पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को 'शॉर्टकट' से दूर रहने की दी सलाह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स' का विमोचन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने आज की युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया के दौर में शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स' का आधिकारिक विमोचन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पुस्तक को राष्ट्र की एक अनमोल धरोहर बताया और कहा कि देश की नई पीढ़ी को इसे अवश्य पढ़ना चाहिए ताकि वे समझ सकें कि हमारे पूर्वजों ने सदियों तक किस प्रकार संघर्ष किया है। एक सामान्य पृष्ठभूमि से राष्ट्रपति भवन तक का सफर इस आत्मकथा में रामनाथ कोविंद ने अपने शुरुआती जीवन, पारिवारिक संघर्षों, व्यक्तिगत अनुभवों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा दिया है। इसमें एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के 14वें राष्ट्रपति के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी पूरी जीवन यात्रा दर्ज है। पुस्तक उन जीवन मूल्यों, विषम परिस्थितियों और दूरदर्शी अनुभवों को उजागर करती है जिन्होंने उनके सार्वजनिक जीवन को एक स्पष्ट दिशा प्रदान की। रील के दौर में जेन जी को प्रधानमंत्री का संदेश कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज के डिजिटल युग और रील कल्चर का जिक्र करते हुए युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि रील युग में जी रहे युवा किसी भी तरह के 'शॉर्टकट' से दूर रहें। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि शॉर्टकट इंसान को खुद ही शॉर्ट कर देते हैं। उन्होंने युवाओं को सतर्क करते हुए कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अक्सर युवाओं को अपनी तरफ खींच लेते हैं, इसलिए कड़ी मेहनत और धैर्य का रास्ता चुनना ही असली सफलता दिलाता है। इसका आप पर असर भारत में: यह संदेश देश के युवाओं को सोशल मीडिया के सतही आकर्षण से बचाकर दीर्घकालिक लक्ष्यों और सतत परिश्रम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करता है। पाठकों के लिए: पूर्व राष्ट्रपति के जीवन का संघर्ष साधारण पृष्ठभूमि वाले नागरिकों और छात्रों को निष्ठापूर्वक मेहनत कर शीर्ष पदों तक पहुँचने की प्रेरणा देता है। सवाल-जवाब 1. रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का नाम क्या है? पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का नाम 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स' है। 2. इस पुस्तक का विमोचन किसने और कहाँ किया? इस पुस्तक का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया। 3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को क्या सलाह दी? प्रधानमंत्री ने रील के दौर में युवाओं को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के सतही प्रभाव और 'शॉर्टकट' से बचकर कड़ी मेहनत करने की सलाह दी। 4. रामनाथ कोविंद भारत के कौन से नंबर के राष्ट्रपति थे? रामनाथ कोविंद एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर भारत के 14वें राष्ट्रपति बने थे। प्रेरणा और सबक रामनाथ कोविंद के जीवन और संदेश से प्रेरणा: • साधारण पृष्ठभूमि बाधा नहीं है: निरंतर प्रयास और ईमानदारी से एक साधारण परिवार का व्यक्ति भी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँच सकता है। • शॉर्टकट से दूर रहें: सफलता के लिए कोई छोटा रास्ता नहीं होता, त्वरित परिणाम के सतही आकर्षण से बचना आवश्यक है। • मूल्यों और सिद्ध सिद्धांतों पर अडिग रहें: जीवन की कठिन परिस्थितियाँ और नैतिक मूल्य ही चरित्र तथा सार्वजनिक जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। • पूर्वजों की धरोहर से सीखें: अतीत के संघर्षों और सांस्कृतिक मूल्यों को समझकर ही नई पीढ़ी राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकती है। https://trendkia.com/delhi/purva-rashtrapati-ram-nath-kovind-ke-jivana-para-adharita-pustaka-ka-vimochana-pradhanamntri-narendra-modi-ne-yuvaon-ko-shortakata-15873 TrendKia — Har trend, sabse pehle.