रशिक्षण और सेवा से गुजर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें सीधे सेवा में शामिल करने का अवसर दिया जा सकता है। 20 प्रतिशत आरक्षण और मौजूदा वर्गों में समायोजन प्रस्तावित नियमों के तहत दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और होमगार्ड की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए इन विभागों में अलग से रिक्तियां निर्धारित की जाएंगी। हालांकि, यह आरक्षण पूरी तरह से पहले से लागू सामाजिक आरक्षण व्यवस्था के दायरे में ही काम करेगा। इसका अर्थ यह है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और सामान्य वर्ग के आरक्षण ढांचे के भीतर ही पूर्व अग्निवीरों का चयन समायोजित किया जाएगा। इससे हर वर्ग के पात्र पूर्व अग्निवीर को अपनी संबंधित श्रेणी के तहत निष्पक्ष अवसर मिल सकेगा। आयु सीमा में 8 वर्ष तक की बड़ी राहत नौकरी के लिए आवेदन करते समय उम्र की पाबंदी आड़े न आए, इसके लिए उम्र सीमा के नियमों में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से पहले से प्रस्तावित पाँच वर्ष की आयु छूट के अलावा दिल्ली सरकार तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट देने पर विचार कर रही है। यदि इस दोहरी व्यवस्था को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो योग्य पूर्व अग्निवीर संबंधित पद के लिए तय अधिकतम उम्र सीमा से आठ वर्ष अधिक आयु होने पर भी आवेदन करने के पात्र होंगे। इससे उन युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा जो अपनी सैन्य सेवा पूरी करने के बाद नई नौकरी की तलाश में होंगे। दिसंबर 2026 में पूरा होगा पहले बैच का कार्यकाल अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती किए गए पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। इस योजना के प्रावधानों के तहत चार साल की अवधि समाप्त होने के बाद केवल एक सीमित संख्या में ही जवानों को सेना में नियमित सेवा के लिए बरकरार रखा जाता है, जबकि शेष कर्मियों को सेवामुक्त होकर नागरिक क्षेत्र में नए अवसर तलाशने होते हैं। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप भर्ती नियमों में संशोधन की प्रक्रिया को समय रहते पूरा करने की कोशिश की जा रही है। संबंधित प्राधिकारी की औपचारिक मंजूरी मिलते ही सरकार इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी, ताकि पहले बैच के बाहर आने से पहले ही सभी नियम लागू हो सकें। इसका आप पर असर सैन्य सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को नागरिक सुरक्षा विभागों में बिना अतिरिक्त परीक्षा के स्थायी सरकारी रोजगार का सीधा रास्ता मिलेगा। • सीधी भर्ती: पूर्व अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक दक्षता परीक्षा दिए बिना सीधे नौकरी पाने का अवसर मिल सकता है। इससे उन्हें सालों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की बाध्यता से मुक्ति मिलेगी। • 20 प्रतिशत आरक्षण: दिल्ली पुलिस, होमगार्ड और फायर सर्विस में कुल भर्तियों का 20 प्रतिशत हिस्सा पूर्व सैनिकों के लिए सुरक्षित रहेगा। यह कोटा मौजूदा सामाजिक श्रेणियों के अंदर ही लागू किया जाएगा। • उम्र सीमा में छूट: अधिकतम आयु सीमा में कुल 8 साल (5 साल केंद्र और 3 साल दिल्ली) तक की छूट का प्रस्ताव है। इसके चलते सेवा पूरी करने के बाद भी युवा बिना किसी उम्र संबंधी अड़चन के आवेदन कर सकेंगे। • रोजगार सुरक्षा: चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी की गारंटी मिल सकेगी। इससे उनके जीवन यापन और वित्तीय स्थिति में स्थिरता आएगी। ऐसा क्यों हुआ अग्निपथ योजना के तहत चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अधिकांश युवाओं को सेना से बाहर आना होगा, जिससे उनके भविष्य के रोजगार को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं। केंद्र और राज्य प्रशासन मिलकर ऐसे प्रशिक्षित युवाओं को सरकारी सुरक्षा तंत्र में सीधे समाहित करने के लिए नियमों में संशोधन कर रहे हैं। • चार साल का सीमित कार्यकाल: अग्निपथ योजना के तहत युवाओं की भर्ती केवल चार वर्षों के लिए की जाती है जिसके बाद केवल एक निश्चित संख्या को सेना में रखा जाता है। बाकी जवानों के सामने सेवामुक्ति के बाद नए करियर की तलाश करने की चुनौती रहती है। • सैन्य प्रशिक्षण का उपयोग: सशस्त्र बलों से मिले कड़े अनुशासन और तकनीकी प्रशिक्षण को पुलिस और आपदा सेवाओं में बेहद उपयोगी माना गया है। उन्हें दोबारा शारीरिक या लिखित परीक्षा में बिठाना अनावश्यक माना जा रहा है। • समयसीमा का दबाव: पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का सेवाकाल दिसंबर 2026 तक पूरा होने वाला है। इस वजह से गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत समय रहते भर्ती नियमों को औपचारिक रूप देने की तैयारी की जा रही है। सवाल-जवाब 1. प्रस्तावित नियमों के तहत पूर्व अग्निवीरों को किन विभागों में नौकरी मिल सकती है? उन्हें दिल्ली पुलिस, होमगार्ड और दिल्ली फायर सर्विस सहित गृह विभाग के अधीन आने वाली सेवाओं में सरकारी नौकरी मिल सकती है। 2. क्या पूर्व अग्निवीरों को भर्ती के लिए लिखित परीक्षा देनी होगी? नहीं, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा दोनों से पूरी तरह छूट दी जा सकती है। 3. इन भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए कितना आरक्षण प्रस्तावित है? गृह विभाग के अधीन आने वाली इन सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव विचाराधीन है। 4. आरक्षण का वितरण किस प्रकार किया जाएगा? यह 20 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, ईडब्ल्यूएस और सामान्य वर्ग की आरक्षण व्यवस्था के भीतर ही समायोजित होगा। 5. उम्र सीमा में कुल कितनी छूट देने का विचार है? केंद्र की ओर से प्रस्तावित 5 साल और दिल्ली सरकार की ओर से प्रस्तावित 3 साल को मिलाकर कुल 8 वर्ष तक की आयु छूट मिल सकती है। 6. पहले बैच के अग्निवीरों का कार्यकाल कब समाप्त होगा? अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर दिसंबर 2026 तक अपनी चार साल की सेवा पूरी कर सकते हैं। https://trendkia.com/delhi/purva-agniveers-ko-delhi-men-bina-likhita-aura-sharirika-pariksha-ke-mila-sakati-hai-sarakari-naukari-20-pratishata-arakshana-ka-p-43679 TrendKia — Har trend, sabse pehle.