राजधानी में अंतरराज्यीय मादक पदार्थ गिरोह पर शिकंजा, तीन विदेशी नागरिकों समेत चार लोग पकड़े गए दिल्ली पुलिस ने चंदर विहार और निलोठी में छापेमारी कर तीन नाइजीरियाई नागरिकों और एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया, जिनके पास से करीब 1.5 करोड़ रुपये की MDMA और कोकीन बरामद हुई है। राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय नशीले पदार्थों के एक बड़े आपूर्ति तंत्र को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने चार लोगों को अपनी हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन नाइजीरियाई नागरिक और दिल्ली का एक स्थानीय निवासी शामिल हैं। इनके कब्जे से कुल 417 ग्राम MDMA और 105 ग्राम कोकीन जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में नशीले पदार्थों की थोक खरीद, अवैध भंडारण और खुदरा स्तर पर बिक्री का संगठित नेटवर्क संचालित कर रहा था। चंदर विहार में गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया जाल नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत पुलिस टीम को 25 सितंबर को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला था। सूचना में बताया गया था कि पीटर नामक व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में कोकीन और MDMA पहुंचाने का काम करता है और वह चंदर विहार स्थित शुकर बाजार रोड के निकट खेप की डिलीवरी देने आने वाला है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस बल ने संबंधित स्थान की घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध मौके पर पहुंचे, पीटर और उसके दो सहयोगियों ओकाफोरो तथा अर्नेस्ट ने स्थिति भांपते हुए पास की एक रिहायशी इमारत में भागकर छिपने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने पीछा कर तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। आरोपियों के पास से बरामदगी का ब्योरा पकड़े गए व्यक्तियों की मौके पर ली गई तलाशी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई। ननामदी ओसिता उर्फ जोहान पीटर (46) के पास से 55 ग्राम MDMA मिली, जबकि विक्टर ओकाफोरो (33) के कब्जे से 301 ग्राम MDMA बरामद की गई। तीसरे विदेशी नागरिक ओबिन्ना माइक अर्नेस्ट (32) के पास से 105 ग्राम शुद्ध कोकीन बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों से गहन पूछताछ शुरू की, जिसमें इस धंधे से जुड़े स्थानीय संपर्कों का खुलासा हुआ। निलोठी में स्थानीय सहयोगी के ठिकाने पर दबिश विदेशी आरोपियों से पूछताछ के दौरान दिल्ली निवासी अत्तर सिंह उर्फ लकी (23) की संलिप्तता सामने आई। पीटर और अर्नेस्ट से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने बाहरी पश्चिमी दिल्ली के निलोठी इलाके में स्थित अत्तर सिंह के आवास पर तत्काल छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके ठिकाने की तलाशी लेने पर 61 ग्राम अतिरिक्त MDMA बरामद की गई, जिसके साथ कुल जब्त MDMA की मात्रा 417 ग्राम तक पहुंच गई। जांच में सामने आया कि ये सभी विदेशी नागरिक भी निलोठी क्षेत्र में ही किराए पर ठिकाना बनाकर रह रहे थे। ग्राहक से तस्कर बनने की कहानी जांच अधिकारियों के अनुसार, 23 वर्षीय अत्तर सिंह शुरुआत में इन विदेशी तस्करों के संपर्क में केवल अपने निजी उपभोग के लिए मादक पदार्थ खरीदने के सिलसिले में आया था। धीरे-धीरे ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में उसने खुदरा स्तर पर अन्य लोगों और स्थानीय युवाओं को भी ड्रग्स सप्लाई करना शुरू कर दिया। इस प्रकार वह निजी उपभोक्ता से बदलकर गिरोह के सक्रिय वितरण तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। वीजा उल्लंघन और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल इस पूरे मामले में क्राइम ब्रांच थाने में NDPS एक्ट के तहत औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई है। जब विदेशी नागरिकों से भारत में ठहरने के वैध कानूनी दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत करने में पूरी तरह विफल रहे। इसके मद्देनजर मामले में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 23 भी जोड़ी गई है। आव्रजन रिकॉर्ड की जांच से स्पष्ट हुआ कि पीटर वर्ष 2013 में टूरिस्ट वीजा पर, अर्नेस्ट वर्ष 2016 में बिजनेस वीजा पर और ओकाफोरो वर्ष 2020 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। तीनों ही अपने अधिकृत वीजा की मियाद खत्म होने के बावजूद लंबे समय से देश में अवैध रूप से निवास कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, तीनों विदेशी नागरिकों के खिलाफ पूर्व में भी हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा में NDPS अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश में जुटी है। इसका आप पर असर दिल्ली और आसपास के इलाकों में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई का व्यापक असर देखने को मिलेगा। • भारत में: सीमा पार और अंतरराज्यीय स्तर पर चलने वाले अवैध मादक पदार्थ नेटवर्क पर निगरानी और अधिक कड़ी की जा रही है। जांच एजेंसियां विभिन्न राज्यों में वीजा नियमों के उल्लंघन और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के डेटा की समीक्षा तेज कर रही हैं। • दिल्ली-एनसीआर में: स्थानीय स्तर पर पार्टी ड्रग्स जैसे MDMA और कोकीन की आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा आघात लगा है। पश्चिमी और बाहरी दिल्ली के रिहायशी इलाकों में बिना सत्यापन के मकान किराए पर देने वाले मकान मालिकों और किराएदारों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को कड़ा किया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई गुप्त खुफिया सूचना और कई राज्यों में फैले ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की लगातार निगरानी के परिणामस्वरूप हुई। विदेशी नागरिकों द्वारा वीजा समाप्त होने के बाद अवैध रूप से रुकना और स्थानीय युवाओं को जोड़ना इस नेटवर्क को फलने-फूलने का मौका दे रहा था। • गुप्त सूचना पर सटीक दबिश: पुलिस को 25 सितंबर को विशिष्ट सूचना मिली थी कि चंदर विहार के शुकर बाजार रोड के पास भारी मात्रा में MDMA और कोकीन की डिलीवरी होने वाली है। इस पुख्ता सुराग के आधार पर तत्काल ट्रैप लगाकर मुख्य सप्लायरों को रंगे हाथों पकड़ा गया। • वीजा समाप्ति के बाद अवैध प्रवास: तीनों नाइजीरियाई नागरिक क्रमशः 2013, 2016 और 2020 में टूरिस्ट, बिजनेस और मेडिकल वीजा पर आए थे। अनुमति समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से देश में रहकर वे आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे। • पुराना आपराधिक इतिहास: पकड़े गए विदेशी नागरिकों के खिलाफ पहले से ही हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा में NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज थे, जो दर्शाता है कि वे लंबे समय से अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क चला रहे थे। • स्थानीय नेटवर्क का विस्तार: आरोपी अत्तर सिंह पहले केवल निजी इस्तेमाल के लिए नशा खरीदता था, लेकिन भारी मुनाफे के चक्कर में वह खुदरा खरीदारों तक माल पहुंचाने का जरिया बन गया। सवाल-जवाब 1. दिल्ली में पकड़े गए आरोपियों के पास से कितनी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई? आरोपियों के पास से कुल 417 ग्राम MDMA और 105 ग्राम कोकीन बरामद की गई, जिसकी कुल कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। 2. इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान क्या है? गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन नाइजीरियाई नागरिक ननामदी ओसिता उर्फ जोहान पीटर, विक्टर ओकाफोरो और ओबिन्ना माइक अर्नेस्ट के अलावा दिल्ली निवासी अत्तर सिंह उर्फ लकी शामिल हैं। 3. आरोपियों को पुलिस ने किन जगहों से गिरफ्तार किया? तीन विदेशी नागरिकों को चंदर विहार में शुकर बाजार रोड के पास से पकड़ा गया, जबकि चौथे आरोपी अत्तर सिंह को निलोठी स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। 4. विदेशी नागरिकों के खिलाफ कौन-सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं? क्राइम ब्रांच ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के साथ-साथ वैध दस्तावेज न होने के कारण इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 23 भी जोड़ी है। 5. तीनों विदेशी नागरिक किस वीजा पर और कब भारत आए थे? पीटर 2013 में टूरिस्ट वीजा पर, अर्नेस्ट 2016 में बिजनेस वीजा पर और ओकाफोरो 2020 में मेडिकल वीजा पर भारत आए थे और वीजा समाप्त होने के बाद भी रह रहे थे। 6. क्या इन आरोपियों का पहले भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है? हां, तीनों विदेशी नागरिकों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा में पहले से NDPS एक्ट के मामले दर्ज हैं। https://trendkia.com/delhi/rajadhani-men-antararajyiya-madaka-padartha-giroha-para-shiknja-tina-videshi-nagarikon-sameta-chara-loga-pakare-gae-53122 TrendKia — Har trend, sabse pehle.