# राजधानी में अपराधियों पर कड़ा शिकंजा, 81 भगौड़े गिरफ्तार और एनकाउंटर में हिमांशु भाऊ गैंग के 3 शूटर दबोचे

> दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे के 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत 81 फरार अपराधियों को गिरफ्तार किया, जबकि रोहिणी में हुई मुठभेड़ के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के 3 इनामी शार्पशूटरों को पकड़ा गया।

**Type:** article · **Category:** दिल्ली · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/delhi/rajadhani-men-aparadhiyon-para-kara-shiknja-81-bhagaure-giraphtara-aura-enakauntara-men-himanshu-bhau-gainga-ke-3-shutara-daboche-30114 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली पुलिस, ऑपरेशन चक्रद्वीप, रोहिणी एनकाउंटर, हिमांशु भाऊ गैंग, अपराध, गिरफ्तारी

दिल्ली में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक अभियान चलाया। पश्चिम जिले में 48 घंटे तक चले विशेष अभियान के दौरान दर्जनों पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 81 वांछित भगौड़ों को हिरासत में लिया। इसके साथ ही, रोहिणी इलाके में हुई एक मुठभेड़ के बाद कुख्यात गिरोह के तीन शूटरों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई है।

## पश्चिम जिले में 48 घंटे की ताबड़तोड़ छापेमारी
राष्ट्रीय राजधानी में फरार और अदालत द्वारा घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए 5 सितंबर और 6 सितंबर के बीच 48 घंटे का एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' नाम दिया गया था। इस कार्रवाई के तहत दिल्ली के साथ-साथ राज्य के बाहर भी कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में गठित 61 अलग-अलग पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर एक साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने कुल 175 आपराधिक मामलों से जुड़े अपराधियों की स्थिति की गहन जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान 149 घोषित भगौड़ों की सटीक स्थिति का पता लगाया गया, जिनमें से 49 आरोपी पहले से ही अन्य मामलों में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद पाए गए। इसके अलावा 19 अन्य अपराधियों की मृत्यु हो चुकी होने की पुष्टि हुई। पश्चिम जिला के अतिरिक्त डीसीपी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फरार आरोपियों का पता लगाना, उनकी वर्तमान स्थिति को सत्यापित करना और उन्हें कानून के दायरे में लाकर गिरफ्तार करना था। इस कार्रवाई के माध्यम से कुल 175 आपराधिक मामलों को सुलझाने का दावा किया गया है, जबकि 161 अन्य आरोपियों की स्थिति की पड़ताल की गई।

## रोहिणी मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी शूटर गिरफ्तार
इस बड़ी कार्रवाई के अलावा, दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में 9 सितंबर को पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की एक अन्य घटना दर्ज की गई। पुलिस ने नरेला इलाके में हुई एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में शामिल हिमांशु भाऊ गैंग के तीन कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में से दो वांछित अपराधियों पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था।

रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि 50,000 रुपये के इनामी आरोपी किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके से गुजरने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रणनीतिक रूप से नाकेबंदी कर जाल बिछाया। जब संदिग्ध आरोपी वहां पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण करने की चुनौती दी। इसके जवाब में आरोपियों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। बदमाशों की तरफ से लगभग 11 से 12 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई करते हुए 6 राउंड गोलियां दागीं। इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीनों शार्पशूटरों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

## इसका आप पर असर
दिल्ली पुलिस द्वारा अपराधियों और भगौड़ों के खिलाफ चलाए गए इस अभियान से राजधानी में आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।

- **भारत में:** वांछित अपराधियों की धरपकड़ से अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क कमजोर होंगे, जिससे विभिन्न राज्यों के बीच पुलिस समन्वय बेहतर होगा।
- **दिल्ली में:** पश्चिम दिल्ली और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में पुलिस की मुस्तैदी और गश्त बढ़ने से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा का भाव मजबूत होगा।
- **नागरिक सुरक्षा:** इनामी शार्पशूटरों और संगठित गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी से अवैध हथियारों की तस्करी और गंभीर अपराधों पर अंकुश लगेगा।
- **न्यायिक प्रक्रिया:** वर्षों से लंबित भगौड़ों के मामलों का निस्तारण होने से स्थानीय अदालतों में चल रहे मुकदमों की सुनवाई में तेजी आएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को कानून के दायरे में लाने और संगठित आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए यह दोहरी कार्रवाई की।

- **लंबित मामलों का निस्तारण:** अदालतों में लंबे समय से लंबित पड़े आपराधिक मामलों के समाधान के लिए 48 घंटे का विशेष 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' चलाया गया।
- **गिरोहों पर नकेल:** नरेला में हुई प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के बाद वांछित शूटरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, जिसके आधार पर रोहिणी में ट्रैप लगाया गया।
- **अंतरराज्यीय दबिश:** भगौड़े अपराधी दिल्ली की सीमा से बाहर छिपकर रह रहे थे, जिन्हें पकड़ने के लिए 61 टीमों को दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के ठिकानों पर भेजा गया।

## सवाल-जवाब

### 1. ऑपरेशन चक्रव्यूह क्या है?
यह दिल्ली पुलिस द्वारा चलाया गया 48 घंटे का एक विशेष अभियान था, जिसका मुख्य उद्देश्य कोर्ट द्वारा घोषित भगौड़े अपराधियों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार करना था।

### 2. इस अभियान में कुल कितने अपराधियों को गिरफ्तार किया गया?
पश्चिम जिले में चलाए गए इस अभियान के तहत 175 मामलों से जुड़े 81 भगौड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

### 3. छापेमारी के लिए कितनी पुलिस टीमें बनाई गई थीं?
पश्चिम दिल्ली के डीसीपी के नेतृत्व में 61 पुलिस टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने दिल्ली और बाहर कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।

### 4. रोहिणी मुठभेड़ किस गिरोह से संबंधित थी?
यह मुठभेड़ हिमांशु भाऊ गैंग के 3 शार्पशूटरों से जुड़ी थी, जो नरेला में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में वांछित थे।

### 5. मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कितनी गोलियां चलीं?
मुठभेड़ में बदमाशों ने लगभग 11 से 12 राउंड गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ 6 राउंड गोलियां दागीं।

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